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3 वर्षीय बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के एक मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन (तोमर गुट) ने बागपत के पुलिस अधीक्षक (SP) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन ने इस मुद्दे पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए 30 जून को मुख्यमंत्री कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है।
Vijay rathi
3 वर्षीय बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के एक मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन (तोमर गुट) ने बागपत के पुलिस अधीक्षक (SP) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन ने इस मुद्दे पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए 30 जून को मुख्यमंत्री कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है।
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- मुज़फ्फरनगर के बुढ़ाना कस्बे स्थित त्यागी थीम पार्क में नहाने के दौरान एक अज्ञात महिला ने अन्य महिलाओं के सामान, नकदी और मोबाइल फोन की चोरी कर ली। यह पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई है, जिसमें चोर महिला एक प्लास्टिक का थैला ले जाती हुई साफ दिख रही है। इस घटना के बाद महिला की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।2
- एक महत्वपूर्ण घोषणा में, यह दृढ़ता से कहा गया है कि जब तक मुहम्मद का साथ इस आंदोलन को मिलता रहेगा, इसे कोई भी शक्ति झुका नहीं सकती। यह प्रतिबद्धता एक बड़े आंदोलन की तैयारी का संकेत देती है, जिसकी घोषणा अब की गई है।1
- मुजफ्फरनगर के भोपा क्षेत्र के गांव बेहड़ा थ्रू में ग्रामीण बदहाल सड़क और गंभीर जलभराव की समस्या से बुरी तरह प्रभावित हैं। यह स्थिति गांव को चार अन्य गांवों से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग की है, जिसकी हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने तो जरूर आते हैं, लेकिन सड़क निर्माण और विकास के वादों को पूरा करने या उनकी सुध लेने कोई नहीं लौटता। तस्वीरों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि सड़क पर भारी जलभराव है और वह पूरी तरह पानी में डूबी हुई नजर आ रही है, मानो वह सड़क न होकर एक तालाब बन गई हो। ग्रामीणों के अनुसार, यह स्थिति बरसात शुरू होने से पहले की है, जबकि बारिश के दौरान उनकी परेशानी और भी बढ़ जाती है। यह मार्ग किसानों, छात्रों और आम लोगों द्वारा रोजाना उपयोग किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण रास्ता है, लेकिन लंबे समय से इसकी मरम्मत न होने और उचित जल निकासी व्यवस्था के अभाव के कारण यह पूरी तरह जर्जर हो चुका है। सड़क पर भरे पानी और कीचड़ के कारण उनके ट्रैक्टर तक खराब हो रहे हैं, वहीं लगातार जलभराव रहने से बीमारी फैलने का भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से इस समस्या के संबंध में शिकायत की है, लेकिन आज तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश व्याप्त है।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लगने से कम से कम 14-15 लोगों की दुखद मौत हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, जिस इमारत में यह अग्निकांड हुआ, उसमें कोचिंग/स्टडी सेंटर और अन्य संस्थान संचालित हो रहे थे। आग और घने धुएँ के कारण स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई छात्र-छात्राओं को अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों और ऊपरी मंजिलों से कूदना पड़ा। इस अफरातफरी में कई लोग घायल भी हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही बचाव एवं राहत कार्य तुरंत शुरू किए गए, जो देर शाम तक जारी रहे।1
- मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसानों ने चकबंदी विभाग के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। भाकियू नेता विकास शर्मा के नेतृत्व में किसानों ने विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वे चकों में हेरफेर कर रहे हैं और लाखों रुपये की रिश्वत ले रहे हैं। किसानों का कहना है कि पुरकाजी, पूर्वामयान, ममेला, पिपलसाना और दिरौनी क्षेत्र के कई गांवों में चकबंदी के नाम पर बड़ी गड़बड़ी चल रही है, जहाँ अधिकारियों द्वारा प्रति किसान ₹2 लाख से ₹4 लाख तक लेकर चकों को सही करने का खेल किया जा रहा है। इसके साथ ही, 28 फीट चौड़े रास्तों को नापकर 18 फीट करने का भी आरोप लगाया गया है। भाकियू नेता विकास शर्मा ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सभी प्रभावित किसानों के चक सही नहीं हो जाते और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के निर्देश पर किसानों ने अगले 72 घंटे तक प्रशासन से बातचीत करने से इनकार कर दिया है। किसान अपनी माँगें पूरी होने तक डटे रहने के लिए धरनास्थल पर राशन, सिलेंडर और चूल्हा-चौका लेकर पहुंचे हैं।1
- मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र में एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता गुल अफशा ने थाना प्रभारी को दी गई अपनी तहरीर में बताया कि लगभग तीन साल पहले उसका निकाह मुजफ्फरनगर जनपद के सिखेड़ा थाना क्षेत्र के भंडूरा गांव निवासी सलमान से हुआ था। गुल अफशा के अनुसार, विवाह के तुरंत बाद से ही ससुराल पक्ष उससे अतिरिक्त दहेज के तौर पर एक कार की मांग करने लगा। जब यह मांग पूरी नहीं हुई, तो उसके पति, सास, ससुर और ननद ने मिलकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसे कई बार भूखा रखा गया और लगभग आठ महीने पहले उसे अपनी मासूम बच्ची के साथ मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया गया। तब से गुल अफशा अपने मायके में रह रही है। उसका कहना है कि समझौते के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। इसी के चलते उसने अब पुलिस से अनुरोध किया है कि सभी आरोपी ससुराल वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे न्याय दिलाया जाए।2
- मुज़फ्फरनगर में शहर के अत्यंत महत्वपूर्ण सर्कुलर रोड से श्रीराम कॉलेज मार्ग के निर्माण में लगातार हो रही देरी और अधिकारियों की उदासीनता को लेकर नगर विधायक एवं प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को अंतिम चेतावनी जारी की है। शनिवार को मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और जल निगम के अधिशासी अभियंता, नगर पालिका परिषद के सहायक अभियंता व जूनियर अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को तत्काल बुलाकर उनसे जवाब तलब किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रीराम कॉलेज रोड क्षेत्र के हजारों नागरिक लंबे समय से बदहाल सड़क, जलभराव और गंदगी की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सड़क निर्माण में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और जनता को हो रही परेशानी के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मंत्री अग्रवाल ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने जल निगम, नगर पालिका परिषद और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें सड़क निर्माण से पूर्व स्थायी, तकनीकी रूप से सुदृढ़ और दीर्घकालिक जल निकासी व्यवस्था तैयार करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, ताकि भविष्य में जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। इसके बावजूद, विभागीय स्तर पर अपेक्षित गति से कार्य नहीं किया गया, जिसके कारण सड़क निर्माण का कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हो सका है। मंत्री ने अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्रवासियों को भुगतने की बात कहते हुए बताया कि जगह-जगह जलभराव, कीचड़ और टूटी सड़क के कारण स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों एवं राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, और बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। कपिल देव अग्रवाल ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय स्थापित करते हुए जल निकासी व्यवस्था एवं सड़क निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से प्रारंभ करें तथा निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और कार्य ऐसा हो जिससे आने वाले वर्षों तक क्षेत्रवासियों को किसी समस्या का सामना न करना पड़े। अंत में, उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अब भी सड़क निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब हुआ या कार्य में लापरवाही बरती गई, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उच्च स्तर पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं तथा श्रीराम कॉलेज रोड का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा, क्योंकि जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अधिकारी की लापरवाही के कारण विकास कार्य बाधित नहीं होने दिए जाएंगे।1
- गर्ल्स कॉलेज सेंटर पर तीन NEET अभ्यर्थी री-NEET परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए, क्योंकि उन्हें प्रवेश संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दो उम्मीदवार परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचे, जिसके कारण परीक्षा नियमों के तहत उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। वहीं, तीसरे अभ्यर्थी के पास वैध री-NEET एडमिट कार्ड के बजाय पुराना NEET एडमिट कार्ड था, जिस वजह से उसे भी परीक्षा देने से वंचित कर दिया गया। गौरतलब है कि री-NEET परीक्षा सख्त दिशानिर्देशों के तहत आयोजित की गई थी, जिसके अनुसार उम्मीदवारों को सही एडमिट कार्ड लाना और निर्धारित प्रवेश समय का पालन करना अनिवार्य था।1