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पीलीभीत में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित यह सड़क महज 18 महीने के भीतर ही कई जगहों से उखड़ने लगी है। ग्रामीणों ने इस निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और संबंधित अधिकारियों की घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। यह मामला पीलीभीत के रिछोला से गजरौला तक लगभग 11 किलोमीटर लंबी सड़क से जुड़ा है, जिसका निर्माण ठेकेदार मैं० इंकाह इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजीज प्रा० लि० द्वारा किया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में तय मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई और घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। इसके परिणामस्वरूप, सड़क की परत निकलने लगी है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों ने भी सड़क की गुणवत्ता की ठीक से जांच नहीं की, जिससे ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। अब ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और जल्द से जल्द सड़क की गुणवत्ता में सुधार करने की मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि जनता की सुविधा के लिए बनाई गई यह सड़क अब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है।

2 hrs ago
user_Naresh Mallick
Naresh Mallick
Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago
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पीलीभीत में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित यह सड़क महज 18 महीने के भीतर ही कई जगहों से उखड़ने लगी है। ग्रामीणों ने इस निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और संबंधित अधिकारियों की घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। यह मामला पीलीभीत के रिछोला से गजरौला तक लगभग 11 किलोमीटर लंबी सड़क से जुड़ा है, जिसका निर्माण ठेकेदार मैं० इंकाह इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजीज प्रा० लि० द्वारा किया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में तय मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई और घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। इसके परिणामस्वरूप, सड़क की परत निकलने लगी है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों ने भी सड़क की गुणवत्ता की ठीक से जांच नहीं की, जिससे ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। अब ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और जल्द से जल्द सड़क की गुणवत्ता में सुधार करने की मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि जनता की सुविधा के लिए बनाई गई यह सड़क अब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है।

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  • पीलीभीत पुलिस अधीक्षक ने नगर क्षेत्र में प्रभावी फुट पेट्रोलिंग कर शांति एवं कानून व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान, उन्होंने प्रमुख बाजारों, व्यस्त चौराहों, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील स्थानों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को सतर्क और मुस्तैद रहकर ड्यूटी करने, यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने तथा संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही, आमजन में सुरक्षा का भाव बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए। इस मौके पर क्षेत्राधिकारी नगर, थाना कोतवाली और थाना सुनगढ़ी का पुलिस बल भी उपस्थित रहा।
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    पीलीभीत पुलिस अधीक्षक ने नगर क्षेत्र में प्रभावी फुट पेट्रोलिंग कर शांति एवं कानून व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान, उन्होंने प्रमुख बाजारों, व्यस्त चौराहों, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील स्थानों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को सतर्क और मुस्तैद रहकर ड्यूटी करने, यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने तथा संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही, आमजन में सुरक्षा का भाव बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए। इस मौके पर क्षेत्राधिकारी नगर, थाना कोतवाली और थाना सुनगढ़ी का पुलिस बल भी उपस्थित रहा।
    user_Sheeraz Malik
    Sheeraz Malik
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    43 min ago
  • पीलीभीत के माला जंगल में स्थित प्रसिद्ध सिद्ध बाबा धाम में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंदिर प्रांगण पूरी तरह से भक्तों से खचाखच भरा हुआ है, और दूर-दराज के इलाकों से भी लोग बाबा के दर्शन के लिए विशेष रूप से पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में, हमारी टीम ने मंदिर से जुड़े संतों और श्रद्धालुओं से बातचीत की, ताकि सिद्ध बाबा धाम के चमत्कारों और आस्था से जुड़ी कहानियों को समझा जा सके।
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    पीलीभीत के माला जंगल में स्थित प्रसिद्ध सिद्ध बाबा धाम में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंदिर प्रांगण पूरी तरह से भक्तों से खचाखच भरा हुआ है, और दूर-दराज के इलाकों से भी लोग बाबा के दर्शन के लिए विशेष रूप से पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में, हमारी टीम ने मंदिर से जुड़े संतों और श्रद्धालुओं से बातचीत की, ताकि सिद्ध बाबा धाम के चमत्कारों और आस्था से जुड़ी कहानियों को समझा जा सके।
    user_Naresh Mallick
    Naresh Mallick
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बदायूं में अहिल्याबाई होलकर जयंती कार्यक्रम पर प्रशासन द्वारा रोक लगाए जाने को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने कड़ा विरोध जताया है। सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने प्रशासन के इस कदम को “तुगलकी फरमान” बताते हुए अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है। यादव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पिछड़ों के कार्यक्रमों पर रोक लगाकर यह दर्शा रही है कि वह डर गई है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि जनता इस कार्रवाई का बदला 2027 के चुनावों में भाजपा से लेगी। आशीष यादव ने भाजपा को महिला विरोधी भी बताया और स्पष्ट किया कि सपा नहीं, बल्कि भाजपा ही महिला विरोधी है। इसी क्रम में, सुनीता पाल ने भी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन पहले तो भरोसा देता रहा, लेकिन अंत समय में भाजपा सरकार के इशारे पर कार्यक्रम के लिए अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया।
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    बदायूं में अहिल्याबाई होलकर जयंती कार्यक्रम पर प्रशासन द्वारा रोक लगाए जाने को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने कड़ा विरोध जताया है। सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने प्रशासन के इस कदम को “तुगलकी फरमान” बताते हुए अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है।

यादव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पिछड़ों के कार्यक्रमों पर रोक लगाकर यह दर्शा रही है कि वह डर गई है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि जनता इस कार्रवाई का बदला 2027 के चुनावों में भाजपा से लेगी। आशीष यादव ने भाजपा को महिला विरोधी भी बताया और स्पष्ट किया कि सपा नहीं, बल्कि भाजपा ही महिला विरोधी है।

इसी क्रम में, सुनीता पाल ने भी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन पहले तो भरोसा देता रहा, लेकिन अंत समय में भाजपा सरकार के इशारे पर कार्यक्रम के लिए अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया।
    user_Pankaj gupta
    Pankaj gupta
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में समाजवादी पार्टी ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में एक अनोखा धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने एक कार को रस्सों से बांधकर कलेक्ट्रेट तक खींचा, जबकि एक कार्यकर्ता अर्धनग्न होकर उसी कार पर बैठकर महंगाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराता रहा। प्रदर्शन के बीच प्रशासनिक अधिकारियों और समाजवादी पार्टी के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
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    उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में समाजवादी पार्टी ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में एक अनोखा धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने एक कार को रस्सों से बांधकर कलेक्ट्रेट तक खींचा, जबकि एक कार्यकर्ता अर्धनग्न होकर उसी कार पर बैठकर महंगाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराता रहा। प्रदर्शन के बीच प्रशासनिक अधिकारियों और समाजवादी पार्टी के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
    user_समाचार Crime News
    समाचार Crime News
    Media Consultant Pilibhit, Uttar Pradesh•
    9 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में, जहां सरकार 'मिशन शक्ति' और महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं न्यूरिया थाना क्षेत्र से एक चिंताजनक घटना सामने आई है। मझोला पुलिस चौकी के ठीक सामने सरेराह एक महिला को कुछ दबंगों ने बेरहमी से पीटा, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि चंद कदमों की दूरी पर तैनात पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस घटना ने खाकी और कानून-व्यवस्था दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यह पूरा मामला न्यूरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत मझोला पुलिस चौकी के सामने का है, जहां किसी पुराने विवाद को लेकर कुछ दबंगों ने एक महिला को बाजार में घेर लिया। विवाद इतना बढ़ा कि दबंगों ने महिला के साथ गाली-गलौज करते हुए उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। महिला खुद को बचाने के लिए चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन वहां मौजूद भीड़ में से कोई भी उसे बचाने आगे नहीं आया। यह पूरा घटनाक्रम उस पुलिस चौकी के ठीक मुहाने पर हुआ, जिसकी जिम्मेदारी क्षेत्र में अमन-चैन बनाए रखने की है। इस घटना ने स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी और निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। जनता के मन में गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि जब चौकी के सामने चीख-पुकार मच रही थी, तो अंदर तैनात पुलिसकर्मियों को इसकी आवाज क्यों नहीं सुनाई दी और उस समय गश्त कहां थी? यह साफ दर्शाता है कि इलाके के दबंगों और उपद्रवियों के मन से खाकी का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब महिलाएं पुलिस चौकी के सामने ही सुरक्षित नहीं हैं, तो ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा की उम्मीद किससे की जाए। घटना का वीडियो (यदि उपलब्ध हो) सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस मामले में जब उच्च अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब यह देखना होगा कि इस घटना के बाद सोती हुई पुलिस जागती है या फिर इस गंभीर मामले को भी कागजी दावों के पीछे दबा दिया जाता है।
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    उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में, जहां सरकार 'मिशन शक्ति' और महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं न्यूरिया थाना क्षेत्र से एक चिंताजनक घटना सामने आई है। मझोला पुलिस चौकी के ठीक सामने सरेराह एक महिला को कुछ दबंगों ने बेरहमी से पीटा, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि चंद कदमों की दूरी पर तैनात पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस घटना ने खाकी और कानून-व्यवस्था दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

यह पूरा मामला न्यूरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत मझोला पुलिस चौकी के सामने का है, जहां किसी पुराने विवाद को लेकर कुछ दबंगों ने एक महिला को बाजार में घेर लिया। विवाद इतना बढ़ा कि दबंगों ने महिला के साथ गाली-गलौज करते हुए उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। महिला खुद को बचाने के लिए चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन वहां मौजूद भीड़ में से कोई भी उसे बचाने आगे नहीं आया। यह पूरा घटनाक्रम उस पुलिस चौकी के ठीक मुहाने पर हुआ, जिसकी जिम्मेदारी क्षेत्र में अमन-चैन बनाए रखने की है।

इस घटना ने स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी और निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। जनता के मन में गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि जब चौकी के सामने चीख-पुकार मच रही थी, तो अंदर तैनात पुलिसकर्मियों को इसकी आवाज क्यों नहीं सुनाई दी और उस समय गश्त कहां थी? यह साफ दर्शाता है कि इलाके के दबंगों और उपद्रवियों के मन से खाकी का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब महिलाएं पुलिस चौकी के सामने ही सुरक्षित नहीं हैं, तो ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा की उम्मीद किससे की जाए।

घटना का वीडियो (यदि उपलब्ध हो) सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस मामले में जब उच्च अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब यह देखना होगा कि इस घटना के बाद सोती हुई पुलिस जागती है या फिर इस गंभीर मामले को भी कागजी दावों के पीछे दबा दिया जाता है।
    user_संवाददाता अमित दीक्षित
    संवाददाता अमित दीक्षित
    Court reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • पीलीभीत जनपद में बी.एड. प्रवेश परीक्षा रविवार को कड़े सुरक्षा प्रबंधों और निर्धारित समय के अनुसार शांतिपूर्वक शुरू हो गई। प्रशासन ने परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन, निष्पक्ष और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए मुस्तैदी दिखाई। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव मिश्रा सुबह से ही सक्रिय रहे, उन्होंने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था और अन्य इंतजामों का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष और नकल विहीन परीक्षा कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले या लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। जनपद में इस परीक्षा के लिए कुल 4 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें सनातन धर्म बांके बिहारी राम इण्टर कालेज, राजकीय बालिका इण्टर कालेज, राजकीय ड्रमण्ड इण्टर कालेज और उपाधि महाविद्यालय शामिल हैं। इन केंद्रों पर कुल 1,495 अभ्यर्थी दो पालियों—सुबह 9:00 से 12:00 बजे और दोपहर 2:00 से 5:00 बजे—में परीक्षा दे रहे हैं। सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत सीसीटीवी कैमरों (वॉयस रिकॉर्डर सहित) से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिनके तहत परीक्षार्थियों, कक्ष निरीक्षकों और स्टाफ को परीक्षा कक्ष में मोबाइल या कोई अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाने की अनुमति नहीं है। परीक्षा केंद्रों के आसपास की सभी फोटो स्टेट दुकानें बंद रखने का भी निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र (आईडी) अनिवार्य किया गया है और बिना आईडी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। प्रश्नपत्र खोलने और उत्तर पुस्तिकाओं को सील करने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। परीक्षा के दौरान स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र पर्यवेक्षक और पुलिस बल लगातार केंद्रों पर भ्रमणशील हैं।
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    पीलीभीत जनपद में बी.एड. प्रवेश परीक्षा रविवार को कड़े सुरक्षा प्रबंधों और निर्धारित समय के अनुसार शांतिपूर्वक शुरू हो गई। प्रशासन ने परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन, निष्पक्ष और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए मुस्तैदी दिखाई। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव मिश्रा सुबह से ही सक्रिय रहे, उन्होंने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था और अन्य इंतजामों का जायजा लिया।

इस दौरान जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष और नकल विहीन परीक्षा कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले या लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

जनपद में इस परीक्षा के लिए कुल 4 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें सनातन धर्म बांके बिहारी राम इण्टर कालेज, राजकीय बालिका इण्टर कालेज, राजकीय ड्रमण्ड इण्टर कालेज और उपाधि महाविद्यालय शामिल हैं। इन केंद्रों पर कुल 1,495 अभ्यर्थी दो पालियों—सुबह 9:00 से 12:00 बजे और दोपहर 2:00 से 5:00 बजे—में परीक्षा दे रहे हैं। सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत सीसीटीवी कैमरों (वॉयस रिकॉर्डर सहित) से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।

प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिनके तहत परीक्षार्थियों, कक्ष निरीक्षकों और स्टाफ को परीक्षा कक्ष में मोबाइल या कोई अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाने की अनुमति नहीं है। परीक्षा केंद्रों के आसपास की सभी फोटो स्टेट दुकानें बंद रखने का भी निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र (आईडी) अनिवार्य किया गया है और बिना आईडी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। प्रश्नपत्र खोलने और उत्तर पुस्तिकाओं को सील करने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। परीक्षा के दौरान स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र पर्यवेक्षक और पुलिस बल लगातार केंद्रों पर भ्रमणशील हैं।
    user_Saurabh dixit
    Saurabh dixit
    पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • चंपावत में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ रीठासाहिब जा रहे एक सिख श्रद्धालु की 100 मीटर गहरी खाई में गिरने के कारण मौत हो गई।
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    चंपावत में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ रीठासाहिब जा रहे एक सिख श्रद्धालु की 100 मीटर गहरी खाई में गिरने के कारण मौत हो गई।
    user_MOHD ARIF
    MOHD ARIF
    पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    39 min ago
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