राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया के प्रयास से रायपुर–जबलपुर इंटरसिटी एक्सप्र नर्मदापुरम्। राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप जबलपुर–रायपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (ट्रेन क्रमांक 11701/11702) का नाम बदलकर अब ‘मूकमाटी एक्सप्रेस’ कर दिया गया है। यह नामकरण जैन धर्म के महान आचार्य, राष्ट्रसंत आचार्य विद्यासागर जी महाराज की स्मृति एवं उनकी विश्वप्रसिद्ध कृति ‘मूकमाटी’ को समर्पित है। सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने संसद के शीतकालीन सत्र में शून्यकाल के दौरान रेल मंत्रालय के समक्ष यह मांग रखी थी कि उक्त ट्रेन का नाम आचार्य विद्यासागर जी महाराज के नाम पर अथवा उनकी सुप्रसिद्ध पुस्तक ‘मूकमाटी’ के नाम पर किया जाए। सांसद की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी के निर्देश पर रेल मंत्रालय ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया। रेल मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने देश की आध्यात्मिक चेतना को नई दिशा देने के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में अतुलनीय योगदान दिया है। उनके इन्हीं अमूल्य योगदानों को सम्मान देते हुए जबलपुर–रायपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस का नाम ‘मूकमाटी एक्सप्रेस’ रखा गया है। इस निर्णय से देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं, जैन समाज एवं विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों में हर्ष और उत्साह का माहौल है। लंबे समय से की जा रही यह मांग पूरी होने पर आचार्य विद्यासागर जी महाराज के अनुयायियों में खुशी की लहर दौड़ गई। जैसे ही ट्रेन के नाम परिवर्तन की आधिकारिक विज्ञप्ति जारी हुई, जैन समाज सहित अनेक संगठनों ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया। विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। वहीं सांसद नारोलिया ने भी इस अवसर पर माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी का हृदय से धन्यवाद करते हुए कहा कि यह निर्णय केवल एक ट्रेन का नामकरण नहीं, बल्कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज के विचारों, तपस्या और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान का सम्मान है। उन्होंने कहा कि ‘मूकमाटी एक्सप्रेस’ आने वाली पीढ़ियों को आचार्य विद्यासागर जी महाराज के जीवन दर्शन और आध्यात्मिक संदेश से जोड़ने का कार्य करेगी।
राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया के प्रयास से रायपुर–जबलपुर इंटरसिटी एक्सप्र नर्मदापुरम्। राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप जबलपुर–रायपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (ट्रेन क्रमांक 11701/11702) का नाम बदलकर अब ‘मूकमाटी एक्सप्रेस’ कर दिया गया है। यह नामकरण जैन धर्म के महान आचार्य, राष्ट्रसंत आचार्य विद्यासागर जी महाराज की स्मृति एवं उनकी विश्वप्रसिद्ध कृति ‘मूकमाटी’ को समर्पित है। सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने संसद के शीतकालीन सत्र में शून्यकाल के दौरान रेल मंत्रालय के समक्ष यह मांग रखी थी कि उक्त ट्रेन का नाम आचार्य विद्यासागर जी महाराज के नाम पर अथवा उनकी सुप्रसिद्ध पुस्तक ‘मूकमाटी’ के नाम पर किया जाए। सांसद की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी के निर्देश पर रेल मंत्रालय ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया। रेल मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने देश की आध्यात्मिक चेतना को नई दिशा देने के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में अतुलनीय योगदान दिया है। उनके इन्हीं अमूल्य योगदानों को सम्मान देते हुए जबलपुर–रायपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस का नाम ‘मूकमाटी एक्सप्रेस’ रखा गया है। इस निर्णय से देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं, जैन समाज एवं विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों में हर्ष और उत्साह का माहौल है। लंबे समय से की जा रही यह मांग पूरी होने पर आचार्य विद्यासागर जी महाराज के अनुयायियों में खुशी की लहर दौड़ गई। जैसे ही ट्रेन के नाम परिवर्तन की आधिकारिक विज्ञप्ति जारी हुई, जैन समाज सहित अनेक संगठनों ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया। विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। वहीं सांसद नारोलिया ने भी इस अवसर पर माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी का हृदय से धन्यवाद करते हुए कहा कि यह निर्णय केवल एक ट्रेन का नामकरण नहीं, बल्कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज के विचारों, तपस्या और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान का सम्मान है। उन्होंने कहा कि ‘मूकमाटी एक्सप्रेस’ आने वाली पीढ़ियों को आचार्य विद्यासागर जी महाराज के जीवन दर्शन और आध्यात्मिक संदेश से जोड़ने का कार्य करेगी।
- 🔴 नर्मदा परिक्रमा मार्ग बदला, श्रद्धालु परेशान विधायक आशीष शर्मा की चुप्पी पर सवाल, प्रशासन पूरी तरह फेल नेमावर / खातेगांव। नर्मदा परिक्रमा और पंचकोशी यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के साथ बड़ा अन्याय सामने आया है। नेमावर से कुडगांव, तुर्नाल, दैत, चीचली, करोंद होते हुए जाने वाला परंपरागत नर्मदा परिक्रमा मार्ग अचानक बदल दिया गया, जिससे यात्रियों को अब नेमावर से दुलवाफाटा होकर करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस मनमाने रूट परिवर्तन से क्षेत्र के नर्मदा सेवक और ग्रामवासी भारी नाराज़गी जता रहे हैं। वर्षों से सेवा में लगे ग्रामीण अब परिक्रमा यात्रियों को जल, भोजन और विश्राम जैसी सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं, जिससे धार्मिक परंपराएं भी प्रभावित हो रही हैं। ❗ प्रशासन पूरी तरह फेल ग्रामीणों का आरोप है कि चीचली से दैत (2.5 किमी) और चीचली से करोंद (2.5 किमी) का मार्ग बेहद जर्जर हालत में है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन आंख मूंदे बैठे हैं। रास्ता सुधारने के बजाय यात्रियों को घुमा दिया गया, जो प्रशासन की नाकामी और संवेदनहीनता को दर्शाता है। ❓ विधायक आशीष शर्मा की चुप्पी क्यों? सबसे बड़ा सवाल यह है कि खातेगांव विधायक आशीष शर्मा जी अब तक इस गंभीर मामले पर खामोश क्यों हैं? धार्मिक आस्था से जुड़ी नर्मदा परिक्रमा में आ रही इन समस्याओं पर विधायक का हस्तक्षेप न होना क्षेत्र की जनता और नर्मदा सेवकों को खटक रहा है। 🚨 आस्था के साथ खिलवाड़ रूट बदलने से यात्रियों को 10 किलोमीटर अतिरिक्त पैदल चलना पड़ रहा है बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे परेशान हैं नर्मदा सेवकों को सेवा से वंचित किया जा रहा है ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ➡️ पुराना परंपरागत मार्ग बहाल नहीं किया गया ➡️ खराब सड़कों की तत्काल मरम्मत नहीं हुई ➡️ यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता नहीं दी गई तो क्षेत्र में जनआंदोलन भी खड़ा हो सकता है। अब देखना यह है कि विधायक आशीष शर्मा जी और जिला प्रशासन कब जागता है, या फिर नर्मदा परिक्रमा यात्रियों की पीड़ा यूँ ही अनसुनी होती रहेगी।3
- बनखेड़ी के कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर में वरिष्ठ वैज्ञानिकों का भ्रमण, नवाचार आधारित कृषि गतिविधियों की सराहना। बनखेड़ी के कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर में शनिवार दोपहर 2 बजे कृषि क्षेत्र के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों का भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने केंद्र में संचालित विभिन्न कृषि गतिविधियों का अवलोकन कर किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा भविष्य के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। अतिथियों ने केंद्र के प्राकृतिक खेती प्रक्षेत्र, फसल प्रदर्शन इकाइयों, मशरूम उत्पादन इकाई, सब्जी एवं दलहन–तिलहन फसलें, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला, तरल जैव उर्वरक इकाई, गौशाला सहित प्रशिक्षण एवं विस्तार गतिविधियों का विस्तार से निरीक्षण किया। वैज्ञानिकों ने केंद्र द्वारा संचालित अनुसंधान एवं प्रक्षेत्र आधारित गतिविधियों को किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए उनकी प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने प्राकृतिक खेती, लागत घटाने वाली तकनीकों, जैविक इनपुट्स एवं नवाचार आधारित कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया। भ्रमण के दौरान यह भी कहा गया कि कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर किसानों को आधुनिक, टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि की दिशा में मार्गदर्शन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन एवं आय में वृद्धि की संभावनाएं सुदृढ़ होंगी।1
- Post by Pankaj sahu1
- विधायक देवेंद्र पटेल बने मदद की मिसाल | वनांचल के प्रतापगढ़ शालाबर्रू दौरे के दौरान बघवाड़ा और खमरिया के बीच दो बाइकों की टक्कर में घायल व्यक्ति को बिना देर किए अस्पताल पहुंचाया | समय पर मदद से टली बड़ी अनहोनी | लोकेशन: सिलवानी, रायसेन1
- *नयाखेड़ा में अंधेरा और गंदा पानी:* वार्ड 01 में लापरवाह व्यवस्था, जनप्रतिनिधि गायब बनखेड़ी। नगर परिषद बनखेड़ी की लापरवाह कार्यप्रणाली का खामियाजा वार्ड क्रमांक 01 नयाखेड़ा के नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। बीते तीन दिनों से वार्ड में न तो नियमित बिजली मिल पा रही है और न ही स्वच्छ पेयजल। हालात यह हैं कि पीने के पानी की पाइपलाइन तीन से पांच स्थानों से टूटी पड़ी है, लेकिन जिम्मेदारों ने अब तक सुधार करना जरूरी नहीं समझा। नलों में जब पानी आता है तो वह मिट्टी और कीट युक्त गंदा पानी होता है, जो पीने योग्य नहीं है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इसी तरह दूषित पानी की आपूर्ति होती रही तो संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है और हालात इंदौर जैसे गंभीर रूप भी ले सकते हैं। इसके बावजूद नगर परिषद की ओर से न तो मरम्मत कार्य कराया गया और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की गई। वार्डवासियों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों को मौखिक रूप से कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। उधर, नयाखेड़ा क्षेत्र में बीते कई दिनों से दिनभर बिजली गुल रहने से आमजन का जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वार्ड के तुलसीराम श्रीवास्तव, बालाराम जरारिया, भगवानदास पटेल, सतीश कुमार सहित अन्य नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बिजली और पानी जैसी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार गुहार लगाने के बावजूद परिषद ने आंखें मूंद रखी हैं। वहीं तुलसीराम श्रीवास्तव और बालाराम जरारिया ने सवाल उठाते हुए कहा कि वार्ड पार्षद कमलेश पटेल के चुनाव जीतने के बाद से आज तक वे जनता की समस्याएं देखने-सुनने नहीं आए। ऐसे में जनता पूछ रही है कि जब जनप्रतिनिधि ही जनता से दूर रहें तो उन्हें चुनने का क्या अर्थ है? परिषद में नपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर बैठे प्रतिनिधि की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है। अब वार्डवासी मांग कर रहे हैं कि नगर परिषद तत्काल टूटे पाइपलाइन की मरम्मत कर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराए और विद्युत विभाग बिजली आपूर्ति को सुचारू करे।1
- विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी से CMHO डॉ. दिनेश खत्री ने की शिष्टाचार भेंट1
- Post by Pankaj sahu1
- भोपाल आखिरकार कुख्यात अपराधी चढ़ा पुलिस के हत्थे राजू ईरानी सूरत में हुआ गिरफ्तार कई गंभीर मामले हे दर्ज निशातपुरा पुलिस अपराधी को भोपाल लाई1
- मध्य प्रदेश के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव आगामी 2026 से वर्ष किसानों को समर्पित करने वाले की घोषणा करने वाले हैं1