पोरसा (मुरैना) के ग्राम मडोखर कौथर कलां में आज एक भव्य धार्मिक माहौल के बीच श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के प्रारंभ से पूर्व, 108 कलशों की एक विशाल शोभायात्रा बैंड-बाजों और भक्तिमय भजनों के साथ पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाली गई। यह शोभायात्रा पोरसा के जनक तोमर परिवार के आराध्य श्री नागाजी महाराज मंदिर से शुरू होकर, लगभग चार किलोमीटर की दूरी तय करते हुए कथा स्थल ग्राम मडोखर कौथर कलां पहुँची। शोभायात्रा के दौरान युवाओं को धार्मिक भजनों पर झूमते हुए देखा गया, और पूरे मार्ग में भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का एक अनूठा संगम दिखाई दिया। इस धार्मिक आयोजन का शुभारंभ परीक्षित मुनीम सिंह तोमर द्वारा कराया गया। कथा वाचन का दायित्व क्षेत्र के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित राम प्रकाश शास्त्री जी निभा रहे हैं। कथा के पहले दिन, पंडित राम प्रकाश शास्त्री जी ने श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अपने प्रवचन में गोकर्ण उपाख्यान का विस्तृत वर्णन करते हुए समझाया कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि आत्मा की शुद्धि और मोक्ष का मार्ग है। शास्त्री जी ने बल दिया कि श्रद्धा, भक्ति और नियमपूर्वक कथा सुनने से मनुष्य के सभी पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने गोकर्ण उपाख्यान के माध्यम से यह भी स्पष्ट किया कि किस प्रकार भक्ति और सत्संग से व्यक्ति कठिन से कठिन परिस्थितियों से भी पार पा सकता है, और कथा सुनने की सही विधि बताते हुए कहा कि मन, वचन और कर्म से एकाग्र होकर कथा का श्रवण करने पर ही उसका पूर्ण फल प्राप्त होता है। इस पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं में समस्त ग्रामवासी एवं भक्तगण सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है, और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुँच रहे हैं।
पोरसा (मुरैना) के ग्राम मडोखर कौथर कलां में आज एक भव्य धार्मिक माहौल के बीच श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के प्रारंभ से पूर्व, 108 कलशों की एक विशाल शोभायात्रा बैंड-बाजों और भक्तिमय भजनों के साथ पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाली गई। यह शोभायात्रा पोरसा के जनक तोमर परिवार के आराध्य श्री नागाजी महाराज मंदिर से शुरू होकर, लगभग चार किलोमीटर की दूरी तय करते हुए कथा स्थल ग्राम मडोखर कौथर कलां पहुँची। शोभायात्रा के दौरान युवाओं को धार्मिक भजनों पर झूमते हुए देखा गया, और पूरे मार्ग में भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का एक अनूठा संगम दिखाई दिया। इस धार्मिक आयोजन का शुभारंभ परीक्षित मुनीम सिंह तोमर द्वारा कराया गया। कथा वाचन का दायित्व क्षेत्र के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित राम प्रकाश शास्त्री जी निभा रहे हैं। कथा के पहले दिन, पंडित राम प्रकाश शास्त्री जी ने श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अपने प्रवचन में गोकर्ण उपाख्यान का विस्तृत वर्णन करते हुए समझाया कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि आत्मा की शुद्धि और मोक्ष का मार्ग है। शास्त्री जी ने बल दिया कि श्रद्धा, भक्ति और नियमपूर्वक कथा सुनने से मनुष्य के सभी पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने गोकर्ण उपाख्यान के माध्यम से यह भी स्पष्ट किया कि किस प्रकार भक्ति और सत्संग से व्यक्ति कठिन से कठिन परिस्थितियों से भी पार पा सकता है, और कथा सुनने की सही विधि बताते हुए कहा कि मन, वचन और कर्म से एकाग्र होकर कथा का श्रवण करने पर ही उसका पूर्ण फल प्राप्त होता है। इस पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं में समस्त ग्रामवासी एवं भक्तगण सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है, और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुँच रहे हैं।
- दिनांक 28 मई 2026 को मुरैना के नगर निगम सभागार में महावारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से लगभग 176 किशोरियों और बालिकाओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता, एनीमिया और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया, जिसके बाद बालिकाओं द्वारा महावारी स्वच्छता और जागरूकता पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसकी सभी उपस्थितजनों ने सराहना की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में CMHO डॉ. पद्मेश उपाध्याय उपस्थित रहे, साथ ही DHO-2 डॉ. करकुर, DPM श्री एस.के. श्रीवास्तव, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्रीमती अपूर्वा चौधरी, नगर निगम से स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जगदीश टैगोर, पुलिस कोतवाली मुरैना से सब इंस्पेक्टर श्रीमती हेमलता जी, Heartfulness संस्था से श्रीमती विमला शर्मा और उनकी टीम, RKSK State Trainer श्री मनोज कुलश्रेष्ठ, शासकीय छात्रावास की वार्डन और समस्त काउंसलर श्री अमन भदौरिया, श्री हरिओम एवं श्री पवन शर्मा भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान सभी बालिकाओं को सेनेटरी पैड वितरित किए गए और उन्हें मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। CMHO डॉ. पद्मेश उपाध्याय ने किशोरियों को एनीमिया के प्रति जागरूक करते हुए संतुलित आहार, आयरन युक्त भोजन और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर विस्तार से बताया। उपस्थित सभी अधिकारियों और अतिथियों ने बालिकाओं को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने तथा समाज में महावारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने हेतु प्रेरित किया। अंत में, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रेमदीप कुलश्रेष्ठ द्वारा सभी अतिथियों, अधिकारियों और उपस्थित प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया, जिसके साथ ही यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- फतेहाबाद कस्बे के मोहल्ला जाटवन कला के पास स्थित एक तालाब में शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां से गुजर रहे कुछ बच्चों और स्थानीय लोगों की नजर तालाब में पड़े मोटरसाइकिल के पिछले लेग गार्ड और बंपर पर पड़ी। तालाब में मोटरसाइकिल जैसे पुर्जे दिखाई देने पर लोगों को आशंका हुई कि अंदर पूरी मोटरसाइकिल हो सकती है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। तत्काल डायल 112 पुलिस को घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और तालाब में दिख रहे पुर्जों का निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद कुछ युवकों और बच्चों ने रस्सी की मदद से तालाब के अंदर फंसे हिस्से को बाहर खींचने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद तालाब से केवल मोटरसाइकिल का ढांचा (कंकाल) ही बाहर निकल पाया। बाहर निकले अवशेषों में सिर्फ मोटरसाइकिल का फ्रेम और कुछ जंग लगे हिस्से ही दिखाई दिए, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मोटरसाइकिल काफी लंबे समय से तालाब में पड़ी हुई थी। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह मोटरसाइकिल किसकी है तथा इसे तालाब में कब और किन परिस्थितियों में फेंका गया था।1
- आगरा के किरावली क्षेत्र के कौरई गांव में बाबा साहब की प्रतिमा क्षतिग्रस्त मिलने से ग्रामीणों और बसपा कार्यकर्ताओं में तीव्र नाराज़गी देखी गई। इस घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। एहतियातन, क्षेत्र में किसी भी अप्रिय स्थिति को टालने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- पिनाहट कस्बे में चैयरमैन रामरती देवी जी और अधिशाषी अधिकारी/उप जिलाधिकारी किरावली हेमंत कुमार जी ने क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर नए वाटर कूलर का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के दौरान समस्त सभासद भी मौजूद रहे।4
- पोरसा/मुरैना में संत समाज उत्थान समिति मंडल मुरैना की एक महत्वपूर्ण बैठक आज श्री नागाजी मंदिर परिषद में आयोजित की गई, जिसमें लगभग पाँच सौ संत, महंत और महामंडलेश्वर शामिल हुए। इस दौरान राष्ट्र रक्षा, गो रक्षा और धर्म रक्षा जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसकी अध्यक्षता समिति के जिला अध्यक्ष महामंडलेश्वर महंत हरिदास महाराज जडेरूआ सरकार ने की। बैठक में गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई, जिसे भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की आस्था का केंद्र बताया गया। समिति ने यह भी बताया कि इस संबंध में पहले भी ज्ञापन दिया जा चुका है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आगामी 27 जुलाई को जिलाधीश कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग दोहराई जाएगी। संत समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि यह मांग तीन माह के भीतर पूरी नहीं हुई, तो संत समाज उत्थान समिति दिल्ली में व्यापक धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेगी। इस कार्यक्रम में मंत्री स्वामी केदार गिरी महाराज, कोषाध्यक्ष महंत मथुरादास जी महाराज, महामंडलेश्वर महंत रामलखन दास महाराज नागाजी सरकार, चम्बल संभाग अध्यक्ष महामंडलेश्वर महंत रामलखन दास महाराज शेखपुर, महामंडलेश्वर महंत नरसिंह दास महाराज, महंत रामकिशोर दास शास्त्री जी, सहमंत्री संत हरीओम दास महाराज, नागा दिनेश दास महाराज और नागा रामस्वरूप दास महाराज सहित अनेक संत-महंत उपस्थित थे। बैठक के समापन पर, संत समाज ने एक स्वर में गो संरक्षण और सनातन धर्म की रक्षा के लिए एक व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प लिया।2
- शुक्रवार को फतेहाबाद स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में 'मासिक धर्म स्वच्छता दिवस' के अवसर पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और इससे जुड़े विभिन्न मिथकों को दूर करना था। शिविर के दौरान, विशेषज्ञों ने छात्राओं को मासिक धर्म के समय स्वच्छता बनाए रखने के तरीकों, संतुलित आहार के महत्व और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है, और हर लड़की व महिला के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है कि वे इसके प्रति झिझक छोड़कर स्वच्छता को अपनाएँ। इस अवसर पर विद्यालय की सभी छात्राओं को निःशुल्क सैनिटरी पैड भी वितरित किए गए। छात्राओं ने इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया, स्वास्थ्य से संबंधित सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया। कार्यक्रम के समापन पर, सभी छात्राओं और शिक्षिकाओं ने स्वयं को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक रखने और समाज में भी इस संबंध में एक सकारात्मक संदेश फैलाने का संकल्प लिया। इस दौरान अधीक्षक डॉ. अभिषेक सिंह चौहान, डॉ. दीपिका, डॉ राखी शर्मा, डॉ पवन, डॉ पवन सिंह यादव, राहुल पाठक और पूनम सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।1
- गोहद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सर्वा गांव में गुरुवार-शुक्रवार की देर रात आई तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा के कारण एक मकान की दीवार ढह गई, जिसमें जितेंद्र सिंह उर्फ डब्बू तोमर, पुत्र दुर्ग सिंह तोमर, और चार बच्चे घायल हो गए। घायलों को तत्काल ग्वालियर रेफर किया गया, लेकिन दुखद रूप से ग्वालियर ले जाते समय जितेंद्र सिंह उर्फ डब्बू तोमर की रास्ते में ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी। शुक्रवार सुबह 10 बजे मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया गया। इसी आंधी और बारिश का कहर चितोरा गांव में भी देखने को मिला, जहाँ सीमेंट के चद्दर टूटने से चितोरा निवासी 50 वर्षीय लक्ष्मी बाई, पत्नी मुन्ना लाल, गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें भी उपचार के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है। कुल मिलाकर, गोहद विधानसभा क्षेत्र के सर्वा और चितोरा गांवों में आई इस तेज आंधी-पानी के कारण मकानों को नुकसान पहुँचा, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और पाँच अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें ग्वालियर भेजा गया।1