Shuru
Apke Nagar Ki App…
पीपल्दा में बीती रात सेलून कि दुकान को चोरों ने बनाया निशाना, पीपल्दा में चोरों ने बनाया सैलून कि दुकान को निशाना बीती रात मंगलवार को पीपल्दा पशु चिकित्सा के पास लगी सैलून कि दुकान का ताला तोड़कर चोर दुकान में रखी टिमर मशीनें और कूलर पंखा सहित अन्य सामान चुकाकर लें गए चोरी वारदात का बुधवार सुबह पता चला जब दुकान घनश्याम सेन ने सुबह आकर देखा तो दुकान का ताला टूटा मिला और कूलर सहित 3 मशीनें और अन्य सामान गायब देखें लगातार पीपल्दा में चोरों का आतंक फैल रहा है कुछ दिन पहले ही यहां कुआं पर लगी मोटर पंप कि केबिले भी काटकर लें गए जिनका अभी तक पता नहीं चला,यह चोरी गांव कि मुख्य सड़क पर हुईं जिससे ग्रामीणों में दहशत फ़ैल गई है
सोनू यादव
पीपल्दा में बीती रात सेलून कि दुकान को चोरों ने बनाया निशाना, पीपल्दा में चोरों ने बनाया सैलून कि दुकान को निशाना बीती रात मंगलवार को पीपल्दा पशु चिकित्सा के पास लगी सैलून कि दुकान का ताला तोड़कर चोर दुकान में रखी टिमर मशीनें और कूलर पंखा सहित अन्य सामान चुकाकर लें गए चोरी वारदात का बुधवार सुबह पता चला जब दुकान घनश्याम सेन ने सुबह आकर देखा तो दुकान का ताला टूटा मिला और कूलर सहित 3 मशीनें और अन्य सामान गायब देखें लगातार पीपल्दा में चोरों का आतंक फैल रहा है कुछ दिन पहले ही यहां कुआं पर लगी मोटर पंप कि केबिले भी काटकर लें गए जिनका अभी तक पता नहीं चला,यह चोरी गांव कि मुख्य सड़क पर हुईं जिससे ग्रामीणों में दहशत फ़ैल गई है
More news from राजस्थान and nearby areas
- खानपुर मंडी मे लहसुन बडी आवक, नही मिल रहा किसानो को उचित दाम ,मेहनत का फल मीठा होता है ,पर यहा खट्टा हो रहा हैं ।। जय जवान ,जय किसान😇🫵2
- जिसमें अग्निशमन सेवा से संबंधित सभी आपातकालीन अग्निशमन वाहनों एवं उपकरणों की पूजा की गई.। पूजा के उपरांत नगर पालिका अधिशासी अधिकारी मुकेश नागर के द्वारा मुंबई बंदरगाह में हुए अग्निकांड के बारे में विस्तृत रूप में बताया गया कि हम 14 अप्रैल को अग्निशमन दिवस क्यों मनाते हैं और इसका कारण क्या है.। अग्निशमन सेवा सप्ताह (Fire Service Week) प्रत्येक वर्ष 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 14 अप्रैल से इसलिए होती है क्योंकि इसी दिन वर्ष 1944 में मुंबई बंदरगाह विस्फोट मालवाहक जहाज में अग्नि से भयंकर विस्फोट हुआ था, इस भयंकर विस्फोट में 66 दमकल कर्मियों ने अपनी जान गंवाई थी, इस कारण 14 अप्रैल को अग्निशमन दिवस मनाया जाता है । अग्निकांड में शहीदों को पुष्प अर्पित कर सभी शहीद फायर फाइटर्स को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अग्निशमन सप्ताह के दौरान आमजन को अपनी दुर्घटना से संबंधित जानकारी जिसमें अग्नि के प्रकार उससे सुरक्षा संबंधी जानकारी दी जाती है ,आग से बचाव, सुरक्षा और जागरूकता के बारे में शिक्षित करना ताकि वह जानवर माल की नानी की क्षति की रोकथाम कर सके इसका मुख्य उद्देश्य है क्योंकि एक फायर योद्धा ही होता है जो आग लगने पर आग की तरफ जाता है जबकि आग लगने पर सभी अपनी जान बचाकर दूर भागते है एक फायर योद्धा ही अपनी जान की परवाह ना करते हुए सबको बचाता है और अपने कर्तव्यों को पूरा करता है मुख्य उद्देश्य: अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना विद्यालयों में विद्यार्थियों को फायर मॉक ड्रिल के जरिए आग बुझाने,आग से बचने के उपाय ओर उपकरणों की उपयोगिता आदि के बारे में बताया जाता है आग लगने की घटनाओं को रोकने के उपाय बताना आपातकालीन स्थिति में सही प्रतिक्रिया सिखाना आपातकालीन स्थिति में पब्लिक अनाउंसमेंट करके लोगों को जागृत करना अग्निशमन कर्मियों के योगदान का सम्मान करना ओर आपातकालीन कार्य में उनका सहयोग करना। इसलिए 14 अप्रैल का दिन विशेष रूप से शहीद अग्निशमन कर्मियों की याद में चुना गया है। इस मौके पर कार्यवाहक सहायक अग्निशमन अधिकारी राजेश जयपाल,मोहम्मद सलीम, कमलेश कुमार,साहिल खान, संदीप नायक, राहुल बिजोलिया, अमित भाटी,चुन्नी सिंह, विक्रम मेघवाल, हरिशंकर,हरष सफेला, राजेश मीणा, भूपेंद्र सिंह गौड़ आदि शामिल रहे। अग्निशमन शाखा रावतभाटा द्वारा प्रत्येक वर्ष फायर सप्ताह के दौरान विद्यालय अस्पताल अन्य भीड़ बाढ़ वाली जगह पर अग्नि संबंधी जानकारी दी जाती है जिसमें मॉक ड्रिल अथवा पब्लिक अनाउंसमेंट करके अग्नि के प्रकार, आग लगने के कारण, आग़ से बचाना और आपातकाल स्थिति में अग्निशमन उपकरणों का उपयोग करना सिखाया जाता है।3
- Post by Ramprasad dhangar1
- Post by वचन(कमल ) प्रजापति1
- बकानी :- तहसील कार्यालय के बाहर मंडी सम्बंधित विभिन्न मांगो को लेकर 24घंटे से चल रहा भारतीय किसान संघ का धरना कार्यावाहक मंडी सचिव जवाहर सिंह नागर द्वारा मौके पर पहुंचने के बाद किसानो के साथ करीब दो घंटे चली मंत्रणा के बाद धरना समाप्त किया गया बकानी :- तहसील कार्यालय के बाहर मंडी सम्बंधित विभिन्न मांगो को लेकर 24घंटे से चल रहा भारतीय किसान संघ का धरना स्थल पर कार्यावाहक मंडी सचिव जवाहर सिंह नागर के पहुंचने पर किसानो के साथ करीब दो घंटे चली मंत्रणा के बाद धरना समाप्त किया गया इस दौरान किसान संघ की मांग थी की मंडी की चारदीवारी पूरी करने, व्यापारीयों द्वारा किसानो को विक्रय पर्ची देने मंडी के मुख्य द्वार पर सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति करने, अन्य दरवाजो पर तालाबंदी करने सहित अन्य मांगो के मौके पर समस्या का समाधान करने पर धरना समाप्त किया गया2
- कोटा के लैंडमार्क सिटी में बदमाशों का तांडव, कार में आए युवकों ने लाठी-डंडों से मचाया उत्पात, सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात कोटा शहर की पॉश कॉलोनी लैंडमार्क सिटी में देर रात बदमाशों का जमकर तांडव देखने को मिला। कार में सवार होकर आए कुछ युवकों ने कॉलोनी में घुसकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया और इलाके में दहशत फैला दी। बदमाशों की यह पूरी करतूत वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। च जानकारी के अनुसार देर रात एक कार में सवार होकर कई युवक कॉलोनी में पहुंचे और अचानक लाठी-डंडों से हमला करते हुए तोड़फोड़ और मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कॉलोनी में रहने वाले लोग डर के कारण अपने घरों में दुबक गए। बताया जा रहा है कि बदमाश काफी देर तक उत्पात मचाते रहे और फिर मौके से फरार हो गए। घटना के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देते हुए साफ नजर आ रहे है1
- झालावाड़ 14 अप्रैल 2026। डॉ. भीमराव अंबेडकर भारतीय इतिहास के वह स्तंभ हैं जिन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक असमानता के खिलाफ लड़ते हुए खपा दिया। 14 अप्रैल 1891 को महू में जन्मे बाबासाहेब ने बचपन से ही छुआछूत और भेदभाव का दंश झेला, लेकिन उसे अपनी कमजोरी नहीं, ताकत बनाया। शिक्षा का हथियार कोलंबिया यूनिवर्सिटी और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़े अंबेडकर समझ गए थे कि ज्ञान ही शोषण की जंजीरें तोड़ सकता है। उन्होंने कहा था, "शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो।" न्याय के निर्माता आजाद भारत के संविधान निर्माता के रूप में उन्होंने हर नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व का अधिकार दिया। अनुच्छेद 17 से छुआछूत को खत्म करना हो या दलित-वंचितों के लिए आरक्षण की व्यवस्था, बाबासाहेब ने कानून को कमजोर का सबसे बड़ा हथियार बनाया। जीवन का खपना महाड़ सत्याग्रह, काला राम मंदिर प्रवेश, हिंदू कोड बिल — हर कदम पर उन्होंने समाज की सदियों पुरानी बेड़ियों पर चोट की। 6 दिसंबर 1956 को महापरिनिर्वाण तक वे दलितों, महिलाओं और मजदूरों के हक के लिए लड़े। बाबासाहेब केवल एक व्यक्ति नहीं, एक आंदोलन थे। उनका जीवन बताता है कि जब इरादे मजबूत हों, तो एक इंसान पूरे समाज की तकदीर बदल सकता है।1
- भैंसरोरगढ़ मे डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 135 वीं जयंती भैंसरोड़गढ़ में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह द्वारा बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए गए। तथा उनके जीवन एवं योगदान पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के दौरान गांव में भव्य रैली भी निकाली गई। कार्यकारी ब्लॉक अध्यक्ष बेगूं रावतभाटा पारस जैन ने बताया कि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जिन्हें हम बाबा साहेब के नाम से जानते हैं। भारत के संविधान के शिल्पकार और सामाजिक न्याय के महान योद्धा थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन दलितों, पिछड़ों एवं वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित किया। उनका सपना एक ऐसे भारत का था। जहां सभी को समानता, स्वतंत्रता और सम्मान प्राप्त हो सके। उनकी विचारधारा आज भी समाज को न्यायपूर्ण और समतामूलक दिशा प्रदान करती है। अंबेडकर वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य तेजमल रेगर ने कहा कि बाबा साहेब के प्रयासों के कारण ही आज समाज के सभी वर्गों को हर क्षेत्र में समान अधिकार प्राप्त हुए हैं। महिला प्रदेश कांग्रेस महासचिव वंदना शर्मा ने बताया कि बाबा साहेब द्वारा निर्मित संविधान ने महिलाओं को भी समानता और अधिकार प्रदान किए हैं। इस अवसर पर विमलेश नेनवा (जिला महिला उपाध्यक्ष), रवीना शर्मा (महिला जिला महासचिव), रावतभाटा से पंडित ताराचन्द्र, खुमानगंज सरपंच प्रतिनिधि राधेश्याम धाकड़, अंजुम शेख, कुलदीप सिंह, मनोज अजमेरा, यशवंत सिंह साखला, सिकंदर पठान, काशीराम रेगर, जीवाराम रेगर, मनोहर रेगर, देवीलाल भील, शिवम बैरागी, कंचन बाई भील, मीरा बाई भील, सुशीला बाई मेहर, हरपाल सिंह पाली सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।2
- Post by Ramprasad dhangar1