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पन्ना जिले में एक मासूम बच्चे के हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की सूझबूझ से उस आरोपी को पकड़ा गया है, जिसने सड़क पर बच्चों को पीट-पीटकर उनकी हत्या की थी।
Arun Lodhi
पन्ना जिले में एक मासूम बच्चे के हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की सूझबूझ से उस आरोपी को पकड़ा गया है, जिसने सड़क पर बच्चों को पीट-पीटकर उनकी हत्या की थी।
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- शुक्रवार की शाम सागर नगर पूरी तरह से लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के जयकारों से गुंजायमान रहा। यह अवसर लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जन्म जयंती का था, जिसके उपलक्ष्य में सागर के रविन्द्र भवन में पाल समाज द्वारा एक भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान माता अहिल्याबाई होल्कर के जयकारे गूंजते रहे।1
- शुभ सोमवार के अवसर पर, पन्ना स्थित मिनी वृंदावन धाम से भगवान जुगल किशोर महाराज जी के दर्शन का आह्वान किया गया है। इस पावन अवसर पर सभी भक्तों को 'जय श्री कृष्णा' कहते हुए सोमवार की शुभकामनाएँ दी गई हैं।1
- केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत पुनर्वास और विस्थापन प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें जिला प्रशासन हितग्राहियों को नियमानुसार आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराते हुए सहयोग कर रहा है। इसी क्रम में, शनिवार को ग्राम ककरा के 14 विस्थापित परिवारों ने मुआवजा पैकेज से संबंधित राशि प्राप्त कर अपना पुनर्वास पूरा किया है। इन 14 परिवारों में बल्लू पिता फगना गोंड, पूरन पिता चेता गोंड, राजाराम पिता जगना गोंड, बिन्द्रावन पिता अनदी गोंड, हनुमत पिता अनदी गोंड, आशाराम पिता रामनाथ यादव, सुन्दर सिंह पिता लोकनाथ गोंड, दशरथ पिता बारेलाल गोंड, बंदू पिता गणपत गोंड, रामविशाल पिता राममिलन गोंड, गिरजा पिता चेता गोंड, रामप्रसाद पिता सरजू गोंड, किशोरी पिता फगना गोंड और रामलाल पिता फगना गोंड शामिल हैं। इन सभी परिवारों ने पुनर्वास करते हुए अपने नए निवास पर प्रस्थान किया। इसके बाद, प्रशासन की टीम ने खाली हुए पुराने मकानों को जमींदोज करने की कार्रवाई भी पूरी की।1
- मध्य प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री लखन पटेल ने दमोह में जल जीवन मिशन योजना के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक आज दमोह के जटाशंकर स्थित कार्यालय में हुई, जहाँ राज्यमंत्री ने योजना से संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के साथ विस्तृत चर्चा कर आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने योजना में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया। बैठक में सीतानगर और पंचमनगर परियोजनाओं से जुड़ी पेयजल योजना के सुचारू क्रियान्वयन की स्थिति, कार्यपूर्ण न होने के कारणों और योजना में हो रही देरी की समीक्षा की गई। राज्यमंत्री ने बताया कि पथरिया, बटियागढ़, हटा सहित क्षेत्र के 350 गाँवों में इस योजना के तहत जलापूर्ति की जानी है। हालांकि, उनके हालिया निरीक्षण के दौरान कार्य की गति अत्यंत धीमी पाई गई, जिससे जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। योजना का कार्य भुगतान न होने के कारण रुका हुआ बताया गया है, जिसके संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जा रही है ताकि इसे समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जा सके।1
- सिमरिया के पुरैना स्थित जेके सीमेंट प्लांट के पास भारी ट्रैफिक जाम लग गया। इस जाम में एक एंबुलेंस भी फंस गई, जिसे बड़ी मुश्किल से एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला जा सका।1
- कटनी नगर के निमिहा मोहल्ला स्थित आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदिर में दिनांक 31 मई 2026 को एक भव्य चुनरी यात्रा और बधाव कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन जबलपुर के पनागर क्षेत्र और आधारकाप से आए उन श्रद्धालु परिवारों द्वारा किया गया, जिन्हें संतान सुख की प्राप्ति हुई है। इन परिवारों ने माँ के श्रीचरणों में अपनी कृतज्ञता अर्पित की। इस यात्रा में ढोल-नगाड़ों, जयकारों और भक्ति गीतों के साथ श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। माँ विंध्याचल महारानी के दिव्य दरबार में भक्त वर्षों से अपनी मनोकामनाएँ लेकर आते हैं और माँ की कृपा से उनकी इच्छाएँ पूर्ण होती हैं। संतान सुख प्राप्त करने वाले अनेक परिवार अपनी श्रद्धा एवं आस्था प्रकट करने माँ के चरणों में पहुँचते हैं। मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा और माँ के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिरस में सराबोर हो गया। निःसंतान दंपत्तियों से विनम्र आग्रह किया गया है कि वे एक बार माँ विंध्यवासिनी के दरबार में अवश्य पधारें, क्योंकि श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि माँ के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता। माँ की असीम कृपा, आशीर्वाद और मातृत्व स्वरूप स्नेह से असंख्य परिवारों के जीवन में खुशियाँ आई हैं। यह जानकारी जन जन की आवाज़ कटनी नगर के राकेश निषाद द्वारा दी गई है।4
- गृहमंत्री अमित शाह जी द्वारा दिल्ली समागम कार्यक्रम में आदिवासियों को 'वनवासी' कहे जाने का तीव्र विरोध किया गया है। आदिवासी समुदाय ने स्पष्ट किया है कि वे 'वनवासी' नहीं, बल्कि 'आदिवासी' हैं, और यह भी जोर दिया कि वे इस धरती के मूल मालिक हैं। समुदाय ने इस संबोधन पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए 'सेवा जोहार' का संदेश दिया।1