उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के नैनी स्थित लेट बेला सिंह आईटीआई संस्थान में 10 जुलाई से तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हुआ है। यह प्रशिक्षण स्कूल सेफ्टी एंड रिस्क असेसमेंट प्रोजेक्ट के तहत उत्तर प्रदेश के विद्यालयों को सुरक्षित और आपदा-प्रतिरोधी बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत चयनित संस्था बेनेट, कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (BCCL) द्वारा प्रदेश के लगभग 1.40 लाख सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों का सुरक्षा एवं जोखिम आकलन किया जाएगा। वर्तमान में प्रयागराज प्रशिक्षण केंद्र पर 15 जनपदों से आए फील्ड ऑडिटर और डिजास्टर एक्सपर्ट का तीन दिवसीय प्रशिक्षण चल रहा है, जो 12 जुलाई तक संचालित होगा। इस दौरान प्रतिभागियों को स्कूल सेफ्टी ऑडिट की कार्यप्रणाली, स्ट्रक्चरल व नॉन-स्ट्रक्चरल सुरक्षा मूल्यांकन, आपदा जोखिमों की पहचान, फायर व इलेक्ट्रिकल सुरक्षा के आधारभूत सिद्धांत, मोबाइल ऐप आधारित डेटा संग्रह और गुणवत्तापूर्ण ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। केंद्र प्रबंधक शिवम शुक्ला और परियोजना प्रबंधक सौरभ सिंह ने बताया कि इस बैच के बाद फायर सेफ्टी एक्सपर्ट तथा उसके बाद सिविल एक्सपर्ट के लिए भी तीन-तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद तीनों विशेषज्ञों की संयुक्त टीम पूरे प्रदेश के विद्यालयों का सुरक्षा एवं जोखिम आकलन करेगी। इसी प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम लखनऊ, मथुरा, बस्ती और मुज़फ्फरनगर में भी आयोजित किए जाएंगे ताकि प्रदेश के सभी जनपदों के विशेषज्ञों को प्रशिक्षित कर परियोजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के नैनी स्थित लेट बेला सिंह आईटीआई संस्थान में 10 जुलाई से तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हुआ है। यह प्रशिक्षण स्कूल सेफ्टी एंड रिस्क असेसमेंट प्रोजेक्ट के तहत उत्तर प्रदेश के विद्यालयों को सुरक्षित और आपदा-प्रतिरोधी बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत चयनित संस्था बेनेट, कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (BCCL) द्वारा प्रदेश के लगभग 1.40 लाख सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों का सुरक्षा एवं जोखिम
आकलन किया जाएगा। वर्तमान में प्रयागराज प्रशिक्षण केंद्र पर 15 जनपदों से आए फील्ड ऑडिटर और डिजास्टर एक्सपर्ट का तीन दिवसीय प्रशिक्षण चल रहा है, जो 12 जुलाई तक संचालित होगा। इस दौरान प्रतिभागियों को स्कूल सेफ्टी ऑडिट की कार्यप्रणाली, स्ट्रक्चरल व नॉन-स्ट्रक्चरल सुरक्षा मूल्यांकन, आपदा जोखिमों की पहचान, फायर व इलेक्ट्रिकल सुरक्षा के आधारभूत सिद्धांत, मोबाइल ऐप आधारित डेटा संग्रह और गुणवत्तापूर्ण ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। केंद्र प्रबंधक शिवम शुक्ला और परियोजना प्रबंधक
सौरभ सिंह ने बताया कि इस बैच के बाद फायर सेफ्टी एक्सपर्ट तथा उसके बाद सिविल एक्सपर्ट के लिए भी तीन-तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद तीनों विशेषज्ञों की संयुक्त टीम पूरे प्रदेश के विद्यालयों का सुरक्षा एवं जोखिम आकलन करेगी। इसी प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम लखनऊ, मथुरा, बस्ती और मुज़फ्फरनगर में भी आयोजित किए जाएंगे ताकि प्रदेश के सभी जनपदों के विशेषज्ञों को प्रशिक्षित कर परियोजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
- प्रयागराज के नैनी थाना क्षेत्र की एग्रीकल्चर चौकी के अंतर्गत पिछले 70 वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों में नगर निगम द्वारा उनका आशियाना उजाड़ने की धमकी दिए जाने के बाद भारी आक्रोश व्याप्त है। इन पीड़ित परिवारों का कहना है कि वे इन दुकानों के सहारे ही अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, लेकिन अब उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी संदेश भेजा था, लेकिन कुछ विधायकों के कहने पर मुख्यमंत्री भी गरीबों की इस फरियाद को नहीं सुन रहे हैं। इस मामले के विरोध में समाजवादी कार्यकर्ता गुलाब चंद्र पासी, आकाश पासी, आनंद पासी, राजेश पासी, सविता कैथवास और गंगोत्री नगर से समाजसेवी भोले पाल चाचा (टी स्टॉल) मौके पर पहुंचे। पासी समाज के लोगों का कहना है कि पासी समाज से होने के कारण इस सरकार में उनका कोई वजूद नहीं समझा जा रहा है और न ही उनकी कोई सुनवाई हो रही है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनका आशियाना तोड़ा गया तो वे पीछे नहीं हटेंगे और सरकार चाहे भाजपा की हो या कोई और, वे इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि योगी सरकार में गरीबों के साथ घोर अन्याय हो रहा है और भाजपा के विधायक अपनी जेबें गर्म करके गरीबों के आशियाने उजड़वा रहे हैं। पीड़ित जनता ने मुख्यमंत्री से विनम्र निवेदन किया है कि इन विधायकों की कॉल डिटेल चेक कराई जाए कि किसके पास कितना पैसा गया है और ऐसे विधायकों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई कर गरीबों को न्याय दिलाया जाए।1
- प्रयागराज के इलाहाबाद अंतर्गत मनोहर दास डी ब्लॉक में नाले की टूटी दीवार के कारण जलभराव हो गया है। नाले से हो रहे इस जलभराव की वजह से स्थानीय जनता में भारी नाराजगी है।1
- कौशाम्बी के मंझनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई हत्या की वारदात से संबंधित अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से बरामदगी भी की गई है। इस कार्रवाई के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक श्रीमती अमिता सिंह ने वीडियो बाइट के जरिए आधिकारिक जानकारी दी है।1
- प्रयागराज के बारा में अदालती आदेश और एसडीएम के निर्देशों के बावजूद एक पीड़िता को उसकी खुद की जमीन पर कब्जा नहीं मिल पा रहा है। थाना शंकरगढ़ क्षेत्र के ग्राम जनवा की निवासी सीमा देवी (पत्नी राजबिहारी सिंह) का जमीन विवाद का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सीमा देवी की दर्ज भूमि आराजी संख्या 1143/3, रकबा 0.114 हेक्टेयर पर कोर्ट का आदेश होने के बाद भी विपक्षी कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं है। शनिवार को थाना समाधान दिवस पर एसडीएम बारा डॉ. गणेश कन्नौजिया के निर्देश पर राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम सीमांकन और पीड़िता को कब्जा दिलाने मौके पर पहुंची थी, लेकिन विपक्षी राम प्रताप ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर वहाँ जमकर हंगामा खड़ा कर दिया। विपक्षियों के बढ़ते विरोध को देखकर राजस्व और पुलिस की टीम बिना कार्रवाई पूरी किए ही वापस लौट गई। बताया जा रहा है कि एसडीएम के फोन के बाद टीम को वापस बुला लिया गया। पीड़िता सीमा देवी का आरोप है कि यह पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि इससे पहले भी 3-4 बार पुलिस-राजस्व की टीम आ चुकी है लेकिन हर बार विपक्षियों के हंगामे के आगे प्रशासन को पीछे हटना पड़ा। सीमा देवी ने चेतावनी दी है कि कोर्ट का आदेश होने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो गाँव में गंभीर विवाद या खूनी संघर्ष हो सकता है। इस पूरे मामले पर स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की लचर कार्रवाई के कारण ही विपक्षियों के हौसले इतने बुलंद हैं। वहीं, एसडीएम बारा डॉ. गणेश कन्नौजिया का कहना है कि कोर्ट का आदेश है तो उसका पालन कराया जाएगा और टीम विरोध के कारण वापस जरूर आई है, लेकिन अब विधिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल गाँव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्क है और प्रशासन ने जल्द ही पीड़िता को कब्जा दिलाने का भरोसा दिया है, लेकिन पीड़िता के लिए थाना समाधान दिवस पर भी न्याय न मिलना प्रशासन की लाचारी को दर्शाता है।1
- अनादि टीवी के विशेष कार्यक्रम 'सत्ता और सियासत' में नीतियों का विश्लेषण करते हुए साल 2027 की चुनावी जंग पर चर्चा की गई है। समय की गति के साथ साल 2026 अब समाप्त होने के बेहद नजदीक पहुंच चुका है और साल 2027 आने में ज्यादा समय नहीं बचा है। साल 2027 की सियासत पूरी तरह से चुनावी होने वाली है, क्योंकि इस साल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, गोवा और मणिपुर जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश और पंजाब को छोड़कर अन्य सभी चुनावी राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार सत्ता में है। ऐसे में भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्व उसके लिए गुजरात और उत्तराखंड के विधानसभा चुनावों का भी है।1
- प्रयागराज के नैनी इलाके में नैनी सेंट्रल जेल के पीछे वाली रोड पर लेप्रसी हॉस्पिटल के बगल में एक 40 वर्षीय व्यक्ति की लाश मिली है। मृतक व्यक्ति लाल रंग की शर्ट पहने हुए था। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय इलाकाई पुलिस मौके पर पहुंचकर आवश्यक विधिक कार्रवाई करने में जुट गई है।1