गाजीपुर के मोहम्मदाबाद (यूसुफपुर) की नवीन मंडी में आयोजित उत्तर प्रदेश प्रादेशिक खरवार सभा की महत्वपूर्ण बैठक में खरवार समाज ने सरकार को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। सभा के मुख्य अतिथि कुंदन खरवार ने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 से उत्तर प्रदेश में खरवार जनजाति के जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। इस स्थिति के कारण हजारों छात्र शिक्षा, छात्रवृत्ति, सरकारी नौकरियों और आरक्षण के संवैधानिक अधिकार से वंचित हो रहे हैं, जिससे समाज में गहरा रोष व्याप्त है। कुंदन खरवार ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगले 90 दिनों के भीतर जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए, तो गाजीपुर से लेकर लखनऊ तक एक बड़ा चक्का जाम और जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में समाज को एकजुट और संगठित करने पर भी विशेष जोर दिया गया ताकि अपनी मांगों को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके। इस बैठक में चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए हैं। इनमें 15 दिनों के भीतर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपना, हर ब्लॉक स्तर पर 11 सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन करना, प्रमाण पत्र से वंचित लोगों का विस्तृत डेटा एकत्र करके हाईकोर्ट में याचिका दायर करना और संगठन को जिला से ब्लॉक स्तर तक मजबूत करना शामिल है। बैठक का समापन "जय खरवार, जय आदिवासी, जय संविधान, जय भारत" के उद्घोष के साथ हुआ, जो समाज के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
गाजीपुर के मोहम्मदाबाद (यूसुफपुर) की नवीन मंडी में आयोजित उत्तर प्रदेश प्रादेशिक खरवार सभा की महत्वपूर्ण बैठक में खरवार समाज ने सरकार को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। सभा के मुख्य अतिथि कुंदन खरवार ने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 से उत्तर प्रदेश में खरवार जनजाति के जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। इस स्थिति के कारण हजारों छात्र शिक्षा, छात्रवृत्ति, सरकारी नौकरियों और आरक्षण के संवैधानिक अधिकार से वंचित हो रहे हैं, जिससे समाज में गहरा रोष व्याप्त है। कुंदन खरवार ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगले 90 दिनों के भीतर जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए, तो गाजीपुर से लेकर लखनऊ तक एक बड़ा चक्का जाम और जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में समाज को एकजुट और संगठित करने पर भी विशेष जोर दिया गया ताकि अपनी मांगों को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके। इस बैठक में चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए हैं। इनमें 15 दिनों के भीतर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपना, हर ब्लॉक स्तर पर 11 सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन करना, प्रमाण पत्र से वंचित लोगों का विस्तृत डेटा एकत्र करके हाईकोर्ट में याचिका दायर करना और संगठन को जिला से ब्लॉक स्तर तक मजबूत करना शामिल है। बैठक का समापन "जय खरवार, जय आदिवासी, जय संविधान, जय भारत" के उद्घोष के साथ हुआ, जो समाज के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
- Post by Ajit Kumar1
- महामंडलेश्वर मनोजानंद उर्फ गोल्डन बाबा रविवार को मऊ पहुंचे, जहाँ उन्होंने हिंदू जागरण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह के आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में देश, धर्म और समाज से जुड़े कई विषयों पर खुलकर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने विशेष रूप से अयोध्या में चढ़ावा चोरी के मामले को "अत्यंत गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण" बताते हुए कहा कि यह घटना हिंदुओं की आस्था पर सीधा प्रहार है। गोल्डन बाबा ने इस प्रकरण में किसी भी दोषी को न बख्शने की पुरजोर मांग की और कहा कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास पर चोट है, इसलिए इसमें जल्दबाजी नहीं बल्कि निष्पक्ष, गहन और ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कोई भी आरोपी बचेगा नहीं और सच्चाई सामने आएगी, जिसके बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। गोल्डन बाबा ने इस बात पर जोर दिया कि सनातन आस्था की पवित्रता बनाए रखना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने मंदिरों की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने हिंदुओं के धर्मांतरण पर भी गहरी चिंता व्यक्त की, खासकर देश के अनेक क्षेत्रों में ईसाई मिशनरियों की बढ़ती गतिविधियों को सामाजिक और सांस्कृतिक संतुलन के लिए चिंता का विषय बताया। गोल्डन बाबा ने कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा केवल संतों का नहीं, बल्कि प्रत्येक हिंदू का दायित्व है और समाज को संगठित होकर अपनी धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करनी होगी। उन्होंने अपनी चल रही दो वर्षों से अधिक पुरानी यात्रा का उद्देश्य भी बताया, जो हिंदू समाज को जागृत करना, राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना और सनातन संस्कृति के प्रति जन जागरण करना है। इस यात्रा के माध्यम से वे गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों को सामाजिक समरसता और जागरूकता का संदेश दे रहे हैं। गोल्डन बाबा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनाने की अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में राष्ट्रवाद, सुशासन और सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा मिली है, इसलिए उन्हें राष्ट्रीय नेतृत्व की आवश्यकता है। इस अवसर पर हिंदू जागरण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह ने गोल्डन बाबा का स्वागत किया और संतों को समाज का मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि वे समाज को नई ऊर्जा और दिशा देने का काम करते हैं। इस कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।1
- हम पार्टी के जिलाध्यक्ष ने भारत तिवारी हत्याकांड के संबंध में खुलकर अपनी बात रखी है। इस मामले में उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।1
- चंदौली के डीडीयू नगर (मुगलसराय) विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के संभावित प्रत्याशी को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में, पूर्व जिला पंचायत सदस्य औसाफ अहमद 'गुड्डू' को टिकट दिए जाने की मांग को लेकर क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने सांसद डॉ. वीरेंद्र सिंह से मुलाकात की। इन समर्थकों ने सांसद को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें बताया गया कि औसाफ अहमद 'गुड्डू' लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय हैं और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से औसाफ अहमद 'गुड्डू' को मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित करने की पुरजोर मांग की। उपस्थित लोगों का यह भी कहना था कि औसाफ अहमद 'गुड्डू' को टिकट मिलने से पार्टी को क्षेत्र में मजबूती मिलेगी और सभी वर्गों का व्यापक समर्थन प्राप्त होगा। इस प्रतिनिधिमंडल में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल थे।1
- चंदौली जिले के धानापुर में, धानापुर प्रमुख अजय सिंह ने शिव मंदिर के निर्माण और एक तालाब के सुंदरीकरण का कार्य करवाया है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने CJP के आंदोलन को समर्थन देते हुए शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग की है। यह आंदोलन NEET विवाद और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार तेज होता जा रहा है। इस बढ़ते विरोध के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार इस आंदोलन की आवाज सुनेगी और क्या शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए?1
- मऊ जनपद सहित विभिन्न क्षेत्रों में मुहर्रम का पर्व श्रद्धा, अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भव्य ताजिया जुलूस निकाले गए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। जुलूस के दौरान 'या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं। ये जुलूस चौक घास बाजार, मलिक टोला, क्यारी टोला, काजी टोला सहित विभिन्न क्षेत्रों से निकाले गए। लोगों द्वारा पारंपरिक करतबों का भी प्रदर्शन किया गया, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहे, तथा जुलूस मार्गों पर विशेष निगरानी रखी गई। पुलिस ने ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की। मुहर्रम के अवसर पर लोगों ने कर्बला के शहीदों के त्याग, बलिदान और इंसानियत के संदेश को याद किया। विभिन्न स्थानों पर सबील लगाकर राहगीरों को शरबत और पेयजल भी वितरित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान शांति एवं सौहार्द का माहौल बना रहा, जिसके लिए प्रशासन ने त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग के लिए सभी नागरिकों का आभार व्यक्त किया।1
- हम पार्टी के जिलाध्यक्ष ने भरत तिवारी हत्याकांड के संबंध में खुलकर अपनी बात रखी है।1
- चंदौली जिले के मुगलसराय में अल्पसंख्यक कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर से मुलाकात की। इस मुलाकात का उद्देश्य अल्पसंख्यक प्रत्याशी औसाफ अहमद गुड्डू को आगामी चुनावों के लिए पार्टी का उम्मीदवार बनाने की मांग उठाना था।1