मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की शहडोल जिला इकाई ने पुलिस अधीक्षक को एक कड़ा ज्ञापन सौंपकर वरिष्ठ पत्रकार सूर्यभान यादव को फोन पर अकारण गालियां देने और जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपियों के खिलाफ तत्काल अपराध दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। आरोपियों पर एफआईआर दर्ज न होने से जिले भर के पत्रकारों में भारी आक्रोश है, जिसके चलते पुलिस प्रशासन को उग्र आंदोलन की खुली चेतावनी दी गई है। संघ ने बताया कि निलेश सोनी एवं रामराज गुप्ता नामक आरोपियों द्वारा पत्रकार सूर्यभान यादव को फोन पर अश्लील गालियां दी गईं और जान से मारने की गंभीर धमकी दी गई है। इस संवेदनशील मामले को लेकर ब्योहारी ब्लॉक इकाई ने बीते 15 जून 2026 को ही थाना प्रभारी ब्योहारी को ज्ञापन सौंपकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। खेद का विषय है कि शिकायत के इतने दिनों बाद भी स्थानीय पुलिस द्वारा कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और वे पीड़ित पत्रकार को लगातार डरा-धमका रहे हैं। मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की शहडोल जिला इकाई ने पत्रकार के साथ हुई इस अभद्रता की कड़े शब्दों में निंदा की है। संघ का स्पष्ट मानना है कि जनहित के मुद्दे उठाने वाले एक निर्भीक पत्रकार को इस प्रकार से धमकाया जाना सीधे तौर पर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार है। इस निंदनीय कृत्य को लेकर जिले भर के समस्त मीडियाकर्मियों और पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त हो चुका है। पत्रकारों ने एकजुट होकर स्पष्ट किया है कि वे अपने किसी भी साथी के साथ होने वाले इस तरह के अन्याय और दुर्व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसके खिलाफ हर स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे। ज्ञापन के माध्यम से, जिलाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह परिहार और महासचिव अनुराग त्रिपाठी सहित संघ ने पुलिस अधीक्षक से इस पूरे मामले की गंभीरता का संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। संघ ने मांग की है कि तत्काल ब्योहारी पुलिस को कड़े निर्देश जारी किए जाएं ताकि नामजद आरोपियों निलेश सोनी एवं रामराज गुप्ता के विरुद्ध बिना किसी विलंब के एफआईआर पंजीबद्ध की जा सके। पत्रकारों ने यह भी मांग रखी है कि केवल मामला दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आरोपियों के खिलाफ ऐसी कठोर वैधानिक और दंडात्मक कार्यवाही की जाए, जिससे भविष्य में कोई भी असामाजिक तत्व पत्रकारों को धमकाने की जुर्रत न करे। पुलिस प्रशासन को आगाह करते हुए पत्रकार संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि शीघ्र ही दोषियों पर दंडात्मक कार्यवाही नहीं की जाती है, तो संघ कठोर कदम उठाने के लिए स्वतंत्र होगा। न्याय न मिलने की स्थिति में, मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ अपनी 'कलम साधना' को छोड़ने के लिए बाध्य होगा और पूरे जिले में एक उग्र आंदोलन की शुरुआत करेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। इस महत्वपूर्ण ज्ञापन को सौंपने के दौरान संगठन प्रभारी मो. अली, संभागीय महासचिव कृष्णा तिवारी, कार्यकारी जिला अध्यक्ष अशोक तिवारी, जिला उपाध्यक्ष सिद्दीक अंसारी, जिला संयोजक आई टी सेल रिजवान खान और नगर अध्यक्ष सोहागपुर समीर दादा सहित संघ के अन्य पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की शहडोल जिला इकाई ने पुलिस अधीक्षक को एक कड़ा ज्ञापन सौंपकर वरिष्ठ पत्रकार सूर्यभान यादव को फोन पर अकारण गालियां देने और जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपियों के खिलाफ तत्काल अपराध दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। आरोपियों पर एफआईआर दर्ज न होने से जिले भर के पत्रकारों में भारी आक्रोश है, जिसके चलते पुलिस प्रशासन को उग्र आंदोलन की खुली चेतावनी दी गई है। संघ ने बताया कि निलेश सोनी एवं रामराज गुप्ता नामक आरोपियों द्वारा पत्रकार सूर्यभान यादव को फोन पर अश्लील गालियां दी गईं और जान से मारने की गंभीर धमकी दी गई है। इस संवेदनशील मामले को लेकर ब्योहारी ब्लॉक इकाई ने बीते 15 जून 2026 को ही थाना प्रभारी ब्योहारी को ज्ञापन सौंपकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। खेद का विषय है कि शिकायत के इतने दिनों बाद भी स्थानीय पुलिस द्वारा कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और वे पीड़ित पत्रकार को लगातार डरा-धमका रहे हैं। मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की शहडोल जिला इकाई ने पत्रकार के साथ हुई इस अभद्रता की कड़े शब्दों में निंदा की है। संघ का स्पष्ट मानना है कि जनहित के मुद्दे उठाने वाले एक निर्भीक पत्रकार को इस प्रकार से धमकाया जाना सीधे तौर पर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार है। इस निंदनीय कृत्य को लेकर जिले भर के समस्त मीडियाकर्मियों और पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त हो चुका है। पत्रकारों ने एकजुट होकर स्पष्ट किया है कि वे
अपने किसी भी साथी के साथ होने वाले इस तरह के अन्याय और दुर्व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसके खिलाफ हर स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे। ज्ञापन के माध्यम से, जिलाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह परिहार और महासचिव अनुराग त्रिपाठी सहित संघ ने पुलिस अधीक्षक से इस पूरे मामले की गंभीरता का संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। संघ ने मांग की है कि तत्काल ब्योहारी पुलिस को कड़े निर्देश जारी किए जाएं ताकि नामजद आरोपियों निलेश सोनी एवं रामराज गुप्ता के विरुद्ध बिना किसी विलंब के एफआईआर पंजीबद्ध की जा सके। पत्रकारों ने यह भी मांग रखी है कि केवल मामला दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आरोपियों के खिलाफ ऐसी कठोर वैधानिक और दंडात्मक कार्यवाही की जाए, जिससे भविष्य में कोई भी असामाजिक तत्व पत्रकारों को धमकाने की जुर्रत न करे। पुलिस प्रशासन को आगाह करते हुए पत्रकार संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि शीघ्र ही दोषियों पर दंडात्मक कार्यवाही नहीं की जाती है, तो संघ कठोर कदम उठाने के लिए स्वतंत्र होगा। न्याय न मिलने की स्थिति में, मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ अपनी 'कलम साधना' को छोड़ने के लिए बाध्य होगा और पूरे जिले में एक उग्र आंदोलन की शुरुआत करेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। इस महत्वपूर्ण ज्ञापन को सौंपने के दौरान संगठन प्रभारी मो. अली, संभागीय महासचिव कृष्णा तिवारी, कार्यकारी जिला अध्यक्ष अशोक तिवारी, जिला उपाध्यक्ष सिद्दीक अंसारी, जिला संयोजक आई टी सेल रिजवान खान और नगर अध्यक्ष सोहागपुर समीर दादा सहित संघ के अन्य पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
- अनूपपुर जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ जैतहरी पुलिस ने दिनांक 19.06.2026 को तिपान नदी के इमली घाट क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने बताए गए स्थान पर छापा मारा, जहां तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अवैध रूप से रेत से भरी खड़ी पाई गईं। पुलिस ने स्टाफ की मदद से तीनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों सहित उनके चालकों को पकड़ा। जांच में सामने आया कि ये सभी ट्रैक्टर बिना नंबर के थे। इनमें जॉन डियर कंपनी का मॉडल 5036D (हरे रंग की ट्रॉली में लगभग 03 घन मीटर रेत), स्वराज कंपनी का मॉडल XM834 (नीले रंग की ट्रॉली में लगभग 03 घन मीटर रेत) और जॉन डियर कंपनी का मॉडल 5050D (हरे रंग की ट्रॉली में लगभग 03 घन मीटर रेत) शामिल थे। चालकों की पहचान जानकी राठौर (उम्र 27 वर्ष), घनश्याम राठौर (उम्र 35 वर्ष) और फूलचंद नापित (उम्र 48 वर्ष) के रूप में हुई, जो सभी ग्राम चोरभठी, थाना जैतहरी के निवासी हैं। पूछताछ के दौरान, चालकों के पास रेत खनिज के परिवहन संबंधी कोई वैध दस्तावेज या टी.पी. (परिवहन पर्ची) नहीं मिली। प्रथम दृष्टया अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त पाए जाने पर पुलिस ने कुल ₹14,12,000 की अनुमानित कीमत के तीनों ट्रैक्टर और रेत खनिज को जब्त कर लिया। आरोपियों के खिलाफ प्रचलित खनिज अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक, अनूपपुर के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनूपपुर और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), अनूपपुर के मार्गदर्शन में संपन्न हुई, जिसमें थाना जैतहरी के थाना प्रभारी निरीक्षक अमर वर्मा, उपनिरीक्षक जे.पी.एच. तिर्की, सहायक उपनिरीक्षक विनोद विश्वकर्मा, मणिराज सिंह, सुरेश कुमार कोरी एवं प्रधान आरक्षक दिनेश पाटील की सराहनीय भूमिका रही।1
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- डिंडोरी जिले में वनवासी कल्याण सेवा वनवासी विकास परिषद द्वारा माँ नर्मदा बालक छात्रावास, इमली कुटी में छात्रावास अधीक्षकों एवं सहायक अधीक्षकों के लिए एक पाँच दिवसीय अभ्यास वर्ग का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय, क्षेत्रीय, क्रांति और संभागीय स्तर के विभिन्न पदाधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिससे प्रतिभागियों को दिशा मिली। इस अभ्यास वर्ग में नगर के प्रतिनिधियों ने भी विशेष भागीदारी निभाई, और सभी उपस्थित अतिथियों ने वृक्षारोपण कर कार्यक्रम की पहचान को और बढ़ाया। समापन समारोह के मुख्य वक्ता छात्रावास प्रमुख श्री मनोज भट्ट रहे, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा जिलाध्यक्ष श्री चमरु सिंह नेताम जी ने मुख्य अतिथि के रूप में गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। वर्ग अधिकारी श्री राजेंद्र महाराज भी इस अवसर पर मौजूद थे। पूरे कार्यक्रम का संचालन वनवासी विकास परिषद के जिला सचिव श्री गुलाब सिंह ठाकुर जी ने किया, और प्रांत तथा जागरण प्रमुख महाकौशल सतीश शर्मा ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम में सहयोग किया। इस पाँच दिवसीय आयोजन को सफल बनाने में कई समाजसेवियों और कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा, जिनमें समाजसेवी पीतम मरावी, महेश धूमकेतु, श्री नारायण रजक, क्षेत्र छात्रावास प्रमुख श्री प्रेम भैसवार, प्रांत सह संगठन डिंडोरी तारा सिंह मार्ग, को प्रात छात्रावास प्रमुख बिछिया, आज बुढ़ापे विभाग संगठन मंत्री मंडल यशवंत सिंह मरावी, जिला संगठन मंत्री डिंडोरी देवेंद्र मरकाम और नरबदिया मरकाम प्रमुख रूप से शामिल थे। सभी कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों से यह अभ्यास वर्ग सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।4
- डिंडौरी जिले के विकासखंड शहपुरा के ग्राम ढ़ोढ़ा में 19 जून 2026 को प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक कार्यशाला सह संगोष्ठी का आयोजन किया गया। विश्व पर्यावरण दिवस और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मध्य जनकल्याणकारी योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में 216 किसानों ने सहभागिता की। कार्यशाला में किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और खेती के गहरे संबंधों के साथ-साथ प्राकृतिक तरीकों से खेती करने की तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी के स्वास्थ्य का संरक्षण होता है, पर्यावरण संतुलन बना रहता है और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिलता है। इस दौरान, उपस्थित कृषकों को प्रगतिशील कृषक श्री बिहारी लाल साहू जी के जैविक केंद्र और बीआरसी यूनिट का भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्होंने जैविक खाद निर्माण की प्रक्रिया और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों का अवलोकन किया। जिला अध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से उनकी आय बढ़ती है और रासायनिक खाद के उपयोग से होने वाले खर्च में कमी आती है। उन्होंने जैविक खेती को महत्वपूर्ण बताते हुए गाय, भैंस और बकरी पालन को एक व्यवसाय के रूप में अपनाने, शुद्ध दूध प्राप्त करने और जैविक खाद से खेतों की उर्वरता बढ़ाकर दूध बिक्री से अतिरिक्त आय अर्जित करने का सुझाव दिया। उपाध्यक्ष श्री ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी ने भी संगोष्ठी चौपाल को संबोधित किया और बताया कि वे स्वयं एक किसान परिवार से हैं तथा नियमित रूप से प्राकृतिक खेती एवं जैविक खाद का उपयोग करते हैं, जिससे उत्पादन में वृद्धि और लागत में कमी आती है, फलस्वरूप लाभ अधिक होता है। उन्होंने सभी किसान भाइयों से प्राकृतिक खेती अपनाकर स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपील की। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों में जिला अध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम, उपाध्यक्ष श्री ज्ञानदीप त्रिपाठी, श्री आशीष वैश्य, श्री राहुल पांडे, श्री घनश्याम कछवाहा, श्री विष्णु प्रसाद साहू और किसान संघ अध्यक्ष श्री बिहारी लाल साहू उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, परियोजना संचालक आत्मा श्री आर.पी.एस. नायक, उपसंचालक कृषि श्री संजय दोषी, उप परियोजना संचालक आत्मा श्रीमती रुचि टेकाम, एसएडीओ शहपुरा श्री गुमान सिंह चौहान, कृषि विज्ञान केंद्र से वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री के.के. देशमुख, श्रीमती गीता सिंह, एटीएम श्री विनय टेकाम (मेहंदवानी) सहित तहसीलदार श्री रामप्रसाद मार्को, मत्स्य विभाग, पशुपालन विभाग एवं जन अभियान परिषद के अधिकारीगण भी मौजूद थे। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना और अधिक से अधिक किसानों को पर्यावरण अनुकूल एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ना था।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को उमरिया जिले के जैव विविधता केंद्र ताला-बांधवगढ़ में सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन और आयुष विभाग के तत्वावधान में होगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों और नागरिकों की सहभागिता रहेगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि वे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के साथ शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सनातन संस्कृति में योग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के काल से ही यह सर्वस्वीकृत और सार्वभौमिक रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों और वैश्विक नेतृत्व को रेखांकित किया, जिनके कारण योग आज विश्वभर में करोड़ों लोगों के स्वस्थ जीवन का आधार बन चुका है। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि योग केवल प्राणायाम और आसनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुशासित, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की सर्वोत्तम पद्धति है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और योग दिवस कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लें।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को उमरिया जिले के जैव विविधता केंद्र ताला-बांधवगढ़ में एक सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग के तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों एवं नागरिकों की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी दी है कि वे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जबलपुर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के साथ सहभागी बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में योग का महत्व भगवान श्रीकृष्ण के काल से ही सर्वस्वीकृत और सार्वभौमिक रहा है। डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों और वैश्विक नेतृत्व को रेखांकित किया, जिनके कारण आज योग विश्वभर में करोड़ों लोगों के स्वस्थ जीवन का आधार बन चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि योग केवल प्राणायाम और आसनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुशासित, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की सर्वोत्तम पद्धति है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और योग दिवस कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लें।1
- विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर उमरिया जिला चिकित्सालय में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ लगभग 530 लोगों की स्क्रीनिंग और जांच की गई। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्ही.एस. चंदेल की अध्यक्षता और सिकल सेल नोडल अधिकारी डॉ. मुकुल तिवारी के निर्देशन में संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान सिकल सेल रोग के प्रति जनजागरूकता फैलाने, स्क्रीनिंग, जांच, उपचार, सिकल सेल कार्ड वितरण और हाइड्रॉक्सी यूरिया दवा वितरण जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित की गईं। इस अवसर पर राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 के तहत आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में एनीमिया और सिकल सेल की स्क्रीनिंग, जांच, उपचार प्रबंधन, काउंसलिंग और रोकथाम संबंधी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्ही.एस. चंदेल ने इस संबंध में बताया कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में सिकल सेल की जांच एवं उपचार की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे समय-समय पर अपनी जांच कराकर इस बीमारी की रोकथाम और उपचार का लाभ उठाएं। इस कार्यक्रम में आरएमओ डॉ. संदीप सिंह, डॉ. मुकुल तिवारी, विशेषज्ञ चिकित्सक, चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ और वरिष्ठ नागरिक सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- अनूपपुर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रीमती अर्चना कुमारी ने जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 के अंतर्गत मनरेगा के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की, जिसमें कार्यों की पूर्णता पर विशेष जोर दिया गया। यह समीक्षा बैठक जिला पंचायत सभागार में आयोजित की गई थी, जिसमें जिला पंचायत के एसीईओ, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री, जनपद पंचायतों के सीईओ तथा जिला एवं जनपद पंचायतों के योजना प्रभारी, एपीओ, एएओ, सहायक यंत्री, उप यंत्री सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, श्रीमती अर्चना कुमारी ने अधिकारियों को मनरेगा कार्यों की पूर्णता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने गौशालाओं के निकट चारागाह के विकास, जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 से संबंधित कार्यों, सेमी स्किल्ड के बिल वाउचर जमा करने, प्लानर सिपरी युक्त धारा की जानकारी तथा जनपद-वार कार्यों की रैंकिंग का परीक्षण कर आवश्यक निर्देश प्रदान किए। सीईओ ने यह भी निर्देशित किया कि वर्ष 2025-26 में समाप्त होने वाले कार्यों की पूर्णता प्रक्रिया जल्द से जल्द की जाए और जो हितग्राही मूलक कार्य संभव नहीं हो सकते, उन्हें बंद करने संबंधी कार्रवाई की जाए। जल संरक्षण और संवर्धन के लिए जिले में बनाए जा रहे खेत तालाबों के कार्यों की समीक्षा करते हुए, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को उनकी पूर्णता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास प्लस और जनमन आवास के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जनपद जैतहरी की ग्राम पंचायत केल्हौरी में हितग्राहियों द्वारा स्वीकृत आवासों का निर्माण अपूर्ण होने पर सीईओ ने शिविर लगाकर हितग्राहियों को प्रेरित करने और उनकी समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में ज्यादा अपूर्णता की स्थिति है, वहां हितग्राहियों से घर-घर संपर्क कर उन्हें आवास निर्माण के लिए प्रेरित किया जाए तथा अगर कहीं कोई समस्या है तो उसके निराकरण के प्रयास किए जाएं। लंबित संबल पंजीयन की समीक्षा कर जनपद सीईओ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में छठवें वित्त आयोग तथा पांचवें व पंद्रहवें वित्त आयोग के कार्यों के संबंध में भी संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। अन्य महत्वपूर्ण निर्देशों में ग्राम पंचायतों की कर वसूली की प्रतिदिन की प्रगति से अवगत कराने, ग्राम पंचायतों के लंबित विद्युत देयकों के भुगतान की रिपोर्टिंग, अनुपयोगी विद्युत कनेक्शनों को विच्छेदित करने, रनिंग विद्युत बिलों का भुगतान संबंधी कार्रवाई तथा जिन स्थानों पर विद्युत कनेक्शन हैं पर मीटर नहीं लगे हैं उन स्थानों पर मीटर लगवाए जाने संबंधी कार्रवाई शामिल थी। सीईओ ने ग्राम पंचायत क्षेत्र में भवन अनुज्ञा प्रदान करने संबंधी दिशा-निर्देशों के पालन और प्रत्येक जनपद पंचायत क्षेत्र के पांच-पांच ग्राम पंचायतों में युवाओं के अध्यापन के लिए युवा रीडिंग हॉल की स्थापना संबंधी कार्य की भी समीक्षा की। अंत में, व्यक्तिगत शौचालय (सोख्ता गड्ढा युक्त) निर्माण कार्य के सत्यापन के संबंध में भी जनपद सीईओ को निर्देश प्रदान किए गए।1