कुकरेल, बनबगौद में फील्ड में उतरकर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने किया डिजिटल क्रॉप सर्वे का निरीक्षण धमतरी। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने विगत दिवस तहसील कुकरेल के ग्राम बनबगौद में फील्ड पर पहुंचकर मोबाइल एप के माध्यम से संचालित डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर खसरा-वार फसल एवं भूमि की जानकारी दर्ज किए जाने की प्रक्रिया को देखा और पोर्टल पर सर्वे के दौरान सामने आ रही व्यावहारिक एवं तकनीकी समस्याओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी और सर्वेयर से सर्वे की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि डीसीएस के लिए चयनित सभी खसरों की शत-प्रतिशत एवं त्रुटिरहित ऑनलाइन गिरदावरी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि खेत में दर्ज की जा रही फसल की वास्तविक स्थिति का मौके पर ही सत्यापन किया जाए तथा फसल एवं भूमि की जानकारी के साथ संबंधित फोटो भी सही ढंग से अपलोड की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वे कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा गलत जानकारी की प्रविष्टि स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने पटवारी की आईडी में अनुमोदन के लिए प्राप्त प्रस्तावों का राजस्व अभिलेखों से अनिवार्य रूप से मिलान करने तथा मौके पर दर्ज फसल, रकबा और फोटो का सत्यापन करने के बाद ही समय-सीमा में अनुमोदन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल सर्वे का उद्देश्य केवल आंकड़े एकत्र करना नहीं, बल्कि खेत स्तर की वास्तविक जानकारी को विश्वसनीय डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में विकसित करना है। इसलिए प्रत्येक प्रविष्टि में तथ्यात्मक शुद्धता और प्रमाणिकता का विशेष ध्यान रखा जाए। तकनीकी दिक्कतों के निराकरण और सुरक्षित सर्वे पर जोर कलेक्टर श्री मिश्रा ने डीसीएस पोर्टल में आ रही तकनीकी समस्याओं की जानकारी लेते हुए इनके निराकरण के लिए शासन स्तर पर आवश्यक पत्राचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए फील्ड में सर्वे कार्य के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने तथा मौसम एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्ययोजना बनाकर सर्वे संपादित करने कहा। साथ ही उन्होंने पिछले वर्ष डिजिटल क्रॉप सर्वे के दौरान सामने आई विसंगतियों का विश्लेषण कर उनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने और उसके अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। 531 ग्रामों में चल रहा डिजिटल सर्वे जिले में किसानों की भूमि एवं फसल संबंधी जानकारी को अद्यतन, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत ऑनलाइन गिरदावरी का कार्य तेजी से जारी है। जिले के कुल 645 ग्रामों में से 531 ग्रामों का चयन डीसीएस के लिए किया गया है। चयनित ग्रामों में 17 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक खसरा-वार फसल एवं भूमि का डिजिटल सर्वे किया जा रहा है। चयनित 531 ग्रामों में कुल 5 लाख 22 हजार 808 खसरे दर्ज हैं। इनमें से अब तक 1 लाख 26 हजार 269 खसरों का सर्वे पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 17 हजार 961 खसरों का पटवारी स्तर पर अनुमोदन किया गया है। शेष खसरों में दर्ज जानकारी का राजस्व अभिलेखों से मिलान एवं आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। फसल, रकबा और सिंचाई की जानकारी होगी डिजिटल डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से प्रत्येक खसरे की वास्तविक स्थिति डिजिटल रूप से दर्ज की जा रही है। इसमें बोई गई फसल, फसल का रकबा, पड़त भूमि, कृषि के लिए अनुपयुक्त भूमि, सिंचाई के साधन तथा भूमिधारक से संबंधित आवश्यक जानकारी शामिल है। इससे खेत स्तर पर उपलब्ध जानकारी का व्यवस्थित एवं अद्यतन डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। डीसीएस से भूमि के वास्तविक उपयोग और कृषि रकबे की स्थिति का अधिक सटीक आकलन करने में मदद मिलेगी। साथ ही सिंचित एवं असिंचित क्षेत्र की वास्तविक स्थिति, फसलवार रकबा तथा भूमि संबंधी जानकारी उपलब्ध होने से प्रशासन को कृषि एवं राजस्व से जुड़ी योजनाओं की बेहतर योजना बनाने में सहायता मिलेगी। कृषि योजना और किसानों से जुड़ी व्यवस्थाओं में मिलेगी मदद डिजिटल रूप से उपलब्ध फसलवार आंकड़े भविष्य में कृषि उत्पादन के अनुमान, फसल योजना, समर्थन मूल्य पर संभावित खरीदी की आवश्यकता तथा किसानों से संबंधित विभिन्न शासकीय व्यवस्थाओं के लिए उपयोगी आधार प्रदान करेंगे। वहीं अद्यतन राजस्व एवं फसल रिकॉर्ड से भूमि उपयोग और फसल संबंधी जानकारी में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा प्रशासनिक निर्णयों के लिए अधिक विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध होंगे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 30 सितंबर 2026 तक चयनित 531 ग्रामों के शेष खसरों का सर्वे एवं अनुमोदन निर्धारित गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि तैयार होने वाला डिजिटल रिकॉर्ड वास्तविक स्थिति का सही और प्रमाणिक प्रतिबिंब हो। इससे जिले में कृषि एवं भूमि संबंधी एक मजबूत डिजिटल आधार तैयार होगा, जो भविष्य की कृषि योजना, राजस्व प्रशासन और किसान हितैषी शासकीय व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कुकरेल, बनबगौद में फील्ड में उतरकर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने किया डिजिटल क्रॉप सर्वे का निरीक्षण धमतरी। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने विगत दिवस तहसील कुकरेल के ग्राम बनबगौद में फील्ड पर पहुंचकर मोबाइल एप के माध्यम से संचालित डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर खसरा-वार फसल एवं भूमि की जानकारी दर्ज किए जाने की प्रक्रिया को देखा और पोर्टल पर सर्वे के दौरान सामने आ रही व्यावहारिक एवं तकनीकी समस्याओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी और सर्वेयर से सर्वे की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि डीसीएस के लिए चयनित सभी खसरों की शत-प्रतिशत एवं त्रुटिरहित ऑनलाइन गिरदावरी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि खेत में दर्ज की जा रही फसल की वास्तविक स्थिति का मौके पर ही सत्यापन किया जाए तथा फसल एवं भूमि की जानकारी के साथ संबंधित फोटो भी सही ढंग से अपलोड की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वे कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा गलत जानकारी की प्रविष्टि स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने पटवारी की आईडी में अनुमोदन के लिए प्राप्त प्रस्तावों का राजस्व अभिलेखों से अनिवार्य रूप से मिलान करने तथा मौके पर दर्ज फसल, रकबा और फोटो का सत्यापन करने के बाद ही समय-सीमा में अनुमोदन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल सर्वे का उद्देश्य केवल आंकड़े एकत्र करना नहीं, बल्कि खेत स्तर की वास्तविक जानकारी को विश्वसनीय डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में विकसित
करना है। इसलिए प्रत्येक प्रविष्टि में तथ्यात्मक शुद्धता और प्रमाणिकता का विशेष ध्यान रखा जाए। तकनीकी दिक्कतों के निराकरण और सुरक्षित सर्वे पर जोर कलेक्टर श्री मिश्रा ने डीसीएस पोर्टल में आ रही तकनीकी समस्याओं की जानकारी लेते हुए इनके निराकरण के लिए शासन स्तर पर आवश्यक पत्राचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए फील्ड में सर्वे कार्य के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने तथा मौसम एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्ययोजना बनाकर सर्वे संपादित करने कहा। साथ ही उन्होंने पिछले वर्ष डिजिटल क्रॉप सर्वे के दौरान सामने आई विसंगतियों का विश्लेषण कर उनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने और उसके अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। 531 ग्रामों में चल रहा डिजिटल सर्वे जिले में किसानों की भूमि एवं फसल संबंधी जानकारी को अद्यतन, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत ऑनलाइन गिरदावरी का कार्य तेजी से जारी है। जिले के कुल 645 ग्रामों में से 531 ग्रामों का चयन डीसीएस के लिए किया गया है। चयनित ग्रामों में 17 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक खसरा-वार फसल एवं भूमि का डिजिटल सर्वे किया जा रहा है। चयनित 531 ग्रामों में कुल 5 लाख 22 हजार 808 खसरे दर्ज हैं। इनमें से अब तक 1 लाख 26 हजार 269 खसरों का सर्वे पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 17 हजार 961 खसरों का पटवारी स्तर पर अनुमोदन किया गया है। शेष खसरों में दर्ज जानकारी का राजस्व अभिलेखों से मिलान एवं आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। फसल, रकबा और सिंचाई की जानकारी होगी डिजिटल डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से
प्रत्येक खसरे की वास्तविक स्थिति डिजिटल रूप से दर्ज की जा रही है। इसमें बोई गई फसल, फसल का रकबा, पड़त भूमि, कृषि के लिए अनुपयुक्त भूमि, सिंचाई के साधन तथा भूमिधारक से संबंधित आवश्यक जानकारी शामिल है। इससे खेत स्तर पर उपलब्ध जानकारी का व्यवस्थित एवं अद्यतन डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। डीसीएस से भूमि के वास्तविक उपयोग और कृषि रकबे की स्थिति का अधिक सटीक आकलन करने में मदद मिलेगी। साथ ही सिंचित एवं असिंचित क्षेत्र की वास्तविक स्थिति, फसलवार रकबा तथा भूमि संबंधी जानकारी उपलब्ध होने से प्रशासन को कृषि एवं राजस्व से जुड़ी योजनाओं की बेहतर योजना बनाने में सहायता मिलेगी। कृषि योजना और किसानों से जुड़ी व्यवस्थाओं में मिलेगी मदद डिजिटल रूप से उपलब्ध फसलवार आंकड़े भविष्य में कृषि उत्पादन के अनुमान, फसल योजना, समर्थन मूल्य पर संभावित खरीदी की आवश्यकता तथा किसानों से संबंधित विभिन्न शासकीय व्यवस्थाओं के लिए उपयोगी आधार प्रदान करेंगे। वहीं अद्यतन राजस्व एवं फसल रिकॉर्ड से भूमि उपयोग और फसल संबंधी जानकारी में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा प्रशासनिक निर्णयों के लिए अधिक विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध होंगे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 30 सितंबर 2026 तक चयनित 531 ग्रामों के शेष खसरों का सर्वे एवं अनुमोदन निर्धारित गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि तैयार होने वाला डिजिटल रिकॉर्ड वास्तविक स्थिति का सही और प्रमाणिक प्रतिबिंब हो। इससे जिले में कृषि एवं भूमि संबंधी एक मजबूत डिजिटल आधार तैयार होगा, जो भविष्य की कृषि योजना, राजस्व प्रशासन और किसान हितैषी शासकीय व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- धमतरी में उर्वरक एवं कीटनाशी विक्रय केन्द्रों में अनियमितता पर सख्त कार्रवाई, नगरी के दो उर्वरक एवं छह कीटनाशी विक्रय केन्द्रों पर 15 दिवस के लिए विक्रय प्रतिबंध धमतरी। जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक एवं कीटनाशी निर्धारित दरों एवं नियमानुसार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा विक्रय केन्द्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विकासखण्ड नगरी के दो उर्वरक एवं छह कीटनाशी विक्रय केन्द्रों के विरुद्ध विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है। बेलरगांव क्षेत्र में 266 रुपये की यूरिया खाद 500 से 800 रुपये में विक्रय किए जाने संबंधी समाचार दैनिक भास्कर में प्रकाशित होने के बाद कृषि विभाग द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की गई। अनुज्ञा अधिकारी सह उप संचालक कृषि, जिला धमतरी द्वारा संबंधित विक्रय केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया तथा प्रकरण की जांच के लिए अनुविभागीय अधिकारी कृषि को जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। निर्देशानुसार जांच अधिकारी द्वारा 27 अगस्त 2026 को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में संबंधित विक्रय केन्द्र मेसर्स के.के. कृषि केन्द्र, घुरावड़ एवं मेसर्स माधुरी बीज भण्डार में विक्रय संबंधी विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने की पुष्टि की गई। अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए दोनों विक्रय केन्द्रों के विरुद्ध उर्वरक (गुण नियंत्रण) आदेश, 1985 के खण्ड 8(4) एवं 35(1)(बी) के तहत आगामी 15 दिवस के लिए उर्वरक विक्रय पर प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है तथा संबंधितों से अनियमितताओं के संबंध में जवाब भी मांगा गया है। इसी प्रकार जिले में कीटनाशी विक्रय केन्द्रों के निरीक्षण के लिए कृषि विभाग की टीमों द्वारा लगातार जांच एवं निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। विकासखण्ड नगरी के छह कीटनाशी विक्रय केन्द्रों में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित फर्मों को नोटिस जारी कर दो दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर मेसर्स महेन्द्र कृषि केन्द्र, नगरी, मेसर्स देवांगन ट्रेडर्स, नगरी, मेसर्स महामाया ट्रेडर्स, नगरी, मेसर्स बालाजी राघव कृषि केन्द्र, सांकरा, मेसर्स एस.एस. कृषि केन्द्र, सांकरा तथा मेसर्स रघुपति कृषि केन्द्र, सांकरा के विरुद्ध कीटनाशी अधिनियम, 1968 के प्रावधानों के तहत आगामी 15 दिवस के लिए कीटनाशी विक्रय पर प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है। कृषि विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिले के सभी उर्वरक एवं कीटनाशी विक्रेताओं की दुकानों का नियमित निरीक्षण उर्वरक एवं कीटनाशी निरीक्षकों द्वारा किया जा रहा है। विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उर्वरक एवं कीटनाशी का ही विक्रय करें तथा किसानों को उत्पाद के सुरक्षित, संतुलित एवं निर्धारित मात्रा में उपयोग की आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं। साथ ही निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलना, बिना बिल विक्रय करना, अवैध भंडारण, कालाबाजारी अथवा अमानक उत्पादों का विक्रय जैसी किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि वे उर्वरक एवं कीटनाशी की खरीदी करते समय पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें, उत्पाद की पैकिंग, बैच नंबर, निर्माण एवं वैधता तिथि तथा निर्धारित मूल्य की जांच करें। किसी विक्रेता द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत लेने, बिना बिल सामग्री देने अथवा अमानक उत्पाद विक्रय किए जाने की स्थिति में तत्काल कृषि विभाग को सूचना दें। कृषि विभाग ने कहा है कि किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि आदानों की उपलब्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। अनियमितता के विरुद्ध जांच एवं कार्रवाई का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस के निलंबन अथवा निरस्तीकरण सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।1
- 😍dekho gajab ka pyar.देखो सुबह का खूबसूरत नजारा 😊बच्चे और बछड़े में प्यार, सुबह का चाय नाश्ता एक साथ। ❣️देखो सुबह का खूबसूरत नजारा 😊बच्चे और बछड़े में प्यार, सुबह का चाय नाश्ता एक साथ। bachche ka gajab pyar1
- घायल व्यक्ति के 35 हजार रुपए और मोबाइल फोन वापस कर पुरूर पुलिस ने दिया मानवता का परिचय पेट्रोलिंग स्टाफ थनेंद्र देवांगन बीती रात्रि मे NH ग्राम चिटौद के पास पेट्रोलिंग पर थे। इसी दौरान अज्ञात वाहन की टक्कर से हितेश कुमार घायल अवस्था मे सड़क पर मिले, ऐसे मे पेट्रोलिंग स्टाफ ने बिना देर किए घायल को तत्काल जिला अस्पताल धमतरी मे पहुंचाया। घायल के पास एक छोटे से बैग की जांच करने पर उसमे करीब 35 हजार रुपए नकद और मोबाइल फोन मिला, जिसे उन्होंने वापस कर मानवता का परिचय देते हुए ईमानदारी की मिसाल पेश की है।1
- (मिड-डे मील) को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है ....... छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिलेके लखोली स्थित पूर्व माध्यमिक शाला में अगस्त 2026 में मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहाँ एक शिक्षिका पर बच्चों के भोजन में कथित तौर पर छिपकली डालने का गंभीर आरोप लगा है।1
- रक्षा बंधन के अवसर पर रायपुर सेंट्रल जेल में अद्भुत नजारा , जेल में बंद भाइयो को राखी बांधने पहुंची.........1
- दिव्यांगजनों के बीच सीआरपीएफ जवानों ने मनाया रक्षाबंधन, बहनों ने बांधा रक्षा सूत्र ग्राम नवागांव बुडेनी स्थित आनंद धाम में संकल्प सेवा संस्थान हो रही है संचालित नवागांव (बुडेनी)। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर सीआरपीएफ के जवानों ने नवागांव स्थित संकल्प सेवा संस्थान में दिव्यांगजनों के बीच पहुंचकर भाई-बहन के स्नेह और अपनत्व का पर्व मनाया। इस अवसर पर संस्थान से जुड़ी बहनों ने सीआरपीएफ जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सुरक्षित सेवा की कामना की। कार्यक्रम में डॉ. विनोद कुमार टंडन, कमांडेंट इन-चार्ज, 211वीं वाहिनी सीआरपीएफ, श्री प्रज्ञेष कुमार अटल, द्वितीय कमान अधिकारी, श्री इकबाल अहमद, डिप्टी कमांडेंट सहित सीआरपीएफ के अन्य अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे। राखी बंधवाने के बाद जवानों ने भी बहनों को उपहार भेंट कर उनके प्रति सम्मान, स्नेह और आत्मीयता व्यक्त की। देश की सुरक्षा में समर्पित जवानों और दिव्यांगजनों के बीच मनाया गया यह रक्षाबंधन समारोह भावुक एवं यादगार रहा। इस अवसर पर जवानों ने कहा कि देश की रक्षा करना उनका कर्तव्य है, लेकिन समाज के विभिन्न वर्गों के साथ जुड़कर उनके सुख-दुख में सहभागी बनना भी सेवा भावना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। संकल्प सेवा संस्थान में आयोजित इस कार्यक्रम ने सेवा, सम्मान, भाईचारे और सामाजिक सरोकार का प्रेरक संदेश दिया। रक्षाबंधन के इस आयोजन ने जवानों और संस्थान से जुड़े लोगों के बीच अपनत्व तथा भाई-बहन के रिश्ते की भावना को और मजबूत किया। समारोह ने यह संदेश भी दिया कि सच्चा रक्षाबंधन केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं, बल्कि एक-दूसरे के सम्मान, सहयोग और सुरक्षा के संकल्प का नाम है।1
- गरियाबन्द : - आज बारुका चिंगरा पगार में घुमने के लिए जाना हुआ, अगर आप भी अगर कही चिंगरा पगार घुमने जाने का प्लान बना रहे हो तो इस बात का ध्यान रखे की, झरने के ऊपर वाले हिस्से में ना जाए क्योंकि ये पहाड़ लगातार पानी के तेज बहाव से फ़िसलन हो गया है और काई जम गया है, इसके ऊपर चलने से आपका जान भी जा सकता है, क्योंकि जब आप ऊपर चलने का कोशिश करेंगे तो फ़िसल कर निचे गिरेन्गे जिससे आपका मौत भीहो सकता है, इसलिए यहाँ घुमने के लिए जाए तो सवधान रहे शतर्क रहे और नियम कानून का पालन करें !1
- कुरूद में महिला से दुष्कर्म का मामला, फरार दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार धमतरी से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक महिला के साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। मामला कुरूद थाना क्षेत्र का है, जहां मेघा पुल के पास स्थित एक नर्सरी में वारदात को अंजाम देने का आरोप दो युवकों पर लगा है। पीड़िता के मुताबिक, नौकरी दिलाने के नाम पर उसे आरोपियों ने अपने साथ लिया और रास्ते में सुनसान जगह देखकर उसके साथ जबरदस्ती की। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए कुरूद थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पहले आरोपी महेंद्र साहू, निवासी बगदई जिला बालोद, को गिरफ्तार किया। वहीं उसका दूसरा साथी अजय वर्मा फरार था, जिसकी पुलिस लगातार तलाश कर रही थी। अब पुलिस ने अजय वर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया है और दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।1