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जंतर-मंतर आंदोलन की गूंज अब गोरखपुर तक पहुंच गई है, जहां भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दबाव तेज हो गया है। कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और सरकार से इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।
Abc Hindustan
जंतर-मंतर आंदोलन की गूंज अब गोरखपुर तक पहुंच गई है, जहां भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दबाव तेज हो गया है। कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और सरकार से इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।
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- छात्रों के भारी हुजूम के आगे हर अन्याय को झुकना पड़ा है और इंकलाब की एक नई सुबह की शुरुआत हुई है। अन्याय के खिलाफ छात्रों के इस प्रदर्शन और एकजुटता ने अपनी ताकत से एक नया सवेरा ला खड़ा किया है।1
- पेपर लीक के गंभीर मुद्दे पर युवाओं द्वारा चलाए जा रहे ऐतिहासिक छात्र आंदोलन को बहुत बड़ी जीत हासिल हुई है। युवाओं के इस व्यापक विरोध और ऐतिहासिक आंदोलन के सामने आते ही शिक्षा मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसे देश में छात्रों और युवाओं के एकजुट संघर्ष की एक ऐतिहासिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।1
- गोरखपुर के बड़हलगंज में स्कूली बच्चों को ई-रिक्शा और ऑटो में क्षमता से अधिक संख्या में बैठाकर ले जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मामले को लेकर अब प्रशासन से जांच और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग उठ रही है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।1
- उत्तर प्रदेश में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर भीम आर्मी ने जोरदार प्रदर्शन किया है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने भी मामले पर अपनी बात रखी है और अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।1
- वीडियो का हवाला देते हुए 50 साल के मदरसा छाप पर सवाल उठाया गया है कि वह नीट का विद्यार्थी है या अराजकतावादी। वीडियो में पुलिस को रोक रहे तमाम आंदोलनजीवियों के खिलाफ पुलिस से केस दर्ज करने और उनसे हुए नुकसान की भरपाई करवाने की मांग की गई है। इसके साथ ही देश को नुकसान पहुंचाने वालों पर नकेल कसने के लिए उनका सरकारी राशन-पानी, सरकारी नौकरी, सरकारी दाखिले और सभी सरकारी योजनाओं का लाभ बंद करने की बात कही गई है। भविष्य में ऐसे लोग देश के संसाधनों का फायदा न उठा सकें, इसके लिए इनके लाइसेंस और पासपोर्ट जब्त करने की मांग की गई है।1
- गोरखपुर में जिला चिकित्सालय और श्री आई केयर (मोगलहा रोड, मोहद्दीपुर) की संयुक्त पहल से जिला कारागार में निरुद्ध 48 बंदियों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य बंदियों के स्वास्थ्य में सुधार लाने के साथ-साथ उनके पुनर्वास और दैनिक जीवन को अधिक सुगम बनाना है। इस अभियान के तहत 30 जून 2026 को वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विनय सिंह के निर्देशन में जिला कारागार परिसर में आधुनिक उपकरणों की सहायता से विशेष नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किया गया था। जांच के दौरान निकट व दूर दृष्टि दोष, धुंधली दृष्टि तथा एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस से पीड़ित बंदियों की पहचान कर उन्हें आई ड्रॉप, लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप और आवश्यक चिकित्सीय परामर्श दिया गया था। जांच के उपरांत चयनित 48 बंदियों को 27 जुलाई 2026 को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में उच्च गुणवत्ता वाले चश्मे सौंपे गए। ये चश्मे मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) गोरखपुर डॉ. राजेश झा तथा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अतुल सिंह के सहयोग से उपलब्ध कराए गए थे। वितरण कार्यक्रम में जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पाण्डेय, जेल अधीक्षक आशीष रंजन और जेलर अरुण कुमार कुशवाहा की उपस्थिति में बंदियों को चश्मे दिए गए, जिस पर बंदियों ने स्वास्थ्य विभाग एवं जेल प्रशासन के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पाण्डेय ने कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर बंदियों के सर्वांगीण विकास और पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। वहीं जेल अधीक्षक आशीष रंजन ने इसे अन्य जनपदों के लिए भी अनुकरणीय पहल बताया। कार्यक्रम का संचालन जेलर अरुण कुमार कुशवाहा ने किया। इस दौरान नरेश कुमार, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. विनय कुमार राय, उप जेलर विजय कुमार, आदित्य कुमार जायसवाल सहित जेल प्रशासन और श्री आई केयर की टीम के सदस्य उपस्थित रहे।1
- दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही जंतर-मंतर से हो रहे विरोध प्रदर्शन का वीडियो भी सामने आया है।1
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खुशी मनाना छात्र नेता सतीश प्रजापति को भारी पड़ गया। इस्तीफे की खुशी में लड्डू बांट रहे छात्र नेता सतीश प्रजापति को पुलिस ने उठा लिया।1