दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा दिखा प्रशासन, डीएम व सीडीओ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्री स्व. प्रीति के घर पहुंचकर दी सांत्वना शाहजहांपुर। आंगनबाड़ी कार्यकत्री स्व. प्रीति के निधन के बाद जिला प्रशासन का मानवीय चेहरा देखने को मिला। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह उनके आवास पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की।इस दौरान दोनों अधिकारियों ने परिजनों के बीच बैठकर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि इस दुख की घड़ी में जिला प्रशासन पूरी तरह परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि शासन स्तर से मिलने वाली हर संभव आर्थिक सहायता और योजनाओं का लाभ परिवार को दिलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवार को मिलने वाली सहायता में किसी भी प्रकार की देरी न हो और सभी आवश्यक औपचारिकताएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी कराई जाएं। मुख्य विकास अधिकारी ने भी अधिकारियों से कहा कि परिवार की हर संभव मदद सुनिश्चित की जाए।अधिकारियों के घर पहुंचकर संवेदना व्यक्त करने से परिवार को काफी संबल मिला और आसपास के लोगों ने भी प्रशासन के इस संवेदनशील कदम की सराहना की।दुख की इस घड़ी में प्रशासनिक अधिकारियों का घर पहुंचना यह दर्शाता है कि प्रशासन केवल कार्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन के सुख-दुख में भी साथ खड़ा है।इस दौरान सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह ने बेहद मानवीय संवेदना के साथ परिजनों को ढांढस बंधाया और उनके दुख को साझा किया। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवीय कर्तव्य भी है कि दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा रहा जाए। सीडीओ ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि उन्हें हर संभव सहायता दिलाई जाएगी और शासन स्तर से मिलने वाली सभी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा।
दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा दिखा प्रशासन, डीएम व सीडीओ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्री स्व. प्रीति के घर पहुंचकर दी सांत्वना शाहजहांपुर। आंगनबाड़ी कार्यकत्री स्व. प्रीति के निधन के बाद जिला प्रशासन का मानवीय चेहरा देखने को मिला। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह उनके आवास पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की।इस दौरान दोनों अधिकारियों ने परिजनों के बीच बैठकर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि इस दुख की घड़ी में जिला प्रशासन पूरी तरह परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि शासन स्तर से मिलने वाली हर संभव आर्थिक सहायता और योजनाओं का लाभ परिवार को दिलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवार को मिलने वाली सहायता में किसी भी प्रकार की देरी न हो और सभी आवश्यक औपचारिकताएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी कराई जाएं। मुख्य विकास अधिकारी ने भी अधिकारियों से कहा कि परिवार की हर संभव मदद सुनिश्चित की जाए।अधिकारियों के घर पहुंचकर संवेदना व्यक्त करने से परिवार को काफी संबल मिला और आसपास के लोगों ने भी प्रशासन के इस संवेदनशील कदम की सराहना की।दुख की इस घड़ी में प्रशासनिक अधिकारियों का घर पहुंचना यह दर्शाता है कि प्रशासन केवल कार्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन के सुख-दुख में भी साथ खड़ा है।इस दौरान सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह ने बेहद मानवीय संवेदना के साथ परिजनों को ढांढस बंधाया और उनके दुख को साझा किया। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवीय कर्तव्य भी है कि दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा रहा जाए। सीडीओ ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि उन्हें हर संभव सहायता दिलाई जाएगी और शासन स्तर से मिलने वाली सभी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा।
- Post by User50284
- शाहजहाँपुर। जनपद में गोवंश के चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने जिले की सीमा से बाहर भूसे के परिवहन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। संकट से बचने की तैयारी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जारी आदेश में कहा गया है कि गोआश्रय स्थलों में संरक्षित पशुओं के लिए भूसा अनिवार्य आहार है। अप्रैल में गेहूँ की कटाई शुरू होने के साथ ही भूसे के अंतर-राज्यीय और अंतर-जनपदीय व्यापार की आशंका बढ़ जाती है। डीएम के अनुसार, यदि भूसा बाहर भेजा गया तो जिले में चारे का भारी संकट खड़ा हो सकता है। अधिकारियों को सख्त निर्देश प्रशासन ने पुलिस, परिवहन विभाग, नगर निगम और सभी तहसीलदारों को आदेश दिया है कि वे सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखें। यदि कोई भी वाहन अवैध रूप से भूसा बाहर ले जाते पकड़ा गया, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन का यह कदम स्थानीय स्तर पर भूसे की कीमतों को नियंत्रित रखने और पशुधन को संरक्षित करने में सहायक सिद्ध होगा।1
- नौ वर्षों में विकास की रफ्तार तेज, गांव-गांव तक पहुंचीं योजनाएं: विधायक हरिप्रकाश वर्मा1
- शाहजहांपुर के नवागत पुलिस कप्तान सौरभ दीक्षित की पहली क्राइम मीटिंग में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर किसी को भावुक कर दिया। थाना रामचन्द्र मिशन के प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र गुप्ता, लंगड़ाते हुए, हेड कांस्टेबल के कंधों का सहारा लेकर मीटिंग हॉल में पहुंचे। दरअसल, धर्मेंद्र गुप्ता का पैर होली के जुलूस के दौरान टूट गया था, लेकिन अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण ने उन्हें मीटिंग में आने से नहीं रोका। आपका अपना शहर aapka apna sehar1
- जनपद शाहजहांपुर पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देश में अनुसार खबरें देखने के लिए चैनल को सब्सक्राइब लाइक करना ना भूले अनुभवी पत्रकारों की आवश्यकता है जॉइनिंग निशुल्क स्क्रीन पर दिए हुए व्हाट्सएप नंबर पर डिटेल्स भेजें समाज सेवा में सहयोग दें1
- शाहजहांपुर, 04 अप्रैल। जनपद में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित एवं अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र ने आज जलालाबाद स्थित भगवान परशुराम मंदिर एवं उससे संबंधित झील के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर एवं झील क्षेत्र में चल रहे निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अभियंताओं एवं संबंधित अधिकारियों क निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के अंदर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि कार्य में किसी प्रकार की कमी न हो और सभी कार्य मानकों के अनुरूप हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यों में तेजी लाने के लिए एक साप्ताहिक कार्य योजना तैयार की जाए तथा आवश्यकतानुसार मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाए, उन्होंने कहा कि यह परियोजना जनपद की पर्यटन संभावनाओं को नई दिशा प्रदान करेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के अवसर भी बढ़ाएगी। उन्होंने परिसर की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था एवं आगंतुकों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने भगवान परशुराम के मंदिर में विधिवत दर्शन एवं पूजा अर्चना की। गौरतलब हो कि यह कार्य भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना आध्यात्मिक परिपथ-1 के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से परशुरामपुरी को एक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।3
- Post by Asha Rani1
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