सिद्धार्थनगर में 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को "स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन के लिए योग" विषय पर एक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में अधिकारियों, जवानों और संदीक्षा सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, योग के महत्व को समझा और इसे नियमित रूप से करने का संकल्प लिया। वाहिनी मुख्यालय और उसकी सभी अधीनस्थ सीमा चौकियों पर योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया गया, जहाँ प्रतिभागियों को योग से होने वाले शारीरिक और मानसिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कमांडेंट उज्जल दत्ता और उप कमांडेंट श्रीमती रीना ने बताया कि भारत की पहल पर, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी, और वर्ष 2015 में इसे पहली बार पूरे विश्व में मनाया गया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का कार्य करता है। उनके अनुसार, नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को स्वस्थ रखने में मदद करता है और कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव बनाता है। विशेष रूप से सशस्त्र बलों के जवानों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता में वृद्धि करता है, मन को एकाग्र रखता है और तनाव को कम करने में सहायक होता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में, वाहिनी ने पूरे सप्ताह योग जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर वाहिनी के अधिकारी, जवान और अन्य कार्मिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन के लिए योग अपनाने का संदेश दिया गया।
सिद्धार्थनगर में 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को "स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन के लिए योग" विषय पर एक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में अधिकारियों, जवानों और संदीक्षा सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, योग के महत्व को समझा और इसे नियमित रूप से करने का संकल्प लिया। वाहिनी मुख्यालय और उसकी सभी अधीनस्थ सीमा चौकियों पर योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया गया, जहाँ प्रतिभागियों को योग से होने वाले शारीरिक और मानसिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कमांडेंट उज्जल दत्ता और उप कमांडेंट श्रीमती रीना ने बताया कि भारत की पहल पर, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी, और वर्ष 2015 में इसे पहली बार पूरे विश्व में मनाया गया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का कार्य करता है। उनके अनुसार, नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को स्वस्थ रखने में मदद करता है और कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव बनाता है। विशेष रूप से सशस्त्र बलों के जवानों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता में वृद्धि करता है, मन को एकाग्र रखता है और तनाव को कम करने में सहायक होता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में, वाहिनी ने पूरे सप्ताह योग जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर वाहिनी के अधिकारी, जवान और अन्य कार्मिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन के लिए योग अपनाने का संदेश दिया गया।
- मुमताज अहमद नदी में मस्ती करते हुए सीधे लाइव आए हैं, जिसे दर्शक इस समय देख सकते हैं। उनसे इस वीडियो को लाइक, कमेंट, शेयर और सब्सक्राइब करने का आग्रह किया जा रहा है।1
- एक व्यक्ति ने बताया कि उनका भाई, जिन्हें वे 'ड्राइवर बाबू' कहकर संबोधित कर रहे हैं, ट्रैक्टर चलाते हुए खूब मस्ती कर रहे हैं। पोस्ट में दर्शकों से इसे लाइक, कमेंट और शेयर करने का आग्रह किया गया है।1
- संत कबीर नगर के मेंहदावल स्थित सांथा ब्लॉक में सफाई कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष समेत विभिन्न पदों के लिए चुनाव रविवार को शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। सुबह से ही ब्लॉक परिसर में गहमागहमी का माहौल रहा, जहाँ ग्राम पंचायतों में तैनात बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों ने उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह चुनाव सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत, सांथा ब्लॉक सभागार में सफाईकर्मी संघ के जिलाध्यक्ष परमहंस गौतम की देखरेख में चुनाव संपन्न हुआ। चुनाव अधिकारियों की मौजूदगी में ब्लॉक अध्यक्ष पद के लिए दो प्रत्याशी मैदान में थे, जबकि ब्लॉक महामंत्री, कोषाध्यक्ष, सम्प्रेक्षक और संगठन मंत्री जैसे अन्य पदों पर निर्विरोध चयन हुआ। मतदान के बाद तय समय पर मतगणना भी हुई, जिसमें अध्यक्ष पद पर राजेश कुमार को 70 मत और दूसरे प्रत्याशी बृजेश कुमार को 51 मत मिले। हालांकि, जानकारी के अनुसार, बृजेश कुमार इस चुनाव में 19 मतों से विजयी घोषित किए गए। कुल 122 मत डाले गए, जिनमें से एक मत अवैध रहा। ब्लॉक महामंत्री पद पर राजेश कुमार, कोषाध्यक्ष पद पर रामजीत गौतम, संगठन मंत्री पद पर रामकिशुन मौर्य और संप्रेक्षक पद पर सुप्रिया का निर्वाचन निर्विरोध हुआ। मतगणना पूरी होने के बाद, जिला पदाधिकारियों ने निर्वाचित प्रतिनिधियों को फूल-माला पहनाकर बधाई दी। ब्लॉक परिसर से बाहर आने पर, समर्थकों ने भी उनका जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर, नवनिर्वाचित ब्लॉक अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को शासन तक पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने मानदेय के समय पर भुगतान, सेवा सुरक्षा, वर्दी, उपकरण और बीमा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया, साथ ही किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न बर्दाश्त न करने की बात कही। इस चुनाव प्रक्रिया के दौरान राजेश कुमार बर्नवाल, देवेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार चौधरी, सवित कुमार, बसंत, सुनील कुमार, अमरचंद, हीरा और राजकुमार सहित कई अन्य सफाईकर्मी उपस्थित रहे।3
- Post by VIJAY BAHADUR कपिलवस्तु न्यूज़1
- महाराजगंज के भिटौली थाना क्षेत्र के भैंसा गांव में रविवार दोपहर एक 17 वर्षीय किशोर का शव घर में फंदे से लटका मिलने से सनसनी फैल गई। परिजनों ने उसे तत्काल जिला चिकित्सालय महाराजगंज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जबकि पूरे गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, भैंसा गांव निवासी रुदल साहनी और उनकी पत्नी सरोज देवी परिवार के एक सदस्य का इलाज कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल गए थे। इसी दौरान उनका छोटा बेटा राजकुमार (17 वर्ष) घर पर अकेला था। बताया जाता है कि दोपहर करीब एक बजे उसने घर के कमरे में छत की कुंडी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों और ग्रामीणों ने उसे नीचे उतारा और जिला अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों के बीच राजकुमार के गांव की ही एक युवती से लंबे समय से प्रेम संबंध की चर्चा है। बताया जा रहा है कि दोनों विवाह करना चाहते थे, लेकिन अलग-अलग जाति के होने के कारण परिजन इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थे, जिससे दोनों परिवारों में पहले भी तनाव की स्थिति बनी थी। यह भी चर्चा है कि घटना वाले दिन सुबह राजकुमार और युवती के बीच मोबाइल फोन पर कई बार बातचीत हुई थी और किसी बात को लेकर उनके बीच कहासुनी भी हुई थी। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इन बातों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है। राजकुमार तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई श्रवण विदेश में काम करते हैं, जबकि दूसरा भाई सुदामा देश के एक शहर में रहकर परिवार की आर्थिक मदद करता है। पिता खेती-बाड़ी के साथ एक छोटी किराना दुकान भी चलाते हैं। युवा बेटे की असमय मौत से माता सरोज देवी और पिता रुदल साहनी का रो-रोकर बुरा हाल है, और ग्रामीण परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं। थानाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार राय ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, और यदि किसी पक्ष की ओर से तहरीर मिलती है तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- संतकबीरनगर के मेंहदावल स्थित पुलिस लाइन परेड ग्राउण्ड में रविवार को 12वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एसपी संदीप कुमार मीना ने पुलिस कर्मियों के साथ योगाभ्यास किया। इस दौरान योग दिवस को एक उत्सव के रूप में मनाया गया। पुलिसकर्मियों को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रखने के उद्देश्य से यह योगाभ्यास कराया गया। योग प्रशिक्षक ने सूक्ष्म व्यायाम, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, पद्मासन, वज्रासन, सिद्धासन, मत्स्यासन, वक्रासन, पवनमुक्तासन, नौकासन, श्वासन, ताड़ासन, शीर्षासन और सूर्य नमस्कार जैसे आसनों का अभ्यास कराया। इस दौरान सभी को आसन, प्राणायाम और मुद्रा से लाभ प्राप्त करने के लिए सुरक्षित और नियमित अभ्यास के लिए प्रोत्साहित किया गया। यह भी बताया गया कि योग न केवल बीमारियों का उपचार करता है, बल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक कमियों को भी दूर किया जा सकता है, जिससे स्वस्थ रहने के लिए इसे जीवन में नियमित रूप से अपनाना महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में, एसपी के निर्देश पर जनपद के समस्त थानों पर भी योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए। योगाभ्यास कार्यक्रम के दौरान एएसपी सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।3
- भरत तिवारी, जिन्हें एक समाज सेवक और गरीबों का मसीहा कहा जाता था, को पुलिस कर्मियों ने एक एनकाउंटर में मार दिया है।1