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हाल ही में एक योगा सत्र के संपन्न होने के उपरांत, स्वस्थ रूप से उम्र बढ़ने के लिए एक महत्वपूर्ण मंत्र बताया गया।

12 hrs ago
user_Jagdish Chandra Sharma
Jagdish Chandra Sharma
Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
12 hrs ago

हाल ही में एक योगा सत्र के संपन्न होने के उपरांत, स्वस्थ रूप से उम्र बढ़ने के लिए एक महत्वपूर्ण मंत्र बताया गया।

  • user_Jagdish Chandra Sharma
    Jagdish Chandra Sharma
    छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान
    nice
    11 hrs ago
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • गुना शहर के कैंट थाना क्षेत्र के किशनगढ़ इलाके में गुरुवार शाम पुरानी रंजिश और जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुए हिंसक संघर्ष का एक दर्दनाक अंजाम सामने आया है, जहाँ मारपीट के दौरान घायल हुई एक पाँच माह की गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे जुड़वां बच्चों की मौत हो गई। महिला का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। इस खूनी झड़प में महिलाओं सहित सात से अधिक लोग घायल हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुवार शाम करीब पाँच बजे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, पहले कहासुनी हुई और फिर विवाद हिंसक रूप ले बैठा, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर घर में घुसकर हमला करने और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। एक पक्ष के सोनू लोधा ने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के लोगों द्वारा लंबे समय से विवाद किया जा रहा था और बातचीत करने जाने पर उन पर हमला कर दिया गया, जिसमें उनके परिवार के पाँच सदस्य घायल हुए। वहीं, दूसरे पक्ष के रामस्वरूप लोधा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि सोनू लोधा अपने साथियों के साथ उनके घर पर हमला करने आया था, और इसी दौरान उनके परिवार की पाँच माह की गर्भवती महिला राजकुमारी के साथ मारपीट हुई, जिससे वह जमीन पर गिर गई। सूचना मिलने पर कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुँची और हालात को नियंत्रित करते हुए सभी घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। अस्पताल में जाँच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे दोनों भ्रूण की मौत हो चुकी थी, जिसके बाद चिकित्सकों को आपातकालीन गर्भपात करना पड़ा। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। कैंट थाना सीएसपी आनंद राय ने बताया कि बीच-बचाव करने आई गर्भवती महिला को धक्का लगने से वह घायल हुई, जिससे उसके दो प्रीमैच्योर बच्चों की मौत हो गई। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में और गंभीर धाराएँ जोड़ी जाएँगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, और मामले की विवेचना जारी है।
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    गुना शहर के कैंट थाना क्षेत्र के किशनगढ़ इलाके में गुरुवार शाम पुरानी रंजिश और जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुए हिंसक संघर्ष का एक दर्दनाक अंजाम सामने आया है, जहाँ मारपीट के दौरान घायल हुई एक पाँच माह की गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे जुड़वां बच्चों की मौत हो गई। महिला का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। इस खूनी झड़प में महिलाओं सहित सात से अधिक लोग घायल हुए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुवार शाम करीब पाँच बजे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, पहले कहासुनी हुई और फिर विवाद हिंसक रूप ले बैठा, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर घर में घुसकर हमला करने और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। एक पक्ष के सोनू लोधा ने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के लोगों द्वारा लंबे समय से विवाद किया जा रहा था और बातचीत करने जाने पर उन पर हमला कर दिया गया, जिसमें उनके परिवार के पाँच सदस्य घायल हुए। वहीं, दूसरे पक्ष के रामस्वरूप लोधा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि सोनू लोधा अपने साथियों के साथ उनके घर पर हमला करने आया था, और इसी दौरान उनके परिवार की पाँच माह की गर्भवती महिला राजकुमारी के साथ मारपीट हुई, जिससे वह जमीन पर गिर गई।

सूचना मिलने पर कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुँची और हालात को नियंत्रित करते हुए सभी घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। अस्पताल में जाँच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे दोनों भ्रूण की मौत हो चुकी थी, जिसके बाद चिकित्सकों को आपातकालीन गर्भपात करना पड़ा। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। कैंट थाना सीएसपी आनंद राय ने बताया कि बीच-बचाव करने आई गर्भवती महिला को धक्का लगने से वह घायल हुई, जिससे उसके दो प्रीमैच्योर बच्चों की मौत हो गई। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में और गंभीर धाराएँ जोड़ी जाएँगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, और मामले की विवेचना जारी है।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • भारतीय किसान संघ, रायपुर नगर की मासिक बैठक नगर अध्यक्ष बंकट सुथार की अध्यक्षता में विश्वकर्मा कृषि फार्म, आजमपुर रोड पर आयोजित की गई। इस बैठक में सैटेलाइट सर्वे में राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार किसानों की सोयाबीन भूमि और नक्शे में पाई गई कई प्रकार की कमियों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई। भारतीय किसान संघ के संभाग सहमंत्री मुकेश मेहर ने बताया कि इन कमियों के कारण किसानों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, जिससे उन्हें बहुत अधिक मात्रा में धनराशि का नुकसान हो रहा है। किसानों की इस परेशानी को देखते हुए प्रशासन से मांग की गई है कि भूमि संबंधी इन सभी समस्याओं का समाधान निःशुल्क किया जाए। तहसील अध्यक्ष रामगोपाल पाटीदार ने इस अवसर पर भारतीय किसान संघ को मजबूत करने के लिए ग्राम समितियों को सक्रिय करने की आवश्यकता पर जोर दिया, उनका मानना है कि सक्रिय ग्राम समितियाँ ही किसानों की हर समस्या का समाधान कर सकती हैं। इस बैठक में रामगोपाल पाटीदार, बंकट सुथार, अंकित सेन, दीपक सुथार, सूर्य प्रकाश मेहर, बिहारी लाल, जानकी लाल सुथार, विजय नामदेव और राधेश्याम कारपेंटर सहित कई प्रमुख सदस्य मौजूद रहे।
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    भारतीय किसान संघ, रायपुर नगर की मासिक बैठक नगर अध्यक्ष बंकट सुथार की अध्यक्षता में विश्वकर्मा कृषि फार्म, आजमपुर रोड पर आयोजित की गई। इस बैठक में सैटेलाइट सर्वे में राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार किसानों की सोयाबीन भूमि और नक्शे में पाई गई कई प्रकार की कमियों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई।

भारतीय किसान संघ के संभाग सहमंत्री मुकेश मेहर ने बताया कि इन कमियों के कारण किसानों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, जिससे उन्हें बहुत अधिक मात्रा में धनराशि का नुकसान हो रहा है। किसानों की इस परेशानी को देखते हुए प्रशासन से मांग की गई है कि भूमि संबंधी इन सभी समस्याओं का समाधान निःशुल्क किया जाए।

तहसील अध्यक्ष रामगोपाल पाटीदार ने इस अवसर पर भारतीय किसान संघ को मजबूत करने के लिए ग्राम समितियों को सक्रिय करने की आवश्यकता पर जोर दिया, उनका मानना है कि सक्रिय ग्राम समितियाँ ही किसानों की हर समस्या का समाधान कर सकती हैं। इस बैठक में रामगोपाल पाटीदार, बंकट सुथार, अंकित सेन, दीपक सुथार, सूर्य प्रकाश मेहर, बिहारी लाल, जानकी लाल सुथार, विजय नामदेव और राधेश्याम कारपेंटर सहित कई प्रमुख सदस्य मौजूद रहे।
    user_Mukesh Mehar
    Mukesh Mehar
    Farmer रायपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार द्वारा 'मुख्यमंत्री वृंदावन गांव' योजना शुरू की जा रही है, जिसके तहत राज्य के 313 विकासखंडों में से प्रत्येक में एक गांव का चयन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य चयनित गांवों में व्यापक विकास और सुविधाएं प्रदान करना है। चयनित गांवों में सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के स्थलों को सुरक्षित रखा जाएगा, जिनके संरक्षण के लिए सरकार फंड उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही, गांवों को स्वच्छ और आदर्श बनाने की दिशा में काम होगा, जिसमें स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की तकनीक सरकार द्वारा दी जाएगी। जल संरक्षण के प्रयासों के तहत ग्राउंड वॉटर मैनेजमेंट पर भी सरकारी स्तर पर कार्य होगा। सरकार प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों का स्वास्थ्य बेहतर हो और किसानों को भी लाभ मिले। आर्थिक अवसरों के लिए गोपालन और डेयरी से संबंधित अपार संभावनाएं पैदा होंगी, जिसमें गौशाला, मुर्रा भैंस डेयरी फार्म जैसी सुविधाएं स्थापित की जा सकेंगी। सरकार स्थानीय कलाकृतियों को बढ़ावा देगी, उनके लिए बाजार उपलब्ध कराएगी, जिससे व्यावसायिक स्तर पर बिक्री और उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा। यदि गांव में टमाटर जैसी फसलें अधिक होती हैं, तो सरकार टमाटर केचप जैसी योजनाओं का समर्थन कर सकती है। वन उपज जैसे महुआ की खरीद और उससे जुड़े उद्योग (महुए से तेल, लड्डू) भी शुरू किए जाएंगे। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और होम स्टे के लिए भी सरकार फंड प्रदान करेगी, जिससे बाहर से आने वाले पर्यटक ग्रामीणों की आमदनी बढ़ा सकेंगे। मोहन यादव सरकार की इस योजना का लक्ष्य ग्रामीण स्तर पर पर्यटन, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और कला संस्कृति को बढ़ावा देना है। ग्रामीणों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपने गांव को 'वृंदावन गांव' बनाने का प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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    मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार द्वारा 'मुख्यमंत्री वृंदावन गांव' योजना शुरू की जा रही है, जिसके तहत राज्य के 313 विकासखंडों में से प्रत्येक में एक गांव का चयन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य चयनित गांवों में व्यापक विकास और सुविधाएं प्रदान करना है।

चयनित गांवों में सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के स्थलों को सुरक्षित रखा जाएगा, जिनके संरक्षण के लिए सरकार फंड उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही, गांवों को स्वच्छ और आदर्श बनाने की दिशा में काम होगा, जिसमें स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की तकनीक सरकार द्वारा दी जाएगी। जल संरक्षण के प्रयासों के तहत ग्राउंड वॉटर मैनेजमेंट पर भी सरकारी स्तर पर कार्य होगा। सरकार प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों का स्वास्थ्य बेहतर हो और किसानों को भी लाभ मिले।

आर्थिक अवसरों के लिए गोपालन और डेयरी से संबंधित अपार संभावनाएं पैदा होंगी, जिसमें गौशाला, मुर्रा भैंस डेयरी फार्म जैसी सुविधाएं स्थापित की जा सकेंगी। सरकार स्थानीय कलाकृतियों को बढ़ावा देगी, उनके लिए बाजार उपलब्ध कराएगी, जिससे व्यावसायिक स्तर पर बिक्री और उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा। यदि गांव में टमाटर जैसी फसलें अधिक होती हैं, तो सरकार टमाटर केचप जैसी योजनाओं का समर्थन कर सकती है। वन उपज जैसे महुआ की खरीद और उससे जुड़े उद्योग (महुए से तेल, लड्डू) भी शुरू किए जाएंगे। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और होम स्टे के लिए भी सरकार फंड प्रदान करेगी, जिससे बाहर से आने वाले पर्यटक ग्रामीणों की आमदनी बढ़ा सकेंगे। मोहन यादव सरकार की इस योजना का लक्ष्य ग्रामीण स्तर पर पर्यटन, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और कला संस्कृति को बढ़ावा देना है। ग्रामीणों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपने गांव को 'वृंदावन गांव' बनाने का प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
    user_BS Mandloi The News Today
    BS Mandloi The News Today
    Court reporter जीरापुर, राजगढ़, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • ‘स्वस्थ बचपन–समृद्ध राष्ट्र’ अभियान के तहत शाहाबाद के सहरिया क्षेत्र में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों का शुभारंभ किया गया, जिसकी जानकारी शनिवार सुबह 11 बजे मिली। जिला कलेक्टर ने इन शिविरों का निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिविरों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, उनके पोषण स्तर की जांच की गई तथा आवश्यक परामर्श और उपचार भी उपलब्ध कराए गए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में कुपोषण व बीमारियों की समय पर पहचान करना और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।
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    ‘स्वस्थ बचपन–समृद्ध राष्ट्र’ अभियान के तहत शाहाबाद के सहरिया क्षेत्र में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों का शुभारंभ किया गया, जिसकी जानकारी शनिवार सुबह 11 बजे मिली। जिला कलेक्टर ने इन शिविरों का निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिविरों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, उनके पोषण स्तर की जांच की गई तथा आवश्यक परामर्श और उपचार भी उपलब्ध कराए गए।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में कुपोषण व बीमारियों की समय पर पहचान करना और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।
    user_हर्षित भार्गव
    हर्षित भार्गव
    पत्रकार शाहबाद, बारां, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • छीपाबड़ौद के स्टेडियम में धनुरासन किया गया।
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    छीपाबड़ौद के स्टेडियम में धनुरासन किया गया।
    user_Jagdish Chandra Sharma
    Jagdish Chandra Sharma
    Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • लोक जीविका न्यूज के विशेष बुलेटिन में देश और मध्य प्रदेश की छह महत्वपूर्ण खबरें प्रस्तुत की गईं। केंद्र सरकार ने टेलीग्राम और सिग्नल जैसे प्लेटफॉर्मों को उनके 'यूजरनेम फीचर' को लेकर नोटिस जारी करते हुए सख्ती बरतने का संकेत दिया है। वहीं, रक्षा मंत्रालय ने सेना की ताकत बढ़ाने वाले बड़े फैसलों की तैयारी के लिए एक अहम बैठक बुलाई है। उधर, उद्योगपति अनंत अंबानी बागेश्वर धाम पहुंचे, जहां उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ मिलकर पूजा-अर्चना और हवन किया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संभावित भारी बारिश के मद्देनजर सात विभागों की एक आपात बैठक बुलाई। भोपाल में लोकायुक्त ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें एक रिटायर्ड अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त, भोपाल शहर में आधे घंटे की बारिश से ही कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिसके बाद मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
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    लोक जीविका न्यूज के विशेष बुलेटिन में देश और मध्य प्रदेश की छह महत्वपूर्ण खबरें प्रस्तुत की गईं। केंद्र सरकार ने टेलीग्राम और सिग्नल जैसे प्लेटफॉर्मों को उनके 'यूजरनेम फीचर' को लेकर नोटिस जारी करते हुए सख्ती बरतने का संकेत दिया है। वहीं, रक्षा मंत्रालय ने सेना की ताकत बढ़ाने वाले बड़े फैसलों की तैयारी के लिए एक अहम बैठक बुलाई है।

उधर, उद्योगपति अनंत अंबानी बागेश्वर धाम पहुंचे, जहां उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ मिलकर पूजा-अर्चना और हवन किया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संभावित भारी बारिश के मद्देनजर सात विभागों की एक आपात बैठक बुलाई।

भोपाल में लोकायुक्त ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें एक रिटायर्ड अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त, भोपाल शहर में आधे घंटे की बारिश से ही कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिसके बाद मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
    user_लोक जीविका न्यूज
    लोक जीविका न्यूज
    Newspaper publisher जीरापुर, राजगढ़, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • कोलकाता में प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय में शुक्रवार को उस समय चरम तनाव की स्थिति बन गई, जब पूर्व तृणमूल पार्षद और बोरो चेयरमैन रेहाना खातून के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ। उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं के एक वर्ग के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दफ्तर के भीतर ही रेहाना खातून की ओर अंडे फेंके जाने की शिकायत की गई, वहीं प्रदर्शनकारियों और अन्य उपस्थित कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी बढ़कर हाथापाई तक पहुँच गई। जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 44 की पूर्व तृणमूल पार्षद रेहाना खातून औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल होने के लिए प्रदेश कांग्रेस दफ्तर पहुंची थीं। उनके शामिल होने की खबर सामने आते ही पार्टी कार्यकर्ताओं के एक धड़े ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने रेहाना खातून के शामिल होने के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि रेहाना खातून विभिन्न मामलों में गिरफ्तारी से बचने के लिए कांग्रेस में शामिल हो रही हैं। उनका दावा था कि ऐसे नेताओं को पार्टी में शामिल करने से कांग्रेस की छवि खराब होगी, और इसी कारण वे उनके शामिल होने का कड़ा विरोध कर रहे थे। हालांकि, रेहाना खातून के खिलाफ लगे आरोपों या प्रदर्शनकारियों के दावों की कोई आधिकारिक या न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है। घटनास्थल पर कुछ समय के लिए धक्का-मुक्की और हाथापाई का माहौल रहा, जिससे पार्टी दफ्तर के अंदर भारी अव्यवस्था फैल गई और कार्यकर्ताओं में तनाव व्याप्त हो गया। बाद में, वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई। इस घटना ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में नए सिरे से चर्चा शुरू कर दी है, जहाँ विपक्षी खेमे के साथ-साथ राजनीतिक विश्लेषक भी इस मामले पर नजर रख रहे हैं। घटना के बाद भी प्रदेश कांग्रेस दफ्तर में तनाव बना रहा और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। राजनीतिक हलकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि रेहाना खातून के शामिल होने से उत्पन्न यह विवाद आगामी दिनों में राज्य कांग्रेस की आंतरिक राजनीति को कैसे प्रभावित करेगा।
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    कोलकाता में प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय में शुक्रवार को उस समय चरम तनाव की स्थिति बन गई, जब पूर्व तृणमूल पार्षद और बोरो चेयरमैन रेहाना खातून के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ। उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं के एक वर्ग के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दफ्तर के भीतर ही रेहाना खातून की ओर अंडे फेंके जाने की शिकायत की गई, वहीं प्रदर्शनकारियों और अन्य उपस्थित कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी बढ़कर हाथापाई तक पहुँच गई।

जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 44 की पूर्व तृणमूल पार्षद रेहाना खातून औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल होने के लिए प्रदेश कांग्रेस दफ्तर पहुंची थीं। उनके शामिल होने की खबर सामने आते ही पार्टी कार्यकर्ताओं के एक धड़े ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने रेहाना खातून के शामिल होने के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि रेहाना खातून विभिन्न मामलों में गिरफ्तारी से बचने के लिए कांग्रेस में शामिल हो रही हैं। उनका दावा था कि ऐसे नेताओं को पार्टी में शामिल करने से कांग्रेस की छवि खराब होगी, और इसी कारण वे उनके शामिल होने का कड़ा विरोध कर रहे थे। हालांकि, रेहाना खातून के खिलाफ लगे आरोपों या प्रदर्शनकारियों के दावों की कोई आधिकारिक या न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है।

घटनास्थल पर कुछ समय के लिए धक्का-मुक्की और हाथापाई का माहौल रहा, जिससे पार्टी दफ्तर के अंदर भारी अव्यवस्था फैल गई और कार्यकर्ताओं में तनाव व्याप्त हो गया। बाद में, वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई। इस घटना ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में नए सिरे से चर्चा शुरू कर दी है, जहाँ विपक्षी खेमे के साथ-साथ राजनीतिक विश्लेषक भी इस मामले पर नजर रख रहे हैं। घटना के बाद भी प्रदेश कांग्रेस दफ्तर में तनाव बना रहा और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। राजनीतिक हलकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि रेहाना खातून के शामिल होने से उत्पन्न यह विवाद आगामी दिनों में राज्य कांग्रेस की आंतरिक राजनीति को कैसे प्रभावित करेगा।
    user_JONOMON KHOBOR
    JONOMON KHOBOR
    Guna, Madhya Pradesh•
    15 hrs ago
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