श्री रक्षाबंधन महामंडल विधान का शुभारंभ 28 अगस्त तक संगीतमय विधान, मुनि संघ के सान्निध्य में होंगे धार्मिक अनुष्ठान श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर में तीन दिवसीय श्री रक्षाबंधन महामंडल विधान का बुधवार को श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ शुभारंभ हुआ। विधान का समापन 28 अगस्त को महाअर्घ्य अर्पित कर तथा सभी एक-दसरे को रक्षा सूत्र बांधकार धर्म एवं साधु संतों की रक्षा का संकल्प लेकर किया जाएगा। तीनों दिन प्रातः 7 बजे से धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ होंगे। आयोजन के दौरान प्रतिदिन शांतिधारा, जिनाभिषेक, नित्य पूजन एवं श्री रक्षाबंधन महामंडल विधान का संगीतमय पूजन किया जाएगा। इसके साथ ही मुनि संघ की मंगल दिव्य देशना का धर्मलाभ भी श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। पूरा आयोजन संगीत एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हो रहा है। मुनिसागर महाराज ने बताया कि निर्ग्रंथ महामुनिराज अकलंकाचार्य आदि 700 मुनिराजों की रक्षा से जुड़े महान पर्व श्री रक्षाबंधन के पुण्य अवसर पर इस विधान का आयोजन किया गया है। आयोजन में परम पूज्य मुनि श्री मुनि सागर जी महाराज, मुनि श्री अभेद सागर जी महाराज, मुनि श्री अगम्य सागर जी महाराज एवं ऐलक श्री मंथन सागर जी महाराज का पावन सान्निध्य श्रद्धालुओं को प्राप्त हो रहा है। आयोजन ब्रह्मचारिणी मंजुला दीदी के निर्देशन में संपन्न होगा। धर्म, धर्मायतन और संतों की रक्षा का पर्व है रक्षाबंधन विधान के शुभारंभ के बाद नगर गौरव अगर्भ सागर महाराज ने रक्षाबंधन पर्व की धार्मिक महत्ता बताते हुए कहा कि यह धर्म, धर्मायतन और संतों की रक्षा का पर्व है। उन्होंने कहा कि संकल्पपूर्वक माता-बहनों सहित सभी को रक्षा सूत्र बांधना चाहिए। उन्होंने रक्षाबंधन से जुड़ी धार्मिक कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि श्रुत सागर महाराज के समय उज्जैन के राजा के चार मंत्रियों से विवाद हुआ था। विवाद में हारने के बाद मंत्रियों ने बदला लेने का प्रयास किया। उनके द्वारा मुनिराज के साथ उपसर्ग किए जाने पर राजा ने उन्हें देश से निष्कासित कर दिया। अगर्भ सागर महाराज ने बताया कि मुनि विष्णुकुमार ने सात सौ मुनिराजों का उपसर्ग दूर किया था। इसके बाद सभी मुनिराजों को आहार में खीर दी गई। उस अवसर पर सभी ने एक-दूसरे को रक्षा सूत्र बांधा। इसी प्रसंग से रक्षाबंधन पर्व की परंपरा प्रारंभ होने की मान्यता है। 28 अगस्त तक होंगे विशेष धार्मिक अनुष्ठान विधान के तीनों दिनों में प्रतिदिन सुबह 7 बजे से शांतिधारा, जिनाभिषेक, नित्य पूजन एवं श्री रक्षाबंधन महामंडल विधान का पूजन होगा। साथ ही मुनि संघ की मंगल दिव्य देशना का आयोजन भी किया जाएगा। 28 अगस्त को विधान की पूर्णाहुति महाअर्घ्य अर्पित कर श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ की जाएगी।
श्री रक्षाबंधन महामंडल विधान का शुभारंभ 28 अगस्त तक संगीतमय विधान, मुनि संघ के सान्निध्य में होंगे धार्मिक अनुष्ठान श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर में तीन दिवसीय श्री रक्षाबंधन महामंडल विधान का बुधवार को श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ शुभारंभ हुआ। विधान का समापन 28 अगस्त को महाअर्घ्य अर्पित कर तथा सभी एक-दसरे को रक्षा सूत्र बांधकार धर्म एवं साधु संतों की रक्षा का संकल्प लेकर किया जाएगा। तीनों दिन प्रातः 7 बजे से धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ होंगे। आयोजन के दौरान प्रतिदिन शांतिधारा, जिनाभिषेक, नित्य पूजन एवं श्री रक्षाबंधन महामंडल विधान का संगीतमय पूजन किया जाएगा। इसके साथ ही मुनि संघ की मंगल दिव्य देशना का धर्मलाभ भी श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। पूरा आयोजन संगीत एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हो रहा है। मुनिसागर महाराज ने बताया कि निर्ग्रंथ महामुनिराज अकलंकाचार्य आदि 700 मुनिराजों की रक्षा से जुड़े महान पर्व श्री रक्षाबंधन के पुण्य अवसर पर इस विधान का आयोजन किया गया है। आयोजन में परम पूज्य मुनि श्री मुनि सागर जी महाराज, मुनि श्री अभेद सागर जी महाराज, मुनि श्री अगम्य सागर जी महाराज एवं ऐलक श्री मंथन सागर जी महाराज का पावन सान्निध्य श्रद्धालुओं को प्राप्त हो रहा है। आयोजन ब्रह्मचारिणी मंजुला दीदी के निर्देशन में संपन्न होगा। धर्म, धर्मायतन और संतों की रक्षा का पर्व है रक्षाबंधन विधान के शुभारंभ के बाद नगर गौरव अगर्भ सागर महाराज ने रक्षाबंधन पर्व की धार्मिक महत्ता बताते हुए कहा कि यह धर्म, धर्मायतन और संतों की रक्षा का पर्व है। उन्होंने कहा कि संकल्पपूर्वक माता-बहनों सहित सभी को रक्षा सूत्र बांधना चाहिए। उन्होंने रक्षाबंधन से जुड़ी धार्मिक कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि श्रुत सागर महाराज के समय उज्जैन के राजा के चार मंत्रियों से विवाद हुआ था। विवाद में हारने के बाद मंत्रियों ने बदला लेने का प्रयास किया। उनके द्वारा मुनिराज के साथ उपसर्ग किए जाने पर राजा ने उन्हें देश से निष्कासित कर दिया। अगर्भ सागर महाराज ने बताया कि मुनि विष्णुकुमार ने सात सौ मुनिराजों का उपसर्ग दूर किया था। इसके बाद सभी मुनिराजों को आहार में खीर दी गई। उस अवसर पर सभी ने एक-दूसरे को रक्षा सूत्र बांधा। इसी प्रसंग से रक्षाबंधन पर्व की परंपरा प्रारंभ होने की मान्यता है। 28 अगस्त तक होंगे विशेष धार्मिक अनुष्ठान विधान के तीनों दिनों में प्रतिदिन सुबह 7 बजे से शांतिधारा, जिनाभिषेक, नित्य पूजन एवं श्री रक्षाबंधन महामंडल विधान का पूजन होगा। साथ ही मुनि संघ की मंगल दिव्य देशना का आयोजन भी किया जाएगा। 28 अगस्त को विधान की पूर्णाहुति महाअर्घ्य अर्पित कर श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ की जाएगी।
- श्रावण के चौथे सोमवार पर निकली बाबा भोलेनाथ की शाही अंतिम पालकी, गाजे-बाजे के साथ नगर भ्रमण पर निकले भगवान भोलेनाथ, 30 से अधिक आकर्षक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रही श्रावण मास के चतुर्थ एवं अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर नगर में भगवान भोलेनाथ की शाही अंतिम पालकी यात्रा निकाली गई। प्राचीन गणेश मंदिर से शाम 6 बजे प्रारंभ हो कर पालकी नगर के प्रमुख मार्गों से गाजे-बाजे और धार्मिक प्रस्तुतियों के साथ निकली। यात्रा में विभिन्न कलाकारों द्वारा करीब 30 आकर्षक प्रस्तुतियां दी गई। जगह-जगह श्रद्धालुओ ने भगवान भोलेनाथ की पालकी का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया और प्रसादी का वितरण भी किया। हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष नारायण भूरु मुकाती ने बुधवारा में भव्य स्वागत किया l पालकी में कड़ाबीन, ऊंटों की सवारी,घोड़ों की सवारी,अज्जू का बैंड, गोरिल्ला-पांडा-मोटू-पतलू, ढोल, चार बड़े भूत, लॉंग मैन, मुबारिक भाई का बैंड, सलीम भाई सितारा जान, आधोरी, बाहुबली शिवाजी, चार बंदर, राधा-कृष्ण की तीन झांकियां, मोर नृत्य, काली माता नृत्य, चार लड़कों की गंगा आरती,महाबली हनुमानजी, तिरुपति जी और साउंड प्रमुख आकर्षण रहें। इसके अलावा राजस्थान की ग्रुप प्रस्तुति, नर्सिंग अवतार, बैंड नंबर, बरगी 10-10 डमरू के साथ झांझ पार्टी, राजू भाई की गाड़ी, दादा गुरु बग्गी, उज्जैन की शाही पालकी तथा आष्टा महाकाल पालकी भी यात्रा में शामिल रही। इन प्रस्तुतियों के साथ कलाकार ने पूरे यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं का मनोरंजन करते हुए धार्मिक माहौल बनाए रखा। प्राचीनतम गणेश मंदिर से प्रारंभ हुई। भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार कर उन्हें साफा बांधा। संध्याकालीन आरती पंडित हेमंत गिरी महाराज एवं गणेश मंदिर प्रमुख पंडित बैरागी ने सकल समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाह आदि की उपस्थिति में धार्मिक विधि-विधान से कराई। इसके बाद पालकी बुधवारा राम मंदिर पर भक्तिभाव के साथ आरती हुई । यहां से भगवान भोलेनाथ की शाही पालकी गल चौराहा, सुभाष चौक, गंज चौराहा होते हुए सिकंदर बाजार पहुंchi इसके बाद बड़ा बाजार स्थित गणेश मंदिर पर पालकी पहुंची l जगह-जगहअंतिम शाही सवारी को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह दिखा। यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर भगवान भोलेनाथ की पालकी का पुष्पवर्षा से स्वागत किया। भक्तों द्वारा प्रसादी का वितरण भी किया गया। गाजे-बाजे, धार्मिक झांकियों, नृत्य प्रस्तुतियों और आकर्षक सवारियों के साथ निकली शाही पालकी ने नगर में श्रावण मास के अंतिम सोमवार को भक्तिमय वातावरण बना दिया l1
- पिपलरावा के समीप ग्राम घीचलाई से बड़ी खबर सामने आ रही हे1
- जलभराव, बंद नालियां, गंदगी और खराब स्ट्रीट लाइटों को लेकर घिचलाय में बदहाल व्यवस्थाओं से ग्रामीण परेशान, स्कूल के पास गंदे पानी का मिनी तालाब बना मुसीबत जलभराव, बंद नालियां, गंदगी और खराब स्ट्रीट लाइटों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश; पंचायत भवन की व्यवस्थाओं पर भी उठे सवाल पीपलरावां। पीपलरावां के समीप ग्राम घिचलाय में बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों की शिकायत पर मौके पर पहुंची टीम ने गांव में जलभराव, गंदगी, बंद नालियों सहित कई समस्याएं देखीं। सबसे गंभीर स्थिति गांव के हाई स्कूल के पास सामने आई, जहां स्कूल से महज करीब दस फीट की दूरी पर गंदे पानी से भरा मिनी तालाब बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार इस स्थान पर गांव का कचरा भी डाला जाता है। गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, वहीं स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल पहुंचने के दौरान कई बार बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। मुख्य मार्ग पर जलभराव, बच्चों की ड्रेस पर पड़ते हैं गंदे पानी के छींटे ग्रामीणों ने बताया कि गांव के मुख्य मार्ग पर भी करीब छह इंच से एक फीट तक पानी जमा रहता है। इस मार्ग से मोटरसाइकिल या अन्य वाहन गुजरने पर गंदे पानी के छींटे आसपास से निकलने वाले लोगों और विशेषकर स्कूली बच्चों की ड्रेस पर पड़ते हैं। इससे बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी होती है। कुछ माह पहले बनी नालियां, अब चेंबर मिट्टी से भरे गांव में बनाई गई अंडरग्राउंड नालियों को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ महीने पहले नालियों का निर्माण किया गया था, लेकिन वर्तमान में कई चेंबर मिट्टी से भर चुके हैं। सफाई नहीं होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जहां प्राकृतिक रूप से पानी का ढाल है, वहां जल निकासी की व्यवस्था करने के बजाय ऊंचाई वाले हिस्से में नालियां बनाई गईं, जिसके कारण पानी की निकासी ठीक ढंग से नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने नालियों की सफाई के साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उसकी उपयोगिता की जांच कराने की मांग की है। राम मंदिर के पास लगी लाइटों को लेकर भी सवाल गांव के राम मंदिर के पास लगाए गए लाइट के खंभों और लाइटों को लेकर भी ग्रामीणों ने शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि लाइट लगाने में बाजार कीमत से अधिक राशि खर्च की गई, जबकि कुछ लाइटें कुछ ही दिनों में बंद हो गईं। ग्रामीणों के मुताबिक तीन लाइटें मौके से गायब भी हैं। हालांकि, लाइटों की लागत, भुगतान और लाइटों के गायब होने संबंधी इन आरोपों की स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। पंचायत भवन के आसपास भी अव्यवस्था ग्राम पंचायत भवन के आसपास और परिसर में बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है। भवन के बाहर गोबर और गंदगी भी दिखाई देती है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन नियमित रूप से नहीं खुलने के कारण उन्हें अपनी समस्याएं जिम्मेदारों तक पहुंचाने में परेशानी होती है। कागजों में व्यवस्था दुरुस्त, जमीन पर तस्वीर कुछ और! ग्रामीणों का कहना है कि कागजों में गांव की व्यवस्थाएं भले ही दुरुस्त दिखाई देती हों, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। स्कूल के पास गंदा पानी, मुख्य मार्ग पर जलभराव, बंद नालियां, गंदगी और स्ट्रीट लाइटों की समस्या जैसी स्थिति ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। प्रशासन से तत्काल निरीक्षण और कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि ग्राम घिचलाय का मौके पर निरीक्षण कराकर जलभराव और गंदगी की समस्या का तत्काल निराकरण कराया जाए। स्कूल के पास जमा गंदे पानी की निकासी, नालियों की सफाई, पंचायत भवन की नियमित व्यवस्था तथा स्ट्रीट लाइटों से संबंधित शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि ग्रामीणों की शिकायतों पर जिम्मेदार विभाग कब तक संज्ञान लेते हैं और कागजों से निकलकर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं में सुधार कब दिखाई देता है। D ALL INDIA NEWS, देवास दीपक झाला की रिपोर्ट4
- कन्नौद: ईद-ए-मिलादुन्नबी पर निकला जुलूस; लोगों ने दिया अमन, मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम! कन्नौद: ईद-ए-मिलादुन्नबी पर निकला जुलूस; लोगों ने दिया अमन, मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम!1
- F.L.N. गतिविधि के अंतर्गत बच्चों को गणित सीखने का प्रयास मिशन अंकुर गतिविधि के अंतर्गत बच्चों को गणित गतिविधि करवाते हुए बच्चों के द्वारा रोचकता पूर्वक भाग लिया है ।1
- देवास RTO का बड़ा एक्शन, पीयूसी वैन ज़ब्त, बस मालिक से 1.13 लाख टैक्स वसूला ।।1
- 12 फीट लंबा एवं 22 किलो ग्राम वजनी भारतीय अजगर इंडियन राक पाइथन पाया गया अजगर के खेत में होने से आसपास के ग्रामीण एवं कृषको में भय की स्थिति उत्पन्न हो गई ग्राम बुरुट में एक किसान के खेत से वन अमले ने 12 फीट लंबे अजगर का रेस्क्यू कर खिवनी अभ्यारण में छोड़ा कन्नौद! वन परिक्षेत्र कन्नौद अंतर्गत आने वाले ग्राम बुरुट में एक किसान के खेत मे मंगलवार को अजगर दिखाई दिया, जिसकी सूचना वन विभाग को दी गई इसके बाद कन्नौद के वन अमले द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया गया मौके पर लगभग 12 फीट लंबा एवं 22 किलो ग्राम वजनी भारतीय अजगर इंडियन राक पाइथन पाया गया अजगर के खेत में होने से आसपास के ग्रामीण एवं कृषको में भय की स्थिति उत्पन्न हो गई वन परिक्षेत्र अधिकारी सृजन जाधव ने जानकारी देते हुए बताया कि वन विभाग की रेस्क्यू टीम द्वारा आवश्यक सुरक्षा सावधानी एंव निर्धारित रेस्क्यू प्रकिया का पालन करते हुए अजगर को सुरक्षित रूप से पकड़ा गया इसके बाद उसको प्राकृतिक आवासीय परिस्थितियों के अनुरूप खिवनी अभ्यारण के वन क्षेत्र में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया रेस्क्यू में वन परिक्षेत्र अधिकारी सृर्जन जाधव के मार्गदर्शन में कन्नौद के स्टाफ राधेश्याम नरगावे,कमल राणा, अनुराधा चौहान एवं सुरेंद्र घावरी का विशेष योगदान रहा3
- ननासा के निवासी दिनेश के साथ 232000 की ठगी अज्ञात लोगों ने की, शिकायत के बाद कन्नौद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है ननासा के युवक से साइबर ठागो ने 232000 ठगे पुलिस ने किया मामला दर्ज जांच जारी कन्नौद/ कन्नौद थाना क्षेत्र में साइबर ठगो द्वारा 232000 की ठगी कर ली गई, कन्नौद पुलिस ने जानकारी देते हुऐ बताया कि ग्राम ननासा के निवासी दिनेश के साथ 232000 की ठगी अज्ञात लोगों ने की, शिकायत के बाद कन्नौद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है1