सहारनपुर शहर में बुधवार रात उस समय अफरातफरी मच गई, जब पुलिस ने एसबीआई कॉलोनी के एक कमरे का दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया। कमरे के अंदर लैब टेक्नीशियन सैम कमनिश (40) का शव खिड़की के सहारे फंदे से लटका मिला, जिनकी हाथ की नस भी कटी हुई थी। वहीं, फर्श पर शिक्षिका आस्था (23) का शव पड़ा था, उनके मुंह से झाग निकल रहा था। शुरुआती जांच के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि आस्था ने जहरीला पदार्थ खाया था, जबकि सैम ने पहले अपने हाथ की नस काटी और फिर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार, परिवार की असहमति, सामाजिक परिस्थितियों और व्यक्तिगत फैसलों के बीच लगभग चार साल पुराने उनके प्रेम-प्रसंग का दुखद अंत हो गया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। करीब चार साल पहले आस्था की मां गंभीर रूप से बीमार हुई थीं और उन्हें मेडीग्राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस दौरान आस्था कई दिनों तक अस्पताल में अपनी मां की देखभाल कर रही थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत केरल निवासी सैम कमनिश से हुई थी। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि क्या दोनों ने कोई सुसाइड नोट छोड़ा था और घटना से पहले उनके बीच क्या बातचीत हुई थी।
सहारनपुर शहर में बुधवार रात उस समय अफरातफरी मच गई, जब पुलिस ने एसबीआई कॉलोनी के एक कमरे का दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया। कमरे के अंदर लैब टेक्नीशियन सैम कमनिश (40) का शव खिड़की के सहारे फंदे से लटका मिला, जिनकी हाथ की नस भी कटी हुई थी। वहीं, फर्श पर शिक्षिका आस्था (23) का शव पड़ा था, उनके मुंह से झाग निकल रहा था। शुरुआती जांच के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि आस्था ने जहरीला पदार्थ खाया था, जबकि सैम ने पहले अपने हाथ की नस काटी और फिर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार, परिवार की असहमति, सामाजिक परिस्थितियों और व्यक्तिगत फैसलों के बीच लगभग चार साल पुराने उनके प्रेम-प्रसंग का दुखद अंत हो गया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। करीब चार साल पहले आस्था की मां गंभीर रूप से बीमार हुई थीं और उन्हें मेडीग्राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस दौरान आस्था कई दिनों तक अस्पताल में अपनी मां की देखभाल कर रही थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत केरल निवासी सैम कमनिश से हुई थी। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि क्या दोनों ने कोई सुसाइड नोट छोड़ा था और घटना से पहले उनके बीच क्या बातचीत हुई थी।
- उत्तराखंड के चंपावत जिले में भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया था। हालांकि, यह आदेश देर से जारी हुआ, जिसके कारण कई बच्चे भारी बारिश के बीच ही स्कूल पहुँच गए, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।1
- टनकपुर अग्निशमन केंद्र द्वारा 2 जुलाई, गुरुवार को मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए विभिन्न विभागों के साथ एक संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को जांचना और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। इस दौरान बाढ़, भू-कटाव, भूस्खलन, सर्पदंश, सड़क अवरोध और रेस्क्यू जैसे विभिन्न आपदा परिदृश्यों का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया। पहले परिदृश्य में, शारदा नदी में तेज भू-कटाव के कारण नदी किनारे स्थित 10 से 15 मकानों में दरारें आने और जनहानि की आशंका का काल्पनिक दृश्य बनाया गया। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ, राजस्व, चिकित्सा और वन विभाग की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंचीं। रेस्क्यू टीम ने नदी क्षेत्र में फंसे बच्चों को सुरक्षित निकालकर एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। इसी दौरान, शारदा घाट पर एक अस्थायी प्रसादी की दुकान संचालिका को सर्पदंश होने का भी परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें त्वरित रेस्क्यू कर घायल महिला को अस्पताल भेजा गया। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित राहत शिविर में स्थानांतरित किया गया। इस मॉक ड्रिल के दौरान कुल 12 घायलों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया, जिनमें से 4 को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया। साथ ही, एक घायल श्वान का उपचार कर पशु संरक्षण का संदेश भी दिया गया। दूसरे परिदृश्य में, बाटना गाड़ क्षेत्र में भूस्खलन और बोल्डर गिरने से माँ पूर्णागिरि धाम जा रहे श्रद्धालु फंस गए। संयुक्त रेस्क्यू टीम ने रस्सियों की सहायता से श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला और मार्ग पर गिरे पेड़ को काटकर यातायात को सुचारू किया। चम्पावत पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे मानसून के दौरान नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस हेल्पलाइन 112 या स्थानीय प्रशासन को सूचित करने को कहा गया है।3
- Post by Sayyadali1
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने संघ की शाखा को 'जीवन बदल देने वाला व्यायाम' बताया है।1
- चमोली जिले के थराली में एक गर्भवती महिला की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी गुस्सा फूट पड़ा है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले में दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि महिला को समय पर उचित उपचार और आवश्यक व्यवस्थाएं मिलतीं तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। इस पूरे मामले की जांच की मांग के साथ क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।1
- नैनीताल में आपदा प्रबंधन तैयारियों का आकलन करने के लिए एक बड़ी मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास के दौरान, सुरक्षा एजेंसियों ने एक साथ पाँच महत्वपूर्ण (क्रिटिकल) बिंदुओं को सक्रिय किया, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने की उनकी क्षमता का परीक्षण किया जा सके।1
- उत्तराखंड में मॉर्निंग वॉक के लिए निकले एक व्यापारी का शव नाले में मिला है। इस घटना को लेकर हत्या की आशंका व्यक्त की जा रही है।1