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सांगोद के डाबरीकलां गांव की सड़कें भीषण भ्रष्टाचार का शिकार होकर पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं, जिनमें बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। यह स्थिति तब है जब इस सड़क का निर्माण तीन-तीन बार किया जा चुका है, लेकिन हर बार कुछ ही दिनों में यह दोबारा खराब हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की इस दुर्दशा और लगातार हो रहे भ्रष्टाचार से परेशान नौजवानों ने ग्राम पंचायत प्रशासन के भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए एक बड़ा ही क्रिएटिव कदम उठाया है। उन्होंने बेहद दिलचस्प अंदाज़ में प्रशासन की पोल खोल दी है, जो यह दर्शाता है कि हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में भी कितना टैलेंट मौजूद है।
Ahmed Siraj Farooqi
सांगोद के डाबरीकलां गांव की सड़कें भीषण भ्रष्टाचार का शिकार होकर पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं, जिनमें बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। यह स्थिति तब है जब इस सड़क का निर्माण तीन-तीन बार किया जा चुका है, लेकिन हर बार कुछ ही दिनों में यह दोबारा खराब हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की इस दुर्दशा और लगातार हो रहे भ्रष्टाचार से परेशान नौजवानों ने ग्राम पंचायत प्रशासन के भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए एक बड़ा ही क्रिएटिव कदम उठाया है। उन्होंने बेहद दिलचस्प अंदाज़ में प्रशासन की पोल खोल दी है, जो यह दर्शाता है कि हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में भी कितना टैलेंट मौजूद है।
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- कोटा में शुक्रवार, 3 जुलाई को जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय योजनाओं और कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की, जिसमें संयुक्त निदेशक सविता कृष्णिया ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, उनकी प्रगति और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में कलक्टर ने पालनहार योजना, अनुप्रति योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजातियों के कल्याणार्थ संचालित योजनाओं, विभागीय छात्रावासों की व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों के प्रवेश तथा नवजीवन सहित अन्य योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। जिला कलक्टर ने घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजातियों के कल्याण पर विशेष जोर देते हुए निर्देशित किया कि समुदाय के प्रतिनिधियों से नियमित समन्वय स्थापित कर पात्र परिवारों के आवश्यक दस्तावेज शीघ्र पूरे करवाए जाएं, ताकि उन्हें आवास सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने पात्र व्यक्तियों को नियमानुसार जाति प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता से पूरा करने को कहा। दिव्यांगजनों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, कलक्टर ने कार्यालय परिसर में दिव्यांग पेंशन से संबंधित कार्यों के लिए एक अलग हेल्प डेस्क स्थापित करने और उसके लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। साथ ही, कार्यालय के बाहर सरल, स्पष्ट और दिव्यांगजनों के लिए सहज भाषा में सूचना बोर्ड लगाने को भी कहा ताकि आवेदकों को आवश्यक जानकारी और सहायता आसानी से मिल सके। उन्होंने विभाग के अधीन संचालित सभी छात्रावासों में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि ई-मित्र केंद्रों से अधिकाधिक पात्र विद्यार्थी आवेदन कर इस सुविधा का लाभ उठाएं। निरीक्षण के दौरान, जिला कलक्टर ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए विभिन्न विभागों और उपखण्ड स्तर पर समन्वय स्थापित करने, योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी, संवेदनशील एवं जवाबदेह प्रशासन के माध्यम से पहुंचाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कार्यालय में आने वाले आमजन के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने, समयबद्ध सेवा उपलब्ध कराने तथा रिकॉर्ड एवं कार्यालय व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।3
- कर्ण भेदन को परम्परागत रूप से एक समारोह के रूप में मनाया जाता है, और वैश्य समाज में यह एक विशेष उत्सव की तरह होता है। कोटा से परमानन्द गोयल ने इस विषय पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया है कि यह 'पिरोजन समारोह' वास्तव में वही परम्परा है जिसे शास्त्रों में 'कर्ण भेदन' के नाम से जाना जाता है।1
- गामच्छ गांव में विकास के दावों की हकीकत मुक्तिधाम तक जाने वाले मार्ग पर साफ दिखाई देती है, जहाँ ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खंड मुख्यालय केशवरायपाटन से सटे इस गांव में मुक्तिधाम तक पहुँचने का रास्ता कीचड़ और दलदल से भरा रहता है। हैरानी की बात यह है कि यहाँ बारिश होने के बावजूद मार्ग कीचड़ से सना रहता है, और ग्रामीण बिना बारिश के भी कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे शवयात्रा निकालना भी मुश्किल हो जाता है। यह बदहाल स्थिति वर्षों से नहीं सुधरी है, और प्रशासन की लगातार अनदेखी के कारण ग्रामीणों में भारी नाराजगी बढ़ती जा रही है।2
- Post by Bhutilalbheel07@gmail.com1
- राजस्थान के बूंदी जिले में दबलाना थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक शातिर वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन के तहत पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की गई 15 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह सार्वजनिक स्थानों और सुनसान इलाकों में खड़ी मोटरसाइकिलों को अपना निशाना बनाता था। बरामद किए गए वाहन बूंदी, दबलाना, हिंडोली, कोतवाली, सदर और नैनवा सहित टोंक और जयपुर के कई थाना क्षेत्रों से चुराए गए थे। पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ के दौरान कई अन्य वाहन चोरी और नकबजनी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। संगठित अपराध के तहत इन आरोपियों के खिलाफ बीएसए धारा 112 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।1
- कोटा विकास प्राधिकरण ने शुक्रवार को आयोजित अपने शहरी सेवा शिविर-2026 के दौरान कुल 64 प्रकरणों का निस्तारण किया, जिससे प्राधिकरण को 73.61 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस शिविर में 26 पट्टे जारी किए गए और 17 लीज मुक्ति प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, भवन मानचित्र से संबंधित मामलों और भूखण्डों के पुनर्गठन संबंधी समस्याओं का भी समाधान किया गया। नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, शिविर के माध्यम से शहर में सीसी सड़क, नाला-नाली और सीवर लाइन की मरम्मत के कार्य भी कराए गए। नए सीवर कनेक्शन देने के साथ-साथ चौराहों और डिवाइडरों में सुधार कार्य भी किए गए, जिनका उद्देश्य शहरी क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को बढ़ाना था।1
- जीतो लेडीज विंग द्वारा कोटा में आयोजित दो दिवसीय 'उड़ान एक्ज़िबिशन' के पहले दिन देशभर से आईं महिला उद्यमियों के उत्पादों ने लोगों को खूब आकर्षित किया। इस प्रदर्शनी में हैंडलूम, डिजाइनर साड़ियाँ, ज्वेलरी, हस्तशिल्प, ऑर्गेनिक उत्पाद, फुटवियर और पारंपरिक खाद्य सामग्री जैसे विविध उत्पाद उपलब्ध थे। विशेष रूप से गर्मी-वर्षा ऋतु के अर्बन वेस्टर्न परिधानों और डिजाइनर साड़ियों की खरीदारी के लिए महिलाओं की काफी भीड़ देखी गई, जो उनकी पहली पसंद भी बने। अध्यक्ष मंजू लुंकड़ ने बताया कि लगभग 150 महिला उद्यमियों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। 'उड़ान' की संयोजक उषा बाफना और रितु जैन अजमेरा के अनुसार, इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम में रेखा जैन, मीना जैन, मंजू जैन, नीरा जैन, वीना जैन, उषा बागरेचा, चित्रा बागरेचा सहित कई महिला पदाधिकारी और उद्यमी उपस्थित रहीं। प्रदर्शनी से होने वाली आय का उपयोग स्वरोजगार कर रही महिलाओं को सिलाई मशीन, पापड़ निर्माण मशीन समेत अन्य आजीविका संसाधन उपलब्ध कराने में किया जाएगा। यह प्रदर्शनी शनिवार को भी सुबह 10 बजे से आमजन के लिए खुली रहेगी।4
- शामगढ़ स्टेशन के पास अतिक्रमण हटाने को लेकर हुए विवाद के बाद एक युवक रेलवे के बिजली टावर पर चढ़ गया और वहां से कूदने की धमकी देने लगा। सूचना मिलते ही पुलिस, आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) और जीआरपी (राजकीय रेल पुलिस) तुरंत मौके पर पहुँची। लगभग ढाई घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज घटनाक्रम के बाद, अधिकारियों ने युवक को उसकी शिकायतों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा जा सका। युवक ने आरोप लगाया कि उसके घर के बाहर बने चबूतरे और नाली को तोड़ दिया गया था, और उसकी बार-बार की शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे वह आक्रोशित होकर यह कदम उठाने पर मजबूर हुआ।1