ऊंचाहार, रायबरेली के रोहनिया क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. सत्य प्रकाश यादव ने शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया और योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि योग भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने में सहायक है, जिससे व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ और मानसिक रूप से सशक्त बनता है। योग सत्र के दौरान, बच्चों और शिक्षकों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को प्रतिदिन योग करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि योग स्वस्थ जीवन की आधारशिला है और कई बीमारियों से बचाव में मदद करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के व्यस्त जीवन में योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों ने भी योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया, जबकि बच्चों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में भाग लिया और इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प किया। कार्यक्रम का समापन स्वस्थ एवं निरोगी जीवन की कामना के साथ हुआ।
ऊंचाहार, रायबरेली के रोहनिया क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. सत्य प्रकाश यादव ने शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया और योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि योग भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने में सहायक है, जिससे व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ और मानसिक रूप से सशक्त बनता है। योग सत्र के दौरान, बच्चों और शिक्षकों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को प्रतिदिन योग करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि योग स्वस्थ जीवन की आधारशिला है और कई बीमारियों से बचाव में मदद करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के व्यस्त जीवन में योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों ने भी योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया, जबकि बच्चों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में भाग लिया और इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प किया। कार्यक्रम का समापन स्वस्थ एवं निरोगी जीवन की कामना के साथ हुआ।
- कौशाम्बी जिले के देवीगंज बाईपास के समीप लगा लाखों रुपये की लागत का एक बोर्ड पहली बारिश होते ही धराशायी हो गया। यह घटना बाईपास क्षेत्र में हुई।1
- झारखंड के धनबाद स्थित खेरकाबाद में दिनदहाड़े एक सनसनीखेज हत्या की वारदात सामने आई है। बाइक सवार अज्ञात अपराधियों ने 45 वर्षीय आटा मिल कर्मी उमेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। घटना के बाद, पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और हत्या के पीछे लूटपाट तथा पुरानी रंजिश दोनों ही संभावित पहलुओं पर गौर कर रही है।1
- एम.वी.आर. डिग्री कॉलेज में विश्व योग दिवस के उपलक्ष्य में योगाभ्यास का आयोजन किया गया।1
- उत्तर प्रदेश में सिंचाई विभाग द्वारा एक 'बड़ा नोटिस' जारी किए जाने के बाद से राज्य में हड़कंप मच गया है। इस नोटिस के चलते यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या 'योगी के घर' पर बुलडोजर चलाया जाएगा। इस घटनाक्रम को लेकर पूरे यूपी में गहमागहमी का माहौल है।1
- कौशाम्बी जिले के जवई पड़री में डॉ. पल्लवी पटेल का शानदार और भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर उनके समर्थन में गाजे-बाजे और भजन-कीर्तन के साथ जोरदार नारे भी गूंजे, जो उत्तर प्रदेश की राजनीति और कौशाम्बी में उनके प्रभाव को दर्शाते हैं।1
- कौशाम्बी जिले की सिराथू विधानसभा के कड़ा कुबरी घाट पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में आए लोगों को योग के गुण सिखाए गए और उन्हें प्रतिदिन योग करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग इसे अपने जीवन का हिस्सा बना सकें। इस महत्वपूर्ण आयोजन में गंगा गोमती इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष विनय पांडेय, आशीष विश्वकर्मा, डांस भीमराव अंबेडकर इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रिंसिपल अमन यादव और संजय पंडा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।1
- रायबरेली के ऊंचाहार स्थित गोकर्ण तीर्थ गोकना घाट पर विश्व योग दिवस के अवसर पर एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। दक्षिण वाहिनी मां गंगा, महर्षि गोकर्ण और राजा भागीरथ की ऐतिहासिक तपोस्थली पर, जिला गंगा समिति एवं मां गंगा गोकर्ण जन कल्याण सेवा समिति के तत्वावधान में इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ। संस्था के सचिव और वरिष्ठ पुरोहित पंडित जितेंद्र द्विवेदी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस दौरान भारी संख्या में स्थानीय लोगों और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मां गंगा की रेती पर योग प्राणायाम कर संपूर्ण विश्व के कल्याण और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। शिविर में उपस्थित जनसमुदाय को योग के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए मुख्य अतिथि पंडित जितेंद्र द्विवेदी ने कहा कि योग केवल शारीरिक कसरत नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की कला है। उन्होंने विशेष रूप से यह सुझाव भी दिया कि जो लोग शारीरिक रूप से अक्षम हैं या जिनका शरीर शिथिल हो चुका है, वे केवल ताली बजाकर और खुलकर हंसकर भी खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। उन्होंने हर व्यक्ति को निरोग रहने के लिए दैनिक जीवन में योग को अवश्य अपनाने पर जोर दिया। इस वर्ष का योग दिवस गोकना घाट पर दोहरे लाभ के साथ आया, जहाँ योग सत्र के समापन के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपस्थित नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया और महत्वपूर्ण विधिक (कानूनी) सुझाव भी प्रदान किए गए। इस पावन अवसर पर राम वंश तिवारी, लवलेश सिंह, नान बुदि सिंह, राजन मिश्रा, राम निहोर गुप्ता, सुंदरलाल बाजपेई, दिनेश शर्मा, अर्पित कुमार, गजानन शास्त्री, सुभाष कुमार, सुखेंद्र कुमार, अमित माली और उमेश शुक्ला सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और योग साधक उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से मां गंगा की आरती कर इस संकल्प को दोहराया।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कौशांबी में एक भव्य योग शिविर का सफल आयोजन किया गया।1
- फतेहपुर जनपद के थाना हथगांव क्षेत्र स्थित पट्टी शाह गांव में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इस गांव की संवेदनशीलता का मुख्य कारण वर्ष 2008 में मोहर्रम जुलूस के दौरान हुई फायरिंग की घटना है, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी और जिसके दोषियों को बाद में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार चतुर्वेदी लगातार गांव का दौरा कर लोगों से मोहर्रम आपसी सौहार्द और शांति के साथ मनाने की अपील कर रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को उन्होंने भारी पुलिस बल के साथ पट्टी शाह गांव में फ्लैग मार्च भी किया, जिससे पूरे गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी दिखी। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने का आह्वान करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को भी निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की अशांति फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए। अरुण कुमार चतुर्वेदी ने दृढ़ता से कहा कि मोहर्रम के दौरान माहौल बिगाड़ने या अशांति फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ ऐसी कानूनी कार्रवाई होगी, जिसे वे जीवन भर याद रखेंगे।1