महराजगंज (जौनपुर) के गांधीनगर मीरापुर शिरोमणि गांव में आस्था, अनुशासन और शिवभक्ति का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिलता है। गांव के पूर्व प्रधान और वर्तमान बीडीसी सदस्य रामजतन यादव पिछले 43 वर्षों से लगातार मलमास के दौरान एक माह की कठोर शिव साधना करते आ रहे हैं, और इस वर्ष यह उनकी 44वीं तपस्या पूरी करेगी। उनके पुत्र हरिकिशन ने बताया कि पिताजी ने 15 वर्ष की आयु में भगवान भोलेनाथ की आराधना का संकल्प लिया था। तभी से वे प्रत्येक मलमास में पूरे एक माह यानी तीस दिनों तक मौन व्रत रखकर शिव साधना करते हैं। इस साधना अवधि में वे घर की एक सुनसान कोठरी में एकांतवास करते हैं, अपना अधिकांश समय जप, तप, ध्यान और भगवान शिव के पूजन-अर्चन में बिताते हैं। विशेष बात यह है कि इस दौरान वे अन्न का पूर्ण त्याग कर केवल फल, दूध और अन्य पेय पदार्थों का अल्पाहार ग्रहण करते हैं। उनका मौन व्रत इतना कठोर होता है कि किसी भी परिस्थिति में उनकी जुबान नहीं खुलती और परिवार के सदस्य भी उनसे केवल आवश्यक संवाद पत्र के माध्यम से ही कर पाते हैं। बचपन से ही धोती, कुर्ता और जैकेट जैसी पारंपरिक हिंदू वेशभूषा में रहने वाले रामजतन यादव का भगवान भोलेनाथ पर अटूट विश्वास है। उनका मानना है कि शिव आराधना से उन्हें मानसिक शांति, आत्मबल और समाजसेवा की प्रेरणा मिलती है। गांव के लोगों के अनुसार, रामजतन यादव लगातार पांच पंचवर्षीय कार्यकाल तक ग्राम प्रधान रह चुके हैं और वर्तमान में क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। सामाजिक और राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहने के बावजूद उन्होंने कभी भी मलमास की साधना में व्यवधान नहीं आने दिया। ग्रामीणों का मानना है कि आधुनिक दौर में 44 वर्षों तक लगातार एक माह का मौन व्रत, अन्न त्याग और एकांत साधना अपने आप में एक दुर्लभ उदाहरण है। रामजतन यादव की यह शिवभक्ति क्षेत्र में श्रद्धा और प्रेरणा का विषय बनी हुई है, और वे मौजूदा समय में भी एकांतवास में मौनव्रत शिव साधना में लीन हैं।
महराजगंज (जौनपुर) के गांधीनगर मीरापुर शिरोमणि गांव में आस्था, अनुशासन और शिवभक्ति का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिलता है। गांव के पूर्व प्रधान और वर्तमान बीडीसी सदस्य रामजतन यादव पिछले 43 वर्षों से लगातार मलमास के दौरान एक माह की कठोर शिव साधना करते आ रहे हैं, और इस वर्ष यह उनकी 44वीं तपस्या पूरी करेगी। उनके पुत्र हरिकिशन ने बताया कि पिताजी ने 15 वर्ष की आयु में भगवान भोलेनाथ की आराधना का संकल्प लिया था। तभी से वे प्रत्येक मलमास में पूरे एक माह यानी तीस दिनों तक मौन व्रत रखकर शिव साधना करते हैं। इस साधना अवधि में वे घर की एक सुनसान कोठरी में एकांतवास करते हैं, अपना अधिकांश समय जप, तप, ध्यान और भगवान शिव के पूजन-अर्चन में बिताते हैं। विशेष बात यह है कि इस दौरान वे अन्न का पूर्ण त्याग कर केवल फल, दूध और अन्य पेय पदार्थों का अल्पाहार ग्रहण करते हैं। उनका मौन व्रत इतना कठोर होता है कि किसी भी परिस्थिति में उनकी जुबान नहीं खुलती और परिवार के सदस्य भी उनसे केवल आवश्यक संवाद पत्र के माध्यम से ही कर पाते हैं। बचपन से ही धोती, कुर्ता और जैकेट जैसी पारंपरिक हिंदू वेशभूषा में रहने वाले रामजतन यादव का भगवान भोलेनाथ पर अटूट विश्वास है। उनका मानना है कि शिव आराधना से उन्हें मानसिक शांति, आत्मबल और समाजसेवा की प्रेरणा मिलती है। गांव के लोगों के अनुसार, रामजतन यादव लगातार पांच पंचवर्षीय कार्यकाल तक ग्राम प्रधान रह चुके हैं और वर्तमान में क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। सामाजिक और राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहने के बावजूद उन्होंने कभी भी मलमास की साधना में व्यवधान नहीं आने दिया। ग्रामीणों का मानना है कि आधुनिक दौर में 44 वर्षों तक लगातार एक माह का मौन व्रत, अन्न त्याग और एकांत साधना अपने आप में एक दुर्लभ उदाहरण है। रामजतन यादव की यह शिवभक्ति क्षेत्र में श्रद्धा और प्रेरणा का विषय बनी हुई है, और वे मौजूदा समय में भी एकांतवास में मौनव्रत शिव साधना में लीन हैं।
- सांसद रवि किशन ने हाल ही में जारी बजट को पूरे उत्तर प्रदेश के कल्याण का बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट विशेष रूप से महिलाओं, बेटियों, युवाओं, चिकित्सा सुरक्षा और शिक्षा सहित सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। रवि किशन ने जोर देकर कहा कि यह बजट समूचे उत्तर प्रदेश के चहुंमुखी विकास और कल्याण को सुनिश्चित करेगा।1
- सार्वजनिक तौर पर लोगों से एक व्यक्ति के बारे में सूचना देने का निवेदन किया गया है। आग्रह है कि यदि यह व्यक्ति कहीं पर भी दिखाई दे तो इसकी जानकारी अवश्य दें।1
- प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के सैफाबाद बाजार में स्थित एक क्लीनिक में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई, जिसके उपरांत उन्हें रेफर कर दिया गया। इस दुःखद घटना के बाद, माँ और बच्चे दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस पूरे मामले में परिजनों ने क्या कुछ कहा है, इसकी विस्तृत खबर सी न्यूज भारत चैनल पर पत्रकार रोहित जायसवाल द्वारा देखी जा सकती है।1
- जौनपुर जिले के मछलीशहर स्थित ग्राम सभा मथुरा में न्याय की देवी माता अहिल्या बाई होलकर प्रवेश द्वार का निर्माण माननीय विधायक श्री पंकज पटेल द्वारा कराया गया है। इस उपलब्धि के लिए समस्त मथुरा वासियों के साथ-साथ विशेष रूप से पाल, धनगर, बघेल और गड़ेरिया समाज को ढेर सारी बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं।1
- थाना पट्टी क्षेत्र में सामने आए एक जमीन विवाद के प्रकरण में स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर क्षेत्राधिकारी पट्टी श्री मनोज कुमार सिंह रघुवंशी ने अपनी बाइट में जानकारी दी।1
- जौनपुर में पुलिस ने एक कार्रवाई की है, जहाँ डुगडुगी बजवाकर सार्वजनिक रूप से घोषणा की गई। इस घोषणा के बाद एक नोटिस भी चस्पा किया गया। हालांकि, मूल जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पुलिस ने यह कार्रवाई किस व्यक्ति के घर पर की है, क्योंकि यह एक अनुत्तरित प्रश्न के रूप में प्रस्तुत किया गया है।1