मौज के बदले मौत! जिम्मेदार आंधी नहीं, अंधा-बहरा सिस्टम है: बरगी डैम हादसे की चीखें जबलपुर/भोपाल | विशेष संवाददाता जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम हुआ क्रूज हादसा सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि सिस्टम की आपराधिक लापरवाही का जीता-जागता सबूत है। जब बचाव दल ने पानी की गहराइयों से एक मां और उसके मासूम बेटे के शव को बाहर निकाला, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। मां ने मरते दम तक अपने कलेजे के टुकड़े को सीने से सटाए रखा था, लेकिन सिस्टम की 'बहरात' ने उनकी जिंदगी छीन ली। चेतावनी को किया अनसुना, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाईं इस हादसे ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग ने पहले ही तेज आंधी और बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद क्रूज को गहरे पानी में ले जाने की अनुमति दी गई। NGT और सुप्रीम कोर्ट की अनदेखी: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पहले ही इस क्षेत्र में मशीनी नावों के संचालन पर पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण रोक लगाने का निर्देश दिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां कोर्ट ने सुरक्षा और पर्यावरण को सर्वोपरि रखने की बात कही थी। लेकिन पर्यटन के नाम पर हो रही इस 'मौज' ने नियमों को ताक पर रख दिया। लाइफ जैकेट का दिखावा: प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों का आरोप है कि नाव पर पर्याप्त लाइफ जैकेट नहीं थे। जो थे, वे भी हादसे के वक्त सही से काम नहीं आए। मां-बेटे की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें लाइफ जैकेट तो दिख रही है, लेकिन वह उस मासूम की जान बचाने के लिए नाकाफी साबित हुई। चश्मदीदों की रूह कंपा देने वाली दास्तां हादसे में जीवित बचे लोगों का कहना है कि जब आंधी शुरू हुई, तो उन्होंने चालक से नाव वापस किनारे पर ले जाने की मिन्नतें की थीं। किनारे पर खड़े लोग भी चिल्ला-चिल्ला कर आगाह कर रहे थे, लेकिन चालक ने उन चेतावनियों को अनसुना कर दिया। देखते ही देखते क्रूज पलट गया और देखते ही देखते हंसते-खेलते परिवार पानी में समा गए। अब तक का अपडेट: कुल मौतें: अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन: NDRF, SDRF और सेना की टीमें अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। मुआवजा: राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। संपादकीय टिप्पणी: क्या चंद रुपयों के राजस्व के लिए इंसानी जानों से खेलना जायज है? अगर प्रशासन ने मौसम की चेतावनी और अदालती आदेशों को गंभीरता से लिया होता, तो आज उस मां की गोद सूनी न होती और न ही जबलपुर का ये पानी अपनों के खून से लाल होता। अब जांच की बात हो रही है, लेकिन सवाल वही है—क्या खोई हुई जानें वापस आएंगी? मध्य भारत न्यूज़ - निष्पक्ष, निर्भीक, आपके साथ।
मौज के बदले मौत! जिम्मेदार आंधी नहीं, अंधा-बहरा सिस्टम है: बरगी डैम हादसे की चीखें जबलपुर/भोपाल | विशेष संवाददाता जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम हुआ क्रूज हादसा सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि सिस्टम की आपराधिक लापरवाही का जीता-जागता सबूत है। जब बचाव दल ने पानी की गहराइयों से एक मां और उसके मासूम बेटे के शव को बाहर निकाला, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। मां ने मरते दम तक अपने कलेजे के टुकड़े को सीने से सटाए रखा था, लेकिन सिस्टम की 'बहरात' ने उनकी जिंदगी छीन ली। चेतावनी को किया अनसुना, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाईं इस हादसे ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग ने पहले ही तेज आंधी और बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद क्रूज को गहरे पानी में ले जाने की अनुमति दी गई। NGT और सुप्रीम कोर्ट की अनदेखी: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पहले ही इस क्षेत्र में मशीनी नावों के संचालन पर पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण रोक लगाने का निर्देश दिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां कोर्ट ने सुरक्षा और पर्यावरण को सर्वोपरि रखने की बात कही थी। लेकिन पर्यटन के नाम पर हो रही इस 'मौज' ने नियमों को ताक पर रख दिया। लाइफ जैकेट का दिखावा: प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों का आरोप है कि नाव पर पर्याप्त लाइफ जैकेट नहीं थे। जो थे, वे भी हादसे के वक्त सही से काम नहीं आए। मां-बेटे की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें लाइफ जैकेट तो दिख रही है, लेकिन वह उस मासूम की जान बचाने के लिए नाकाफी साबित हुई। चश्मदीदों की रूह कंपा देने वाली दास्तां हादसे में जीवित बचे लोगों का कहना है कि जब आंधी शुरू हुई, तो उन्होंने चालक से नाव वापस किनारे पर ले जाने की मिन्नतें की थीं। किनारे पर खड़े लोग भी चिल्ला-चिल्ला कर आगाह कर रहे थे, लेकिन चालक ने उन चेतावनियों को अनसुना कर दिया। देखते ही देखते क्रूज पलट गया और देखते ही देखते हंसते-खेलते परिवार पानी में समा गए। अब तक का अपडेट: कुल मौतें: अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन: NDRF, SDRF और सेना की टीमें अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। मुआवजा: राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। संपादकीय टिप्पणी: क्या चंद रुपयों के राजस्व के लिए इंसानी जानों से खेलना जायज है? अगर प्रशासन ने मौसम की चेतावनी और अदालती आदेशों को गंभीरता से लिया होता, तो आज उस मां की गोद सूनी न होती और न ही जबलपुर का ये पानी अपनों के खून से लाल होता। अब जांच की बात हो रही है, लेकिन सवाल वही है—क्या खोई हुई जानें वापस आएंगी? मध्य भारत न्यूज़ - निष्पक्ष, निर्भीक, आपके साथ।
- Post by Sharda Shrivastava1
- मैहर में पेट्रोल-डीजल संकट पर बवाल, नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी का अल्टीमेटम—व्यवस्था सुधरो, वरना आंदोलन तय मैहर। मैहर में पेट्रोलियम आपूर्ति को लेकर हालात अब विस्फोटक होते जा रहे हैं। नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने पेट्रोल-डीजल की लगातार हो रही कमी पर तीखा हमला बोलते हुए इसे प्रशासनिक नाकामी करार दिया है। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर हालात बदतर बने हुए हैं—कहीं लंबी-लंबी कतारें, तो कहीं नो स्टॉक के बोर्ड लगे नजर आ रहे हैं। आम जनता, व्यापारी और रोजमर्रा के वाहन चालक इस संकट से जूझ रहे हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रभात द्विवेदी ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह केवल सप्लाई की समस्या नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की लापरवाही और समन्वय की कमी का परिणाम है। उन्होंने संबंधित विभाग और तेल कंपनियों को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि तत्काल आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त की जाए, अन्यथा सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी अव्यवस्था दोबारा न हो। शहर में इस मुद्दे को लेकर लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो मैहर में बड़ा जनआंदोलन खड़ा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।1
- *गोवराव कला में व्याप्त जल संकट को लेकर जिला पंचायत सदस्य ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू जिला प्रशासन पर साधा निशाना।* नागौद विधान सभा क्षेत्र का गोवराव कला एकलौता ऐसा गाव है,जहा की जनता आज के इस आधुनिक युग मे भी भीषण जल संकट से जूझने को मजबूर है।जिस मुद्दे को जिला पंचायत सदस्य व शभा पति ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू के द्वारा उठाया गया।लेकिन समस्या जस की तश बनी हुई है।जिस बात से नाराज जिला पंचायत सदस्य ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने समान्यय शभा की बैठक में जिला प्रशासन पर जम कर साधा निशाना।1
- *आज दि. 01.05.2026 के "संध्या कालीन आरती" पूजन दर्शन "श्रीलक्ष्मीजगदीशजी" भगवान मंदिर श्री गोनेर धाम जयपुर राजस्थान 🙏*1
- रीवा स्कूल शिक्षा विभाग में हुए एक घोटाले पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए अनुकम्पा नियुक्ति दे दी गई.1
- रीवा स्तिथ शिल्पी प्लाजा से अभिषेक शर्मा पुत्र भोला प्रसाद शर्मा कपूरहाई मुकुंदपुर की अपाचे bike जिसका नंबर MP17 MD 9812 लॉक तोड़कर हुआ फरार जो भी इस व्यक्ति को पहचानते हो प्लीज इस नंबर पर सूचित करें पता बताने वाले को उचित नाम दिया जाएगा मोबाइल नम्बर 93402971581
- Post by Sharda Shrivastava1
- Post by BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्1
- माँ शारदा शक्तिपीठ मैहर आज दिनांक 01,,005,,2026,, दिन शुक्रवार के प्रातःकालीन दर्शन आरती दिव्य श्रंगार जय माई की2