मध्यप्रदेश में आश्रम की आड़ में संगठित अपराध का आरोप, आनंदपुर धाम पर गंभीर खुलास मध्यप्रदेश में धार्मिक आस्था की आड़ में बड़े अपराधों के आरोप सामने आए हैं। अशोकनगर जिले के ईसागढ़ क्षेत्र स्थित आनंदपुर धाम को लेकर दलित-आदिवासी समाज के शोषण, महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न, जमीन कब्जा, गोवंश तस्करी और मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला अब केवल धार्मिक आस्था तक सीमित न रहकर संगठित अपराध का रूप लेता दिखाई दे रहा है। प्रेस को जारी बयान में आरोप लगाया गया है कि आश्रम में रहने वाले दलित एवं आदिवासी समुदाय के युवक-युवतियों और महिलाओं के साथ लंबे समय से यौन शोषण किया गया। पीड़ितों के अनुसार, विरोध करने पर उन्हें आश्रम से निकालने, परिवार को नुकसान पहुंचाने और जान से मारने तक की धमकियां दी गईं। महिलाओं के शोषण के गंभीर आरोप आरोप है कि आश्रम की सेविकाओं से यह कहकर शोषण कराया गया कि “लड़कियां सौंपो” और यह भी कहा जाता था कि “महात्माओं का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” पीड़ित महिलाओं का दावा है कि शिकायत के बावजूद उन्हें डराया-धमकाया गया, जिससे वे चुप रहने को मजबूर हुईं। जमीन कब्जा और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण स्थानीय लोगों का कहना है कि आनंदपुर धाम से जुड़े लोगों द्वारा दलित-आदिवासी परिवारों की जमीनों पर अवैध कब्जा किया गया। आरोप है कि जमीन हड़पने के लिए डर, धमकी और धार्मिक प्रभाव का दुरुपयोग किया गया। कुछ मामलों में हत्या और जमीन हड़पने के आरोप भी सामने आए हैं। गोवंश तस्करी और आपराधिक नेटवर्क ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर अवैध गोवंश तस्करी और हत्या की शिकायत 17 फरवरी 2025 को पुलिस महानिदेशक, भोपाल को की गई थी। पुलिस सत्यापन में यह भी सामने आया कि आश्रम में उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित अन्य राज्यों से आए आपराधिक प्रवृत्ति के लोग रह रहे थे, जिनका उपयोग पीड़ितों को डराने और शिकायत दबाने के लिए किया गया। प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल ईसागढ़ थाना, कलेक्टर अशोकनगर और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायतें व साक्ष्य देने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई न होने पर सवाल उठाए गए हैं। इसे प्रशासनिक संरक्षण या राजनीतिक दबाव से जोड़कर देखा जा रहा है। IAS अधिकारियों से सार्वजनिक सवाल प्रेस नोट में IAS अधिकारियों से पूछा गया है कि क्या उनका या उनके करीबी लोगों का आश्रम से कोई संबंध है, और यदि नहीं तो इतने गंभीर आरोपों के बावजूद निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच क्यों नहीं कराई गई। कांग्रेस की मांग प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने मांग की है कि— पूरे मामले की जांच स्थानीय पुलिस के बजाय सीबीआई से कराई जाए दलित-आदिवासी पीड़ितों को सुरक्षा दी जाए शिकायतों पर कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि दोषियों को बचाया गया, तो यह संदेश जाएगा कि मध्यप्रदेश में कानून कमजोर वर्गों के लिए नहीं है। यह मामला दलित-आदिवासी समाज की जमीन, महिलाओं की गरिमा और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है।
मध्यप्रदेश में आश्रम की आड़ में संगठित अपराध का आरोप, आनंदपुर धाम पर गंभीर खुलास मध्यप्रदेश में धार्मिक आस्था की आड़ में बड़े अपराधों के आरोप सामने आए हैं। अशोकनगर जिले के ईसागढ़ क्षेत्र स्थित आनंदपुर धाम को लेकर दलित-आदिवासी समाज के शोषण, महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न, जमीन कब्जा, गोवंश तस्करी और मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला अब केवल धार्मिक आस्था तक सीमित न रहकर संगठित अपराध का रूप लेता दिखाई दे रहा है। प्रेस को जारी बयान में आरोप लगाया गया है कि आश्रम में रहने वाले दलित एवं आदिवासी समुदाय के युवक-युवतियों और महिलाओं के साथ लंबे समय से यौन शोषण किया गया। पीड़ितों के अनुसार, विरोध करने पर उन्हें आश्रम से निकालने, परिवार को नुकसान पहुंचाने और जान से मारने तक की धमकियां दी गईं। महिलाओं के शोषण के गंभीर आरोप आरोप है कि आश्रम की सेविकाओं से यह कहकर शोषण कराया गया कि “लड़कियां सौंपो” और यह भी कहा जाता था कि “महात्माओं का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” पीड़ित महिलाओं का दावा है कि शिकायत के बावजूद उन्हें डराया-धमकाया गया, जिससे वे चुप रहने को मजबूर हुईं। जमीन कब्जा और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण स्थानीय लोगों का कहना है कि आनंदपुर धाम से जुड़े लोगों द्वारा दलित-आदिवासी परिवारों की जमीनों पर अवैध कब्जा किया गया। आरोप है कि जमीन हड़पने के लिए डर, धमकी और धार्मिक प्रभाव का दुरुपयोग किया गया। कुछ मामलों में हत्या और जमीन हड़पने के आरोप भी सामने आए हैं। गोवंश तस्करी और आपराधिक नेटवर्क ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर अवैध गोवंश तस्करी और हत्या की शिकायत 17 फरवरी 2025 को पुलिस महानिदेशक, भोपाल को की गई थी। पुलिस सत्यापन में यह भी सामने आया कि आश्रम में उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित अन्य राज्यों से आए आपराधिक प्रवृत्ति के लोग रह रहे थे, जिनका उपयोग पीड़ितों को डराने और शिकायत दबाने के लिए किया गया। प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल ईसागढ़ थाना, कलेक्टर अशोकनगर और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायतें व साक्ष्य देने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई न होने पर सवाल उठाए गए हैं। इसे प्रशासनिक संरक्षण या राजनीतिक दबाव से जोड़कर देखा जा रहा है। IAS अधिकारियों से सार्वजनिक सवाल प्रेस नोट में IAS अधिकारियों से पूछा गया है कि क्या उनका या उनके करीबी लोगों का आश्रम से कोई संबंध है, और यदि नहीं तो इतने गंभीर आरोपों के बावजूद निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच क्यों नहीं कराई गई। कांग्रेस की मांग प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने मांग की है कि— पूरे मामले की जांच स्थानीय पुलिस के बजाय सीबीआई से कराई जाए दलित-आदिवासी पीड़ितों को सुरक्षा दी जाए शिकायतों पर कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि दोषियों को बचाया गया, तो यह संदेश जाएगा कि मध्यप्रदेश में कानून कमजोर वर्गों के लिए नहीं है। यह मामला दलित-आदिवासी समाज की जमीन, महिलाओं की गरिमा और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है।
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- #ब्रेकिंग न्यूज़ | पिछोर पिछोर थाना क्षेत्र के कुटावली गांव में बीते 10 दिनों से लापता युवक का शव गांव के ही एक कुएं से बरामद किया गया है। शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक के परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या की आशंका जताते हुए पिछोर थाने के सामने चक्का जाम कर दिया। चक्का जाम करीब 2 घंटे तक जारी रहा, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाइश दी। काफी मशक्कत के बाद चक्का जाम समाप्त कराया गया। परिजनों का आरोप है कि जमीनी विवाद के चलते युवक की हत्या की गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में थाना प्रभारी टीआई नीतू सिंह ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- वन परिक्षेत्र करेरा अंतर्गत आयोजित किया गया अनुभूति कार्यक्रम ***रिपोर्टर हेमंत भार्गव की यह खास रिपोर्ट ** आज दिनांक को वन परिक्षेत्र करेगा कि सब रेंज खोड़ अ अंतर्गत ग्राम वीर के नजदीक बीट क्षेत्र वीरा मे धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थल कुंडलपुर पर स्कूली विद्यार्थियों के लिए अनुभूति कार्यक्रम आयोजित किया गया,ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड एवं वन विभाग के द्वारा अनुभूति कार्यक्रम बच्चों को पर्यावरण एवं प्रकृति के प्रति सह शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम है जिसमें बच्चों को भविष्य के नागरिक के तौर पर पर्यावरण एवं प्रकृति के संरक्षण के लिए एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है इस बार अनुभूति कार्यक्रम की थीम "हम हैं धरती के दूत " रखी गई जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रो प्लेनेट पीपल के तौर पर तैयार करना है ताकि लोग पर्यावरण और प्रकृति के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी को समझते हुए जिम्मेदारी का निर्वहन करें, आज के कार्यक्रम में मॉडल हाई स्कूल करेरा एवं शासकीय हाई स्कूल मुंगावली करेरा के लगभग 120 विद्यार्थी उपस्थित रहे परिक्षेत्र अधिकारी लक्ष्मण सिंह मीणा के द्वारा बताया गया कि कार्यक्रम के सफल आयोजन में केनवाह - वीरा के स्थानीय नागरिकों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा कार्यक्रम के दौरान सब रेंज प्रभारी कुलदीप गौर, बलिराम अहिरवार, राजाराम करेठिया एवं कार्यालय लिपिक बलकाराम परिहार, वनरक्षक आदित्य भार्गव, बाबू बृजेश दुबे आदि कर्मचारी उपस्थित रहे, कार्यक्रम के दौरान स्कूल के विद्यार्थियों के द्वारा अपनी-अपनी अनुभूति अभिव्यक्त की गई एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की गई जिसमें स्कूली विद्यार्थियों को प्रथम द्वितीय तृतीय पुरस्कार के तौर पर पुरस्कार वितरण किए गए4
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- खेलो एमपी प्रतियोगिता में पिछोर की काजल लोधी का शानदार प्रदर्शन, दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीते उद्योग जनवार्ता/शिवपुरी। शिवपुरी में आयोजित खेलो एमपी प्रतियोगिता में पिछोर क्षेत्र की होनहार खिलाड़ी काजल लोधी, पुत्री अमोल सिंह लोधी, निवासी लभेड़ा, पिछोर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। काजल ने प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक और एक रजत पदक अपने नाम कर खेल प्रतिभा का शानदार परिचय दिया। काजल लोधी ने 400 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही रिले दौड़ में भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया और दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं 100 मीटर दौड़ में काजल ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर रजत पदक जीता। लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर काजल लोधी का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार बल्कि पिछोर क्षेत्र में खुशी की लहर है। खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने काजल की मेहनत, अनुशासन और लगन की सराहना की है। काजल लोधी की इस सफलता को क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि काजल में आगे और बेहतर प्रदर्शन करने की पूरी क्षमता है। चयन के बाद काजल को बधाइयों का तांता लगा हुआ है और सभी ने राज्य स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन की शुभकामनाएं दी हैं।1
- नाबालिग से दुष्कर्म, गोचर भूमि अतिक्रमण व चांदा मऊ आगजनी कांड को लेकर करणी सेना व हिंदू संगठनों का उग्र प्रदर्शन1
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