गंदे पानी में बने भोजन खाने पर मजबूर हैं सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे सेविका बोली- कई बार पीएचईडी को दी गई सूचना पर नहीं बनवाया गया चापाकल पीएचईडी की लापरवाही से गंदे पानी में बने पोषाहार खाने पर मजबूर हैं 3 से 6 वर्ष के बच्चे हाल सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र बहादुरपुर प्रथम का रजौली। प्रफुल्ल कुमार सुमन रजौली प्रखंड के बहादुरपुर पंचायत के वार्ड 3 में स्थित सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र बहादुरपुर प्रथम में लगे चापाकल से गंदा पानी निकल रहा है। उसी गंदे पानी से बच्चों का भोजन बन रहा है और प्रतिदिन बच्चे वही भोजन खा रहे हैं। पीएचईडी की लापरवाही से चापाकल से निकलने वाली गंदे पानी से ही केंद्र की सेविका केंद्र पर पढ़ने वाले स्कूल पूर्व शिक्षा के बच्चों का पोषाहार बनवाने पर मजबूर है। सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका कौशल्या देवी ने बताया कि उन्होंने कई बार स्थानीय मिस्त्री से चापाकल बनवाई। लेकिन बार-बार चापाकल खराब हो जा रहा था। जिससे वह काफी परेशान हो गई। अंततः उन्होंने पीएचईडी को इसकी सूचना दी। लेकिन सूचना दिए जाने के बाद भी पीएचईडी विभाग ने चापाकल बनाना उचित नहीं समझा। अंततः थक-हार कर उन्होंने छोड़ दिया और उसी पानी से वह बच्चों का पोषाहार बना रही है। एक तरफ जहां केंद्र सरकार प्रायोजित आंगनबाड़ी के बच्चों की साफ-सफाई को लेकर समय-समय पर आईसीडीएस के द्वारा आयोजित प्रशिक्षण में सेविका व सहायिकाओं को बच्चों के गंदे हाथों को साबुन से धुलवाने, उसके बाद ही उन्हें भोजन खाने की शिक्षा देने आदि बताया जाता है ताकि छोटे-छोटे बच्चे गंदगी से संक्रमण की चपेट में आकर गंभीर बीमारियों से ग्रसित न हो जाए। वहीं दूसरी ओर सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के अंदर लगे चापाकल से निकलने वाले गंदे पानी से खाना बना कर बच्चों को खाना परोसा जाता है। ऐसे में दूषित भोजन खाने से बच्चों में बीमार होने का खतरा उत्पन्न हो रहा है। आपको बता दें कि इस समय आईसीडीएस के द्वारा सभी बाल विकास परियोजनाओं में पोषण पखवाड़ा चल रहा है। जहां पर आंगनबाड़ी सेविका व सहायिकाओं को बच्चों की स्वच्छता पर ध्यान देने, साफ पानी व साबुन से बच्चों के हाथ धुलवाने, उसके बाद कोई भी खाद्य पदार्थ खाने, भोजन करने आदि की जानकारी दी जा रही है। लेकिन सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र में गंदे पानी से बने पोषाहार बच्चों को देने पर आईसीडीएस की योजना पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है।
गंदे पानी में बने भोजन खाने पर मजबूर हैं सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे सेविका बोली- कई बार पीएचईडी को दी गई सूचना पर नहीं बनवाया गया चापाकल पीएचईडी की लापरवाही से गंदे पानी में बने पोषाहार खाने पर मजबूर हैं 3 से 6 वर्ष के बच्चे हाल सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र बहादुरपुर प्रथम का रजौली। प्रफुल्ल कुमार सुमन रजौली प्रखंड के बहादुरपुर पंचायत के वार्ड 3 में स्थित सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र बहादुरपुर प्रथम में लगे चापाकल से गंदा पानी निकल रहा है। उसी गंदे पानी से बच्चों का भोजन बन रहा है और प्रतिदिन बच्चे वही भोजन खा रहे हैं। पीएचईडी की लापरवाही से चापाकल से निकलने वाली गंदे पानी से ही केंद्र की सेविका केंद्र पर पढ़ने वाले स्कूल पूर्व शिक्षा के बच्चों का पोषाहार बनवाने पर मजबूर है। सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका कौशल्या देवी ने बताया कि उन्होंने कई बार स्थानीय मिस्त्री से चापाकल बनवाई। लेकिन बार-बार चापाकल खराब हो जा रहा था। जिससे वह काफी परेशान हो गई। अंततः उन्होंने पीएचईडी को इसकी सूचना दी। लेकिन सूचना दिए जाने के बाद भी पीएचईडी विभाग ने चापाकल बनाना उचित नहीं समझा। अंततः थक-हार कर उन्होंने छोड़ दिया और उसी पानी से वह
बच्चों का पोषाहार बना रही है। एक तरफ जहां केंद्र सरकार प्रायोजित आंगनबाड़ी के बच्चों की साफ-सफाई को लेकर समय-समय पर आईसीडीएस के द्वारा आयोजित प्रशिक्षण में सेविका व सहायिकाओं को बच्चों के गंदे हाथों को साबुन से धुलवाने, उसके बाद ही उन्हें भोजन खाने की शिक्षा देने आदि बताया जाता है ताकि छोटे-छोटे बच्चे गंदगी से संक्रमण की चपेट में आकर गंभीर बीमारियों से ग्रसित न हो जाए। वहीं दूसरी ओर सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के अंदर लगे चापाकल से निकलने वाले गंदे पानी से खाना बना कर बच्चों को खाना परोसा जाता है। ऐसे में दूषित भोजन खाने से बच्चों में बीमार होने का खतरा उत्पन्न हो रहा है। आपको बता दें कि इस समय आईसीडीएस के द्वारा सभी बाल विकास परियोजनाओं में पोषण पखवाड़ा चल रहा है। जहां पर आंगनबाड़ी सेविका व सहायिकाओं को बच्चों की स्वच्छता पर ध्यान देने, साफ पानी व साबुन से बच्चों के हाथ धुलवाने, उसके बाद कोई भी खाद्य पदार्थ खाने, भोजन करने आदि की जानकारी दी जा रही है। लेकिन सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र में गंदे पानी से बने पोषाहार बच्चों को देने पर आईसीडीएस की योजना पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है।
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