कच्चे मकानों के ढहने की तस्वीरें बनीं व्यवस्था का आईना, जरूरतमंद परिवार आज भी आवास और बुनियादी सुविधाओं से वंचित आरक्षण का हक किसे, आशियाना किसका ढहा? रामपुरा की तस्वीरों ने खोल दी व्यवस्था की पोल! रामपुरा, जालौन सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा और आरक्षण व्यवस्था का मूल उद्देश्य समाज के वंचित और जरूरतमंद लोगों को आगे बढ़ने का अवसर देना है। लेकिन रामपुरा ब्लॉक क्षेत्र से सामने आईं कच्चे मकानों के ढहने की दो तस्वीरें व्यवस्था के जमीनी असर पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। मई गांव निवासी प्रेमा देवी पत्नी स्वर्गीय शिवकुमार दोहरे का बरसात के दौरान कच्चा मकान भर भराकर गिर गया। मकान गिरने से घर में रखा गृहस्थी का सामान मलबे में दब गया। पति के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी प्रेमा देवी के कंधों पर है। मकान गिरने के बाद परिवार के सामने सुरक्षित आश्रय और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। वहीं जगम्मनपुर निवासी नीलेश सक्सेना के परिवार की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। बताया गया कि नीलेश अपनी मां के साथ रहते हैं और कोचिंग पढ़ाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बारिश के दौरान उनका कच्चा मकान भी ढह गया। घर में रखा अनाज और जरूरत का सामान मलबे में दब गया, जिससे परिवार के सामने आर्थिक परेशानी और भोजन तक का संकट पैदा हो गया। तस्वीरें पूछ रही हैं कई बड़े सवाल इन दोनों घटनाओं ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़ा कर दिया है। क्या पात्र परिवारों का वास्तविक सर्वे हो रहा है? क्या जरूरतमंद परिवारों तक आवास योजना का लाभ पहुंच रहा है? क्या बरसात से पहले कमजोर और कच्चे मकानों की पहचान की जाती है? क्या पात्र परिवारों की सूची में वास्तव में सबसे जरूरतमंद लोग शामिल हैं? आरक्षण को लेकर बहस अपनी जगह है, लेकिन उसके साथ-साथ यह सवाल भी जरूरी है कि सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक शिक्षा, रोजगार, आवास और सामाजिक सुरक्षा की सुविधाएं कितनी पहुंच रही हैं। किसी भी सरकारी व्यवस्था की सफलता केवल कागजों और आंकड़ों से नहीं, बल्कि सबसे कमजोर परिवार के जीवन में आए बदलाव से मापी जानी चाहिए। एक बारिश और खुल गई व्यवस्था की परत? बरसात में कच्चे मकानों का गिरना कोई नई समस्या नहीं है। लेकिन जब किसी परिवार का आशियाना गिरता है तो उसके साथ केवल दीवारें नहीं गिरतीं—गृहस्थी, अनाज, सामान और परिवार की सुरक्षा का भरोसा भी मलबे में दब जाता है। कागजों में योजनाओं का उजियारा खूब दिखाई देता है, मगर गरीब के घर में आज भी अंधेरा क्यों दिखाई देता है? मई और जगम्मनपुर की तस्वीरें यह सवाल पूछने को मजबूर करती हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ किसे मिल रहा है और सबसे जरूरतमंद परिवार अभी भी इंतजार क्यों कर रहे हैं? आरक्षण समाप्त करने या बनाए रखने की बहस से आगे बढ़कर जरूरत इस बात की है कि हर पात्र परिवार की पहचान हो, उसका सत्यापन हो और योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे। हक उसी का हो जो सच में जरूरतमंद है, व्यवस्था वही बेहतर जो अंतिम घर तक पहुंचती है। अब जिम्मेदारों से जवाब की उम्मीद मामले में प्रशासन और संबंधित विभाग को इन परिवारों की स्थिति का मौके पर सत्यापन कराकर पात्रता के अनुसार आवास, राहत और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए। इन दो परिवारों की कहानी केवल दो घरों की कहानी नहीं है। यह उस व्यवस्था के सामने खड़ा सवाल है, जिसका उद्देश्य कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षा और अवसर देना है। सवाल अब भी कायम है— जिसके लिए योजनाएं बनाई गईं, क्या उनका लाभ वास्तव में उसी परिवार तक पहुंच रहा है? #आरक्षण_पर_सवाल #गरीब_का_हक #रामपुरा_ब्लॉक #मई_गांव #जगम्मनपुर #कच्चा_मकान #आवास_योजना #सरकारी_योजनाएं #सामाजिक_न्याय #जरूरतमंद_परिवार #जालौन #डीएम_जालौन #जिला_प्रशासन_जालौन #विकासखंड_रामपुरा #आवास_योजना_की_जमीनी_हकीकत #सोनू_महाराज
कच्चे मकानों के ढहने की तस्वीरें बनीं व्यवस्था का आईना, जरूरतमंद परिवार आज भी आवास और बुनियादी सुविधाओं से वंचित आरक्षण का हक किसे, आशियाना किसका ढहा? रामपुरा की तस्वीरों ने खोल दी व्यवस्था की पोल! रामपुरा, जालौन सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा और आरक्षण व्यवस्था का मूल उद्देश्य समाज के वंचित और जरूरतमंद लोगों को आगे बढ़ने का अवसर देना है। लेकिन रामपुरा ब्लॉक क्षेत्र से सामने आईं कच्चे मकानों के ढहने की दो तस्वीरें व्यवस्था के जमीनी असर पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। मई गांव निवासी प्रेमा देवी पत्नी स्वर्गीय शिवकुमार दोहरे का बरसात के दौरान कच्चा मकान भर भराकर गिर गया। मकान गिरने से घर में रखा गृहस्थी का सामान मलबे में दब गया। पति के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी प्रेमा देवी के कंधों पर है। मकान गिरने के बाद परिवार के सामने सुरक्षित आश्रय और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। वहीं जगम्मनपुर निवासी नीलेश सक्सेना के परिवार की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। बताया गया कि नीलेश अपनी मां के साथ रहते हैं और कोचिंग पढ़ाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बारिश के दौरान उनका कच्चा मकान भी ढह गया। घर में रखा अनाज और जरूरत का सामान मलबे में दब गया, जिससे परिवार के सामने आर्थिक परेशानी और भोजन तक का संकट पैदा हो गया। तस्वीरें पूछ रही हैं कई बड़े सवाल इन दोनों घटनाओं ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़ा कर दिया है। क्या पात्र परिवारों का वास्तविक सर्वे हो रहा है? क्या जरूरतमंद परिवारों तक आवास योजना का लाभ पहुंच रहा है? क्या बरसात से पहले कमजोर और कच्चे मकानों की पहचान की जाती है? क्या पात्र परिवारों की सूची में वास्तव में सबसे जरूरतमंद लोग शामिल हैं? आरक्षण को लेकर बहस अपनी जगह है, लेकिन उसके साथ-साथ यह सवाल भी जरूरी है कि सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक शिक्षा, रोजगार, आवास और सामाजिक सुरक्षा की सुविधाएं कितनी पहुंच रही हैं। किसी भी सरकारी व्यवस्था की सफलता केवल कागजों और आंकड़ों से नहीं, बल्कि सबसे कमजोर परिवार के जीवन में आए बदलाव से मापी जानी चाहिए। एक बारिश और खुल गई व्यवस्था की परत? बरसात में कच्चे मकानों का गिरना कोई नई समस्या नहीं है। लेकिन जब किसी परिवार का आशियाना गिरता है तो उसके साथ केवल दीवारें नहीं गिरतीं—गृहस्थी, अनाज, सामान और परिवार की सुरक्षा का भरोसा भी मलबे में दब जाता है। कागजों में योजनाओं का उजियारा खूब दिखाई देता है, मगर गरीब के घर में आज भी अंधेरा क्यों दिखाई देता है? मई और जगम्मनपुर की तस्वीरें यह सवाल पूछने को मजबूर करती हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ किसे मिल रहा है और सबसे जरूरतमंद परिवार अभी भी इंतजार क्यों कर रहे हैं? आरक्षण समाप्त करने या बनाए रखने की बहस से आगे बढ़कर जरूरत इस बात की है कि हर पात्र परिवार की पहचान हो, उसका सत्यापन हो और योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे। हक उसी का हो जो सच में जरूरतमंद है, व्यवस्था वही बेहतर जो अंतिम घर तक पहुंचती है। अब जिम्मेदारों से जवाब की उम्मीद मामले में प्रशासन और संबंधित विभाग को इन परिवारों की स्थिति का मौके पर सत्यापन कराकर पात्रता के अनुसार आवास, राहत और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए। इन दो परिवारों की कहानी केवल दो घरों की कहानी नहीं है। यह उस व्यवस्था के सामने खड़ा सवाल है, जिसका उद्देश्य कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षा और अवसर देना है। सवाल अब भी कायम है— जिसके लिए योजनाएं बनाई गईं, क्या उनका लाभ वास्तव में उसी परिवार तक पहुंच रहा है? #आरक्षण_पर_सवाल #गरीब_का_हक #रामपुरा_ब्लॉक #मई_गांव #जगम्मनपुर #कच्चा_मकान #आवास_योजना #सरकारी_योजनाएं #सामाजिक_न्याय #जरूरतमंद_परिवार #जालौन #डीएम_जालौन #जिला_प्रशासन_जालौन #विकासखंड_रामपुरा #आवास_योजना_की_जमीनी_हकीकत #सोनू_महाराज
- आंगनबाड़ी से जूनियर स्कूल तक कीचड़ ही कीचड़, जिम्मेदारों से सवाल जालौन। ग्राम गायर में आंगनबाड़ी केंद्र से जूनियर स्कूल तक कच्चा रास्ता बारिश में मुसीबत बन गया है। कीचड़ और जलभराव के बीच स्कूली बच्चों व ग्रामीणों का निकलना मुश्किल है। इसी रास्ते पर आरआरसी सेंटर और सामुदायिक शौचालय भी हैं, फिर सड़क कब बनेगी? ग्रामीणों का कहना है कि कई बार नाप-जोख के बावजूद निर्माण नहीं हुआ। सवाल यह है कि बारिश में बच्चे कीचड़ से होकर स्कूल जाएं तो जिम्मेदार कौन? जरूरत के वक्त एंबुलेंस रास्ते में फंस जाए तो जवाबदेह कौन? “विकास की बातें खूब, मगर गांव की राह बेहाल— कीचड़ में सवाल खड़े हैं, कब बदलेगा ये हाल?” ग्रामीण कैलाश यागिक, धनीराम वर्मा, गुलठाई, चुन्ना, रामनरेश, महेश, आमिर, भूरे, सोहन, हिमांशु समेत दर्जनों लोगों ने जल्द सड़क निर्माण की मांग की है। वाइट—ग्रामीण #Jalaun #जालौन #गायर #Kalpi #ग्रामीण_समस्या #सड़क_समस्या #कच्ची_सड़क #कीचड़ #जलभराव #स्कूली_बच्चे #आंगनबाड़ी_केंद्र #जूनियर_स्कूल #विकास_की_हकीकत #प्रशासन_से_सवाल #बारिश #BreakingNews #ViralNews #UPNews #JalaunNews1
- रक्षाबंधन पर 3 दिन फ्री बस यात्रा, बहन-बेटियों को बड़ी सौगात1
- *बीमारी से ग्रसित महिला ने यमुना नदी में कूदकर जान दी* कालपी जालौन 26 अगस्त 46 वर्षीय बीमार महिला इलाज करवाने जा रही थी उसी समय अचानक यमुना नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या की घटना को अंजाम दिया बही सूचना पाकर कोतवाली कालपी प्रभारी निरीक्षक अजय ब्रह्म तिवारी पुलिस बल के साथ तत्काल घटना स्थल में पहुंचकर निरीक्षण किया निरीक्षण दौरान घटना जनपद कानपुर देहात की जांच दौरान साबित हुई उन्होंने मौजूद भोगनीपुर पुलिस को कार्रवाई करने के कहा तो तत्काल भोगनी पुलिस ने हाईवे की एंबुलेंस बुलवाकर परिवार के साथ सांसे चल रही महिला को गाड़ी में रखकर सीएचसी पुखरायां इलाज हेतु ले गए अस्पताल में मौजूद चिकित्सा अधिकारी ने महिला की जांच के दौरान नब्ज पकड़ते ही मृत घोषित किया। खबर के अनुसार जनपद फतेहपुर थाना बकेवर ग्राम मोधनपुर निवासिनी प्रिया देवी पत्नी अनुरुद्ध लगभग 5 साल से बीमारी की हालत में चल रहा था बुधवार दिन अपने निज निवास से पति के साथ गाड़ी में बैठकर झांसी अस्पताल में इलाज हेतु जा रही थी तभी लगभग सुबह 8 बजे पुराने यमुना पुल कालपी जैसे समीप आई उसी समय कार में बैठे परिवार एवं स्वयं का उसारा लेकर यमुना में फैकने बहाने उतरकर तत्काल रेलिंग से छलांग लगाकर यमुना की बहती हुई जलधारा में कूद गयी जब यमुना जल से ऊपर आई गोताखोरों सहयोग से महिला को मरणासन्न अवस्था में नदी निकाल कर किनारे लाकर रखा उक्त महिला को गंभीर हालत में पुखरायां अस्पताल में इलाज हेतु जैसे ले गए अस्पताल मे मौजूद चिकित्सा अधिकारी ने जांच कर तत्काल मृत घोषित कर दिया वहीं सूचना मृत्यु की मिलते ही मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया मौजूद कोतवाली भोगनीपुर उप निरीक्षक अमित पुरवार ने महिला मृतक शव कब्जे में लेकर परिवार की मौजूदगी में पंचनामा भरकर शव को महिला की अभिरक्षा में जिला मुख्यालय माती पोस्टमार्टम हाउस भेजा।2
- कस्बा रुरा में बारावफात का जुलूस बड़ी धूमधाम से निकला, सुरक्षा में पुलिस बल तैनात कस्बा रुरा में बारावफात का जुलूस गाजे बाजे के साथ बड़ी धूमधाम से निकाला गया।जुलूस में छोटे -छोटे बच्चों व युवाओं ने अपने हाथों में इस्लामी झंडा थामे जुलूस-ए-मोहम्मदी में हिस्सा लिया।।इस अवसर सैनूर अहमद, मुस्तफा, मो0 शाहिद, जाकिर,नौशाद, अच्चु,अलमास, ऐनुल, हाफिज तौहीद, मुजीब आदि रहे।सुरक्षा के दृष्टि से चौकी इंचार्ज विनोद कुमार, सिपाही सुधीर छौकर व अन्य पुलिस बल मौजूद रहा।1
- कानपुर नगर से बड़ी खबर: खाई में गिरा बेकाबू ट्रक बड़ा हादसा टला कानपुर नगर साढ़ थाना क्षेत्र में आज एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया गिट्टी-मौरंग मिलर लदा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रक रमईपुर की ओर से साढ़ की ओर जा रहा था साढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत दरगाह लाल पुल और साढ़ कस्बे के बीच सामने से अचानक दूसरा वाहन आ जाने से चालक ने ट्रक को बचाने का प्रयास किया, इसी दौरान स्टीयरिंग से नियंत्रण खो बैठा और ट्रक सीधे खाई में पलट गया प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अगर ट्रक सड़क पर ही पलटता तो बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत रही कि जान-माल का कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई खाई में गिरे ट्रक को बाहर निकालने के लिए करीब घंटों तक मशक्कत चलती रही जिसके लिए तीन हाइड्रा क्रेनों को लगाना पड़ा इस दौरान मार्ग पर लंबा जाम लग गया और वाहन चालकों व राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के चलते सड़क पर फिसलन थी और घटना के काफी देर बाद तक शासन-प्रशासन का कोई आला अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था4
- पत्रकार इकबाल अहमद सिकंदरा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जश्ने ईद मिलादुन्नबी, दिखी कौमी एकता की मिसाल खबर कानपुर देहात पत्रकार इकबाल अहमद सिकंदरा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जश्ने ईद मिलादुन्नबी, दिखी कौमी एकता की मिसाल सिकंदरा, कानपुर देहात। कस्बा सिकंदरा सहित पूरे देश में मुस्लिम समुदाय द्वारा जश्ने ईद मिलादुन्नबी का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस दौरान जगह-जगह निकाले गए जुलूस में आपसी भाईचारे और कौमी एकता की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर नाते पाक और दरूद शरीफ पढ़ते हुए पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की आमद की खुशी मनाई। कई स्थानों पर हिंदू भाइयों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों का फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया, जिससे आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश गया। जुलूस में शामिल लोगों के लिए जगह-जगह लंगर और खाने-पीने की विशेष व्यवस्था की गई। सभी मस्जिदों के इमामों द्वारा नाते पाक एवं दरूद शरीफ पढ़ते हुए जुलूस निकाला गया। त्योहार को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। सिकंदरा थाना प्रभारी सुधाकर सिंह के साथ तहसील प्रशासन के अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रहे। पुलिस एवं प्रशासन की मौजूदगी में जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर लोगों ने भाईचारे, शांति और सौहार्द का संदेश देते हुए एक-दूसरे को त्योहार की शुभकामनाएं दीं।3
- सीएमओ ने सीएचसी रामपुरा का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं पर जताया संतोष रामपुरा, जालौन। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुरा का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अवकाश के दिन भी अधिकांश स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर मौजूद मिले। सीएमओ ने विभिन्न विभागों का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ ओपीडी में आए मरीजों को भी देखा। सीएमओ ने ओपीडी, टीकाकरण कक्ष, दवा वितरण कक्ष, दवा स्टोर, इंजेक्शन एवं ड्रेसिंग कक्ष, पैथोलॉजी, पुरुष एवं महिला वार्ड तथा लेबर रूम समेत स्वास्थ्य केंद्र के सभी प्रमुख विभागों का निरीक्षण किया। ओपीडी में ड्यूटी पर चिकित्सक डॉ. पंकज कुमार मौजूद मिले। इस दौरान सीएमओ ने स्वयं ओपीडी में दो मरीजों को देखा तथा उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान एसीएमओ डॉ. आनंद प्रसाद वर्मा एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप सिंह राजपूत भी मौजूद रहे। सीएमओ ने अस्पताल में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं तथा स्टाफ की उपस्थिति की जानकारी ली। इस दौरान हाल ही में जन्मे बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र भी संबंधित लाभार्थियों को वितरित किए गए। सीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर चिकित्सा अधीक्षक से जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुरा की व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप सिंह राजपूत की कार्यशैली और अस्पताल में कराए गए कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाएं एवं व्यवस्थाएं जिले के अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की अपेक्षा कई मानकों पर बेहतर हैं। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को इसी प्रकार बनाए रखने तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।2
- नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, राजपुर पुलिस ने की कार्रवाई कानपुर देहात थाना राजपुर पुलिस ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में वांछित 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि वादिनी ने दिनांक 23.08.2026 को थाना राजपुर पर तहरीर देकर आरोप लगाया था। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना राजपुर पर मु0अ0सं0 096/2026 धारा 137(2)/64(1) बीएनएस व 3/4 पॉक्सो एक्ट व 3(2)(v) एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। थाना राजपुर पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आज दिनांक 24.08.2026 को दोनों अभियुक्तों रवि नायक पुत्र चन्द्रपाल सिंह उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम ककरैया थाना अमराहट ,राममूरत पुत्र रामस्वरूप उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम ककरैया थाना अमराहट पुलिस ने बताया कि अभियुक्त रवि नायक को ग्राम मुबारकपुर रोड से बदनपुर को जाने वाले इंटरलॉकिंग रोड पर बने बजरंगबली मंदिर के पास से, जबकि राममूरत को सलेमपुर पुलिया से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। *गिरफ्तारी करने वाली टीम:* उ0नि0 नीरज कुमार, हे0का0 प्रदीप कुमार, हे0का0 योगेन्द्र कुमार, रि0का0 उदयवीर सिंह।1