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महाराणा प्रताप के आदर्श आज भी प्रासंगिक : महेंद्रजीत सिंह मालवीया | बांसवाड़ा समारोह 2026 बांसवाड़ा में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती समारोह में पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।

2 hrs ago
user_OFFICIAL NEWS EXPLAINER
OFFICIAL NEWS EXPLAINER
News Anchor बांसवाड़ा, राजस्थान•
2 hrs ago

महाराणा प्रताप के आदर्श आज भी प्रासंगिक : महेंद्रजीत सिंह मालवीया | बांसवाड़ा समारोह 2026 बांसवाड़ा में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती समारोह में पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • Post by Bapulal Ahari
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    Post by Bapulal Ahari
    user_Bapulal Ahari
    Bapulal Ahari
    Electrician गढ़ी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • राजस्थान के बांसवाड़ा जिले को, जिसे लघु काशी और जनजाति बहुल क्षेत्र के साथ-साथ चेरापूंजी भी कहा जाता है, वहां के वनवासी अंचल में शिक्षा और संस्कारों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्यसभा सांसद उमेश नाथ ने अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान गणउ और नवा खेड़ा में, रनी वनी गोधाम स्थित पुंजल देवी के समाधि स्थल और नवनिर्मित सत्संग भवन का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह लोक कल्याणकारी केंद्र वनवासी अंचल में शिक्षा व संस्कारों के प्रचार-प्रसार के लिए नींव का पत्थर साबित होगा। सांसद उमेश नाथ ने क्षेत्र में गौपालन को बढ़ावा देने और हर घर में गौ माता को पालने की बात पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान, ग्रामीणों ने संत को रनी वनी तक आने-जाने वाले मार्ग की समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि विधायक अर्जुनसिंह बामनिया के प्रयासों से एक किलोमीटर तक सड़क बन चुकी है, लेकिन कुछ हिस्सा वन विभाग के क्षेत्र में आता है। ग्रामीणों ने आग्रह किया कि यदि वन विभाग की अनुमति मिल जाए, तो अधूरी सड़क का निर्माण पूरा हो सकता है। सांसद ने लोगों को भरोसा दिलाया कि वे इस संबंध में शीघ्र मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से बात करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना काल में जगदीश गोपालानंद सरस्वती ने इस निर्जन वन खंड में गोधाम की स्थापना की थी और भवन का निर्माण भी कराया था। स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क निर्माण से यह क्षेत्र पर्यटन को बढ़ावा देगा, ग्रामीण वर्षा काल में बहने वाले झरनों का आनंद ले सकेंगे और यह क्षेत्र पर्यटन के मानचित्र पर अपनी जगह बना पाएगा। कार्यक्रम में मोहन गिरी, समाजसेवी धीरजमल डामोर, बहादुर डोडीयार, गनाउ प्रशासक गुलाब देवी, सनातन मंच के अनिल वालम, सूरज, राधेश्याम, गुणवंत, भानु प्रताप सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
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    राजस्थान के बांसवाड़ा जिले को, जिसे लघु काशी और जनजाति बहुल क्षेत्र के साथ-साथ चेरापूंजी भी कहा जाता है, वहां के वनवासी अंचल में शिक्षा और संस्कारों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्यसभा सांसद उमेश नाथ ने अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान गणउ और नवा खेड़ा में, रनी वनी गोधाम स्थित पुंजल देवी के समाधि स्थल और नवनिर्मित सत्संग भवन का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह लोक कल्याणकारी केंद्र वनवासी अंचल में शिक्षा व संस्कारों के प्रचार-प्रसार के लिए नींव का पत्थर साबित होगा।

सांसद उमेश नाथ ने क्षेत्र में गौपालन को बढ़ावा देने और हर घर में गौ माता को पालने की बात पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान, ग्रामीणों ने संत को रनी वनी तक आने-जाने वाले मार्ग की समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि विधायक अर्जुनसिंह बामनिया के प्रयासों से एक किलोमीटर तक सड़क बन चुकी है, लेकिन कुछ हिस्सा वन विभाग के क्षेत्र में आता है। ग्रामीणों ने आग्रह किया कि यदि वन विभाग की अनुमति मिल जाए, तो अधूरी सड़क का निर्माण पूरा हो सकता है।

सांसद ने लोगों को भरोसा दिलाया कि वे इस संबंध में शीघ्र मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से बात करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना काल में जगदीश गोपालानंद सरस्वती ने इस निर्जन वन खंड में गोधाम की स्थापना की थी और भवन का निर्माण भी कराया था। स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क निर्माण से यह क्षेत्र पर्यटन को बढ़ावा देगा, ग्रामीण वर्षा काल में बहने वाले झरनों का आनंद ले सकेंगे और यह क्षेत्र पर्यटन के मानचित्र पर अपनी जगह बना पाएगा। कार्यक्रम में मोहन गिरी, समाजसेवी धीरजमल डामोर, बहादुर डोडीयार, गनाउ प्रशासक गुलाब देवी, सनातन मंच के अनिल वालम, सूरज, राधेश्याम, गुणवंत, भानु प्रताप सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
    user_Dharmendra Soni
    Dharmendra Soni
    कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • बांसवाड़ा के ट्राइबल केयर सेवा संस्थान ने राजकीय सेवा में कार्यरत और प्रकृति प्रेमी राजकुमार पारगी को उनके असाधारण सामाजिक और रचनात्मक कार्यों के लिए "आदिवासी गौरव प्रेरणा पुरस्कार" से सम्मानित किया है। इस अवसर पर पारगी ने इस सम्मान को केवल अपना नहीं, बल्कि पूरे वागड़ क्षेत्र और आदिवासी समाज का सम्मान बताया। पारगी अपने वीडियो और ड्रोन फोटोग्राफी के ज़रिए वागड़ की मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता को देश और दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ट्राइबल केयर सेवा संस्थान, अपने परिवार, मित्रों, शुभचिंतकों और समाज के वरिष्ठजनों का इस उपलब्धि के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सभी के सहयोग और आशीर्वाद का ही परिणाम है।
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    बांसवाड़ा के ट्राइबल केयर सेवा संस्थान ने राजकीय सेवा में कार्यरत और प्रकृति प्रेमी राजकुमार पारगी को उनके असाधारण सामाजिक और रचनात्मक कार्यों के लिए "आदिवासी गौरव प्रेरणा पुरस्कार" से सम्मानित किया है। इस अवसर पर पारगी ने इस सम्मान को केवल अपना नहीं, बल्कि पूरे वागड़ क्षेत्र और आदिवासी समाज का सम्मान बताया।

पारगी अपने वीडियो और ड्रोन फोटोग्राफी के ज़रिए वागड़ की मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता को देश और दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ट्राइबल केयर सेवा संस्थान, अपने परिवार, मित्रों, शुभचिंतकों और समाज के वरिष्ठजनों का इस उपलब्धि के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सभी के सहयोग और आशीर्वाद का ही परिणाम है।
    user_Aadiwasi Manch news
    Aadiwasi Manch news
    Local News Reporter आनंदपुरी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • प्रतापगढ़ जिले के निंबाड़ा स्थित फल सब्जी मंडी में आग लगने के कारण भारी नुकसान हुआ है। इस घटना के बाद, पीड़ित पक्ष द्वारा सरकार से मुआवजे की मांग की जा रही है।
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    प्रतापगढ़ जिले के निंबाड़ा स्थित फल सब्जी मंडी में आग लगने के कारण भारी नुकसान हुआ है। इस घटना के बाद, पीड़ित पक्ष द्वारा सरकार से मुआवजे की मांग की जा रही है।
    user_रिपोर्टर मकसूदअहमद राईन
    रिपोर्टर मकसूदअहमद राईन
    Local News Reporter प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • सीमलवाड़ा के चाडोली गांव में विद्युत निगम की कथित लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ जर्जर विद्युत पोल गिरने से बकरियां चरा रहा 10 वर्षीय मासूम बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। बालक को सिर में गंभीर चोट आई है और उसे करंट का झटका भी लगा, जिसके बाद उसे तुरंत सागवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी रोष व्याप्त है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। मिली जानकारी के अनुसार, चाडोली गांव में कुछ दिन पहले आए तेज तूफान के दौरान एक विद्युत पोल को सहारा देने वाला तार टूट गया था। इस तूफान से पोल नीचे से क्षतिग्रस्त हो गया था और उससे जुड़े बिजली के तार भी झूलने लगे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्थिति लगातार दुर्घटना का कारण बन रही थी, लेकिन विभाग ने समय रहते इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। ग्राम पंचायत प्रशासक रमेश भागोरा ने भी पुष्टि की है कि क्षतिग्रस्त पोल और झूलते तारों की जानकारी कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) रवींद्र कुमावत को कई बार दी गई थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद विभाग ने न तो पोल की मरम्मत करवाई और न ही उसे बदला। गुरुवार को चाडोली निवासी आर्यन पुत्र शिवराम भागोरा (10 वर्ष) गांव के समीप बकरियां चरा रहा था, तभी अचानक क्षतिग्रस्त विद्युत पोल भरभराकर नीचे गिर पड़ा। पोल से जुड़ा इंसुलेटर सीधे बालक के सिर पर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से चोटिल हो गया। बालक को पोल गिरने के साथ करंट का झटका भी लगा, हालांकि उसी समय बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने से एक बड़ा हादसा टल गया और उसकी जान बच गई। चिकित्सकों के अनुसार बालक के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उसका इलाज जारी है। घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे विभागीय लापरवाही का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया है। उनकी मांग है कि बालक के उपचार का पूरा खर्च विभाग वहन करे और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगे सभी जर्जर विद्युत पोलों और झूलते बिजली तारों का सर्वे करवाकर तत्काल मरम्मत कराने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में ऐसे बड़े हादसों को टाला जा सके। घटना से पूरे क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।
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    सीमलवाड़ा के चाडोली गांव में विद्युत निगम की कथित लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ जर्जर विद्युत पोल गिरने से बकरियां चरा रहा 10 वर्षीय मासूम बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। बालक को सिर में गंभीर चोट आई है और उसे करंट का झटका भी लगा, जिसके बाद उसे तुरंत सागवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी रोष व्याप्त है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।

मिली जानकारी के अनुसार, चाडोली गांव में कुछ दिन पहले आए तेज तूफान के दौरान एक विद्युत पोल को सहारा देने वाला तार टूट गया था। इस तूफान से पोल नीचे से क्षतिग्रस्त हो गया था और उससे जुड़े बिजली के तार भी झूलने लगे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्थिति लगातार दुर्घटना का कारण बन रही थी, लेकिन विभाग ने समय रहते इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। ग्राम पंचायत प्रशासक रमेश भागोरा ने भी पुष्टि की है कि क्षतिग्रस्त पोल और झूलते तारों की जानकारी कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) रवींद्र कुमावत को कई बार दी गई थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद विभाग ने न तो पोल की मरम्मत करवाई और न ही उसे बदला।

गुरुवार को चाडोली निवासी आर्यन पुत्र शिवराम भागोरा (10 वर्ष) गांव के समीप बकरियां चरा रहा था, तभी अचानक क्षतिग्रस्त विद्युत पोल भरभराकर नीचे गिर पड़ा। पोल से जुड़ा इंसुलेटर सीधे बालक के सिर पर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से चोटिल हो गया। बालक को पोल गिरने के साथ करंट का झटका भी लगा, हालांकि उसी समय बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने से एक बड़ा हादसा टल गया और उसकी जान बच गई। चिकित्सकों के अनुसार बालक के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उसका इलाज जारी है।

घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे विभागीय लापरवाही का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया है। उनकी मांग है कि बालक के उपचार का पूरा खर्च विभाग वहन करे और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगे सभी जर्जर विद्युत पोलों और झूलते बिजली तारों का सर्वे करवाकर तत्काल मरम्मत कराने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में ऐसे बड़े हादसों को टाला जा सके। घटना से पूरे क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव, जिसे देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है, में भवानीपुर विधानसभा सीट ने सभी राजनीतिक दलों और विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इसी चुनौतीपूर्ण माहौल में, गुजरात के सूरत निवासी और मूल रूप से राजस्थान के डूंगरपुर जिले की माण्डली से जुड़े डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल (चौधरी) ने अपनी संगठनात्मक क्षमता और नेतृत्व का परिचय देते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त किया था, जिसके बाद उन्होंने लगभग साढ़े तीन माह तक पश्चिम बंगाल में रहकर चुनावी तैयारियों को मजबूत किया, संगठन को सुदृढ़ बनाया और कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया। उस दौरान प्रदेश में व्याप्त राजनीतिक तनाव और हिंसा के बावजूद, डॉ. पटेल ने मैदान में डटे रहकर संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन किया। उन्होंने बूथ स्तर तक पहुँचकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया तथा बूथ प्रबंधन, प्रशिक्षण शिविरों, जनसंपर्क अभियानों और चुनावी रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में कार्यकर्ताओं में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ, जिसका सकारात्मक प्रभाव चुनावी परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भवानीपुर में भाजपा की उल्लेखनीय सफलता के पीछे डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का योगदान प्रमुख रहा है। उनके समर्पण और संगठन कौशल ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक सक्षम रणनीतिकार के रूप में पहचान दिलाई है। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी उनके कार्यों की सराहना की है, और हाल ही में एक सम्मान समारोह में उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जहाँ उनके संगठन के प्रति समर्पण, कार्यक्षमता और चुनावी योगदान को सार्वजनिक रूप से सराहा गया। डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल की यह उपलब्धि डूंगरपुर जिले सहित पूरे वागड़ अंचल के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। उनकी कार्यशैली और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण युवा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
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    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव, जिसे देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है, में भवानीपुर विधानसभा सीट ने सभी राजनीतिक दलों और विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इसी चुनौतीपूर्ण माहौल में, गुजरात के सूरत निवासी और मूल रूप से राजस्थान के डूंगरपुर जिले की माण्डली से जुड़े डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल (चौधरी) ने अपनी संगठनात्मक क्षमता और नेतृत्व का परिचय देते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त किया था, जिसके बाद उन्होंने लगभग साढ़े तीन माह तक पश्चिम बंगाल में रहकर चुनावी तैयारियों को मजबूत किया, संगठन को सुदृढ़ बनाया और कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया। उस दौरान प्रदेश में व्याप्त राजनीतिक तनाव और हिंसा के बावजूद, डॉ. पटेल ने मैदान में डटे रहकर संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन किया। उन्होंने बूथ स्तर तक पहुँचकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया तथा बूथ प्रबंधन, प्रशिक्षण शिविरों, जनसंपर्क अभियानों और चुनावी रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाई।

उनके नेतृत्व में कार्यकर्ताओं में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ, जिसका सकारात्मक प्रभाव चुनावी परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भवानीपुर में भाजपा की उल्लेखनीय सफलता के पीछे डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का योगदान प्रमुख रहा है। उनके समर्पण और संगठन कौशल ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक सक्षम रणनीतिकार के रूप में पहचान दिलाई है। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी उनके कार्यों की सराहना की है, और हाल ही में एक सम्मान समारोह में उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जहाँ उनके संगठन के प्रति समर्पण, कार्यक्षमता और चुनावी योगदान को सार्वजनिक रूप से सराहा गया।

डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल की यह उपलब्धि डूंगरपुर जिले सहित पूरे वागड़ अंचल के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। उनकी कार्यशैली और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण युवा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • अर्जुन सिंह बामनिया ने महाराणा प्रताप को किया नमन | युवाओं को दिया प्रेरणादायक संदेश | Banswara News बांसवाड़ा में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती समारोह में विधायक अर्जुन सिंह बामनिया ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
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    अर्जुन सिंह बामनिया ने महाराणा प्रताप को किया नमन | युवाओं को दिया प्रेरणादायक संदेश | Banswara News
बांसवाड़ा में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती समारोह में विधायक अर्जुन सिंह बामनिया ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
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    OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    News Anchor बांसवाड़ा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • भारत की आवाज़ चैनल के संस्थापक प्रवीण डोडियार को बांसवाड़ा स्थित ट्राइबल केयर सेवा संस्थान (TCS) द्वारा 'आदिवासी गौरव सम्मान' से सम्मानित किया गया है। प्रवीण डोडियार ने पिछले ढाई वर्षों से आदिवासी समाज की समस्याओं और मुद्दों को मजबूती से उठाया है। उन्होंने यह सम्मान पूरे आदिवासी समाज, अपने दर्शकों और शुभचिंतकों को समर्पित किया। इस अवसर पर, दर्शकों और शुभचिंतकों से प्रवीण डोडियार को बधाई देने के लिए कमेंट में "जय जोहार" लिखने का आग्रह किया गया। ऐसी ही खबरों के लिए आदिवासी मंच न्यूज चैनल को फॉलो करने और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की गई है।
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    भारत की आवाज़ चैनल के संस्थापक प्रवीण डोडियार को बांसवाड़ा स्थित ट्राइबल केयर सेवा संस्थान (TCS) द्वारा 'आदिवासी गौरव सम्मान' से सम्मानित किया गया है। प्रवीण डोडियार ने पिछले ढाई वर्षों से आदिवासी समाज की समस्याओं और मुद्दों को मजबूती से उठाया है।

उन्होंने यह सम्मान पूरे आदिवासी समाज, अपने दर्शकों और शुभचिंतकों को समर्पित किया। इस अवसर पर, दर्शकों और शुभचिंतकों से प्रवीण डोडियार को बधाई देने के लिए कमेंट में "जय जोहार" लिखने का आग्रह किया गया। ऐसी ही खबरों के लिए आदिवासी मंच न्यूज चैनल को फॉलो करने और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की गई है।
    user_Aadiwasi Manch news
    Aadiwasi Manch news
    Local News Reporter आनंदपुरी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • प्रतापगढ़ जिले के बड़ोदिया में एक भव्य धार्मिक आयोजन की तैयारी चल रही है। आगामी 18 जून, 2026 को सुबह 10 बजे से कलशयात्रा का शुभारंभ होगा, जो पांच दिनों तक चलेगी। इस आयोजन का समापन 22 जून, 2026 को होगा, जब नवनिर्मित मंदिर में भगवान राम जानकी जी की मूर्ति की स्थापना की जाएगी।
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    प्रतापगढ़ जिले के बड़ोदिया में एक भव्य धार्मिक आयोजन की तैयारी चल रही है। आगामी 18 जून, 2026 को सुबह 10 बजे से कलशयात्रा का शुभारंभ होगा, जो पांच दिनों तक चलेगी। इस आयोजन का समापन 22 जून, 2026 को होगा, जब नवनिर्मित मंदिर में भगवान राम जानकी जी की मूर्ति की स्थापना की जाएगी।
    user_रिपोर्टर मकसूदअहमद राईन
    रिपोर्टर मकसूदअहमद राईन
    Local News Reporter प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    9 hrs ago
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