फतेहपुर जिले की बकेवर थाना पुलिस ने रविवार को रेउना थाना इलाके में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, हत्या के बाद जलाए गए एक युवक के शव के अवशेष बरामद किए हैं। यह मामला 30 मई को बकेवर थाने में दर्ज किया गया था। इसमें हमीरपुर जिले के रहने वाले पति-पत्नी कामता निषाद और किरण के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। रेउना थानाध्यक्ष अनुज राजपूत के मुताबिक, बकेवर थाना क्षेत्र के टिकरी गांव का रहने वाला विजय निषाद 8 मई को हमीरपुर के कुरारा थाना क्षेत्र के मनकी खुर्द गांव गया था। आरोप है कि कामता निषाद और उसकी पत्नी किरण ने विजय को अपने घर बुलाकर वहीं उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद, दोनों ने शव को यमुना नदी पार कर रेउना थाना क्षेत्र के तहरापुर गुरैया गांव के जंगल में ले जाकर झाड़ियों में छिपा दिया और उसे आग लगा दी। बकेवर पुलिस ने आरोपी कामता निषाद की निशानदेही पर विजय के शव के अवशेष बरामद किए हैं। मौके पर फॉरेंसिक टीम ने भी जांच-पड़ताल की। इसके बाद, रेउना पुलिस ने बरामद अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
फतेहपुर जिले की बकेवर थाना पुलिस ने रविवार को रेउना थाना इलाके में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, हत्या के बाद जलाए गए एक युवक के शव के अवशेष बरामद किए हैं। यह मामला 30 मई को बकेवर थाने में दर्ज किया गया था। इसमें हमीरपुर जिले के रहने वाले पति-पत्नी कामता निषाद और किरण के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। रेउना थानाध्यक्ष अनुज राजपूत के मुताबिक, बकेवर थाना क्षेत्र के टिकरी गांव का रहने वाला विजय निषाद 8 मई को हमीरपुर के कुरारा थाना क्षेत्र के मनकी खुर्द गांव गया था। आरोप है कि कामता निषाद और उसकी पत्नी किरण ने विजय को अपने घर बुलाकर वहीं उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद, दोनों ने शव को यमुना नदी पार कर रेउना थाना क्षेत्र के तहरापुर गुरैया गांव के जंगल में ले जाकर झाड़ियों में छिपा दिया और उसे आग लगा दी। बकेवर पुलिस ने आरोपी कामता निषाद की निशानदेही पर विजय के शव के अवशेष बरामद किए हैं। मौके पर फॉरेंसिक टीम ने भी जांच-पड़ताल की। इसके बाद, रेउना पुलिस ने बरामद अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
- कानपुर के हर्ष नगर स्थित एक पेट्रोल पंप पर वाहन मालिक चरन सिंह के साथ बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। चरन सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी कार की टंकी की क्षमता मात्र 45 लीटर है, जिसमें पहले से करीब 5 लीटर पेट्रोल मौजूद था। इसके बावजूद, पेट्रोल पंप कर्मियों ने उनकी कार में 52 लीटर से अधिक पेट्रोल भरकर उन्हें इसकी रसीद थमा दी। चरन सिंह के अनुसार, पंप कर्मियों ने पहले 41 लीटर पेट्रोल डाला और फिर यह कहते हुए 11 लीटर और भर दिया कि ज़्यादा पेट्रोल दो बार में भरा जाता है। इस गड़बड़ी का पता चलने पर, चरन सिंह ने तत्काल कार कंपनी के प्रतिनिधि को मौके पर बुलाया, जिन्होंने स्पष्ट किया कि गाड़ी की टंकी में इतनी मात्रा में पेट्रोल समा ही नहीं सकता। शिकायत किए जाने पर पेट्रोल पंप मालिक सफाई देने लगा। चरन सिंह ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि इस पूरी धोखाधड़ी और गड़बड़ी में संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत है।1
- KotlinKode Technology द्वारा पेशेवर न्यूज़ वेबसाइट, AI एंकर न्यूज़ वीडियो और पोस्ट क्रिएटर सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। जो लोग इन सेवाओं में रुचि रखते हैं, वे इसका डेमो देखने के लिए जवाब दे सकते हैं।1
- कानपुर के जूही क्षेत्र के पत्रकार सोनू गुप्ता ने उनके खिलाफ कथित तौर पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जाने का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने अपना विरोध सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल करके दर्ज कराया है। सोनू गुप्ता का कहना है कि उनके खिलाफ एक बार फिर फर्जी तरीके से प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उच्च न्यायालय का स्पष्ट आदेश है कि जब तक मामले की ठीक से जांच न हो जाए, तब तक कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं की जानी चाहिए, लेकिन इस आदेश की कथित तौर पर अनदेखी की गई है। यह पूरा मामला जूही थाना क्षेत्र और मिलिट्री कैंप चौकी से संबंधित है।1
- उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कभी "जंगलराज" जैसी स्थिति थी, जहाँ आम जनता असुरक्षित महसूस करती थी और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएँ बनी हुई थीं। हालांकि, सांसद ने यह भी कहा कि अब राज्य में हालात में सुधार देखा जा रहा है। भाजपा सांसद ने ममता बनर्जी के शासनकाल पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में ऐसी कई घटनाएँ हुईं, जिन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी। साक्षी महाराज ने पश्चिम बंगाल की राजनीति और राज्य सरकार की कार्यशैली पर निशाना साधते हुए दावा किया कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता ही करती है और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल तेजी से बदल रहा है। इन आरोपों और दावों पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। साक्षी महाराज के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएँ तेज हो गई हैं, और भाजपा तथा तृणमूल कांग्रेस के बीच आने वाले समय में बयानबाजी और तीखी होने की संभावना जताई जा रही है।1
- कानपुर नगर के चकेरी थाना क्षेत्र स्थित लाल बंगला ओमपुरवा में, आनंद नगर विकास समिति ने बढ़ती गर्मी के तापमान को देखते हुए एक सराहनीय पहल की है। समिति ने ओमपुरवा स्थित प्रभु धाम मंदिर में ठंडे शरबत की व्यवस्था की, जिसका आयोजन 31 मई, रविवार को लगभग शाम 4 बजे किया गया। आनंद नगर विकास समिति द्वारा वार्ड 29 के अंतर्गत आने वाले ओमपुरवा मार्केट और ओमपुरवा फर्नीचर मार्केट में मीठे शरबत का वितरण किया गया। इस दौरान सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों, राहगीरों और बच्चों सहित कई लोगों ने ठंडे शरबत का जलपान कर गर्मी से राहत महसूस की। इस खबर को वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ और समृद्धि भारत समाचार पत्र ने कानपुर से अपने संवाददाता दिनकर जी की रिपोर्ट के माध्यम से प्रकाशित किया है।1
- कानपुर के चौबेपुर स्थित मरियानी गांव में हाइवे पर एक अंधा और खतरनाक मोड़ है। यह मोड़ अब तक कई लोगों की जान ले चुका है, जिससे यह क्षेत्र के लिए बेहद घातक साबित हुआ है।1
- मनोज गिरी और आई भदोही द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्य को अत्यंत प्रशंसनीय बताया गया है, इस बात पर विशेष बल दिया गया कि 'जल ही जीवन है'। सच्चे देशभक्तों से यह अपील की गई है कि वे राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा करके और देश हित में काम करके अपना कर्तव्य निभाएं। यह भी कहा गया है कि राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा करना सभी का दायित्व है, जिससे आने वाली पीढ़ियां भी सबक लेंगी। इस प्रयास से व्यक्ति, परिवार और देश सभी का भला होगा तथा राष्ट्र का विकास सुनिश्चित होगा। इस आह्वान को 'जय श्री राम' के उद्घोष के साथ संप्रेषित किया गया है।1
- कानपुर में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। यह वीडियो पीआरवी-9303 पर तैनात एक पुलिसकर्मी से जुड़ा है, जिस पर ठेला विक्रेताओं से बिना भुगतान किए आइसक्रीम और गोलगप्पे खाने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद पुलिस की छवि पर दाग लगने की बात कही जा रही है। उच्चाधिकारियों ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया और प्राथमिक जांच कराई। इस जांच में संबंधित पुलिसकर्मी प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। इसके परिणामस्वरूप, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, अब इसकी विस्तृत विभागीय जांच सहायक पुलिस आयुक्त घाटमपुर को सौंपी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार कठोर विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। सहायक पुलिस आयुक्त कलक्टरगंज/डॉयल 112, श्री आनन्द कुमार ओझा ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से प्रकरण संज्ञान में आया था और प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर कर्मी को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने यह भी दृढ़ता से कहा कि पुलिस की छवि धूमिल करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पुलिस विभाग वर्दी की आड़ में किसी भी तरह की अवैध वसूली या मुफ्तखोरी पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाएगा।1