डॉ.भीमराव अंबेडकर की 135 वां जयंती पर सीआरपीएफ नागपुर परिसर में सादगी, श्रद्धा और प्रेरणा से भरपूर समारोह का आयोजन डॉ.भीमराव अंबेडकर की 135 वां जयंती पर सीआरपीएफ नागपुर परिसर में सादगी, श्रद्धा और प्रेरणा से भरपूर समारोह का आयोजन नागपुर - ग्रुप केंद्र सीआरपीएफ नागपुर परिसर में भारतरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135 वां जयंती अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं प्रेरणास्पद वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अनिल कुमार, उप महानिरीक्षक, ग्रुप केंद्र नागपुर द्वारा डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ। इसके उपरांत उपस्थित सभी अधिकारियों, जवानों तथा परिजनों ने सामूहिक वंदना किया। इस कार्यक्रम में श्रीमती पूनम गुप्ता, अध्यक्षा, क्षेत्रीय कावा, नागपुर, डॉ. संदीप पर्थोंडीकर उप महानिरीक्षक (चिकित्सा) संयुक्त अस्पताल नागपुर, डॉ यशवंत लामतूरे, एम्स नागपुर, श्रीमती पूजा पंवार कमांडेंट 213 (म) बटा, कैलास स्वागत सहायक कमांडेंट, कमल भट्टाचार्य सहायक कमांडेंट सहित अन्य अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे। अनिल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की सोच, संघर्ष और समर्पण ने न केवल भारत को एक नया संविधान दिया, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन को नया आयाम, नया आत्मविश्वास और एक नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर जी एक समाज सुधारक और दलितों के मसीहा भी थे। जातिवाद और भेदभाव को समाज से दूर करने के लिए उन्होंसने काफी संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि जब तक जाति रहेगी, भारत सच्ची आज़ादी का अनुभव नहीं कर पाएगा। वे मानते थे कि जाति व्यवस्था केवल सामाजिक नहीं, बल्कि मानसिक गुलामी का रूप है। उन्होंने 'जाति तोड़ो' आंदोलन को गति दी और एक मजबूत सामाजिक क्रांति का नेतृत्व किया। डॉ. अंबेडकर महिलाओं के अधिकारों के पक्षधर भी थे तथा महिलाओं की स्वतंत्रता और समानता के भी बड़े पैरोकार थे। उन्होंने कहा कि आज, जब हम जातिगत भेदभाव, लैंगिक असमानता और सामाजिक विषमताओं से जूझ रहे हैं, तब डॉ. अंबेडकर जी की सोच और ज्यादा जरूरी हो जाती है। डॉ. अंबेडकर जी ने जो हमें संविधान दिया, वह हमें याद दिलाता है कि भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि एक विचार है – जिसमें हर व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान है। हम सभी को उनसे सीख लेते हुए उनके सिद्धांतों पर चलते हुए जाति धर्म से उपर उठकर देश के सर्वांगीण विकास में अपना महत्वएपूर्ण योगदान देने की आवश्यकता है। डॉ. अंबेडकर जी के सामाजिक न्याय, समता एवं संविधान निर्माण में अतुलनीय योगदान का स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी को प्रसाद वितरण किया गया तथा शाम को परिसर में सामूहिक रैली का भी आयोजन किया।
डॉ.भीमराव अंबेडकर की 135 वां जयंती पर सीआरपीएफ नागपुर परिसर में सादगी, श्रद्धा और प्रेरणा से भरपूर समारोह का आयोजन डॉ.भीमराव अंबेडकर की 135 वां जयंती पर सीआरपीएफ नागपुर परिसर में सादगी, श्रद्धा और प्रेरणा से भरपूर समारोह का आयोजन नागपुर - ग्रुप केंद्र सीआरपीएफ नागपुर परिसर में भारतरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135 वां जयंती अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं प्रेरणास्पद वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अनिल कुमार, उप महानिरीक्षक, ग्रुप केंद्र नागपुर द्वारा डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ। इसके उपरांत उपस्थित सभी अधिकारियों, जवानों तथा परिजनों ने सामूहिक वंदना किया। इस कार्यक्रम में श्रीमती पूनम गुप्ता, अध्यक्षा, क्षेत्रीय कावा, नागपुर, डॉ. संदीप पर्थोंडीकर उप महानिरीक्षक (चिकित्सा) संयुक्त अस्पताल नागपुर, डॉ यशवंत लामतूरे, एम्स नागपुर, श्रीमती पूजा पंवार कमांडेंट 213 (म) बटा, कैलास स्वागत सहायक कमांडेंट, कमल भट्टाचार्य सहायक कमांडेंट सहित अन्य अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे। अनिल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की सोच, संघर्ष और समर्पण ने न केवल भारत को एक नया संविधान दिया, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन को नया आयाम, नया आत्मविश्वास और एक नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर जी एक समाज सुधारक और दलितों के मसीहा भी थे। जातिवाद और भेदभाव को समाज से दूर करने के लिए उन्होंसने काफी संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि जब तक जाति रहेगी, भारत सच्ची आज़ादी का अनुभव नहीं कर पाएगा। वे मानते थे कि जाति व्यवस्था केवल सामाजिक नहीं, बल्कि मानसिक गुलामी का रूप है। उन्होंने 'जाति तोड़ो' आंदोलन को गति दी और एक मजबूत सामाजिक क्रांति का नेतृत्व किया। डॉ. अंबेडकर महिलाओं के अधिकारों के पक्षधर भी थे तथा महिलाओं की स्वतंत्रता और समानता के भी बड़े पैरोकार थे। उन्होंने कहा कि आज, जब हम जातिगत भेदभाव, लैंगिक असमानता और सामाजिक विषमताओं से जूझ रहे हैं, तब डॉ. अंबेडकर जी की सोच और ज्यादा जरूरी हो जाती है। डॉ. अंबेडकर जी ने जो हमें संविधान दिया, वह हमें याद दिलाता है कि भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि एक विचार है – जिसमें हर व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान है। हम सभी को उनसे सीख लेते हुए उनके सिद्धांतों पर चलते हुए जाति धर्म से उपर उठकर देश के सर्वांगीण विकास में अपना महत्वएपूर्ण योगदान देने की आवश्यकता है। डॉ. अंबेडकर जी के सामाजिक न्याय, समता एवं संविधान निर्माण में अतुलनीय योगदान का स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी को प्रसाद वितरण किया गया तथा शाम को परिसर में सामूहिक रैली का भी आयोजन किया।
- Post by धरती पुत्र4
- *प्रयागराज में बड़ा ट्रेन हादसा: पचदेवरा हाल्ट पर ट्रेन की चपेट में आने से 5 की मौत* संगम नगरी में भीषण रेल हादसा, ट्रेन से कटकर 5 लोगों ने गंवाई जान। मिली जानकारी के अनुसार प्रयागराज की तरफ जा रही गाड़ी पंचदेवरा हाल्ट पर खड़ी थी जिसके कुछ यात्री ट्रेन से उतरकर ट्रेन की पटरियों पर खड़े थे और मिर्जापुर की तरफ जा रही तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए जिससे पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई पचदेवरा हाल्ट पर भीड़ अधिक होने के कारण हुआ दर्दनाक हादसा। करछना क्षेत्र के पचदेवरा हाल्ट पर मची चीख-पुकार, मौके पर भारी भीड़। पुलिस और रेलवे की टीम मौके पर मौजूद, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है हादसे के बाद कुछ देर के लिए रेल यातायात हुआ बाधित1
- Post by Labour addaa.1
- हिवरा संगम–धनोडा येथे अवैध धंद्यांना उधाण; पानटपऱ्यांमधून खुलेआम मटका काउंटर हिवरा संगम/धनोडा : महागाव तालुक्यातील हिवरा संगम व धनोडा परिसरात सध्या अवैध धंद्यांना मोठ्या प्रमाणात उधाण आले असून, काही पानटपऱ्यांमधून खुलेआम मटका काउंटर चालवले जात असल्याची माहिती समोर येत आहे. गावातील मुख्य चौक तसेच वर्दळीच्या ठिकाणी हे प्रकार सुरू असल्याने नागरिकांमध्ये नाराजी व्यक्त होत आहे. स्थानिकांच्या म्हणण्यानुसार, दिवसभर या ठिकाणी संशयितांची वर्दळ दिसून येते. युवक वर्गही या अवैध प्रकारांकडे आकर्षित होत असल्याने सामाजिक वातावरण बिघडण्याची भीती व्यक्त केली जात आहे. संबंधितांवर कारवाई न झाल्याने या व्यवसायांना जणू अभय मिळाल्याचे चित्र आहे. नागरिकांनी पोलीस प्रशासनाने तात्काळ लक्ष घालून अशा अवैध मटका काउंटरवर कडक कारवाई करावी, अशी मागणी केली आहे. तसेच पानटपऱ्यांच्या आड सुरू असलेल्या या धंद्यांवर अंकुश लावण्याची गरज व्यक्त होत आहे.1
- गोंदिया जिले के एकोडी स्थित जिला परिषद भारतीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में लगातार तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में अज्ञात लोगों ने स्कूल की खिड़कियों के कांच तोड़ दिए, जिससे परिसर में नुकसान हुआ है। इससे पहले स्कूल में आयोजित लावणी व छत्तीसगढ़ी डांस कार्यक्रम के दौरान कुछ बच्चों द्वारा CCTV कैमरे तोड़े गए थे, जिनकी फुटेज भी सामने आई थी। उस समय डांस कमेटी ने नुकसान की भरपाई करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई भरपाई नहीं की गई। घटना को लेकर प्राचार्य की ओर से गंगाझरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन 9-10 दिन बीत जाने के बावजूद भी पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लगातार हो रही घटनाओं और पुलिस की निष्क्रियता से स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- Post by Amravati News Update1
- नागपूर दंगल पूर्वनियोजित . तर मग तुम्ही झोपला होता काय1
- कोळगाव (साखरा) आणि परिसरात गेल्या काही दिवसांपासून वन्यप्राण्यांच्या हालचालींमध्ये मोठी वाढ झाली असून, आज सकाळी प्रत्यक्ष 'पट्टेदार वाघ' दिसून आल्याने संपूर्ण परिसरात खळबळ उडाली आहे. या घटनेमुळे शेतकरी, शेतमजूर आणि वेकोलीतील कामगारांमध्ये प्रचंड दहशतीचे वातावरण पसरले आहे. नेमकी घटना काय? मिळालेल्या माहितीनुसार, वेकोलीमार्फत सुरू असलेल्या डम्पिंग क्षेत्रात गेल्या काही दिवसांपासून वन्यप्राण्यांचा वावर वाढल्याचे स्थानिक नागरिक सांगत होते. मात्र, आज सकाळी एका सतर्क कामगाराला प्रत्यक्ष वाघ दिसून आला. त्या कामगाराने प्रसंगावधान राखत आपल्या मोबाईलमध्ये वाघाचा व्हिडिओ कैद केला. हा व्हिडिओ सध्या परिसरात वाऱ्यासारखा व्हायरल होत असून, वाघाचे वास्तव्य याच परिसरात असल्याचे आता स्पष्ट झाले आहे. शेतकरी आणि कामगारांत भीतीचे सावट वाघाच्या या मुक्त संचारामुळे परिसरातील शेतकरी आणि शेतमजूर शेतात जाण्यास घाबरत आहेत. डम्पिंग यार्डमध्ये काम करणाऱ्या कामगारांच्या सुरक्षेचा प्रश्नही ऐरणीवर आला आहे. वाघाच्या उपस्थितीमुळे पाळीव जनावरांवर हल्ले होण्याची किंवा मानवी जीवितहानी होण्याची दाट शक्यता वर्तवण्यात येत आहे. वन विभागाकडे तातडीच्या उपाययोजनांची मागणी परिसरातील वाढती दहशत पाहता, वन विभागाने या प्रकरणाची गांभीर्याने दखल घ्यावी, अशी मागणी ग्रामस्थांनी केली आहे. वन विभागाने तात्काळ या भागात गस्त वाढवावी आणि वाघाचा बंदोबस्त करण्यासाठी आवश्यक त्या उपाययोजना कराव्यात, जेणेकरून शेतकरी आणि कामगारांना निर्भयपणे आपली कामे करता येतील. "वाघ दिसल्याने परिसरात भीती आहे. आम्ही वन विभागाला विनंती करतो की त्यांनी तातडीने पावले उचलून आमचे आणि आमच्या पशुधनाचे रक्षण करावे." — स्थानिक ग्रामस्थ1
- Post by Sharad Dayedar1