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कांग्रेस के जिला अध्यक्ष एवं विधायक संजय जाटव को पहनाया 300 फुट से भी लंबा साफा

2 hrs ago
user_NATION MEDIA AB
NATION MEDIA AB
धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
2 hrs ago

कांग्रेस के जिला अध्यक्ष एवं विधायक संजय जाटव को पहनाया 300 फुट से भी लंबा साफा

More news from Madhya Pradesh and nearby areas
  • Post by JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
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    Post by JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    user_JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    मीडिया Morena, Madhya Pradesh•
    16 hrs ago
  • मथुरा जिला एंटी करप्शन टीम द्वारा विशेष अभियान चलाकर सीएमओ कार्यालय की एक लिपिक को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया जिसको पड़कर एंटी करप्शन ट्यूब अपने साथ ले गई वैधानिक कार्रवाई की जा रही है जिससे कि कार्यालय में हड़कंप पहुंच गया
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    मथुरा जिला  एंटी करप्शन टीम द्वारा विशेष अभियान चलाकर सीएमओ कार्यालय की एक लिपिक को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया जिसको पड़कर एंटी करप्शन ट्यूब अपने साथ ले गई वैधानिक कार्रवाई की जा रही है जिससे कि कार्यालय में हड़कंप पहुंच गया
    user_शाहरुख बेग मिर्जा
    शाहरुख बेग मिर्जा
    Lawyer खेरागढ़, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • 7 अक्टूबर, 2001 को शुरू हुआ एक सफर, आज इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों से दर्ज हो गया है। लगभग 25 साल, हज़ारों चुनौतियां और करोड़ों भारतीयों का अटूट विश्वास! 🇮🇳 आज पीएम मोदी स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक 'Head of Government' के रूप में सेवा करने वाले नेता बन गए हैं। यह केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि निरंतर सेवा और समर्पण की पराकाष्ठा है। सिक्किम की धरती से संसद में गुंजी आवाज — मोदी जी का सफर बेमिसाल है! #PradhanSevakModi
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    7 अक्टूबर, 2001 को शुरू हुआ एक सफर, आज इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों से दर्ज हो गया है। लगभग 25 साल, हज़ारों चुनौतियां और करोड़ों भारतीयों का अटूट विश्वास! 🇮🇳
आज पीएम मोदी स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक 'Head of Government' के रूप में सेवा करने वाले नेता बन गए हैं। यह केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि निरंतर सेवा और समर्पण की पराकाष्ठा है।
सिक्किम की धरती से संसद में गुंजी आवाज — मोदी जी का सफर बेमिसाल है!
#PradhanSevakModi
    user_धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    Political party office Morena, Madhya Pradesh•
    22 hrs ago
  • खबर आप तक पहुंच सकें आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें लाइक करें हर खबर का नोटिफिकेशन आप सभी को मिल सकें
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    user_Avdhesh Singh Tomar
    Avdhesh Singh Tomar
    Voice of people अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के विरोध में शिक्षकों के उतरने का मामला अक्सर चर्चा में रहता है। यह मुख्य रूप से उन नियोजित शिक्षकों या संविदा कर्मियों से जुड़ा होता है जो वर्षों से शिक्षा विभाग में सेवा दे रहे हैं, लेकिन अब उन्हें स्थायीकरण या पदोन्नति के लिए परीक्षा पास करने को कहा जा रहा है। ​यहाँ इस विरोध के मुख्य कारणों और शिक्षकों के पक्ष को विस्तार से समझा गया है: ​विरोध के प्रमुख कारण ​अनुभव बनाम परीक्षा: शिक्षकों का तर्क है कि वे 10-15 वर्षों से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इतने लंबे अनुभव के बाद फिर से पात्रता परीक्षा देना उनके स्वाभिमान और करियर के साथ खिलवाड़ है। ​उम्र का पड़ाव: कई शिक्षक अब सेवानिवृत्ति (Retirement) के करीब हैं। इस उम्र में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना उनके लिए व्यावहारिक रूप से कठिन है। ​सेवा की शर्तें: शिक्षकों का कहना है कि जब उनकी नियुक्ति हुई थी, तब ऐसी किसी परीक्षा की शर्त नहीं थी। बीच में नियम बदलना नियमों का उल्लंघन है। ​वेतनमान और अधिकार: कई राज्यों में सरकार ने शर्त रखी है कि जो TET पास करेगा, उसे ही 'राज्य कर्मी' का दर्जा या पूर्ण वेतनमान मिलेगा। शिक्षक बिना किसी शर्त के यह दर्जा मांग रहे हैं। ​शिक्षकों की मुख्य मांगें ​बिना शर्त राज्य कर्मी का दर्जा: शिक्षकों की मांग है कि उनके अनुभव के आधार पर उन्हें सीधे स्थायी किया जाए। ​विभागीय परीक्षा का सरलीकरण: अगर परीक्षा अनिवार्य ही है, तो वह बहुत कठिन न होकर केवल उनके शिक्षण कौशल पर आधारित होनी चाहिए। ​पुरानी पेंशन योजना (OPS): विरोध प्रदर्शनों में अक्सर पुरानी पेंशन बहाली की मांग भी शामिल रहती है। ​सरकारी पक्ष और कानूनी स्थिति ​सरकार का तर्क है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की योग्यता की जांच जरूरी है। न्यायालयों ने भी कई मामलों में कहा है कि शिक्षा की गुणवत्ता के लिए पात्रता परीक्षा एक मानक प्रक्रिया है। ​नोट: अलग-अलग राज्यों (जैसे बिहार में सक्षमता परीक्षा या उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों का मामला) में इस विरोध का स्वरूप अलग हो सकता है।
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    शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के विरोध में शिक्षकों के उतरने का मामला अक्सर चर्चा में रहता है। यह मुख्य रूप से उन नियोजित शिक्षकों या संविदा कर्मियों से जुड़ा होता है जो वर्षों से शिक्षा विभाग में सेवा दे रहे हैं, लेकिन अब उन्हें स्थायीकरण या पदोन्नति के लिए परीक्षा पास करने को कहा जा रहा है।
​यहाँ इस विरोध के मुख्य कारणों और शिक्षकों के पक्ष को विस्तार से समझा गया है:
​विरोध के प्रमुख कारण
​अनुभव बनाम परीक्षा: शिक्षकों का तर्क है कि वे 10-15 वर्षों से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इतने लंबे अनुभव के बाद फिर से पात्रता परीक्षा देना उनके स्वाभिमान और करियर के साथ खिलवाड़ है।
​उम्र का पड़ाव: कई शिक्षक अब सेवानिवृत्ति (Retirement) के करीब हैं। इस उम्र में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना उनके लिए व्यावहारिक रूप से कठिन है।
​सेवा की शर्तें: शिक्षकों का कहना है कि जब उनकी नियुक्ति हुई थी, तब ऐसी किसी परीक्षा की शर्त नहीं थी। बीच में नियम बदलना नियमों का उल्लंघन है।
​वेतनमान और अधिकार: कई राज्यों में सरकार ने शर्त रखी है कि जो TET पास करेगा, उसे ही 'राज्य कर्मी' का दर्जा या पूर्ण वेतनमान मिलेगा। शिक्षक बिना किसी शर्त के यह दर्जा मांग रहे हैं।
​शिक्षकों की मुख्य मांगें
​बिना शर्त राज्य कर्मी का दर्जा: शिक्षकों की मांग है कि उनके अनुभव के आधार पर उन्हें सीधे स्थायी किया जाए।
​विभागीय परीक्षा का सरलीकरण: अगर परीक्षा अनिवार्य ही है, तो वह बहुत कठिन न होकर केवल उनके शिक्षण कौशल पर आधारित होनी चाहिए।
​पुरानी पेंशन योजना (OPS): विरोध प्रदर्शनों में अक्सर पुरानी पेंशन बहाली की मांग भी शामिल रहती है।
​सरकारी पक्ष और कानूनी स्थिति
​सरकार का तर्क है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की योग्यता की जांच जरूरी है। न्यायालयों ने भी कई मामलों में कहा है कि शिक्षा की गुणवत्ता के लिए पात्रता परीक्षा एक मानक प्रक्रिया है।
​नोट: अलग-अलग राज्यों (जैसे बिहार में सक्षमता परीक्षा या उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों का मामला) में इस विरोध का स्वरूप अलग हो सकता है।
    user_Patrakar वंदे भारत न्यूज़
    Patrakar वंदे भारत न्यूज़
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • रक्षक या भक्षक,, पुलिस दरोगा की गुंडई युवक को घर से पड़कर की मारपीट पैर मैं हुआ फ्रैक्चर , एसडीओपी रवि भदौरिया ने कहां जांच जारी, परिजनों ने एसपी को सौंपा न्याय हेतु आवेदन। अंबाह । अंबाह पुलिस द्वारा एक व्यक्ति को घर से गिरफ्तार करके मारपीट व अधिक यातना देने का मामला सामने आया है जानकारी के अनुसार अंबाह थाने में पदस्थ एएसआई किशन सिंह ने अपने रूम पर ले जाकर मारपीट की जिससे युवक को गंभीर चोटै आई हैं जानकारी के अनुसार मामला ग्राम पंचायत रिठौना बीच का पुरा का है जहां पर सेलू नामक युवक को घर से शराब के केस में गिरफ्तार करके लाया गया किशन सिंह के द्वारा उसको थाने में ना ले जाकर अपने प्राइवेट रूम पर ले गए यहां पर किशन सिंह दरोगा और दो अन्य पुलिस कर्मियों ने मिलकर शालू नामक युवक की बेरहमी से इतनी मारपीट की के उसके शरीर में गंभीर अंदरुनी चोट और दाहिने पैर में फैक्चर हो गया सेलू के परिजनों ने न्याय के लिए एसपी ऑफिस पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए आवेदन दिया गया है। अब पुलिस की कार्य प्रणाली पर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं पुलिस प्रशासन सवालों घेरे में है क्या आम इंसान के लिए पुलिस का इस तरीके का व्यवहार सही है जब पुलिस ही आरोपियों को सजा देने लगे तो कोर्ट कचहरी क्यों बनाए हैं आगे क्या दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होगी फिलहाल जेल प्रशासन द्वारा सेलू के पैर का एक्स्ररा कराया गया है एक्स-रे रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कितनी चोट है। वहीं एसडीओपी अंबाह रवि भदौरिया ने बताया कि अभी संबंधित मामले में जांच कर रहे हैं।
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    रक्षक या भक्षक,,
पुलिस दरोगा की गुंडई युवक को घर से पड़कर की मारपीट पैर मैं हुआ फ्रैक्चर , एसडीओपी रवि भदौरिया ने कहां जांच जारी, 
परिजनों ने एसपी को सौंपा न्याय हेतु आवेदन।
अंबाह ।
अंबाह पुलिस द्वारा एक व्यक्ति को घर से गिरफ्तार करके मारपीट व अधिक यातना देने का मामला सामने आया है जानकारी के अनुसार 
अंबाह थाने में पदस्थ एएसआई किशन सिंह ने अपने रूम पर ले जाकर मारपीट की जिससे युवक को गंभीर चोटै आई हैं जानकारी के अनुसार मामला ग्राम पंचायत रिठौना बीच का पुरा का है जहां पर सेलू नामक युवक को घर से शराब के केस में  गिरफ्तार करके लाया गया  किशन सिंह के द्वारा उसको थाने में ना ले जाकर अपने प्राइवेट रूम पर ले गए यहां पर किशन सिंह दरोगा और दो अन्य पुलिस कर्मियों ने मिलकर शालू नामक युवक की बेरहमी से इतनी मारपीट की के उसके शरीर में गंभीर अंदरुनी चोट और दाहिने पैर में फैक्चर हो गया सेलू के परिजनों ने न्याय के लिए  एसपी ऑफिस पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए आवेदन दिया गया है।
अब  पुलिस की कार्य प्रणाली पर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं पुलिस प्रशासन सवालों घेरे में है क्या आम इंसान के लिए पुलिस का इस तरीके का व्यवहार सही है जब पुलिस ही आरोपियों को सजा देने लगे तो कोर्ट कचहरी क्यों बनाए हैं आगे क्या दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होगी फिलहाल जेल प्रशासन द्वारा सेलू के पैर का एक्स्ररा कराया गया है एक्स-रे रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कितनी चोट है।
वहीं एसडीओपी अंबाह रवि भदौरिया ने बताया कि अभी संबंधित मामले में जांच कर रहे हैं।
    user_भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • Post by JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
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    Post by JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    user_JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    मीडिया Morena, Madhya Pradesh•
    21 hrs ago
  • मुरैना आज यूट्यूब पर कई छोटे बड़े कलाकार अपने ब्यूज के लिए पेशकश करते रहते हैं, मुरैना क्षेत्र भी इस यूट्यूब पर जल्दी ही दब दबा बनाने में हर पल आगे बढ़ चढ़कर पार्टिसिपेट कर रहे हैं चाहे युवा पीढ़ी हों या पुराना उसी में से एक अंकित तिवारी भाई भी है और उनका जल्द ही गाना होने वाला है रिलीज़, गाना चंबल में बना है चर्चा का विषय, गाना होने वाला है धमाकेदार, गाने का टाइटल रखा है “बैर” जिसे चंबल में बदला कहा जाता है जिसकी शूटिंग चंबल क्षेत्र में हुई है इस गाने को सुनना चाहते है तो आपको अंकित तिवारी के यूट्यूब पर जाना होगा…. newsong #bair #badla
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    मुरैना आज यूट्यूब पर कई छोटे बड़े कलाकार अपने ब्यूज के लिए पेशकश करते रहते हैं, मुरैना क्षेत्र भी इस यूट्यूब पर जल्दी ही दब दबा बनाने में हर पल आगे बढ़ चढ़कर पार्टिसिपेट कर रहे हैं चाहे युवा पीढ़ी हों या पुराना उसी में से एक 
अंकित तिवारी भाई भी है और उनका जल्द ही गाना होने वाला है रिलीज़, गाना चंबल में बना है चर्चा का विषय, गाना होने वाला है धमाकेदार, गाने का टाइटल रखा है “बैर” जिसे चंबल में बदला कहा जाता है जिसकी शूटिंग चंबल क्षेत्र में हुई है इस गाने को सुनना चाहते है तो आपको अंकित तिवारी के यूट्यूब पर जाना होगा….
newsong #bair #badla
    user_Avdhesh Singh Tomar
    Avdhesh Singh Tomar
    Voice of people अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • जौरा एसडीएम कार्यालय पर किसान कांग्रेस कमेटी के ब्लॉक अध्यक्ष दीपक यादव ने किसानों की समस्या को लेकर जौरा एसडीम को राज्यपाल के नाम दिया ज्ञापन।
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    जौरा एसडीएम कार्यालय पर किसान कांग्रेस कमेटी के ब्लॉक अध्यक्ष दीपक यादव ने किसानों की समस्या को लेकर जौरा एसडीम को राज्यपाल के नाम दिया ज्ञापन।
    user_Mahesh singh
    Mahesh singh
    Local News Reporter जौरा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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