“JAMUI SBI RSETI के किसानों को हमारे आश्रम BRC केंद्र पर सिमल के लट्ठा से जैव रसायन बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह जैव रसायन फसलों की वृद्धि बढ़ाकर मिट्टी की उर्वरता सुधारने में सहायक है।” सेमल (Semal - Bombax ceiba) का वृक्ष जैव रासायनिक (biochemical) और औषधीय रूप से बहुत समृद्ध है। इसके विभिन्न भागों—फूल, छाल, गोंद (मोचरस) और जड़—में विशिष्ट रासायनिक यौगिक पाए जाते हैं, जो इसे स्वास्थ्य और कृषि के लिए उपयोगी बनाते हैं। सेमल के जैव रसायन और औषधीय गुण: फूल (Flowers): सेमल के फूलों में प्रचुर मात्रा में खनिज तत्व जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम और बोरॉन पाए जाते हैं। इसके फूलों का सेवन पाचन सुधारने, पेट की गर्मी दूर करने और शारीरिक कमजोरी मिटाने के लिए किया जाता है। गोंद (Gum/Mochras): सेमल का गोंद, जिसे मोचरस भी कहते हैं, शारीरिक शक्ति बढ़ाने और थकान दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है। छाल (Bark): इसकी छाल में दस्त, मरोड़ और डिसेंट्री जैसी पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने वाले औषधीय तत्व होते हैं। जड़ (Root): सेमल की जड़ (कंद) में लिकोरिया और ओवर ब्लीडिंग जैसी समस्याओं को दूर करने वाले तत्व पाए जाते हैं। YouTube YouTube +5 कृषि में सेमल का उपयोग (जैव रसायन): सेमल के फूलों का उपयोग करके एक जैव रसायन (Bio-enzyme) बनाया जाता है, जो फसलों के लिए एक बेहतरीन पोषक तत्व है: बनाने की विधि: 3 किलो सेमल की पंखुड़ियों को 1 किलो गुड़ और 10 लीटर पानी के साथ मिलाकर 90 दिनों तक एयर टाइट डिब्बे में रखा जाता है, जिससे यह गलकर जैव रसायन बन जाता है। लाभ: यह मिश्रण फसलों में फूल, फल और कल्ले (नए तने) बढ़ाने में सहायक है। YouTube YouTube अन्य उपयोग: औषधीय महत्व: यह वजन बढ़ाने, खून साफ करने और पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है। औद्योगिक उपयोग: सेमल का पेड़ 30 मीटर तक ऊँचा होता है और इससे रेशम जैसी नरम रूई (कापोक) प्राप्त होती है, जिसका उपयोग गद्दे आदि बनाने में किया जाता है। Facebook Facebook +1 नोट: किसी भी औषधीय उपयोग के लिए इसका सेवन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। “JAMUI SBI RSETI के किसानों को हमारे आश्रम BRC केंद्र पर सिमल के लट्ठा से जैव रसायन बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह जैव रसायन फसलों की वृद्धि बढ़ाकर मिट्टी की उर्वरता सुधारने में सहायक है।” सेमल (Semal - Bombax ceiba) का वृक्ष जैव रासायनिक (biochemical) और औषधीय रूप से बहुत समृद्ध है। इसके विभिन्न भागों—फूल, छाल, गोंद (मोचरस) और जड़—में विशिष्ट रासायनिक यौगिक पाए जाते हैं, जो इसे स्वास्थ्य और कृषि के लिए उपयोगी बनाते हैं। सेमल के जैव रसायन और औषधीय गुण: फूल (Flowers): सेमल के फूलों में प्रचुर मात्रा में खनिज तत्व जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम और बोरॉन पाए जाते हैं। इसके फूलों का सेवन पाचन सुधारने, पेट की गर्मी दूर करने और शारीरिक कमजोरी मिटाने के लिए किया जाता है। गोंद (Gum/Mochras): सेमल का गोंद, जिसे मोचरस भी कहते हैं, शारीरिक शक्ति बढ़ाने और थकान दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है। छाल (Bark): इसकी छाल में दस्त, मरोड़ और डिसेंट्री जैसी पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने वाले औषधीय तत्व होते हैं। जड़ (Root): सेमल की जड़ (कंद) में लिकोरिया और ओवर ब्लीडिंग जैसी समस्याओं को दूर करने वाले तत्व पाए जाते हैं। YouTube YouTube +5 कृषि में सेमल का उपयोग (जैव रसायन): सेमल के फूलों का उपयोग करके एक जैव रसायन (Bio-enzyme) बनाया जाता है, जो फसलों के लिए एक बेहतरीन पोषक तत्व है: बनाने की विधि: 3 किलो सेमल की पंखुड़ियों को 1 किलो गुड़ और 10 लीटर पानी के साथ मिलाकर 90 दिनों तक एयर टाइट डिब्बे में रखा जाता है, जिससे यह गलकर जैव रसायन बन जाता है। लाभ: यह मिश्रण फसलों में फूल, फल और कल्ले (नए तने) बढ़ाने में सहायक है। YouTube YouTube अन्य उपयोग: औषधीय महत्व: यह वजन बढ़ाने, खून साफ करने और पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है। औद्योगिक उपयोग: सेमल का पेड़ 30 मीटर तक ऊँचा होता है और इससे रेशम जैसी नरम रूई (कापोक) प्राप्त होती है, जिसका उपयोग गद्दे आदि बनाने में किया जाता है। Facebook Facebook +1 नोट: किसी भी औषधीय उपयोग के लिए इसका सेवन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
“JAMUI SBI RSETI के किसानों को हमारे आश्रम BRC केंद्र पर सिमल के लट्ठा से जैव रसायन बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह जैव रसायन फसलों की वृद्धि बढ़ाकर मिट्टी की उर्वरता सुधारने में सहायक है।” सेमल (Semal - Bombax ceiba) का वृक्ष जैव रासायनिक (biochemical) और औषधीय रूप से बहुत समृद्ध है। इसके विभिन्न भागों—फूल, छाल, गोंद (मोचरस) और जड़—में विशिष्ट रासायनिक यौगिक पाए जाते हैं, जो इसे स्वास्थ्य और कृषि के लिए उपयोगी बनाते हैं। सेमल के जैव रसायन और औषधीय गुण: फूल (Flowers): सेमल के फूलों में प्रचुर मात्रा में खनिज तत्व जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम और बोरॉन पाए जाते हैं। इसके फूलों का सेवन पाचन सुधारने, पेट की गर्मी दूर करने और शारीरिक कमजोरी मिटाने के लिए किया जाता है। गोंद (Gum/Mochras): सेमल का गोंद, जिसे मोचरस भी कहते हैं, शारीरिक शक्ति बढ़ाने और थकान दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है। छाल (Bark): इसकी छाल में दस्त, मरोड़ और डिसेंट्री जैसी पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने वाले औषधीय तत्व होते हैं। जड़ (Root): सेमल की जड़ (कंद) में लिकोरिया और ओवर ब्लीडिंग जैसी समस्याओं को दूर करने वाले तत्व पाए जाते हैं। YouTube YouTube +5 कृषि में सेमल का उपयोग (जैव रसायन): सेमल के फूलों का उपयोग करके एक जैव रसायन (Bio-enzyme) बनाया जाता है, जो फसलों के लिए एक बेहतरीन पोषक तत्व है: बनाने की विधि: 3 किलो सेमल की पंखुड़ियों को 1 किलो गुड़ और 10 लीटर पानी के साथ मिलाकर 90 दिनों तक एयर टाइट डिब्बे में रखा जाता है, जिससे यह गलकर जैव रसायन बन जाता है। लाभ: यह मिश्रण फसलों में फूल, फल और कल्ले (नए तने) बढ़ाने में सहायक है। YouTube YouTube अन्य उपयोग: औषधीय महत्व: यह वजन बढ़ाने, खून साफ करने और पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है। औद्योगिक उपयोग: सेमल का पेड़ 30 मीटर तक ऊँचा होता है और इससे रेशम जैसी नरम रूई (कापोक) प्राप्त होती है, जिसका उपयोग गद्दे आदि बनाने में किया जाता है। Facebook Facebook +1 नोट: किसी भी औषधीय उपयोग के लिए इसका सेवन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। “JAMUI SBI RSETI के किसानों को हमारे आश्रम BRC केंद्र पर सिमल के लट्ठा से जैव रसायन बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह जैव रसायन फसलों की वृद्धि बढ़ाकर मिट्टी की उर्वरता सुधारने में सहायक है।” सेमल (Semal - Bombax ceiba) का वृक्ष जैव रासायनिक (biochemical) और औषधीय रूप से बहुत समृद्ध है। इसके विभिन्न भागों—फूल, छाल, गोंद (मोचरस) और जड़—में विशिष्ट रासायनिक यौगिक पाए जाते हैं, जो इसे स्वास्थ्य और कृषि के लिए उपयोगी बनाते हैं। सेमल के जैव रसायन और औषधीय गुण: फूल (Flowers): सेमल के फूलों में प्रचुर मात्रा में खनिज तत्व जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम और बोरॉन पाए जाते हैं। इसके फूलों का सेवन पाचन सुधारने, पेट की गर्मी दूर करने और शारीरिक कमजोरी मिटाने के लिए किया जाता है। गोंद (Gum/Mochras): सेमल का गोंद, जिसे मोचरस भी कहते हैं, शारीरिक शक्ति बढ़ाने और थकान दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है। छाल (Bark): इसकी छाल में दस्त, मरोड़ और डिसेंट्री जैसी पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने वाले औषधीय तत्व होते हैं। जड़ (Root): सेमल की जड़ (कंद) में लिकोरिया और ओवर ब्लीडिंग जैसी समस्याओं को दूर करने वाले तत्व पाए जाते हैं। YouTube YouTube +5 कृषि में सेमल का उपयोग (जैव रसायन): सेमल के फूलों का उपयोग करके एक जैव रसायन (Bio-enzyme) बनाया जाता है, जो फसलों के लिए एक बेहतरीन पोषक तत्व है: बनाने की विधि: 3 किलो सेमल की पंखुड़ियों को 1 किलो गुड़ और 10 लीटर पानी के साथ मिलाकर 90 दिनों तक एयर टाइट डिब्बे में रखा जाता है, जिससे यह गलकर जैव रसायन बन जाता है। लाभ: यह मिश्रण फसलों में फूल, फल और कल्ले (नए तने) बढ़ाने में सहायक है। YouTube YouTube अन्य उपयोग: औषधीय महत्व: यह वजन बढ़ाने, खून साफ करने और पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है। औद्योगिक उपयोग: सेमल का पेड़ 30 मीटर तक ऊँचा होता है और इससे रेशम जैसी नरम रूई (कापोक) प्राप्त होती है, जिसका उपयोग गद्दे आदि बनाने में किया जाता है। Facebook Facebook +1 नोट: किसी भी औषधीय उपयोग के लिए इसका सेवन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
- “इस खेत में प्राकृतिक (ऑर्गेनिक) विधि से तुलसी की खेती करने के लिए पहले क्यारियाँ बनाई जा रही हैं, ताकि पौधों की अच्छी वृद्धि हो सके।”1
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- लखीसराय जिला मुख्यालय परिसर से भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण—मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना—का शुभारंम किया गया। इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से डीएम शैलेंद्र कुमार ने गुब्बारे उड़ाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की। कार्यक्रम में एडीएम नीरज कुमार, डीडीसी सुमित कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम समेत कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए आपसी समन्वय और सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। बताया गया कि जनगणना के इस प्रथम चरण में जिले के सभी मकानों का सूचीकरण और उनकी स्थिति का आंकलन किया जाएगा, जो आगे की जनगणना प्रक्रिया के लिए आधार तैयार करेगा।1
- जनसुराज पार्टी के नव नियुक्त जमुई जिलाध्यक्ष बने रॉबिन सिंह ! " जिलाध्यक्ष बनते ही क्या कहा जानिए "1