ग्राम चौपाल में प्रधान नहीं पहुंचे, सचिव ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं कुशीनगर। मोतीचक विकासखंड क्षेत्र की ग्राम सभा पट्टना में शनिवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में ग्राम प्रधान के मौजूद नहीं रहने पर ग्राम पंचायत सचिव अमित कुमार यादव और प्रधान सहायक ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने पेंशन, आधार कार्ड और मानदेय से संबंधित समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। सचिव ने ग्रामीणों को संबंधित प्रक्रिया पूरी कराने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की जानकारी दी। चौपाल में बढ़ंती देवी की आधार कार्ड से जुड़ी समस्या प्रमुखता से सामने आई। उन्होंने बताया कि करीब नौ वर्षों से आधार कार्ड बनवाने का प्रयास कर रही हैं। कई बार आवेदन करने के बावजूद उनका आवेदन निरस्त हो जाता है। उन्होंने बताया कि आधार कार्ड नहीं बनने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। इसी तरह रामनाथ ने आधार कार्ड में उम्र गलत दर्ज होने की समस्या बताई। उनके अनुसार उनकी वास्तविक उम्र 60 वर्ष से अधिक है, जबकि आधार कार्ड में उम्र 54 वर्ष दर्ज है। उम्र में अंतर के कारण उन्हें वृद्धावस्था पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आधार में दर्ज उम्र को सही कराने की मांग की। चौपाल में वृद्धावस्था पेंशन से संबंधित तीन शिकायतें भी सामने आईं। एक ग्रामीण ने समय से पेंशन नहीं मिलने की समस्या बताई। इस पर ग्राम पंचायत सचिव अमित कुमार यादव ने एनपीसीआई प्रक्रिया पूरी कराने की सलाह दी। उन्होंने ग्रामीण को बैंक खाते और आधार से संबंधित प्रक्रिया पूरी कराने की जानकारी दी। वहीं, ग्राम सभा के केयरटेकर ने चार महीने से मानदेय नहीं मिलने की शिकायत की। सचिव ने बताया कि भुगतान खाते से संबंधित प्रक्रिया पर निर्भर है। उन्होंने केयरटेकर से आवश्यक दस्तावेज और आधार कार्ड उपलब्ध कराने को कहा। सचिव ने दस्तावेज मिलने के बाद अगले माह बकाया मानदेय भुगतान कराने का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों का कहना था कि ग्राम चौपाल के माध्यम से स्थानीय स्तर पर समस्याएं रखने का अवसर मिलता है। हालांकि आधार और पेंशन जैसी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। ग्रामीणों ने आधार, पेंशन और मानदेय से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की। चौपाल में सामने आई शिकायतों के निस्तारण की दिशा में सचिव स्तर से आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही गई।
ग्राम चौपाल में प्रधान नहीं पहुंचे, सचिव ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं कुशीनगर। मोतीचक विकासखंड क्षेत्र की ग्राम सभा पट्टना में शनिवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में ग्राम प्रधान के मौजूद नहीं रहने पर ग्राम पंचायत सचिव अमित कुमार यादव और प्रधान सहायक ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने पेंशन, आधार कार्ड और मानदेय से संबंधित समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। सचिव ने ग्रामीणों को संबंधित प्रक्रिया पूरी कराने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की जानकारी दी। चौपाल में बढ़ंती देवी की आधार कार्ड से जुड़ी समस्या प्रमुखता से सामने आई। उन्होंने बताया कि करीब नौ वर्षों से आधार कार्ड बनवाने का प्रयास कर रही हैं। कई बार आवेदन करने के बावजूद उनका आवेदन निरस्त हो जाता है। उन्होंने बताया कि आधार कार्ड नहीं बनने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। इसी तरह रामनाथ ने आधार कार्ड में उम्र गलत दर्ज होने की समस्या बताई। उनके अनुसार उनकी वास्तविक उम्र 60 वर्ष से अधिक है, जबकि आधार कार्ड में उम्र 54 वर्ष दर्ज है। उम्र में अंतर के कारण उन्हें वृद्धावस्था पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आधार में दर्ज उम्र को सही कराने की मांग की। चौपाल में वृद्धावस्था पेंशन से संबंधित तीन शिकायतें भी सामने आईं। एक ग्रामीण ने समय से पेंशन नहीं मिलने की समस्या बताई। इस पर ग्राम पंचायत सचिव अमित कुमार यादव ने एनपीसीआई प्रक्रिया पूरी कराने की सलाह दी। उन्होंने ग्रामीण को बैंक खाते और आधार से संबंधित प्रक्रिया पूरी कराने की जानकारी दी। वहीं, ग्राम सभा के केयरटेकर ने चार महीने से मानदेय नहीं मिलने की शिकायत की। सचिव ने बताया कि भुगतान खाते से संबंधित प्रक्रिया पर निर्भर है। उन्होंने केयरटेकर से आवश्यक दस्तावेज और आधार कार्ड उपलब्ध कराने को कहा। सचिव ने दस्तावेज मिलने के बाद अगले माह बकाया मानदेय भुगतान कराने का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों का कहना था कि ग्राम चौपाल के माध्यम से स्थानीय स्तर पर समस्याएं रखने का अवसर मिलता है। हालांकि आधार और पेंशन जैसी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। ग्रामीणों ने आधार, पेंशन और मानदेय से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की। चौपाल में सामने आई शिकायतों के निस्तारण की दिशा में सचिव स्तर से आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही गई।
- अनुप्रिया पटेल का कुशीनगर जिले मे कार्यक्रम तय पदाधिकारी जुटे तैयारी मे अपना दल एस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी क़ो लेकर पूर्वांचल के जिलों मे दौरा तेज कर दी है देवरिया जिले मे कार्यक्रम के बाद उनकी सभा कुशीनगर जिले मे तय हो गया है, इसकी तैयारी की जिम्मेदारी प्रदेश महासचिव अरविन्द सिंह पटेल और डा अरुण सिंह पटेल ने संभाल ली है प्रदेश महासचिव अरविन्द सिंह पटेल ने देवरिया और कुशीनगर मे पहुंचकर राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल की कार्यक्रम के लिए सभी पदाधिकारियों के साथ बैठकर कर जिम्मेदारी सोपी है इस दौरान अरविन्द सिंह पटेल ने कहा की कुशीनगर देवरिया जिले मे संगठन बहुत सक्रियता से कार्य कर रहा है आने वाले कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है अक्टूबर माह मे कुशीनगर जिले मे राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यक्रम प्रतावित है आगामी विधानसभा चुनाव मे पार्टी भाजपा के साथ मिलकर चुनाव मे परचम लहरएगी इस दौरान सैंकड़ो कार्यकर्ता पदाधिकारी मौजूद रहे1
- देवरिया में सोशल मीडिया पर चल रहे अपहरण के मामले में पुलिस ने कर दिया खंडन, सीओ सिटी संजय कुमार रेड्डी ने दी जानकारी दिनांक 18.09.2026 को सोशल मीडिया पर वायरल एक खबर जिसमें जनपद देवरिया के थाना कोतवाली में दिनदहाड़े चार पहिया वाहन में जबरन अपहरण की अफवाह फैलाई गई थी। जिसके संबंध में जाँच से स्पष्ट हुआ कि यह अपहरण का प्रकरण नहीं है, बल्कि दो पक्षों में पैसे के लेन-देन के संबंध में आपसी विवाद है। दोनों पक्षों को कोतवाली पुलिस द्वारा थाने लाया गया। शांति व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस द्वारा धारा 170 BNSS के अंतर्गत कार्यवाही की गयी। प्रथम पक्ष को हिदायत दी गई कि बकाया राशि के लिए थाने पर लिखित प्रार्थना-पत्र देकर विधिक कार्रवाई कराना सुनिश्चित करें। कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नही है। *...........क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी की बाइट ।*1
- संपूर्ण समाधान दिवस पर टीम ने लगाई एसडीओ को फटकार,,,,,,,,1
- UP Election 2027: ओवैसी का विपक्ष को बड़ा संदेश, BJP को रोकने के लिए गठबंधन का खुला ऑफर!1
- गोरखपुर को मिलीं दो और डबल डेकर इलेक्ट्रिक एसी बसें,महाराजगंज और अयोध्या रूट पर चलाने की तैयारी गोरखपुर परिवहन निगम की बस सेवा में जल्द ही यात्रियों को डबल डेकर इलेक्ट्रिक एसी बसों की सौगात मिलने जा रही है। गोरखपुर को डिमांड के आधार पर दो और डबल डेकर इलेक्ट्रिक एसी बसें मिली हैं।इन बसों को अलग-अलग रूट पर संचालित करने की तैयारी की जा रही है।इससे पहले गोरखपुर परिवहन निगम को एक डबल डेकर इलेक्ट्रिक एसी बस मिली थी,जिसका सफल ट्रायल किया गया था। ट्रायल के बाद यह बस वर्तमान में गोरखपुर-कसया मार्ग पर संचालित हो रही है और यात्रियों को अपनी सुविधाजनक यात्रा का अनुभव करा रही है।अब दो और डबल डेकर इलेक्ट्रिक एसी बसें मिलने के बाद इन्हें महाराजगंज और अयोध्या रूट पर चलाने पर विचार किया जा रहा है। प्रस्तावित योजना के मुताबिक एक बस को गोरखपुर-महाराजगंज मार्ग पर, जबकि दूसरी बस को गोरखपुर-अयोध्या मार्ग पर संचालित किया जा सकता है। बाइट - लव कुमार सिंह क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम, गोरखपुर1
- बी आर डी पीजी कॉलेज देवरिया में 15 दिवसीय फल संरक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन, महाविद्यालय के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा 15 दिवसीय फल संरक्षण प्रक्षिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन* देवरिया: बी आर डी पी जी कॉलेज, देवरिया के उद्यान विज्ञान विभाग और राजकीय फल संरक्षण केंद्र देवरिया के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित15 दिवसीय फल, सब्जी संरक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन प्रशिक्षु छात्र- छात्राओं के द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पाद जैसे जैम, जैली, आमला अचार, नीबू स्क्वैश, टमाटर चटनी, सॉस, मुरब्बा इत्यादि का परीक्षण कर ग्रेडिंग, पैकेजिंग और लेबलिंग कर मार्किंग की गई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री राजेन्द्र प्रसाद यादव ने 15 दिनों में आयोजित सैद्धान्तिक और प्रायोगिक कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत व्यख्यान दिया और सभी प्रशिक्षु छात्र -छात्राओं को प्रॉसेसिंग, वैल्यू एडिशन और परिरक्षण की विभिन्न सिखाई गयी विधियों को जीवन मे रोज़गार के अवसर और उद्दमी बनने के लिए आह्वान किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ विवेक कुमार सिंह ने सभी प्रशिक्षु छात्र- छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत फ़ूड प्रोसेसिंग में अन्य देशों के मुकाबले अभी बहुत पीछे है, हम उक्त प्रायोगिक विधियों के माध्यम से एक नई फ़ूड प्रोसेसिंग क्रांति को जन्म दे सकते है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहें महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य प्रोफेसर हरिशंकर गोविंद राव ने सभी प्रशिक्षु छात्र -छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के माध्यम से हम स्वयं रोजगार के सुनहरे अवसर सृजित कर सकते है। आज की शिक्षा पद्धति केवल रोजगार प्राप्त करने तक ही सीमित नही होनी चाहिए बल्कि सफल उद्दमी बनने की भी होनी चाहिए है। फ़ूड न्यूट्रिशन के अनुपात को बनाये रखने के लिए हमें फ़ूड प्रोसेस्ड उत्पादों को भी चलन में लाना होगा। जहाँ फल और सब्जियां आसानी से नही मिलती वहा ऐसे उत्पादों की माँग हमेंशा आपूर्ति से ज्यादा रहती है। कार्यक्रम का संचालन कौशल प्रताप और रिया राव ने किया, धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर सतेंद्र कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ धीरज वर्मा, सिंपल, अल्पना, कल्पना, आँशु, दीप माला, यास्मीन, रुपाली, अंजली, कोमल, अस्वनी, विशाल, महेंद्र, रोहन, अवनीश, सोनू, अनूप, जूही, चाहत, अंकिता, सुहानी, अंजीता इत्यादि उपस्थित रही।1
- अपहरण की वायरल खबर निकली अफवाह, पैसे के लेन-देन को लेकर था विवाद देवरिया में सोशल मीडिया पर दिनदहाड़े चार पहिया वाहन से जबरन अपहरण किए जाने की वायरल खबर को लेकर पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस के अनुसार, जांच में अपहरण का कोई प्रकरण सामने नहीं आया है। मामला दो पक्षों के बीच पैसे के लेन-देन को लेकर आपसी विवाद का निकला। कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने लाकर पूछताछ की। शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दृष्टिगत पुलिस ने धारा 170 BNSS के तहत कार्रवाई की। पुलिस ने प्रथम पक्ष को निर्देश दिया कि बकाया राशि के संबंध में थाने में लिखित प्रार्थना-पत्र देकर विधिक कार्रवाई कराई जाए। पुलिस के मुताबिक, वर्तमान में स्थिति सामान्य है और कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है।1
- नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में युवक गिरफ्तार, खोराबार पुलिस ने की कार्रवाई1
- पौधे के बीज से तैयार तेल ने एक ही परिवार के तीन लोगों की जान ले ली,एम्स के चिकित्सकों ने खोले मौत के राज गोरखपुर एम्स के डॉक्टरों ने एक ऐसी बीमारी के कारण का पता लगाया है,जिसने एक ही परिवार के तीन लोगों की जान ले ली।मामला पूर्वांचल के सलेमपुर क्षेत्र का है,जहां एक परिवार में लगातार तीन लोगों की मौत के बाद बीमारी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।परिवार में अब सिर्फ पिता और बेटा ही बचे हैं।दोनों मरीजों को गोरखपुर एम्स लाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद बीमारी के कारण का पता लगाया।सामने आया कि बीमारी की वजह कोई सामान्य संक्रमण नहीं,बल्कि जहरीले पौधे के बीज से तैयार किया गया तेल था।यूपी के सलेमपुर क्षेत्र के एक परिवार में तीन लोगों की मौत हो गई थी। परिवार के बचे दो सदस्य यानी पिता और बेटे को गोरखपुर एम्स लाया गया।मरीजों में पैरों में दर्द और सूजन समेत कई लक्षण सामने आए।डॉक्टरों ने मरीजों की जांच की तो शुरुआती स्तर पर ही बीमारी के पीछे की वजह सामने आ गई। जानकारी के मुताबिक,परिवार के लोगों को किसी ने जोड़ों के दर्द में फायदा होने की बात कहकर आर्जिमोन मैक्सिकाना के बीज इस्तेमाल करने की सलाह दी थी।इसी पौधे के बीज से तेल निकाला गया और परिवार के लोगों ने उस तेल का इस्तेमाल खाना बनाने में किया।इसके बाद परिवार के सदस्यों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं सामने आईं।डॉक्टरों के मुताबिक,आर्जिमोन मैक्सिकाना के बीज से निकला तेल जहरीला होता है और इसके सेवन से एपिडेमिक ड्रॉपसी नाम की बीमारी हो सकती है।इस बीमारी में शरीर के अलग-अलग हिस्सों में सूजन समेत कई गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं।एम्स की टीम ने मरीजों के लक्षणों और उनके इस्तेमाल किए गए तेल की जानकारी को जोड़कर बीमारी के कारण की पहचान की।सलेमपुर में एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी और दो लोग बचे थे,बाप और बेटा उन्हें हमारे पास भेजा गया।हमारे डॉक्टरों की टीम ने उन्हें देखा और दूसरे दिन ही समझ में आ गया कि उनके लक्षण किस वजह से हैं। सरसों के पौधे से मिलता-जुलता एक पौधा होता है।आर्जिमोन मैक्सिकाना। इसके बीज का तेल बनाकर परिवार के लोगों ने उसका सेवन किया था।उसी की वजह से उन्हें एपिडेमिक ड्रॉपसी की बीमारी हुई। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आम लोग ऐसे जहरीले तेल या पौधे की पहचान कैसे करें और इससे कैसे बचें। गोरखपुर एम्स की निर्देशक डॉक्टर विभा दत्ता ने कहा की सलाह साफ है कि खाने के तेल के तौर पर केवल प्रमाणित और सुरक्षित तेल का ही इस्तेमाल किया जाए। किसी भी अनजान पौधे के बीज या उससे निकाले गए तेल का सेवन सिर्फ इस आधार पर नहीं करना चाहिए कि वह किसी दूसरे पौधे जैसा दिखाई देता है या किसी ने उसे किसी बीमारी में फायदेमंद बताया है।जोड़ों का दर्द हो या शरीर में किसी तरह की सूजन, उसका इलाज खुद से करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।गोरखपुर एम्स में सामने आया यह मामला यह भी बताता है कि बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी घरेलू नुस्खे या अनजान पौधे से तैयार तेल का सेवन कितना गंभीर हो सकता है।एम्स निदेशक विभा दत्ता ने लोगों से अपील की है कि किसी के कहने पर बीमारी के इलाज के लिए कोई भी चीज खाने या इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सकीय सलाह जरूर लें। खासकर जोड़ों के दर्द जैसी समस्या में पहले डॉक्टर को दिखाना चाहिए।किसी व्यक्ति के बताए घरेलू नुस्खे या बिना पहचान वाले पौधे के बीज और तेल का इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है।कुछ लोग बोलते हैं कि ये खा लो, उससे दर्द ठीक हो जाएगा इन बातों को ध्यान से सुनना चाहिए और इस पर अंधविश्वास नहीं करना चाहिए। किसी डॉक्टर से कंसल्ट करके ही दवा लेना चाहिए। पहली बात तो यह है कि जोड़ों का अगर दर्द है, यह कोई और बीमारी है तो आप पहले डॉक्टर को दिखाइए और डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लीजिए और इलाज करवाइए। गोरखपुर एम्स की यह पहल एक परिवार में बीमारी की वजह पता लगाने के साथ-साथ लोगों के लिए भी बड़ा संदेश है,अनजान पौधे,बीज या तेल को बिना चिकित्सकीय सलाह के इस्तेमाल न करें और किसी भी बीमारी का इलाज खुद से करने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लें। बाइट-विभा दत्ता निदेशक एम्स गोरखपुर1