डीग में पहुँचेगी अरावली संरक्षण यात्रा, सामाजिक कार्यकर्ता इनामुल हसन करेंगे अगवानी 24 जनवरी को गुजरात से शुरू हुई अरावली संरक्षण यात्रा 17 फरवरी को डीग जिले में पहुँचेगी। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता इनामुल हसन (जोधपुर) द्वारा यात्रा का स्वागत सम्मान जाएगा। यात्रा के दौरान ग्राम जोधपुर, बोलखेड़ा, समसलका सहित आसपास के गांवों में अरावली पर्वतमाला का अवलोकन और जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। इन क्षेत्रों में पहले हुए खनन से लोगों और वन्यजीवों को काफी नुकसान हुआ है। यह यात्रा 700 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और 4 राज्यों से गुजरते हुए 40 दिनों में पूरी होगी। इस यात्रा के दौरान भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखला की गोद में बसे समुदायों से मिलकर संवाद किया जाएगा, ताकि अरावली के ग्रामीण जीवन के संघर्षों, अरावली के महत्व से पूरी दुनिया को परिचित कराया जा सके। यह यात्रा सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के फैसले से कमजोर हुए अरावली संरक्षण के विरोध में निकाली जा रही है। इसका उद्देश्य अवैध खनन, मानवीय आवश्यकताओं की आपूर्ति के नाम पर वनों की कटाई और अनय प्राकृतिक संसाधनों की बर्बादी को रोकना है। यह यात्रा गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली से होकर गुजर रही है। इसका संचालन अरावली विरासत जन अभियान द्वारा किया जा रहा है। डीग जिले में यात्रा के स्वागत को लेकर लोगों में उत्साह है। सभी नागरिकों और मीडिया साथियों से सहयोग का अनुरोध है।
डीग में पहुँचेगी अरावली संरक्षण यात्रा, सामाजिक कार्यकर्ता इनामुल हसन करेंगे अगवानी 24 जनवरी को गुजरात से शुरू हुई अरावली संरक्षण यात्रा 17 फरवरी को डीग जिले में पहुँचेगी। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता इनामुल हसन (जोधपुर) द्वारा यात्रा का स्वागत सम्मान जाएगा। यात्रा के दौरान ग्राम जोधपुर, बोलखेड़ा, समसलका सहित आसपास के गांवों में अरावली पर्वतमाला का अवलोकन और जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। इन क्षेत्रों में पहले हुए खनन से लोगों और वन्यजीवों को काफी नुकसान हुआ है। यह यात्रा 700 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और 4 राज्यों से गुजरते हुए 40 दिनों में पूरी होगी। इस यात्रा के दौरान भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखला की गोद में बसे
समुदायों से मिलकर संवाद किया जाएगा, ताकि अरावली के ग्रामीण जीवन के संघर्षों, अरावली के महत्व से पूरी दुनिया को परिचित कराया जा सके। यह यात्रा सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के फैसले से कमजोर हुए अरावली संरक्षण के विरोध में निकाली जा रही है। इसका उद्देश्य अवैध खनन, मानवीय आवश्यकताओं की आपूर्ति के नाम पर वनों की कटाई और अनय प्राकृतिक संसाधनों की बर्बादी को रोकना है। यह यात्रा गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली से होकर गुजर रही है। इसका संचालन अरावली विरासत जन अभियान द्वारा किया जा रहा है। डीग जिले में यात्रा के स्वागत को लेकर लोगों में उत्साह है। सभी नागरिकों और मीडिया साथियों से सहयोग का अनुरोध है।
- जिला डीग में ये क्या हो रहा है1
- Post by News 931
- प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय डीग उपसेवाकेंद्र में महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाई गई अमरदीप सैन डीग। प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के उपसेवा । केंद्र डीग द्वारा महाशिवरात्रि का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संत दास बाबा राजा मुरली मनोहर मंदिर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्र. कु. बबिता दीदी सह प्रभारी, भरतपुर ने की। विशिष्ट अतिथियों में भगवान शरण आड़तिया, हिंदी साहित्य समिति के महामंत्री चंद्रभान वर्मा, वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्र. कु. प्रवीणा बहन प्रभारी ब्र. कु. योगिता बहन प्रभारी ओल एवं ब्र. कु. जागृति बहन सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ईश्वरीय स्मृति गीत से हुआ शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ ईश्वरीय स्मृति गीत “ऐ आत्माओं सुन लो शिव ये शुभ संदेश” से हुआ। मुख्य अतिथि संत दास बाबा राजा ने अपने उद्बोधन में कहा कि परमात्मा शिव एकांतवासी कहलाते हैं। यदि हम ईश्वर की प्राप्ति करना चाहते हैं तो एकांत और मौन की आवश्यकता होती है। समय स्वप्न के समान है, इसे व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस का पाठ तो अनेक लोग करते हैं, किंतु उसे आचरण में लाना आवश्यक है। ईर्ष्या, निंदा और चुगली से दूर रहकर सदाचारपूर्ण जीवन जीना ही सच्ची भक्ति है। उन्होंने सभी को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। शिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य अध्यक्षीय संबोधन में ब्र. कु. बबिता दीदी ने शिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह परमात्मा शिव का अवतरण दिवस है। शिवरात्रि पर नमक और मिर्च का त्याग प्रतीकात्मक है अर्थात् हमें कड़वे और तीखे वचन नहीं बोलने चाहिए। सभी के प्रति प्रेम, सहयोग और सम्मान का भाव रखना ही सच्चा जीवन है। विशिष्ट अतिथि चंद्रभान वर्मा ने अपनी शुभकामनाएँ व्यक्त करते हुए “घर-घर शिव का ध्वज फहराएंगे” कविता सुनाई, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा। परमात्मा का सत्य परिचय ब्र. कु. योगिता बहन ने अपने वक्तव्य में कहा कि परमात्मा निराकार ज्योति बिंदु स्वरूप हैं, जो गुणों के सागर हैं। उनके सान्निध्य से मनुष्य अपने जीवन को श्रेष्ठ और दिव्य बना सकता है। प्रभात फेरी और झांकियों ने बांधा समां कार्यक्रम से पूर्व डीग कस्बे के प्रमुख स्थानों पर प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी में भगवान शिव शंकर एवं राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकियां सजाई गईं, जिनके दर्शन कर नगरवासियों ने श्रद्धाभाव प्रकट किया। प्रभात फेरी को संत दास बाबा राजा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा शिव ध्वजारोहण किया गया तथा सभी को यह प्रतिज्ञा दिलाई गई कि वे मन, वचन और कर्म से किसी को भी दुख नहीं देंगे। गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें दीपू फोजदार पूर्व प्रेसिडेंट, डीग कॉलेज, रज्जन सिंह , गिरधारी मित्तल, दिगंबर, गौरव, सुरेश, गीता, केला, मुस्कान, मोनिका सहित सैकड़ों भाई-बहन शामिल रहे।3
- मथुरा जनपद के शेरगढ़ में तैनात पोस्टमैन के अपहरण के बाद हत्या करने वाले दो अभियुक्त के साथ पुलिस की हुई मुठभेड़ अभियुक्त हुए घायल1
- Post by Dk rajput Rajput1
- Post by MVPS NEWS1
- Post by Vinay_creator1121
- एक और नई पहल दो बच्चियों की दिया दान दहेज का सामान अमर दीप सेन डीग आज शहर की हनुमान मोहल्ला स्थित कोली समाज की बस्ती में दो गरीब बच्चियों की शादी में एक बच्ची जो की निहायती गरीब है जिसके पिता बहुत ही निर्धन है आय का कोई स्रोत नहीं है और वह चार बहने हैं भाई भी नहीं है और दूसरी बच्ची जिसके पिता नहीं है मां भी दिव्यांग है और एक भाई है वह भी दिव्यांग है आप दोनों की शादी में पूर्व पंचायत समिति सदस्य पूनम शर्मा जी की पहल पर गृहस्थी का सामान दिया जिसमें दोनों को अलग-अलग 11 साड़ियां एक साल एक बेडशीट एक डबल बेड का कंबल 25 किलो चीनी एक रिफाइंड का पीपा 25 किलो आटा 11 किलो बेसन एक सिलाई मशीन एक प्रेशर कुकर एक जोड़ी पायल एक सोने की बाली एक जोड़ी बिछुआ ₹1100 नगद वह कुछ गिफ्ट परिवार को भेंट किया गुरुजी लोकेश शर्मा के सानिध्य में एवं साथ मै भामाशाह डॉक्टर जितेंद्र सिंह फौजदार ,सौरभ जैन, काजल जैन, योगेश शर्मा जयपुर ,आलोक आगरा ,नरेश ककड़ा वाले, देवेंद्र ठेकेदार लेखू भगत ,दीपक , दीपांशु खंडेलवाल एवं संतों महमदपुर आप सभी के सहयोग से यह पुनीत कार्य किया गया2