जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है, जिसके तहत कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। इसी कड़ी में अवैध उत्खनन और परिवहन में शामिल 1 जेसीबी मशीन और 5 ट्रैक्टरों को जब्त किया गया है। खनिज विभाग की इस बड़ी कार्रवाई से अवैध रेत और खनिज कारोबार में लिप्त माफियाओं में हड़कंप मच गया है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ यह अभियान अनवरत जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या समूह पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान, संबंधित वाहन चालकों और संचालकों से उनके दस्तावेजों की गहन जांच की गई। वैध अनुमति प्रस्तुत न कर पाने के कारण सभी वाहनों को नियमानुसार जब्त कर लिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि प्राकृतिक संसाधनों की किसी भी प्रकार की अवैध लूट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है, जिसके तहत कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। इसी कड़ी में अवैध उत्खनन और परिवहन में शामिल 1 जेसीबी मशीन और 5 ट्रैक्टरों को जब्त किया गया है। खनिज विभाग की इस बड़ी कार्रवाई से अवैध रेत और खनिज कारोबार में लिप्त माफियाओं में हड़कंप मच गया है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ यह अभियान अनवरत जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या समूह पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान, संबंधित वाहन चालकों और संचालकों से उनके दस्तावेजों की गहन जांच की गई। वैध अनुमति प्रस्तुत न कर पाने के कारण सभी वाहनों को नियमानुसार जब्त कर लिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि प्राकृतिक संसाधनों की किसी भी प्रकार की अवैध लूट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
- जनकपुर क्षेत्र के बहरासी गांव में मारपीट से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद, पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है।1
- प्रधानमंत्री मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान भारतीय समुदाय से संबंधित कार्यक्रमों और वैश्विक रिश्तों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस यात्रा का मुख्य फोकस इन्हीं दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा।1
- ग्राम पंचायत केदारपुर नायक में हैंडपंप पिछले एक महीने से सूखा पड़ा है, जिससे स्थानीय लोग पानी की समस्या से गंभीर रूप से परेशान हैं। निवासियों ने इस संबंध में माननीय श्री विधायक बुलंद सिंह जी को एक आवेदन देकर समस्या के समाधान का आग्रह किया था, लेकिन उन्हें केवल 'हो जाएगा, रुको, हो जाएगा' जैसे आश्वासन ही मिल रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या बीते एक साल से बनी हुई है। लोगों का कहना है कि जब विधायक को फंड मिलता है, तो वे अपने परिचितों को प्राथमिकता देते हुए उनके व्यक्तिगत हितों के लिए काम करवाते हैं, जैसे कि किसी के खेत में काम करवाना या निजी कार्यों में फंड का इस्तेमाल करना। इससे सार्वजनिक सेवाओं के लिए कोई सहयोग नहीं मिल रहा है, और जनता की परेशानियों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।1
- छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026 के लिए पूर्व में घोषित अवकाश सूची में आंशिक संशोधन किया है, जिसके तहत ईद-उल-जुहा (बकरीद) के सार्वजनिक अवकाश की तारीख बदल दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, इस पर्व पर पहले 27 मई 2026, बुधवार को सार्वजनिक और सामान्य अवकाश घोषित किया गया था। राज्य शासन द्वारा जारी किए गए ताजा संशोधन आदेश के तहत अब 27 मई के स्थान पर अगले दिन, यानी 28 मई 2026, गुरुवार को प्रदेश में ईद-उल-जुहा (बकरीद) का सार्वजनिक और सामान्य अवकाश रहेगा। यह आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से और उनके आदेशानुसार सामान्य प्रशासन विभाग की उप सचिव अंशिका ऋषि पाण्डेय द्वारा जारी किया गया है। इस संबंध में शासन के समस्त विभागों, राजस्व मंडल, विभागाध्यक्षों, संभाग आयुक्तों, कलेक्टरों और अन्य संबंधित कार्यालयों को प्रतिलिपि भेजकर सूचित कर दिया गया है।1
- छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा संभाग के 55 मेधावी छात्र-छात्राओं के भविष्य के लिए एक ऐतिहासिक और सराहनीय पहल की है। जिला खनिज न्यास मद (DMF) के विशेष सहयोग से इन छात्रों का चयन JEE और NEET की तैयारी के लिए किया गया है। उन्हें 2 साल तक बिल्कुल निःशुल्क उत्कृष्ट कोचिंग, रहने (हॉस्टल) और खाने-पीने की पूरी व्यवस्था प्रदान की जाएगी। इस पहल की सबसे सराहनीय विशेषता यह है कि इसमें समाज के सबसे अंतिम छोर पर खड़े 5 विशेष पिछड़ी जनजाति के प्रतिभावान छात्रों को भी शामिल कर उन्हें आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर दिया गया है। अंबिकापुर कलेक्टर कार्यालय परिसर में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान, मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद उन्होंने 3 विशेष बसों को हरी झंडी दिखाकर रायपुर के लिए रवाना किया, जहाँ ये छात्र अब प्रतिष्ठित संस्थानों में रहकर अपनी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करेंगे। इस मौके पर जिले के कलेक्टर, प्रशासनिक अधिकारी, भारी संख्या में पत्रकार और बच्चों के माता-पिता उपस्थित रहे। अपनों को सपनों की उड़ान भरते देख कई पिताओं और माताओं की आँखें खुशी से नम नजर आईं।1
- एक पोस्ट के माध्यम से चश्मा पहने एक गाय की तस्वीर को सभी लोगों तक पहुँचाने का आग्रह किया गया है। इसमें अपील की गई है कि इस तस्वीर को पूरे छत्तीसगढ़ में हर जगह फैलाया जाना चाहिए। पोस्ट में लोगों से इस फोटो को लाइक करने और बहुत जल्द इसका समर्थन करने की बात कही गई है।2
- सत्ता के दबाव, प्रशासनिक मनमानी और लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन के विरुद्ध शुरू हुआ संघर्ष अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। न्याय की मांग को लेकर चला आ रहा यह आंदोलन आमरण अनशन में बदल गया है, जिसमें सत्याग्रही दृढ़ता से यह घोषणा कर रहे हैं कि वे 'झुकेंगे नहीं, रुकेंगे नहीं'। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आम नागरिक एकजुट हो रहे हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि शासन-प्रशासन जनता की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन वे किसी भी कीमत पर सत्य और न्याय की इस लड़ाई को कमजोर नहीं होने देंगे। अनशन पर बैठे नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की आवाज है जो अन्याय, फर्जी कार्रवाई और सत्ता के दुरुपयोग का शिकार हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान धरना स्थल पर दिनभर "तानाशाही नहीं चलेगी", "सत्याग्रह हमारा अधिकार है" और "अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा" जैसे नारों से माहौल गूंजता रहा। आंदोलनकारियों ने लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाने की प्रवृत्ति को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और आमरण अनशन को गांधीवादी सत्याग्रह की ऐसी ताकत कहा जो सत्ता को आईना दिखाने का काम करती है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, यह सवाल बना हुआ है कि क्या सरकार आंदोलनकारियों की मांगों को गंभीरता से सुनेगी या फिर यह संघर्ष और अधिक उग्र रूप धारण करेगा।1
- छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि वे सद्गुरु रामभद्राचार्य को संत नहीं मानते हैं। यह बयान उनकी ओर से सीधे तौर पर दिया गया है।1
- प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड की यात्रा पर हैं, जहाँ उनके दौरे का मुख्य फोकस भारतीय समुदाय के कार्यक्रम और वैश्विक संबंधों को मजबूत करने पर रहेगा।1