धौलपुर के बसेड़ी में सर्व समाज ने जनहित में मजबूत आवाज उठाते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को उसके वर्तमान स्थान पर ही यथावत संचालित रखने की मांग की है। इस संबंध में सर्व समाज की ओर से माननीय मुख्यमंत्री महोदय के नाम बसेड़ी के उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि वर्तमान स्वास्थ्य केंद्र को इसी स्थान पर चालू रखा जाए, या फिर इस वर्तमान भवन में कम से कम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का संचालन निरंतर किया जाए। इसके साथ ही नए अस्पताल भवन में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने की मांग भी पुरजोर तरीके से उठाई गई है। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया है कि प्रस्तावित नया अस्पताल कस्बे से लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित है। इतनी अधिक दूरी होने की वजह से आमजन में सुरक्षा और समय पर उपचार मिलने को लेकर गहरी चिंता व्याप्त है। विशेष रूप से रात के समय, आपातकालीन परिस्थितियों में, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों, दिव्यांगजनों और गरीब परिवारों को इतनी दूर अस्पताल पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। सर्व समाज ने स्पष्ट किया है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं। उनकी मांग केवल यह है कि नई जगह पर आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार जरूर किया जाए, लेकिन साथ ही कस्बे के वर्तमान अस्पताल परिसर में भी स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर चालू रखी जाएं ताकि स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सभी नागरिकों ने सरकार से इस संवेदनशील मुद्दे पर जनहित में सकारात्मक निर्णय लेने की पुरजोर अपील की है।
धौलपुर के बसेड़ी में सर्व समाज ने जनहित में मजबूत आवाज उठाते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को उसके वर्तमान स्थान पर ही यथावत संचालित रखने की मांग की है। इस संबंध में सर्व समाज की ओर से माननीय मुख्यमंत्री महोदय के नाम बसेड़ी के उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि वर्तमान स्वास्थ्य केंद्र को इसी स्थान पर चालू रखा जाए, या फिर इस वर्तमान भवन में कम से कम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का संचालन निरंतर किया जाए। इसके साथ ही नए अस्पताल भवन में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने की मांग भी पुरजोर तरीके से उठाई गई है। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया है कि प्रस्तावित नया अस्पताल कस्बे से लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित है। इतनी अधिक दूरी होने की वजह से आमजन में सुरक्षा और समय पर उपचार मिलने को लेकर गहरी चिंता व्याप्त है। विशेष रूप से रात के समय, आपातकालीन परिस्थितियों में, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों, दिव्यांगजनों और गरीब परिवारों को इतनी दूर अस्पताल पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। सर्व समाज ने स्पष्ट किया है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं। उनकी मांग केवल यह है कि नई जगह पर आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार जरूर किया जाए, लेकिन साथ ही कस्बे के वर्तमान अस्पताल परिसर में भी स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर चालू रखी जाएं ताकि स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सभी नागरिकों ने सरकार से इस संवेदनशील मुद्दे पर जनहित में सकारात्मक निर्णय लेने की पुरजोर अपील की है।
- धौलपुर जिले के सरमथुरा क्षेत्र में ग्रामीणों ने खुद ही अतिक्रमण हटा लिए हैं। सरमथुरा क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों द्वारा स्वयं ही अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई की गई है।1
- धौलपुर के बाड़ी थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार शर्मा के कुशल मार्गदर्शन और सतर्क नेतृत्व में ट्रैफिक पुलिस द्वारा महिलाओं को साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए जागरूक किया गया है। संवाददाता बहीद खां की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में यह बेहद सराहनीय प्रयास किया गया है। इस जागरूकता अभियान के दौरान महिलाओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और ओटीपी साझा न करने जैसी बेहद महत्वपूर्ण सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई ताकि उन्हें साइबर फ्रॉड का शिकार होने से बचाया जा सके।1
- मुरैना जिले के सबलगढ़ में चंबल नदी के रहु घाट से ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए अवैध रेत का परिवहन बेखौफ जारी है। नदी के उस पार से चंबल की रेत भरकर पानी के बीच से ट्रैक्टर-ट्रॉली को निकालना बेहद खतरनाक दृश्य है, लेकिन इतनी बड़ी रिस्क के बावजूद भी रहु घाट के रास्ते लगातार चंबल की अवैध रेत का परिवहन किया जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट की शक्ति और मुरैना कलेक्टर एवं मुरैना एसपी के अत्यधिक प्रयासों व सख्त निर्देशों के बावजूद भी रहु घाट से अवैध चंबल रेत का परिवहन बेधड़क चल रहा है।1
- आम धारणा के विपरीत, सहारा दुनिया का सबसे बड़ा रेगिस्तान नहीं है, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा रेगिस्तान अंटार्कटिका (Antarctica) है। ऐसा इसलिए है क्योंकि रेगिस्तान का मतलब सिर्फ रेत से नहीं, बल्कि बहुत कम वर्षा वाले क्षेत्र से होता है। लोगों से पूछा गया है कि क्या उन्हें यह तथ्य पहले से पता था और उन्हें कमेंट में अपना जवाब (Sahara या Antarctica) देने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही, परीक्षा की तैयारी और ऐसे ही दमदार सामान्य ज्ञान (GK) फैक्ट्स के लिए 'Mahadhurandhar Classes' को फॉलो करने की बात कही गई है।1
- करौली जिले के हिंडौन ब्लॉक स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय शेरपुर में भूगोल विषय के व्याख्याता भूपेंद्र सिंह बांसरे का धौलपुर जिले में स्थानांतरण किए जाने पर स्थानीय ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं में भारी रोष व्याप्त है। इस तबादले के विरोध में ग्रामीणों ने शनिवार सुबह विद्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भूपेंद्र सिंह बांसरे के कुशल मार्गदर्शन और सरल स्वभाव के कारण पिछले कई वर्षों से भूगोल विषय का बोर्ड परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है, जिसमें कई विद्यार्थियों ने 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि उनके स्थानांतरण से क्षेत्र के विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो जाएगी। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर और करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर से स्थानांतरण रद्द करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि व्याख्याता का तबादला रद्द नहीं किया गया, तो वे विद्यालय के गेट पर ताला लगा देंगे और मुख्य दरवाजे पर भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।1
- जौरा क्षेत्र के प्रसिद्ध पगारा डैम में एक सप्ताह के भीतर डूबने से दूसरी मौत होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में शनिवार को मुरैना के काशीपुरा वार्ड क्रमांक-3 निवासी रामवीर इनदोलिया के 20 वर्षीय पुत्र राहुल इनदोलिया की डैम में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इससे कुछ दिन पहले संजय नगर, जौरा निवासी मातादीन गुर्जर के पुत्र अनिल गुर्जर की भी इसी डैम में डूबने से जान चली गई थी। बारिश के मौसम में पगारा डैम पर बड़ी संख्या में लोग घूमने और पिकनिक मनाने पहुंचते हैं, जिससे जलस्तर और पानी का बहाव बढ़ने पर हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके बावजूद लोग गहरे पानी में उतरकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। लगातार हो रहे इन हादसों के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से गहरे पानी वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, बैरिकेडिंग करने, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करने और पर्यटकों को खतरनाक क्षेत्रों में जाने से रोकने की मांग की है। एक सप्ताह में हुई इन दो मौतों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। अब सबसे बड़ा प्रश्न यही खड़ा होता है कि क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे के बाद ही सुरक्षा के ठोस कदम उठाएगा, या समय रहते कोई प्रभावी व्यवस्था की जाएगी?1
- धौलपुर के बाड़ी थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार शर्मा के कुशल मार्गदर्शन और सतर्क नेतृत्व में ट्रैफिक पुलिस द्वारा महिलाओं को साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए जागरूक किया गया है। महिलाओं में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह सराहनीय प्रयास किया गया। इस जागरूकता अभियान के दौरान महिलाओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने और किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी साझा न करने जैसी महत्वपूर्ण सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।1
- धौलपुर के राजाखेड़ा में फायरिंग की घटना के दो आरोपियों का पुलिस ने मुख्य बाजार में पैदल जुलूस निकाला। थानाप्रभारी गंभीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल इन दोनों अपराधियों को पैदल जुलूस के साथ तीनों घटनास्थल पर लेकर गया। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से इलाके के अपराधियों में पूरी तरह भय का माहौल पैदा हो गया है।1