बिहारशरीफ के दीपनगर थाना क्षेत्र में एक महादलित परिवार की नाबालिग बच्ची के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के विरोध में भाकपा-माले ने बिहारशरीफ में जोरदार विरोध मार्च निकाला। यह मार्च पार्टी के जिला कार्यालय से शुरू होकर अस्पताल मोड़ पहुंचा, जहां एक सभा का आयोजन किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जिला प्रशासन बलात्कार की घटनाओं में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को सजा दिलाने में पूरी तरह विफल रहा है। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा-माले के जिला सचिव कामरेड श्रीनिवास शर्मा, बिहारशरीफ (ग्रामीण) प्रभारी कामरेड सुनील कुमार, ऐपवा नेत्री कामरेड रेनु देवी, कामरेड गिरिजा देवी, कामरेड सरोज देवी, इंकलाबी नौजवान सभा के जिलाध्यक्ष कामरेड बिरेश कुमार, कामरेड किशोर साव, कामरेड बाढ़न पासवान, कामरेड बृजकिशोर प्रसाद, कामरेड अजय मांझी, कामरेड महेश मांझी, कामरेड किरण देवी तथा सीता देवी सहित अन्य नेताओं ने किया। नेताओं ने आरोप लगाया कि नगरनौसा, चंडी, बिहारशरीफ और नूरसराय की हालिया घटनाओं सहित जिले में महिलाओं के विरुद्ध अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन दोषियों को शीघ्र सजा नहीं मिल पा रही है। अपराधियों पर कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवारों पर दबाव बनाया जा रहा है। नेताओं ने रोष जताते हुए कहा कि जिले में हत्या, दुष्कर्म, छेड़खानी, चोरी, साइबर ठगी, एटीएम धोखाधड़ी और लूट जैसी वारदातें बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता में भारी असुरक्षा है। सभा के माध्यम से भाकपा-माले ने मांग की है कि दीपनगर घटना के आरोपियों के विरुद्ध स्पीडी ट्रायल चलाकर तीन महीने के भीतर सजा सुनिश्चित की जाए, सभी दुष्कर्म मामलों में त्वरित न्यायिक प्रक्रिया अपनाई जाए, पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाए और लापरवाह पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
बिहारशरीफ के दीपनगर थाना क्षेत्र में एक महादलित परिवार की नाबालिग बच्ची के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के विरोध में भाकपा-माले ने बिहारशरीफ में जोरदार विरोध मार्च निकाला। यह मार्च पार्टी के जिला कार्यालय से शुरू होकर अस्पताल मोड़ पहुंचा, जहां एक सभा का आयोजन किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जिला प्रशासन बलात्कार की घटनाओं में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को सजा दिलाने में पूरी तरह विफल रहा है। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा-माले के जिला सचिव कामरेड श्रीनिवास शर्मा, बिहारशरीफ (ग्रामीण) प्रभारी कामरेड सुनील कुमार, ऐपवा नेत्री कामरेड रेनु देवी, कामरेड गिरिजा देवी, कामरेड सरोज देवी, इंकलाबी नौजवान सभा के जिलाध्यक्ष कामरेड बिरेश कुमार, कामरेड किशोर साव, कामरेड बाढ़न पासवान, कामरेड बृजकिशोर प्रसाद, कामरेड अजय मांझी, कामरेड महेश मांझी, कामरेड किरण देवी तथा सीता देवी सहित अन्य नेताओं ने किया। नेताओं ने आरोप लगाया कि नगरनौसा, चंडी, बिहारशरीफ और नूरसराय की हालिया घटनाओं सहित जिले में महिलाओं के विरुद्ध अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन दोषियों को शीघ्र सजा नहीं मिल पा रही है। अपराधियों पर कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवारों पर दबाव बनाया जा रहा है। नेताओं ने रोष जताते हुए कहा कि जिले में हत्या, दुष्कर्म, छेड़खानी, चोरी, साइबर ठगी, एटीएम धोखाधड़ी और लूट जैसी वारदातें बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता में भारी असुरक्षा है। सभा के माध्यम से भाकपा-माले ने मांग की है कि दीपनगर घटना के आरोपियों के विरुद्ध स्पीडी ट्रायल चलाकर तीन महीने के भीतर सजा सुनिश्चित की जाए, सभी दुष्कर्म मामलों में त्वरित न्यायिक प्रक्रिया अपनाई जाए, पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाए और लापरवाह पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
- प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। नामांकन दाखिल करने के दौरान उन्होंने स्काउट गाइड मैदान से लेकर समाहरणालय तक पदयात्रा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत नामांकन नहीं है, बल्कि बिहार के बेहतर भविष्य का नामांकन है।1
- जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने सोमवार, 13 जुलाई 2026 को पटना की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। नामांकन से पहले उन्होंने स्काउट एवं गाइड मैदान से कलेक्ट्रेट तक एक विशाल पदयात्रा की शुरुआत की। यह पदयात्रा कोतवाली थाना, डाकबंगला, एसपी वर्मा रोड, जेपी गोलंबर और गांधी मैदान होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। इस यात्रा में जन सुराज के कार्यकर्ताओं, समर्थकों और स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, जिससे पूरे मार्ग में 'लड़ेंगे बांकीपुर, जीतेंगे बांकीपुर' के नारे गूंजते रहे। नामांकन दाखिल करने के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यह केवल उनका नामांकन नहीं है, बल्कि बिहार की बदलती हुई तस्वीर और राज्य के बेहतर भविष्य का नामांकन है। उन्होंने इसे बिहार के अपराधियों को कुर्सी छोड़ने का खुला आह्वान और उसका आगाज करार दिया। उन्होंने आगे कहा कि बांकीपुर किसी नेता या पार्टी का गढ़ नहीं बल्कि जनता का गढ़ है और जनता ही तय करेगी कि यह किसका गढ़ होगा। प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा कि यह उपचुनाव कोई साधारण विधायक चुनने का चुनाव नहीं है, बल्कि बिहार में नेतृत्व बदलने का चुनाव है। उन्होंने इसे बिहार में बीजेपी के अहंकार पर अंकुश लगाने और चुने हुए जनप्रतिनिधियों को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने का जरिया बताया।1
- नालंदा में डॉ भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पासवान के पुत्र की शादी का प्रथम विधि विधान संपन्न हुआ। यह पूरा विवाह संस्कार बाबा साहब और बौद्ध धर्म की मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार 12 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया।1
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- नालंदा के नूरसराय थाना क्षेत्र के मुजफ्फरपुर गांव के पास रविवार की शाम को एक अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार दो लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दोनों लोग गाड़ियों में जीपीएस लगाने का काम करते थे और किसी काम से पटना गए थे, जहां से वापस लौटने के दौरान यह दुर्घटना हुई। मृतकों की पहचान दीपनगर थाना क्षेत्र के विजवन पर गांव निवासी सिधेश्वर प्रसाद के पुत्र बलराम प्रसाद और लहेरी थाना क्षेत्र के किसान बाग निवासी विजय प्रसाद के पुत्र सुमित राज के रूप में की गई है। हादसे के बाद पुलिस द्वारा दोनों को मॉडल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग मॉडल अस्पताल पहुंचे, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल पुलिस शवों का पोस्टमार्टम कराने की कार्रवाई में जुट गई है।2
- नालंदा के बिहारशरीफ में भगवान राम के प्रति गहरी आस्था और समर्पण का भाव व्यक्त किया गया है। अत्यंत भक्ति भाव के साथ कहा गया है कि मेरे तन में भी राम बसे हैं और मेरे मन में भी राम का ही वास है।1
- बिहार के नालंदा जिले के रहुई में डॉ. भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पासवान का नाम सामने आया है। वे इस संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।1
- Post by Dharamveerkumar1
- बिहार के नौबतपुर में एक युवती मोबाइल टावर पर चढ़ गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के बाद मौके पर पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी देर तक युवती को समझाने की कोशिश की। प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर रहा है और युवती को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए गए। बताया जा रहा है कि बिहार में मोबाइल टावर पर चढ़ने की यह 35वीं घटना है। ऐसी घटनाएं जानलेवा हो सकती हैं, इसलिए किसी भी विवाद या तनाव की स्थिति में परिवार, मित्रों और प्रशासन से मदद लेना बेहद जरूरी है।1