बदायूं जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के सकतपुर गांव में नाली के विवाद को लेकर एक 60 वर्षीय अधेड़ को गोली मार दी गई। बताया गया है कि दबंग उमेश पुत्र रामवीर ने कहासुनी के बाद दोली पुत्र डोरीलाल पर जान से मारने की नीयत से सीने पर फायर किया। गोली अधेड़ दोली के सीने को छूते हुए उसके हाथ में जा लगी। घटना को अंजाम देने के बाद, आरोपी दबंग उमेश हवाई फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल अधेड़ दोली को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे भर्ती कर उसका उपचार किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने पर, थाना प्रभारी जितेन्द्र कुमार और सीओ बिल्सी के.के. तिवारी पुलिस बल के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुदायन पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। सीओ बिल्सी ने बताया कि उन्हें गोली लगने की सूचना मिली है और मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
बदायूं जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के सकतपुर गांव में नाली के विवाद को लेकर एक 60 वर्षीय अधेड़ को गोली मार दी गई। बताया गया है कि दबंग उमेश पुत्र रामवीर ने कहासुनी के बाद दोली पुत्र डोरीलाल पर जान से मारने की नीयत से सीने पर फायर किया। गोली अधेड़ दोली के सीने को छूते हुए उसके हाथ में जा लगी। घटना को अंजाम देने के बाद, आरोपी दबंग उमेश हवाई फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल अधेड़ दोली को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे भर्ती कर उसका उपचार किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने पर, थाना प्रभारी जितेन्द्र कुमार और सीओ बिल्सी के.के. तिवारी पुलिस बल के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुदायन पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। सीओ बिल्सी ने बताया कि उन्हें गोली लगने की सूचना मिली है और मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
- बिल्सी क्षेत्र के बेहटाजवी गाँव में रहने वाले रामचंद्र वैध, जिन्हें अब सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि मिलने के बाद “गुरु जी” के नाम से जाना जाता है, अपने इलाज के बढ़ते दावों को लेकर चर्चा और सवालों के घेरे में हैं। पहले केवल मोच और सामान्य शारीरिक समस्याओं को देखने वाले वैध जी पर अब ग्रामीणों द्वारा गंभीर से गंभीर बीमारियों, यहाँ तक कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को भी दुआ, आशीर्वाद और कथित चमत्कारों के ज़रिए ठीक करने का दावा करने का आरोप लगाया जा रहा है। इन दावों का कोई भी वैज्ञानिक या चिकित्सकीय प्रमाण सामने नहीं आया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो व्यक्ति पहले निःशुल्क सेवा देने का दावा करता था, उसके यहाँ अब दान पात्र क्यों रखा गया है। जागरूक लोगों का कहना है कि यह सेवा कम और श्रद्धा व मजबूरी का आर्थिक लाभ उठाने का माध्यम ज़्यादा प्रतीत होता है, जो बीमार लोगों की उम्मीदों का फायदा उठा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार केवल आधुनिक चिकित्सा पद्धति से ही संभव है, और चमत्कारिक इलाज के दावों पर भरोसा करना मरीज की जान के लिए खतरा बन सकता है। अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से यह पूछा जा रहा है कि क्या खुलेआम किए जा रहे इन गंभीर बीमारियों के इलाज के दावों की जाँच की जाएगी, या फिर आस्था के नाम पर ऐसे दावे यूँ ही चलते रहेंगे। यह रेखांकित किया गया है कि आस्था रखना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन आस्था के नाम पर झूठे दावे कर लोगों को गुमराह करना समाज और मरीजों दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।2
- बदायूं जिले के उसांवा थाना क्षेत्र में मुरारी लाल पुत्र रामनाथ नामक एक व्यक्ति ने अपनी पैतृक संपत्ति पर अवैध कब्जे का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि गांव रसूलपुर मजरा वीरमपुर भदेली स्थित उसका मकान छोड़कर उसांवा में रहने और मजदूरी के लिए दिल्ली आने-जाने के कारण गांव की जगह खाली पड़ी थी। करीब डेढ़ वर्ष पहले गांव के ही लड़ैत पुत्र हुलास सिंह ने कथित तौर पर जबरन उसकी खाली जमीन महेन्द्र पुत्र रेवती को बेच दी। मुरारी लाल के अनुसार, महेन्द्र ने मौके पर अवैध कब्जा करते हुए मकान के चारों तरफ खुदाई कर दी, दो पेड़ों में से जामुन का पेड़ काट लिया और अपने मकान का दरवाजा भी मुरारी लाल की जमीन की तरफ कर लिया है। जब मुरारी लाल ने महेन्द्र से बात की तो उसने बताया कि उसने यह जगह लड़ैत से खरीदी है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि लड़ैत और महेन्द्र ने जालसाजी कर उसकी खाली जगह पर अवैध रूप से कब्जा करने के उद्देश्य से नींव की खुदाई कर गेट लगा लिया है। इस मामले में मुरारी लाल ने थाना उसांवा में दो बार लिखित शिकायत दी, लेकिन उसके मुताबिक, कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब पीड़ित ने बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने और अवैध कब्जा हटवाकर अपनी जमीन पर दोबारा कब्जा दिलाने की मांग की है। उसने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपने पूरे परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठ जाएगा।4
- आगामी त्योहारों के मद्देनजर, संभल के जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर गिरफ्तार किया है।2
- संभल जनपद के बहजोई थाना क्षेत्र के पाठकपुर गाँव में आज दिनांक 16/06/2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे एक ट्रैक्टर दुर्घटना में 15 वर्षीय नितिन पुत्र रामपाल की मृत्यु हो गई। नितिन पाठकपुर गाँव का ही निवासी और जाटव जाति का था। इस घटना की सूचना बहजोई पुलिस थाने को अस्पताल से प्राप्त एक मेमो के माध्यम से मिली। पुलिस के अनुसार, यह हादसा ट्रैक्टर चालक द्वारा वाहन पर से नियंत्रण खो देने के कारण हुआ है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह प्रकरण अवैध खनन या रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली से संबंधित नहीं है, जैसा कि कुछ चैनलों द्वारा गलत तरीके से प्रसारित किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर मृतक बच्चे के शव का पंचायतनामा की कार्यवाही की और उसे पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है और मामले में अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है। इस प्रकरण के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) संभल, श्री मनोज कुमार रावत ने भी बाइट दी है।1
- बदायूं जिले के उझानी कोतवाली क्षेत्र के खिरिया गांव से एक आठ वर्षीय बालक रहस्यमय तरीके से लापता हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। बालक की लगातार खोज के बावजूद उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिल सका है, और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। परिजनों ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को बालक के लापता होने की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत चेहरा के गांव ठिरिया निवासी शांति दास शर्मा का आठ वर्षीय बालक कन्हैया अपने घर के बाहर खेल रहा था, और खेलते-खेलते ही वहां से लापता हो गया। जब बालक काफी देर तक घर वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। बताया गया है कि परिजनों ने गांव और आसपास के क्षेत्रों में पूरी रात उसकी तलाश की, लेकिन वह कहीं नहीं मिला। आज सुबह परिजनों ने दोबारा कोतवाली पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। इस बीच, गांव में हो रही चर्चाओं और वायरल वीडियो के अनुसार, हाल ही में गांव में एक संदिग्ध युवक घूम रहा था। वीडियो में वह संदिग्ध युवक एक पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर बैठा दिख रहा है, जिससे एक व्यक्ति पूछताछ कर रहा है और उसे गांव से बाहर का रास्ता बताते हुए नजर आ रहा है। ग्रामीणों को शक है कि बालक को गायब करने में इसी संदिग्ध युवक का हाथ हो सकता है। फिलहाल, बालक कन्हैया का कहीं कोई पता नहीं चल रहा है, और परिजन बेहद distraught हैं। पुलिस इस पूरे मामले की गहन छानबीन कर रही है।2
- कासगंज के सहसवार में नगर पालिका की घोर लापरवाही के कारण एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक 6 वर्षीय मासूम अभिनव की तालाब में डूबने से मौत हो गई। इस घटना के पीछे सीधे तौर पर नगर पालिका की लापरवाही को वजह बताया जा रहा है।1
- कासगंज के अमांपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक जुए के अड्डे पर छापा मारकर हार-जीत की बाजी लगाते हुए तीन जुआरियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार शाम को की गई, जब पुलिस गश्त कर रही थी। पुलिस ने जुआरियों के पास से ₹8850 नकद और ताश की एक गड्डी बरामद की है। पकड़े गए जुआरियों की पहचान नसीर पुत्र सहजानंद, सुनील पुत्र रामसिंह, और मानपाल पुत्र चन्द्रपाल के रूप में हुई है, ये सभी अमांपुर के सुभाष नगर के निवासी हैं। थाना प्रभारी दिनेश सिंह ने बताया कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि कस्बा के सुभाष नगर में एक खाली पड़े प्लांट में कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी दिनेश सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, अड्डे को घेरा और तीनों जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी दिनेश सिंह, उपनिरीक्षक जगदीश कुमार, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, कांस्टेबल अवनीश कुमार, कांस्टेबल प्रतीक कुमार और कांस्टेबल संजीव कुमार मौजूद रहे।1
- सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है, जिसमें एक अस्पताल का दृश्य दिखाया गया है। इस वीडियो को देखकर लोग भावुक हो रहे हैं और इसमें दिख रहे एक छोटे बच्चे की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। कई लोग इस कथित लापरवाही पर नाराजगी जता रहे हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की जगह, समय और इसकी वास्तविकता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। वीडियो व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है, लेकिन इसकी सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इस संदर्भ में, लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर 'लाइक' और 'व्यूज़' पाने के लिए किसी भी मासूम की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए, और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।1