हापुड़ में रहस्यमय ढंग से लापता हुए युवक मोहित की अस्पतालों में भटकने के बाद दिल्ली में मौत हो गई है, जिसके बाद नगर कोतवाली पुलिस की कार्यशैली गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। केशव नगर का रहने वाला मोहित 8 जुलाई की शाम करीब 5:30 बजे लापता हुआ था और परिजनों ने उसी दिन गुमशुदगी दर्ज कराकर पुलिस से खोजने की गुहार लगाई थी। आरोप है कि पुलिस की सुस्त जांच के दौरान मोहित लगातार तीन दिन तक अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ता रहा, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। परिजनों के अनुसार, 10 जुलाई को मोहित की स्कूटी सरस्वती मेडिकल कॉलेज परिसर में सही-सलामत पाई गई। वहां पूछताछ करने पर पता चला कि एक अज्ञात गंभीर घायल को भर्ती कराया गया था, जिसे बाद में रामा मेडिकल कॉलेज और फिर दस्तोई रोड स्थित जिला अस्पताल भेजा गया था। इसके बाद घायल को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां से डॉक्टरों से काफी मिन्नतें करने के बाद परिजन उसे दिल्ली ले गए, लेकिन वहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने अब कई रहस्यमयी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि मोहित के सिर पर गंभीर चोट के निशान हैं, जबकि शरीर पर कोई और खरोंच नहीं मिली। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मोहित का अपहरण कर उसकी हत्या की गई है और समय पर पुलिस की तत्परता न मिलने के कारण उसकी जान गई। नगर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अब सबकी नजरें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
हापुड़ में रहस्यमय ढंग से लापता हुए युवक मोहित की अस्पतालों में भटकने के बाद दिल्ली में मौत हो गई है, जिसके बाद नगर कोतवाली पुलिस की कार्यशैली गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। केशव नगर का रहने वाला मोहित 8 जुलाई की शाम करीब 5:30 बजे लापता हुआ था और परिजनों ने उसी दिन गुमशुदगी दर्ज कराकर पुलिस से खोजने की गुहार लगाई थी। आरोप है कि पुलिस की सुस्त जांच के दौरान मोहित लगातार तीन दिन तक अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ता रहा, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। परिजनों के अनुसार, 10 जुलाई को मोहित की स्कूटी सरस्वती मेडिकल कॉलेज परिसर में सही-सलामत पाई गई। वहां पूछताछ करने पर पता चला कि एक अज्ञात गंभीर घायल को भर्ती कराया गया था, जिसे बाद में रामा मेडिकल कॉलेज और फिर दस्तोई रोड स्थित जिला अस्पताल भेजा गया था। इसके बाद घायल को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां से डॉक्टरों से काफी मिन्नतें करने के बाद परिजन उसे दिल्ली ले गए, लेकिन वहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने अब कई रहस्यमयी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि मोहित के सिर पर गंभीर चोट के निशान हैं, जबकि शरीर पर कोई और खरोंच नहीं मिली। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मोहित का अपहरण कर उसकी हत्या की गई है और समय पर पुलिस की तत्परता न मिलने के कारण उसकी जान गई। नगर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अब सबकी नजरें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
- अमरोहा जनपद के कोतवाली हसनपुर क्षेत्र के गांव दियाबली में तीन अपराधियों को जिला बदर किया गया है। इन अपराधियों को जिला बदर किए जाने की सूचना गांव वालों को डुगडुगी बजाकर दी गई है।1
- अमरोहा के हसनपुर में तारा रोड पर स्थित संजीवनी अस्पताल के संचालक पर इलाज में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगे हैं। मरीज की मौत के बाद भड़के परिजनों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। पीड़ित परिवार अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। परिजनों के अनुसार, अमित नाम के व्यक्ति अपने मरीज का इलाज कराने के लिए हसनपुर के संजीवनी अस्पताल लेकर आए थे। आरोप है कि वहां न तो कोई अल्ट्रासाउंड कराया गया और न ही मरीज की कोई जांच रिपोर्ट देखी गई। इसके बावजूद, बिना किसी योग्य डॉक्टर या सर्जन के ही अस्पताल संचालक ने खुद ही मरीज का ऑपरेशन कर डाला। इस लापरवाही के बाद मरीज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। हालत नाजुक होने पर मरीज को आनन-फानन में मेरठ रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही मरीज ने दम तोड़ दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मेरठ में भी बिना पैसे दिए उन्हें मरीज का शव नहीं सौंपा गया। इस घटना से बेहद आहत परिजन अब प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा में 208 जोड़ों के सामूहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन को लेकर बायोमैट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अंतिम सूची तैयार कर ली गई है।1
- लखनऊ के यातायात अपर महानिदेशक के आदेशानुसार अमरोहा में सड़क सुरक्षा और नियमों के अनुपालन के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जोया टोल प्लाजा पर यातायात प्रभारी के नेतृत्व में छह यातायात पुलिस टीमों द्वारा छह लेनों पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग 600 वाहनों की गहन जांच की गई। इस चेकिंग के दौरान तीन वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पाए गए, जिनके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने प्रेशर हॉर्न वाले 25 वाहनों और दोषपूर्ण (फॉल्टी) नंबर प्लेट वाले 15 वाहनों के खिलाफ भी चालानी कार्रवाई की। इस विशेष अभियान के दौरान कुल 43 वाहनों के चालान किए गए और ₹3,65,000 का शमन शुल्क (जुर्माना) आरोपित किया गया। अमरोहा पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें, शराब पीकर गाड़ी न चलाएं और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही वाहन का संचालन करें। पुलिस ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।2
- उत्तर प्रदेश के बेहट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह से सतर्क है। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस द्वारा कांवड़ मार्ग का पैदल निरीक्षण किया गया है।1
- हापुड़ के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र में एनएच 9 पर शाहपुर कट के पास एक पैशन प्रो बाइक लावारिस हालत में पाई गई है। यह बाइक कल रात से ही उक्त कट पर पड़ी हुई है, जो कुचेसर चौपला चौकी के अंतर्गत आता है।1