बलौदाबाजार जिले के कसडोल स्थित खर्वे गांव में पिछले तीन महीनों के भीतर आठ लोगों की संदिग्ध मौतों से गहरी दहशत फैल गई है। गांव में फैले सन्नाटे और खौफ के बीच यह आशंका जताई जा रही है कि यह सामान्य मौतों का सिलसिला नहीं, बल्कि गड़े धन, तंत्र-मंत्र और नरबलि से जुड़ी एक बेहद गहरी साजिश का परिणाम हो सकता है। मौतों का यह खौफनाक सिलसिला 6 फरवरी को बद्री पटेल और 20 फरवरी को बुढालू साहू से शुरू होकर 14 मई को महेतरू साहू की मृत्यु तक चला। इस दौरान मार्च महीने में बुधराम जायसवाल (12), छत्तूराम साहू (20), विनोद साहू (31) और अप्रैल में गजानंद मांझी (28), चैतूराम साहू (29) ने भी संदिग्ध परिस्थितियों में दम तोड़ दिया। गांव में शांति पूजा कराने वाले बैगा से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता तक इन मौतों का शिकार हुए, और शांति पूजा में तीन बकरों, एक सुअर तथा मुर्गों की बलि देने के बाद भी यह सिलसिला थम नहीं पाया। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि गड़ा धन प्राप्त करने के लिए कुल 21 लोगों की नरबलि देने की योजना थी, जिसमें से 8 लोग शिकार हो चुके हैं और 13 अन्य निशाने पर थे। इस पूरी कहानी के केंद्र में गांव के मुख्य गुड़ी चौक का दुकानदार रामसहाय जायसवाल है, जिस पर मृतकों के परिजनों (कामता प्रसाद और अन्य) ने अलग-अलग समय पर सभी को 'मौत की शराब' पिलाने का आरोप लगाया है। दावा है कि यह शराब पीने के कुछ देर बाद ही पीड़ितों की तबीयत बिगड़ती थी और उनकी जान चली जाती थी। गजानंद मांझी की पत्नी साधिन बाई के अनुसार, रामसहाय के कहने पर मोहनलाल जायसवाल शराब लेकर आया था, जिसे कोल्ड ड्रिंक में मिलाकर पीने के कुछ मिनट बाद ही गजानंद की मौत हो गई। इस अंधेरी साजिश का सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब कार्तिक कुम्हार मौत के मुंह से लौट आए। 14 अप्रैल को प्रमोद साहू (जिसे रामसहाय ने शराब दी थी) ने कार्तिक को वही शराब पीने दी, जिसका स्वाद बेहद कड़वा और असामान्य था। इसे पीते ही कार्तिक के पेट में भयानक दर्द हुआ, उल्टी हुई और वह बेहोश हो गए। कार्तिक के इस बयान ने ग्रामीणों के शक को यकीन में बदल दिया। लगातार हो रही इन मौतों से चिंतित ग्रामीणों के पुलिस तक पहुंचने के बाद, कबीर पंथ को मानने वाले गांववालों द्वारा दफनाए गए सात शवों को कब्र से बाहर निकाला गया और पोस्टमॉर्टम तथा फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा गया है। अब पूरे गांव को फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। इस बीच, रामसहाय के बेटे रुद्रेश्वर ने अपने पिता पर लगे आरोपों को निराधार बताया है और जांच में सहयोग करने की बात कही है, साथ ही उनका मोबाइल भी जब्त कर लिया गया है। एसडीओपी के.के. वासनिक ने पुष्टि की है कि सात शवों का पीएम और फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है और रिपोर्ट आने के बाद ही तथ्यों के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपों के बाद ग्रामीणों ने रामसहाय के परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है और उसकी दुकान पर ताला लगा दिया गया है। फिलहाल, खर्वे गांव में अभी भी खौफ का माहौल है, जिसका सच केवल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ही उजागर कर सकती है।
बलौदाबाजार जिले के कसडोल स्थित खर्वे गांव में पिछले तीन महीनों के भीतर आठ लोगों की संदिग्ध मौतों से गहरी दहशत फैल गई है। गांव में फैले सन्नाटे और खौफ के बीच यह आशंका जताई जा रही है कि यह सामान्य मौतों का सिलसिला नहीं, बल्कि गड़े धन, तंत्र-मंत्र और नरबलि से जुड़ी एक बेहद गहरी साजिश का परिणाम हो सकता है। मौतों का यह खौफनाक सिलसिला 6 फरवरी को बद्री पटेल और 20 फरवरी को बुढालू साहू से शुरू होकर 14 मई को महेतरू साहू की मृत्यु तक चला। इस दौरान मार्च महीने में बुधराम जायसवाल (12), छत्तूराम साहू (20), विनोद साहू (31) और अप्रैल में गजानंद मांझी (28), चैतूराम साहू (29) ने भी संदिग्ध परिस्थितियों में दम तोड़ दिया। गांव में शांति पूजा कराने वाले बैगा से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता तक इन मौतों का शिकार हुए, और शांति पूजा में तीन बकरों, एक सुअर तथा मुर्गों की बलि देने के बाद भी यह सिलसिला थम नहीं पाया। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि गड़ा धन प्राप्त करने के लिए कुल 21 लोगों की नरबलि
देने की योजना थी, जिसमें से 8 लोग शिकार हो चुके हैं और 13 अन्य निशाने पर थे। इस पूरी कहानी के केंद्र में गांव के मुख्य गुड़ी चौक का दुकानदार रामसहाय जायसवाल है, जिस पर मृतकों के परिजनों (कामता प्रसाद और अन्य) ने अलग-अलग समय पर सभी को 'मौत की शराब' पिलाने का आरोप लगाया है। दावा है कि यह शराब पीने के कुछ देर बाद ही पीड़ितों की तबीयत बिगड़ती थी और उनकी जान चली जाती थी। गजानंद मांझी की पत्नी साधिन बाई के अनुसार, रामसहाय के कहने पर मोहनलाल जायसवाल शराब लेकर आया था, जिसे कोल्ड ड्रिंक में मिलाकर पीने के कुछ मिनट बाद ही गजानंद की मौत हो गई। इस अंधेरी साजिश का सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब कार्तिक कुम्हार मौत के मुंह से लौट आए। 14 अप्रैल को प्रमोद साहू (जिसे रामसहाय ने शराब दी थी) ने कार्तिक को वही शराब पीने दी, जिसका स्वाद बेहद कड़वा और असामान्य था। इसे पीते ही कार्तिक के पेट में भयानक दर्द हुआ, उल्टी हुई और वह बेहोश हो गए। कार्तिक के
इस बयान ने ग्रामीणों के शक को यकीन में बदल दिया। लगातार हो रही इन मौतों से चिंतित ग्रामीणों के पुलिस तक पहुंचने के बाद, कबीर पंथ को मानने वाले गांववालों द्वारा दफनाए गए सात शवों को कब्र से बाहर निकाला गया और पोस्टमॉर्टम तथा फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा गया है। अब पूरे गांव को फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। इस बीच, रामसहाय के बेटे रुद्रेश्वर ने अपने पिता पर लगे आरोपों को निराधार बताया है और जांच में सहयोग करने की बात कही है, साथ ही उनका मोबाइल भी जब्त कर लिया गया है। एसडीओपी के.के. वासनिक ने पुष्टि की है कि सात शवों का पीएम और फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है और रिपोर्ट आने के बाद ही तथ्यों के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपों के बाद ग्रामीणों ने रामसहाय के परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है और उसकी दुकान पर ताला लगा दिया गया है। फिलहाल, खर्वे गांव में अभी भी खौफ का माहौल है, जिसका सच केवल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ही उजागर कर सकती है।
- तमनार में हुई 2 लाख रुपये की उठाईगिरी के मामले का खुलासा हो गया है। इस घटना को अंजाम देने वाले एक शातिर नट गिरोह के सदस्य को जशपुर से दबोच लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के पास से दो बाइक और कुछ औजार भी जब्त किए हैं।1
- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में पुलिस को अवैध गांजा परिवहन के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। सक्ती पुलिस ने दो क्विंटल से अधिक गांजा जब्त करने में कामयाबी हासिल की, जिसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ पैंतालीस लाख रुपये बताई गई है।1
- सारंगढ़ जिला मुख्यालय के मंडी प्रांगण में आज 'खेत बचाओ अभियान' के तहत एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस जन जागरूकता अभियान में उन्होंने सबसे पहले मंडी प्रांगण में वृक्षारोपण किया। इसके बाद, मंत्री कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जहाँ उन्होंने लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और फिर मंच पर जाकर किसानों को 'खेत बचाओ अभियान' के महत्व तथा आवश्यकता के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अपने संबोधन में मंत्री वर्मा ने किसानों को बताया कि पिछले 50-60 सालों से खेतों में रासायनिक उर्वरकों का अंधाधुंध इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे मिट्टी के पोषक तत्व नष्ट हो रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसके कारण मृदा प्रदूषण, जल प्रदूषण और वायु प्रदूषण के साथ-साथ हमारे स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ रहा है। मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी विजन का उल्लेख किया, जो किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि जैविक खेती से एक पुष्टिक जीवन प्राप्त होगा, खेती की लागत कम होगी, पैदावार बढ़ेगी और स्वस्थ जीवन सुनिश्चित होगा, क्योंकि हम वही खाते हैं जो उगाते हैं। टंकराम वर्मा ने सभी किसानों से धीरे-धीरे जैविक खेती को अपनाने की अपील की और आश्वासन दिया कि सरकार इस दिशा में किसानों का पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने अंत में कहा, "खेत बचाओ, मिट्टी बचाओ" और सभी को जैविक खेती की ओर बढ़ने तथा इसे अपनाने का आग्रह किया।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, एक युवक का शव जेल के बाथरूम में फंदे पर लटका हुआ पाया गया है।1
- कोरबा जिले में सांप के कारण दो अलग-अलग घटनाएँ सामने आई हैं, जिनमें एक महिला की सर्पदंश से दुखद मौत हो गई। इसी बीच, सिविल लाइन थाना क्षेत्र में भी एक सांप निकला, जिसे थाना प्रभारी के चेंबर से रेस्क्यू किया गया। इस घटना ने क्षेत्र में सांपों की मौजूदगी को लेकर चिंता बढ़ा दी है।1
- रायगढ़ पुलिस ने एनडीपीएस मामले में अपनी 'एंड-टू-एंड' कार्रवाई करते हुए, 52 किलो गांजा से जुड़े एक प्रकरण में ओडिशा से एक महिला सप्लायर को गिरफ्तार किया है।1
- सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम खजुरी रामपुर में शुक्रवार देर रात करीब 11 से 12 बजे के बीच हुए एक भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर किया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चार युवक एक ही बाइक पर सवार होकर ग्राम खजुरी में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक सड़क किनारे खड़े मक्के से लदे एक ट्रक के पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीन युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक हादसे के तुरंत बाद रात में ही गुस्साई भीड़ ने सड़क किनारे खड़े मक्के से लदे ट्रक में आग लगा दी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची डायल 112 की टीम के साथ भी मारपीट की गई, जिसमें डायल 112 में तैनात एक पुलिसकर्मी घायल हो गया और वाहन चालक को भी चोटें आईं। घटना की जानकारी मिलते ही प्रतापपुर पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और गंभीर रूप से घायल युवक को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पुलिस फिलहाल सड़क हादसे, आगजनी, शासकीय कार्य में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट के इन सभी मामलों की गहन जांच कर रही है। पुलिस ने आम जनता से शांति बनाए रखने और कानून को अपने हाथ में नहीं लेने की अपील की है।1