पंचकूला के सेक्टर-5 थाना में एक ज्वैलर रजत खन्ना को कथित रूप से मानसिक दबाव और प्रताड़ना देकर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में विभिन्न लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। रजत खन्ना ने 28 मई 2026 को अपने सेक्टर-4 स्थित घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक की पत्नी द्वारा पुलिस को शिकायत दिए जाने के बाद, सेक्टर-5 थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार कर रहे हैं। एसीपी विक्रम नेहरा के अनुसार, मृतक रजत खन्ना एमडीसी क्षेत्र में 'रजत ज्वैलर्स' नाम से आभूषण का कारोबार करते थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कारोबार में भारी नुकसान होने के कारण कुछ लोगों द्वारा लगातार भुगतान को लेकर मानसिक दबाव, धमकियां और प्रताड़ना दी जा रही थी। शिकायत में यह भी बताया गया है कि इन व्यक्तियों द्वारा मृतक और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही थीं, जिससे रजत मानसिक तनाव में थे। पुलिस को 28 मई को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि सेक्टर-4 स्थित घर में एक व्यक्ति ने फांसी लगा ली है, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उन्हें अस्पताल ले गई, जहाँ चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल पर सीन ऑफ क्राइम टीम को बुलाया गया और सुसाइड नोट सहित अन्य सामान भी बरामद हुआ। डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि मृतक की पत्नी द्वारा सेक्टर-5 थाना में दी गई लिखित शिकायत, मौके से बरामद सुसाइड नोट और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया और कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सेक्टर 6 के सामान्य अस्पताल में एक बोर्ड के डॉक्टरों, जिसमें डॉ. संदीप राणा और फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. राजिंदर सैनी शामिल थे, द्वारा रजत खन्ना का पोस्टमाडम किया गया। पुलिस ने इस मामले में योगेश गुप्ता, हनी दुर्गा, कुणाल रहेजा, शैफी, लेविन, चावला और नबी, अंजली, रिंकू वर्मा, परवीन शर्मा, अमित आजाद, सौरभ अग्निहोत्री, हरीश शर्मा, अमरीश शर्मा, संजीव, गणेश मित्तल, जसप्रीत सिंह टिवाना और रिंकू वर्मा सहित कुल 15 फाइनेंसरों और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के नाम की चर्चाएं भ्रामक बताई गई हैं, क्योंकि शिकायत में किसी पुलिस अधिकारी का जिक्र नहीं है।
पंचकूला के सेक्टर-5 थाना में एक ज्वैलर रजत खन्ना को कथित रूप से मानसिक दबाव और प्रताड़ना देकर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में विभिन्न लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। रजत खन्ना ने 28 मई 2026 को अपने सेक्टर-4 स्थित घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक की पत्नी द्वारा पुलिस को शिकायत दिए जाने के बाद, सेक्टर-5 थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार कर रहे हैं। एसीपी विक्रम नेहरा के अनुसार, मृतक रजत खन्ना एमडीसी क्षेत्र में 'रजत ज्वैलर्स' नाम से आभूषण का कारोबार करते थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कारोबार में भारी नुकसान होने के कारण कुछ लोगों द्वारा लगातार भुगतान को लेकर मानसिक दबाव, धमकियां और प्रताड़ना दी जा रही थी। शिकायत में यह भी बताया गया है कि इन व्यक्तियों द्वारा मृतक और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही थीं, जिससे रजत मानसिक तनाव में थे। पुलिस को 28 मई को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि सेक्टर-4 स्थित घर में एक व्यक्ति ने फांसी लगा ली है, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उन्हें अस्पताल ले गई, जहाँ चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल पर सीन ऑफ क्राइम टीम को बुलाया गया और सुसाइड नोट सहित अन्य सामान भी बरामद हुआ। डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि मृतक की पत्नी द्वारा सेक्टर-5 थाना में दी गई लिखित शिकायत, मौके से बरामद सुसाइड नोट और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया और कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सेक्टर 6 के सामान्य अस्पताल में एक बोर्ड के डॉक्टरों, जिसमें डॉ. संदीप राणा और फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. राजिंदर सैनी शामिल थे, द्वारा रजत खन्ना का पोस्टमाडम किया गया। पुलिस ने इस मामले में योगेश गुप्ता, हनी दुर्गा, कुणाल रहेजा, शैफी, लेविन, चावला और नबी, अंजली, रिंकू वर्मा, परवीन शर्मा, अमित आजाद, सौरभ अग्निहोत्री, हरीश शर्मा, अमरीश शर्मा, संजीव, गणेश मित्तल, जसप्रीत सिंह टिवाना और रिंकू वर्मा सहित कुल 15 फाइनेंसरों और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के नाम की चर्चाएं भ्रामक बताई गई हैं, क्योंकि शिकायत में किसी पुलिस अधिकारी का जिक्र नहीं है।
- हिमाचल प्रदेश में भीषण गर्मी और लंबे समय से बारिश न होने के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। प्रदेशभर में अब तक जंगलों में आग लगने के 263 मामले सामने आए हैं, जिनसे लगभग 3500 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित हुई है और वन विभाग को करीब 82 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इन घटनाओं से न केवल बेशकीमती पेड़-पौधे जलकर राख हो रहे हैं, बल्कि पर्यावरण और वन्य जीवों पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। आग की सर्वाधिक घटनाएं मंडी जिले में दर्ज की गई हैं, जहां कुल 85 मामले सामने आए हैं। इसके अतिरिक्त, धर्मशाला सर्कल में 56, राजधानी शिमला में 10 और सोलन जिले में 6 ऐसी घटनाएं दर्ज हुई हैं। अन्य जिलों में भी जंगलों में आग की कई घटनाएं सामने आने से वन विभाग और प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं। पिछले साल की तुलना में, जब 561 मामलों में लगभग 7 हजार हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई थी और 14 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, इस साल भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने जंगलों में बढ़ती आग की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस बार आगजनी की घटनाएं काफी अधिक हो रही हैं और कई लोग जानबूझकर घासनियों तथा जंगलों में आग लगा रहे हैं, जिससे भारी क्षति हो रही है। उन्होंने बताया कि अब तक आगजनी से जुड़े 263 मामले सामने आ चुके हैं, जिनसे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। राजस्व मंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे जंगलों और घासनियों में आग न लगाएं। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि आग लगाने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। प्रशासन और वन विभाग ने भी आम जनता से सतर्क रहने और आग की किसी भी घटना की तत्काल सूचना देने का आग्रह किया है, ताकि समय रहते आग पर काबू पाया जा सके। इस बीच, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने पंचायती राज चुनाव में भाजपा द्वारा किए जा रहे जीत के दावों पर पलटवार करते हुए कहा कि ये चुनाव पार्टी चिन्ह पर नहीं होते हैं, इसलिए इन पर जीत का दावा करना सही नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि काफी प्रधान और उप-प्रधान कांग्रेस विचारधारा के जीत कर आए हैं, जिसके चलते भाजपा का दावा सही प्रतीत नहीं होता।2
- बिलासपुर जिले में आज तीसरे चरण का मतदान सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह जानकारी उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने दी है, जिसके बाद जिले में मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।1
- महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेस ने जमकर प्रदर्शन किया है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता श्याम सुंदर बतरा ने केंद्र सरकार को इन गंभीर मुद्दों पर आड़े हाथों लिया और जमकर निशाना साधा।1
- बिलासपुर जिले के झंडूता उपमंडल के कोटधार क्षेत्र की ग्राम पंचायत भडोली कला के वार्ड नंबर एक भडोली खुर्द को जाने वाले सड़क मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष देखा जा रहा है।1
- यमुनानगर जिले के कलानौर नाके पर आरटीओ (RTO) द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है, जिसमें भूसे से भरे हुए ओवरलोड वाहनों के बड़ी संख्या में चालान काटे गए। इस दौरान कलानौर नाके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए पूरी तरह से हाई सिक्योरिटी तैनात की गई। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, अब बड़े वाहनों के कलानौर नाके को पार करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।1
- यह सवाल उठाया गया है कि क्या पुलिस कर्मचारियों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट न पहनने की कोई छूट प्राप्त है। उपयोगकर्ताओं से आग्रह किया गया है कि वे इस संबंध में अपनी राय और जानकारी टिप्पणी अनुभाग में साझा करें।1
- पंचकुला जिले के बरवाला क्षेत्र में मौली गांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ सड़क पर काम कर रहे NHAI के तीन कर्मचारी एक ट्रक की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना उस समय हुई जब कर्मचारी हाईवे पर अपना काम कर रहे थे। हादसे के बाद, स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँचकर घायल कर्मचारियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने ट्रक चालक को उसके ट्रक सहित गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच में जुट गई है, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके।1