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भोपाल के वीआईपी रोड स्थित बड़े तालाब में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। शव मिलने की सूचना पाते ही कोहेफिजा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को तालाब से बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस मृतक की पहचान करने के साथ-साथ मौत के असली कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह मामला कोई हादसा है, आत्महत्या है या फिर मौत किसी अन्य कारण से हुई है।
Naved khan
भोपाल के वीआईपी रोड स्थित बड़े तालाब में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। शव मिलने की सूचना पाते ही कोहेफिजा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को तालाब से बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस मृतक की पहचान करने के साथ-साथ मौत के असली कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह मामला कोई हादसा है, आत्महत्या है या फिर मौत किसी अन्य कारण से हुई है।
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- भोपाल के लक्ष्मीपति ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में पिछले तीन महीनों से 'डांस भोपाल डांस' का आयोजन चल रहा है। इस तीन महीने से चल रहे कार्यक्रम का आज भोपाल के गोविंदपुरा स्थित संभागीय आईटीआई में आयोजन किया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश में केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान अमित भटनागर और उनके अन्य साथियों की गिरफ्तारी पर राजनीति गरमा गई है। इस कार्रवाई को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने इस गिरफ्तारी को पूरी तरह 'अलोकतांत्रिक' करार देते हुए कहा कि भाजपा सरकार का हर प्रदर्शन को कुचलना अब शासन का तरीका बन गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार से तुरंत इस दमन की नीति को छोड़ने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि सरकार को अड़ियल रवैया छोड़कर प्रभावित लोगों से संवाद करना चाहिए और केन-बेतवा परियोजना में हुए कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।1
- Post by SIMMrSdevendrNamdevSyuoTuber788764
- आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर जी के निर्देश पर आज पूरे मध्यप्रदेश में NEET पेपर लीक और शिक्षाविद श्री सोनम वंगच्छुक जी के साथ हुई बर्बरता के विरोध में विशाल प्रदर्शन किए गए। इसी क्रम में भोपाल जिला इकाई ने 6 नंबर स्टॉप से एक विशाल मार्च निकाला, जिसमें पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से NEET पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे और इस मामले की CBI जांच कराने की मांग की गई। इसके अलावा, जंतर-मंतर से जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद् श्री सोनम वंगच्छुक जी को बलपूर्वक और बर्बरतापूर्वक उठाए जाने की कड़ी निंदा की गई। मार्च को संबोधित करते हुए भोपाल जिला अध्यक्ष ने कहा कि NEET पेपर लीक ने देश के लाखों छात्रों का भविष्य अंधकार में डाल दिया है और इस लापरवाही के कारण अब तक 26 से अधिक होनहार बच्चों ने आत्महत्या कर ली है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद अहंकार में डूबी केंद्र की मोदी सरकार अपने शिक्षा मंत्री को बचाने में लगी है। जिला अध्यक्ष ने आगे कहा कि लद्दाख के लिए आवाज उठाने वाले सोनम वंगच्छुक जी को लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने पर जिस तरह घसीटकर उठाया गया, वह सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है। प्रदेश मीडिया प्रभारी मिन्हाज़ आलम द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों के साथ न्याय नहीं हुआ और सोनम वंगच्छुक जी के साथ हुई बर्बरता पर माफी नहीं मांगी गई, तो पार्टी इस आंदोलन को और तेज करेगी।1
- चीता आंदोलन को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी टिप्पणी की है।1
- मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र कल से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र के शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधानसभा का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने खुद विधानसभा पहुंचकर तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए।1
- रांची में छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया है, जिससे यह साफ हो गया है कि छात्र अब पूरी तरह से जाग चुके हैं। इस आंदोलन के तहत निकाले गए मशाल जुलूस में हजारों छात्रों का भारी जनसैलाब सड़कों पर उमड़ पड़ा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में जमकर आवाज बुलंद की और सरकार तक अपना स्पष्ट संदेश पहुंचाने का पुरजोर प्रयास किया। इस प्रदर्शन के दौरान उठी #छात्रों_की_गूंज अब सोशल मीडिया पर भी पूरी तरह से छा गई है, जहां इस मशाल जुलूस की तस्वीरें और वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस जबरदस्त एकजुटता और जनसैलाब के बाद अब यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या सरकार छात्रों की इन मांगों को आखिरकार पूरा करेगी।1
- मध्य प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए इसे जनभागीदारी का परिणाम बताया है। इस प्रक्रिया के तहत नागरिकों से सीधे संवाद के लिए 3.49 करोड़ एसएमएस भेजे गए थे, जिसके जवाब में 10 लाख से अधिक नागरिकों ने अपने बहुमूल्य सुझाव सरकार के साथ साझा किए हैं। लोगों से मिले इस भारी समर्थन के बाद ही सरकार ने इस दिशा में आगे बढ़ने का बड़ा निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि सभी के लिए समान अवसर, समान अधिकार और समान न्याय सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। अब जनता से मिले सुझावों और जनभावनाओं के आधार पर ही इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसे प्रदेश में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है।1
- राजधानी भोपाल में मानसून की कमजोर बारिश के चलते जमीन के भीतर रहने वाले जीव-जंतु अब बड़ी संख्या में बाहर निकल रहे हैं। उमस और मिट्टी में नमी की कमी के कारण सांप सहित कई वन्य जीव रिहायशी इलाकों में दिखाई दे रहे हैं। ऐसे नाजुक समय में जहां लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की जरूरत है, वहीं कुछ लोग इसे गंभीरता से लेने के बजाय इसका तमाशा बनाने में जुटे हैं। भोपाल के दाता कॉलोनी चौराहे से एक ऐसा ही वीडियो सामने आया है, जहां एक व्यक्ति जहरीले कोबरा सांप को प्लास्टिक के एक पारदर्शी कंटेनर में लेकर घूमता नजर आ रहा है। वह लोगों के बीच जाकर बेखौफ होकर सांप दिखाते हुए अपना वीडियो बनवा रहा है और मौके पर इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ भी जुटी हुई है। यदि यह खतरनाक कोबरा उस प्लास्टिक कंटेनर से बाहर आ जाए तो एक बहुत बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन वह व्यक्ति बिना किसी परवाह के लोगों के पास सांप को ले जाता दिखाई दे रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञ सलीम खान के अनुसार, बारिश कम होने और उमस बढ़ने के कारण ही जमीन के भीतर रहने वाले जीव बाहर निकलते हैं। उन्होंने सलाह दी है कि ऐसे में यदि सांप दिखाई दे तो उसे खुद पकड़ने या उसके साथ खिलवाड़ करने के बजाय तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दी जानी चाहिए। यह वीडियो एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि महज कुछ लाइक्स और वीडियो बनाने की चाह में लोग अपनी और दूसरों की जान खतरे में डाल रहे हैं। ऐसे मामलों को लेकर प्रशासन और वन विभाग को भी सख्त रवैया अपनाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा लापरवाही दोबारा न हो।2