नजीबाबाद में आगामी 28 जून को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की प्रस्तावित जनसभा को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के आगमन के मद्देनजर संगठन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस जनसभा को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी की सक्रियता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रविवार को पार्टी नेताओं ने कार्यक्रम स्थल का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कार्यकर्ताओं के साथ तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की। तैयारियों के क्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी डॉक्टर महताब चौहान, जिला अध्यक्ष मुफ्ती रियाज, पूर्व जिला अध्यक्ष नजाकत और विधानसभा अध्यक्ष आफताब अंसारी सहित पार्टी की जिला इकाई मौके पर पहुंची। इन नेताओं ने सभा स्थल की व्यवस्थाओं, पहुंच मार्ग, कार्यकर्ता समन्वय और जनसंपर्क अभियान की समीक्षा की। कार्यक्रम की रूपरेखा स्पष्ट करने के लिए पार्टी नेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की, जिसमें डॉक्टर महताब चौहान और विधानसभा अध्यक्ष आफताब अंसारी ने बताया कि जनसभा में संगठन की नीतियों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में जनसभा में पहुंचें। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह कार्यक्रम केवल एक जनसभा नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक विस्तार की रणनीति का हिस्सा है। नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्रीय स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने और स्थानीय मुद्दों को राजनीतिक विमर्श में लाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम की घोषणा के बाद से कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। जनसभा को सफल बनाने के उद्देश्य से संगठन स्तर पर संपर्क अभियान चलाने, लोगों को आमंत्रित करने और बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने पर चर्चा की गई है। पार्टी नेताओं ने संकेत दिया है कि जनसभा में स्थानीय समस्याओं, सामाजिक मुद्दों और संगठन की आगामी रणनीति को प्रमुखता से रखा जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की भागीदारी की उम्मीद है।
नजीबाबाद में आगामी 28 जून को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की प्रस्तावित जनसभा को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के आगमन के मद्देनजर संगठन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस जनसभा को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी की सक्रियता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रविवार को पार्टी नेताओं ने कार्यक्रम स्थल का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कार्यकर्ताओं के साथ तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की। तैयारियों के क्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी डॉक्टर महताब चौहान, जिला अध्यक्ष मुफ्ती रियाज, पूर्व जिला अध्यक्ष नजाकत और विधानसभा अध्यक्ष आफताब अंसारी सहित पार्टी की जिला इकाई मौके पर पहुंची। इन नेताओं ने सभा स्थल की व्यवस्थाओं, पहुंच मार्ग, कार्यकर्ता समन्वय और जनसंपर्क अभियान की समीक्षा की। कार्यक्रम की रूपरेखा स्पष्ट करने के लिए पार्टी नेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की, जिसमें डॉक्टर महताब चौहान और विधानसभा अध्यक्ष आफताब अंसारी ने बताया कि जनसभा में संगठन की नीतियों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में जनसभा में पहुंचें। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह कार्यक्रम केवल एक जनसभा नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक विस्तार की रणनीति का हिस्सा है। नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्रीय स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने और स्थानीय मुद्दों को राजनीतिक विमर्श में लाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम की घोषणा के बाद से कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। जनसभा को सफल बनाने के उद्देश्य से संगठन स्तर पर संपर्क अभियान चलाने, लोगों को आमंत्रित करने और बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने पर चर्चा की गई है। पार्टी नेताओं ने संकेत दिया है कि जनसभा में स्थानीय समस्याओं, सामाजिक मुद्दों और संगठन की आगामी रणनीति को प्रमुखता से रखा जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की भागीदारी की उम्मीद है।
- बिजनौर जिले के भनेड़ा टोल पर ट्रांसपोर्ट कमिश्नर द्वारा एक सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान, शराब पीकर वाहन चला रहे लोगों की जाँच की गई और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, उन वाहन चालकों पर भी कार्यवाही की गई जिनके पास यात्रा के लिए आवश्यक दस्तावेज़ पूरे नहीं पाए गए।1
- लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय के बाहर ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें साल 2027 में अखिलेश यादव के सत्ता में आने का जिक्र किया गया है। इन पोस्टरों में अखिलेश यादव को हनुमान जी की पूजा करते हुए दिखाया गया है। पोस्टरों पर स्पष्ट रूप से लिखा है, "मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम हुए नाराज अब ना आएंगे योगी महाराज।" इसके साथ ही एक अन्य पंक्ति में भाजपाइयों पर निशाना साधते हुए कहा गया है, "महापापीयों का खुला भेद भाजपाइयों से सच्चे सनातनियों को है खेद।" इन पोस्टरों में लगी तस्वीरें सपा विधायक पंकज मलिक और कार्यकर्ता सोमिल सिंह श्रीनेत्र द्वारा लगाई गई हैं।1
- आशीष सिंह अपने भाइयों के साथ दलजीत की आवाज पर ग्राम जवाली पहुंचे। वहां उन्होंने भाजपा अध्यक्ष जावेद से मुलाकात की, जो ग्राम जवाली दल से संबंधित हैं।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार में हजारों की तादाद में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचे, जहाँ हरकी पैड़ी पर भक्तों की भारी भीड़ नजर आई। हिन्दू समाज में हरिद्वार को आस्था का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहाँ दूर-दराज से भक्त अपनी मन्नतें लेकर आते हैं। इन श्रद्धालुओं ने ईश्वर से अपने किए पापों की क्षमा याचना की और पवित्र गंगाजल लेकर अपने शहर वापस लौटे।1
- जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सैन्य अभियान के दौरान उत्तराखंड के वीर सपूत वीरेश्वर गोस्वामी शहीद हो गए। इस दुःखद घड़ी में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शहीद वीरेश्वर गोस्वामी के घर पहुंचे। मुख्यमंत्री धामी ने शहीद के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया।1
- उत्तराखंड सरकार द्वारा विद्युत विभाग के माध्यम से जबरन प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाने और पुराने बिजली बिलों पर बकाया सरचार्ज माफी की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज लक्सर में जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने इन जनविरोधी फैसलों को जल्द से जल्द वापस लेने की मांग की।1
- उत्तर प्रदेश में, चंद्रशेखर आज़ाद ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर एक बड़ा बयान दिया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब कथित तौर पर 'जय श्री राम' के नारे लगाते हुए और पत्थरों के बीच से गाड़ियां निकाली गईं।1
- जनपद बिजनौर के नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मजार प्रकरण के संबंध में जनता के बीच अपनी बात रखी।1