जनपद सदस्य एवं सरपंच उप निर्वाचन को लेकर ऑब्जर्वर ने किया मतदान केंद्रों का निरीक्षण 8 मतदान केंद्रों का जायजा लेकर स्ट्रांग रूम एवं तहसील निर्वाचन कार्यालय की व्यवस्थाएं भी देखीं अजयगढ़:-जनपद पंचायत सदस्य एवं सरपंच के उप निर्वाचन को लेकर प्रशासन द्वारा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में निर्वाचन ऑब्जर्वर डीपी द्विवेदी ने जनपद पंचायत अजयगढ़ अंतर्गत विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।ऑब्जर्वर श्री द्विवेदी ने जनपद अजयगढ़ क्षेत्र के 8 मतदान केंद्रों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।इस दौरान उन्होंने मतदान केंद्रों पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, मतदान प्रक्रिया से संबंधित व्यवस्थाओं तथा सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक तैयारियों की जानकारी ली।उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू, निष्पक्ष एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान ऑब्जर्वर ने स्ट्रांग रूम का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्वाचन सामग्री एवं ईवीएम/मतपेटियों की सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए निर्धारित निर्वाचन नियमों के अनुसार सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही श्री द्विवेदी ने तहसील निर्वाचन कार्यालय का निरीक्षण कर निर्वाचन संबंधी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से उप निर्वाचन को लेकर की गई तैयारियों,मतदान केंद्रों की स्थिति तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली।उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो तथा सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों का गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। मतदान से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण करने के साथ ही निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।निरीक्षण के दौरान संबंधित निर्वाचन अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जनपद सदस्य एवं सरपंच उप निर्वाचन को लेकर ऑब्जर्वर ने किया मतदान केंद्रों का निरीक्षण 8 मतदान केंद्रों का जायजा लेकर स्ट्रांग रूम एवं तहसील निर्वाचन कार्यालय की व्यवस्थाएं भी देखीं अजयगढ़:-जनपद पंचायत सदस्य एवं सरपंच के उप निर्वाचन को लेकर प्रशासन द्वारा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में निर्वाचन ऑब्जर्वर डीपी द्विवेदी ने जनपद पंचायत अजयगढ़ अंतर्गत विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर
व्यवस्थाओं का जायजा लिया।ऑब्जर्वर श्री द्विवेदी ने जनपद अजयगढ़ क्षेत्र के 8 मतदान केंद्रों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।इस दौरान उन्होंने मतदान केंद्रों पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, मतदान प्रक्रिया से संबंधित व्यवस्थाओं तथा सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक तैयारियों की जानकारी ली।उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू, निष्पक्ष एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के
दौरान ऑब्जर्वर ने स्ट्रांग रूम का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्वाचन सामग्री एवं ईवीएम/मतपेटियों की सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए निर्धारित निर्वाचन नियमों के अनुसार सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही श्री द्विवेदी ने तहसील निर्वाचन कार्यालय का निरीक्षण कर निर्वाचन संबंधी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से उप निर्वाचन को लेकर की गई तैयारियों,मतदान केंद्रों की स्थिति
तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली।उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो तथा सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों का गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। मतदान से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण करने के साथ ही निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।निरीक्षण के दौरान संबंधित निर्वाचन अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
- अजयगढ़ में बड़ा हादसा: रिश्तेदारी मे जा रहीं ग्रामीणों से भरी लोडर ऑटो अनियंत्रित होकर पलटी, 5 गंभीर घायल, जिला अस्पताल रेफर। रिश्तेदारी से लौट रहे ग्रामीणों की एक तीन पहिया मालवाहक ऑटो (लोडर) अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण सड़क हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। *अचानक अनियंत्रित होकर पलटी गाड़ी* मिली जानकारी के अनुसार, छतरपुर जिले के ग्राम पलकोंहा निवासी ग्रामीण अजयगढ़ क्षेत्र में अपने रिश्तेदारों के यहां आए हुए थे। वापसी के दौरान अचानक सलैया के पास लोडर ऑटो बेकाबू होकर सड़क पर पलट गई। हादसे के वक्त गाड़ी में लगभग 8 से 10 लोग सवार थे। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन में सवार लोग सड़क पर दूर जा गिरे, जिससे चीख-पुकार मच गई। घटना में सियारानी (पति दीना), उम्र- 40 वर्षरुकमन (पति स्व. रधो), उम्र- 40 वर्ष पंचू अहिरवार (पिता जमुना), उम्र- 40 वर्षहरबाई (पति स्व. झाल्लू), उम्र- 55 वर्ष रामप्रसाद (पिता फाटा अहिरवार), उम्र- 35 वर्ष सभी निवासी: ग्राम पलकोंहा, जिला छतरपुर शामिल है। *अस्पताल में भर्ती, 5 की हालत गंभीर* घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने 5 लोगों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शी रामप्रसाद अहिरवार ने बताया कि हम लोग रिश्तेदारी में आए हुए थे। गाड़ी अपनी सामान्य गति से जा रही थी कि अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। लोडर ऑटो में करीब 8 से 12 लोग सवार थे।4
- मझगाय बांध से धधक उठीं चिताएं, चौथे दिन भी भीषण गर्मी में जारी रहा चिता आंदोलन मझगाय बांध से धधक उठीं चिताएं, चौथे दिन भी भीषण गर्मी में जारी रहा चिता आंदोलन *मुआवजा और पुनर्वास की मांग पर पानी में चिता पर लेटकर जताया विरोध, बोले अमित भटनागर—“न्याय दो या मार दो”* *एंकर:+* पन्ना/अजयगढ़। केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित मझगाय, रूंझ बांध और सिंगरौली–ललितपुर रेल मार्ग से प्रभावित विस्थापितों का चिता आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार और आदिवासी महिलाएं बच्चों के साथ आंदोलन में शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने पानी में चिताओं पर लेटकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर ने कहा कि प्रभावितों ने कभी विकास का विरोध नहीं किया, बल्कि ग्रामसभा, पारदर्शिता, उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग की थी। आंदोलनकारियों का आरोप है कि कई परिवारों को अब तक पूरा मुआवजा और पुनर्वास राशि नहीं मिली है। उनका कहना है कि कई गांवों में पानी पहुंच चुका है और कुछ मकान लगातार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। प्रभावित किसानों ने सिंचित भूमि को रिकॉर्ड में असिंचित किए जाने से मुआवजा प्रभावित होने का भी आरोप लगाया। आंदोलनकारियों के अनुसार पहले पुनर्वास पैकेज ₹5 लाख था, जबकि जुलाई के चिता आंदोलन के बाद ₹12.50 लाख पैकेज की घोषणा की गई थी। इसके बावजूद कई परिवार पुराने पैकेज की राशि के लिए भी इंतजार कर रहे हैं। अमित भटनागर ने कहा कि बिना उचित मुआवजा और पुनर्वास के घरों को डूब क्षेत्र में छोड़ना गंभीर मानवीय और कानूनी सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि निषेधात्मक कार्रवाई और मुकदमों के बावजूद प्रभावित परिवार लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। महिलाओं ने कहा कि घर, जमीन और गांव डूब रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि यदि सरकार विकास कर रही है तो विस्थापितों के भविष्य की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा। चिता आंदोलन में विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित लोग एक मंच पर नजर आए। मझगाय बांध, केन-बेतवा, रूंझ बांध और सिंगरौली–ललितपुर रेल मार्ग के प्रभावितों ने अपनी समस्याएं साझा कीं। प्रदर्शनकारियों ने “न्याय दो या मार दो” का नारा लगाते हुए अपना आक्रोश जताया। आंदोलनकारियों ने डूब क्षेत्र के प्रत्येक परिवार का तत्काल सत्यापन कराने की मांग की। साथ ही लंबित मुआवजा, मकान एवं परिसंपत्तियों का उचित मूल्यांकन और सिंचित-असिंचित भूमि संबंधी शिकायतों के निराकरण की मांग की। अमित भटनागर ने कहा कि यह लड़ाई किसी अधिकारी के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रभावितों के अधिकार और सम्मानजनक पुनर्वास के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक विस्थापितों को न्याय, मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिलता, चिता आंदोलन जारी रहेगा। *Bite अमित भटनागर*3
- इंस्टाग्राम की दोस्ती बनी हत्या की वजह! 48 घंटे में पन्ना पुलिस ने खोला अंधा हत्याकांड, एक आरोपी गिरफ्तार1
- बृजपुर थाना बृजपुर की बड़ी कार्यवाही विदेश भेजने के नाम पर फर्जी पासपोर्ट और लाखों की लूट बृजपुर थाना बृजपुर की बड़ी कार्यवाही विदेश भेजने के नाम पर फर्जी पासपोर्ट और लाखों की लूट1
- भोपाल ब्रेकिंग: Govt IToT हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग से 20 छात्र अस्पताल में भर्ती, प्रबंधन पर एम्बुलेंस लौटाने का आरोप (साक्ष्य संलग्न) भोपाल ब्रेकिंग: Govt IToT हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग से 20 छात्र अस्पताल में भर्ती, प्रबंधन पर एम्बुलेंस लौटाने का आरोप (साक्ष्य संलग्न) GOVT ITOT BOYS HOSTEL BHOPAL भोपाल ब्रेकिंग: Govt IToT भोपाल हॉस्टल में हाहाकार, दूषित खाने से 20 छात्र अस्पताल में भर्ती, प्रबंधन ने वापस लौटाई एम्बुलेंस!भोपाल, 15 सितंबर 2026गोविंदपुरा स्थित Govt IToT (Government Institute for Training of Trainers) भोपाल के बॉयज हॉस्टल में इस समय छात्रों की जान आफ़त में है। कॉलेज प्रशासन की घोर लापरवाही और हॉस्टल में चल रहे अवैध मेस घोटाले के कारण लगभग 20 छात्र गंभीर फूड पॉइजनिंग (Mass Food Poisoning) का शिकार हो गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में निजी और सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कइयों की हालत बेहद नाज़ुक बनी हुई है। 🔴 बदनामी के डर से वापस लौटाई एम्बुलेंस, तड़पते रहे छात्रपीड़ित छात्रों का आरोप है कि रात में जब छात्रों की तबीयत बिगड़ी और एम्बुलेंस बुलाई गई, तो कॉलेज प्रबंधन ने अपनी बदनामी और घोटाले को छुपाने के लिए एम्बुलेंस को गेट से ही वापस लौटा दिया। प्रबंधन ने दावा किया कि वे खुद प्राइवेट में इलाज कराएंगे, लेकिन बाद में साफ़ मुकर गए। गंभीर रूप से बीमार छात्र बिना किसी स्ट्रेचर या मेडिकल सपोर्ट के, तड़पती हालत में खुद गाड़ियों का इंतज़ाम कर अस्पताल पहुँचे। इतने बड़े कैंपस में छात्रों के लिए कोई डॉक्टर या प्राथमिक उपचार (First Aid) तक की व्यवस्था नहीं है। 🔴 हॉस्टल में 'अवैध मेस घोटाला', वार्डन पर कमीशनखोरी का आरोपछात्रों ने सीधे तौर पर हॉस्टल वार्डन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। हॉस्टल में नियम के मुताबिक कोई आधिकारिक मेस नहीं है। वार्डन के दबाव में बाहर के किसी अनधिकृत वेंडर से घटिया और बासी खाना मंगवाया जाता है। इसी दूषित भोजन को खाने से लड़कों को उल्टियां और दस्त शुरू हो गए और देखते ही देखते 20 छात्र बीमार पड़ गए। 🔴 आए दिन light गुल, शौचालय के लिए 'बारिश का पानी' भरने को मजबूर छात्रहॉस्टल की दुर्दशा यहीं खत्म नहीं होती। छात्रों ने बताया कि हॉस्टल में आए दिन बिजली की समस्या रहती है और कोई पावर बैकअप (जनरेटर) नहीं है। पिछले 2 दिनों से हॉस्टल में न बिजली है और न पानी। छात्र शौचालय जाने और नहाने जैसी बुनियादी ज़रूरतों के लिए छतों से गिर रहे बारिश के पानी को बाल्टियों में भरने को मजबूर हैं। डिजिटल इंडिया के दौर में हॉस्टल में न तो वाई-फाई (Wi-Fi) है और न ही लाइब्रेरी चालू हालत में है। 🔴 सुरक्षा भी खतरे में: रात में शराब पीकर रहता है सिक्योरिटी गार्डछात्रों की सुरक्षा का आलम यह है कि रात की ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड भारी मात्रा में शराब पीकर ड्यूटी करता है। जब छात्र अपनी शिकायतें लेकर जाते हैं, तो वह लड़कों के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करता है। 🔴 छात्रों ने दी चेतावनी: "DGT दिल्ली और जिला प्रशासन तुरंत करे FIR"पीड़ित छात्रों ने केंद्रीय महानिदेशक (DGT दिल्ली) और भोपाल कलेक्टर को आधिकारिक शिकायत भेजकर मांग की है कि:इस जानलेवा लापरवाही के ज़िम्मेदार हॉस्टल वार्डन और कॉलेज मैनेजमेंट के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर उन्हें सस्पेंड किया जाए।हॉस्टल में तुरंत डॉक्टर, स्थायी पावर बैकअप, साफ पानी और सरकारी मेस की व्यवस्था बहाल हो।छात्रों का कहना है कि यदि किसी भी साथी छात्र की जान को कुछ भी नुकसान पहुँचा, तो इसकी पूरी ज़िम्मेदारी कॉलेज प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी।📸 मीडिया बंधुओं के लिए नोट: बीमार छात्रों के अस्पताल के पर्चे, अस्पताल में भर्ती लड़कों के विज़ुअल्स, और हॉस्टल में बारिश का पानी भरते हुए छात्रों के वीडियो और फोटो साक्ष्य के रूप में संलग्न (Attached) हैं।4
- बांदा में कचरे से कमाई! | नारियल के Waste से बन रहे 6 Products | Banda News 2026 बांदा में नारियल के कचरे को बेकार समझने के बजाय उससे उपयोगी उत्पाद तैयार करने की पहल सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक नारियल के कचरे से छह अलग-अलग उत्पाद बनाए जा रहे हैं। यह पहल कचरे के बेहतर इस्तेमाल और स्थानीय स्तर पर रोजगार व कमाई के नए अवसरों से जुड़ी है।1
- शासन सोया, जनता रोई… देवेंद्रनगर में निजी हाथों ने संभाली NH-39 की कमान! शासन सोया, जनता रोई… देवेंद्रनगर में निजी हाथों ने संभाली NH-39 की कमान! *जब सिस्टम ने नहीं सुनी, तो निजी पहल से मिली सड़क को राहत!* *टैक्स जनता दे, सड़क भी जनता ही बनवाए?* *देवेंद्रनगर में NH-39 की बदहाल पर प्रशासन की चुप्पी, निजी पहल से मिली राहगीरों को राहत* एंकर-- पन्ना जिले के देवेंद्रनगर से निकालने वाला रोड NH-39 के गड्ढों से परेशान जनता के लिए रिसॉर्ट संचालक भाइयों ने अपने खर्च पर कराया लेवलिंग का काम नगर से गुजरने वाले NH-39 की बदहाल सड़क और जगह-जगह बने गड्ढों ने लंबे समय से राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा रखी थी। बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए। सड़क पर बने गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। ऐसे में जब लोगों को राहत की उम्मीद सरकारी व्यवस्था से थी, तब एक निजी पहल सामने आई। देवेंद्रनगर के अन्वी रिसॉर्ट संचालक आशीष अग्रवाल और उनके छोटे भाई आयुष अग्रवाल ने नगरहित में पहल करते हुए अपने खर्च पर जेसीबी लगवाकर NH-39 के खराब हिस्से की लेवलिंग कराई। सड़क के इस हिस्से को समतल किए जाने के बाद फिलहाल वाहनों की आवाजाही में कुछ राहत देखने को मिल रही है। महीनों से परेशान थे लोग, शिकायतों के बाद भी नहीं मिली राहत स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के बाद NH-39 की स्थिति लगातार खराब होती गई। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और ऊबड़-खाबड़ सतह के कारण बाइक सवारों के साथ-साथ बस और अन्य बड़े वाहनों के चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लोगों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर जिम्मेदार विभाग के समक्ष शिकायतें भी की गईं, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद आशीष अग्रवाल और आयुष अग्रवाल ने स्वयं आगे आकर सड़क के एक हिस्से को जेसीबी की मदद से समतल कराने का निर्णय लिया। *दुकानदार बोले—*‘जिस काम की उम्मीद व्यवस्था से थी, वह निजी व्यक्ति ने कर दिया’ स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए व्यवस्था पर सवाल भी खड़े किए। उनका कहना है कि नागरिकों से विभिन्न प्रकार के टैक्स और शुल्क लिए जाते हैं, लेकिन बदहाल सड़क, धूल और गड्ढों जैसी मूलभूत समस्याओं से उन्हें खुद जूझना पड़ रहा है। एक दुकानदार ने कहा कि “सड़क की हालत सुधारने की जिम्मेदारी संबंधित व्यवस्था की है। अगर लोगों को राहत देने के लिए निजी व्यक्ति को अपने खर्च से सड़क समतल करानी पड़े, तो यह सोचने का विषय है कि जमीनी स्तर पर व्यवस्था कितनी प्रभावी है।” धूल, गड्ढे और बदहाल सड़क से कब मिलेगी स्थायी राहत? जेसीबी से की गई लेवलिंग से फिलहाल एक हिस्से में आवागमन आसान हुआ है, लेकिन स्थानीय लोगों का सवाल अब भी कायम है कि NH-39 की स्थायी मरम्मत आखिर कब होगी? जनता का कहना है कि अस्थायी राहत के बजाय सड़क की गुणवत्ता के साथ स्थायी सुधार किया जाना चाहिए, ताकि बारिश के बाद दोबारा वही स्थिति न बने। एक तरफ सरकारी तंत्र से सड़क सुधार की उम्मीद, दूसरी तरफ निजी व्यक्ति की पहल—देवेंद्रनगर की यह तस्वीर व्यवस्था के दावों पर सवाल जरूर खड़े कर रही है। सबसे बड़ा सवाल—क्या मूलभूत सुविधाओं के लिए भी जनता को निजी पहल का इंतजार करना पड़ेगा? स्थानीय लोगों की निगाह अब जिम्मेदार विभाग और प्रशासन की ओर है। लोगों को उम्मीद है कि NH-39 की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। फिलहाल जनता की नाराजगी साफ है और लोग व्यवस्था से यही सवाल पूछ रहे हैं—“क्या यही सुशासन है?” *वइट:-अशोक विश्वकर्मा दुकानदार*4
- *पन्ना - इन्स्टाग्राम पर इश्क, रात के अंधेरे में दगा।* 👉*पन्ना में 'लव ट्रैप' बिछाकर सिर कुचला, मामा निकला खौफनाक साजिश का मास्टरमाइंड।* 👉*नाबलिक गर्लफ्रेंड भी गिरफ्तार।* *देखते रहिए मध्य प्रदेश का सबसे प्रतिष्ठित सेटेलाइट न्यूज़ चैनल*👇 🌹*सी न्यूज़ भारत🌹* *CONTACT US - 9926868786* *C New BARAT से* *जिला ब्यूरो - रफी सिद्दीकी*1