Shuru
Apke Nagar Ki App…
समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र के गोरगामा गाँव में एक दुखद हादसा सामने आया है। एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से 4 वर्षीय बच्चे अर्नव कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। मृत बच्चे की पहचान गोरगामा गाँव निवासी मंटू कुमार के पुत्र अर्नव कुमार के रूप में की गई है। स्थानीय पुलिस इस घटना की जांच में जुट गई है।
Chunnu Kumar Singh
समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र के गोरगामा गाँव में एक दुखद हादसा सामने आया है। एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से 4 वर्षीय बच्चे अर्नव कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। मृत बच्चे की पहचान गोरगामा गाँव निवासी मंटू कुमार के पुत्र अर्नव कुमार के रूप में की गई है। स्थानीय पुलिस इस घटना की जांच में जुट गई है।
More news from बिहार and nearby areas
- समस्तीपुर के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड क्षेत्र के मोहिउद्दीन नगर पश्चिम बाजार चौक में समाजसेवी शशि भूषण कुमार ने आम नागरिकों के लिए एक अनोखी पहल की है, जिसकी जमकर सराहना हो रही है। उन्होंने 'जल जीवन हरियाली' के तहत एक निःशुल्क प्याऊ का संचालन शुरू किया है। इस पहल से प्रतिदिन हजारों नागरिक, जिनमें दुकानदार और अन्य लोग शामिल हैं, ठंडे पानी का लाभ उठा रहे हैं।1
- वैशाली जिले के जंदाहा में स्थित शहीद B.S.R फिजिकल एकेडमी ने एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस समारोह में उन सभी अभ्यर्थियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त की है। एकेडमी ने अपनी इस पहल के माध्यम से युवाओं की सफलता का जश्न मनाया और सरकारी नौकरियों तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों के सम्मान में यह कार्यक्रम आयोजित किया।1
- राजद (राष्ट्रीय जनता दल) द्वारा समस्तीपुर जिला समाहरणालय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय धरना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह धरना मंहगाई, बेरोजगारी, ध्वस्त शिक्षा एवं कानून व्यवस्था, और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था।1
- बिहार की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है, क्योंकि पटना हाईकोर्ट ने राज्य में बढ़ाए गए 65% आरक्षण को रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव और पूरे राजनीतिक गलियारे में तीव्र हलचल मच गई है। हाईकोर्ट ने इस 65% आरक्षण को असंवैधानिक करार दिया है। इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद, यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर हाईकोर्ट ने आरक्षण को असंवैधानिक क्यों बताया, और क्या अब बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। साथ ही, इस बात पर भी चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह फैसला आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीति को पूरी तरह से बदल देगा।1
- मोकामा थाना क्षेत्र के कन्हैपुर गांव में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस मामले में मृतक महिला के बेटे और बहू सहित कुल तीन लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज की गई है।1
- मोकामा थाना क्षेत्र के कन्हाईपुर गांव में कृष्णी देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। मृतका की पुत्री ने अपनी माँ की मौत के लिए सीधे तौर पर अपने भाई, भाभी और भाभी की माँ को जिम्मेदार ठहराया है। बेटी का आरोप है कि उसकी माँ को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था, और इसी प्रताड़ना के कारण उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई। उसने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना मिलने के बाद मोकामा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एफएसएल टीम द्वारा भी घटनास्थल की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह मामला हत्या का है या आत्महत्या का। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और परिजनों के आरोपों की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है।1
- शिक्षक विपिन यादव ने रोशन आनंद के भाई की मृत्यु के संबंध में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।1
- समस्तीपुर जिले के पटोरी अनुमंडल क्षेत्र में बिहार सरकार द्वारा संचालित "सहयोग शिविर" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पंचायत स्तरीय शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका त्वरित समाधान प्रदान करना था। पटोरी प्रखंड के इमनसराय और बहादुरपुर पटोरी पंचायत के सरकार भवन में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिन्होंने अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराते हुए आवेदन पत्र दिए। शिविर का उद्घाटन अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार पांडे, अनुमंडल कार्यपालक दंडाधिकारी राजीव कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमुद रंजन, अंचलाधिकारी अभिषेक कुमार, मुखिया रेणु देवी और मुखिया प्रतिनिधि संजीत कुमार सहित कई अन्य विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान, बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने नल-जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, नाली-गली निर्माण, भूमि संबंधी मामलों और नीलगाय द्वारा फसलों को हो रहे भारी नुकसान जैसी प्रमुख समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। शिविर में मौजूद अधिकारियों ने नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को त्वरित समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए, साथ ही शीघ्र समाधान का भरोसा भी दिलाया। सरकार की इस पहल की जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सराहना की, यह कहते हुए कि ऐसे कार्यक्रमों से आम लोगों की समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंच रही हैं और उनके निराकरण की उम्मीद भी बढ़ी है। इस मौके पर मुखिया प्रतिनिधि संजीत कुमार राय, पूर्व प्रमुख हरिवंश राय और उपमुखिया संजीत राय सहित कई गणमान्य लोगों ने भी सहयोग शिविर की उपयोगिता पर अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं।1