राजस्थान की बज्जू तहसील के बरसलपुर गांव से लगभग 7-8 किलोमीटर दूर 9 बीडीवाई क्षेत्र में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय पिछले लगभग 20 वर्षों से बंद पड़ा है। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट भूरासर रोड पर स्थित यह विद्यालय कभी इलाके के बच्चों के लिए शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र था। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों पहले यहां नियुक्त एक शिक्षक नियमित रूप से शराब के नशे में स्कूल आता था, जिससे परेशान होकर आसपास की ढाणियों के लोगों ने विरोध किया। इसके बाद, कथित तौर पर एक ऐसी रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें कहा गया कि क्षेत्र में बच्चों की संख्या कम है और विद्यालय सुनसान इलाके में है, जिसके आधार पर इसे बंद कर दिया गया। क्षेत्रवासियों के अनुसार, वर्तमान में इस इलाके में 500 से अधिक ढाणियां बसी हुई हैं और लगभग 200 से 250 बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। सरकारी विद्यालय बंद होने के कारण अभिभावकों को मजबूरी में अपने बच्चों को बरसलपुर समेत अन्य स्थानों के निजी विद्यालयों में भेजना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सीमा क्षेत्र होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है, और हाल की घटनाओं को देखते हुए अभिभावक छोटे बच्चों को दूर भेजने में असहज महसूस करते हैं। विद्यालय के पुनः संचालन की मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। पूर्व ऊर्जा मंत्री एवं कोलायत विधायक भंवर सिंह भाटी को भी इस संबंध में लिखित रूप से अवगत कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक विद्यालय शुरू नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि विद्यालय जिस भूमि पर बना है, वह भी क्षेत्र के एक ग्रामीण द्वारा शिक्षा के उद्देश्य से दान की गई थी। अब क्षेत्रवासियों ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से यह मांग की है कि सीमा क्षेत्र के बच्चों के भविष्य को देखते हुए बंद पड़े इस विद्यालय को शीघ्र पुनः शुरू किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।
राजस्थान की बज्जू तहसील के बरसलपुर गांव से लगभग 7-8 किलोमीटर दूर 9 बीडीवाई क्षेत्र में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय पिछले लगभग 20 वर्षों से बंद पड़ा है। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट भूरासर रोड पर स्थित यह विद्यालय कभी इलाके के बच्चों के लिए शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र था। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों पहले यहां नियुक्त एक शिक्षक नियमित रूप से शराब के नशे में स्कूल आता था, जिससे परेशान होकर आसपास की ढाणियों के लोगों ने विरोध किया। इसके बाद, कथित तौर पर एक ऐसी रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें कहा गया कि क्षेत्र में बच्चों की संख्या कम है और विद्यालय सुनसान इलाके में है, जिसके आधार पर इसे बंद कर दिया गया। क्षेत्रवासियों के अनुसार, वर्तमान में इस इलाके में 500 से अधिक ढाणियां बसी हुई हैं और लगभग 200 से 250 बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। सरकारी विद्यालय बंद होने के कारण अभिभावकों को मजबूरी में अपने बच्चों को बरसलपुर समेत अन्य स्थानों के निजी विद्यालयों में भेजना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सीमा क्षेत्र होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है, और हाल की घटनाओं को देखते हुए अभिभावक छोटे बच्चों को दूर भेजने में असहज महसूस करते हैं। विद्यालय के पुनः संचालन की मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। पूर्व ऊर्जा मंत्री एवं कोलायत विधायक भंवर सिंह भाटी को भी इस संबंध में लिखित रूप से अवगत कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक विद्यालय शुरू नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि विद्यालय जिस भूमि पर बना है, वह भी क्षेत्र के एक ग्रामीण द्वारा शिक्षा के उद्देश्य से दान की गई थी। अब क्षेत्रवासियों ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से यह मांग की है कि सीमा क्षेत्र के बच्चों के भविष्य को देखते हुए बंद पड़े इस विद्यालय को शीघ्र पुनः शुरू किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।
- बीकानेर में 'भिरती समाज क्रिकेट प्रतियोगिता - 2026' का आयोजन होने जा रहा है, जहाँ खिलाड़ी 12 ओवर के धमाकेदार टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट में अपनी किस्मत आजमाएंगे। यह रोमांचक प्रतियोगिता 7 जून 2026 को फोर्ट स्कूल मैदान में आयोजित की जाएगी। आयोजकों ने बीकानेर के खिलाड़ियों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। इस प्रतियोगिता में विजेता टीम को ₹7000 नकद के साथ एक चमचमाती ट्रॉफी मिलेगी, जबकि उपविजेता टीम ₹5000 नकद और ट्रॉफी अपने घर ले जाएगी। खिलाड़ियों के उत्साह को बढ़ाने के लिए हैट्रिक लगाने वाले बल्लेबाज या गेंदबाज को ₹500 का नकद बोनस भी दिया जाएगा। टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए एंट्री फीस ₹3000 रखी गई है और टीम रजिस्टर करने की आखिरी तारीख 6 जून 2026 है। प्रत्येक टीम में 14 खिलाड़ी होंगे, और मैच में 4 ओवर का पावरप्ले होगा। एक विशेष नियम के तहत, भिरती समाज के खिलाड़ियों के अलावा चौपदार समाज के तीन खिलाड़ी भी हर टीम में खेल सकेंगे। हर मैच में 'मैन ऑफ द मैच' का पुरस्कार भी दिया जाएगा। इच्छुक टीमें 6377309287 पर संपर्क कर सकती हैं।1
- बीकानेर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लूणकरणसर क्षेत्र में एक एजेंट के पास से लाखों की नकदी जब्त की है। सूचना के आधार पर, एसीबी की टीम ने एक चलती बस को रुकवाकर एजेंट को हिरासत में लिया और उसके पास से ₹85 लाख बरामद किए। यह राशि कथित तौर पर राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर द्वारा एक एजेंट के माध्यम से भेजी जा रही थी, लेकिन इससे पहले ही एसीबी ने कार्रवाई कर एजेंट को दबोच लिया। जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला खराब गुणवत्ता वाली बीज कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इस प्रतिबंध को हटाने के एवज में, राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर द्वारा बीज कंपनियों से अवैध रूप से राशि एकत्रित की जा रही थी। बताया जा रहा है कि यह राशि बीकानेर से श्रीगंगानगर ले जाई जा रही थी। इसी कार्रवाई के तहत, एसीबी ने बीकानेर में जुगल किशोर के आवास पर भी छापा मारा, जहां तलाशी के दौरान ₹45 लाख से अधिक की नकदी बरामद की गई। फिलहाल, एसीबी इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।1
- Available for Sale - Smartphone Brand : vivo Model : V29 Asking Price (₹) : 20000 City / Locality : bajju Device Category : Smartphone Variant (RAM / Storage) : 6GB / 128GB Body Condition : Like new Device Age : 2 Years Network Connectivity : 5जी,4जी VoLTE,2G/3G (बेसिक) badhiya hai1
- आम जनता को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है क्योंकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की बढ़ोतरी कर दी गई है। यह नई कीमतें आज से ही पूरे देश में लागू हो गई हैं। इस वृद्धि के कारण अब रसोई का बजट और बढ़ जाएगा, जिससे लाखों परिवारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।1
- ग्राम कोटड़ी में लंबे समय से चली आ रही पेयजल और विद्युत आपूर्ति की गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा रविवार को खुलकर सामने आ गया। समस्या के त्वरित समाधान की मांग करते हुए, कई युवा गांव की पानी की टंकी पर चढ़ गए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पानी और बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहराने से उनका जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, वहीं बार-बार होने वाली बिजली कटौती से घरेलू और कृषि संबंधी कार्य भी बाधित हो रहे हैं। स्थिति से नाराज इन युवाओं ने पानी की टंकी पर चढ़कर प्रशासन का ध्यान खींचने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन एवं संबंधित विभागों को शिकायतें की हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकला, जिसके कारण उन्हें यह कड़ा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। अब वे प्रशासन से गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और बिजली व्यवस्था में सुधार करके आमजन को तुरंत राहत प्रदान करने की मांग कर रहे हैं।1
- बीकानेर जिले के श्रीकोलायत क्षेत्र में हुई बारिश के बाद झझु चौराहे पर एक बार फिर जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई है। चौराहे पर बारिश का पानी इकट्ठा हो जाने के कारण आमजन, राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण उत्पन्न हुई है, जिससे हर बार बारिश के दौरान यह स्थान पानी से भर जाता है और लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, झझु चौराहे पर जलभराव की यह समस्या काफी समय से बनी हुई है, लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बारिश का पानी जमा होने से न केवल सड़क पर कीचड़ फैल जाता है, बल्कि दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से आवाजाही में दिक्कतें आती हैं। इसके अतिरिक्त, जलभराव के कारण कई बार दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने की मांग की है, ताकि बरसात के दिनों में लोगों को राहत मिल सके। लोगों का कहना है कि यह परेशानी हर साल सामने आती है, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा इस दिशा में कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।1