सिंधिया राजघराने की शाही विरासत में चला आ रहा चालीस साल पुराना संपत्ति विवाद आखिरकार आपसी सहमति से सुलझ गया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी तीनों बुआओं—वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे तथा ऊषा राजे के बीच का यह समझौता ग्वालियर के जिला न्यायालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 8 जुलाई 2026 को औपचारिक रूप से पूरा हुआ। इस समझौते के साथ ही देश भर में चल रहे दर्जनों मुकदमों का भी अंत हो गया है और राजसी परिवार में पीढ़ीगत टकराहट का समापन हो गया है। यह विवाद कोई साधारण बंटवारा नहीं था, बल्कि इसमें करीब चालीस हजार करोड़ रुपये की आलीशान और ऐतिहासिक संपत्तियां शामिल थीं। इस विवाद के दायरे में ग्वालियर का भव्य जय विलास पैलेस, शिवपुरी का माधव विलास पैलेस, उज्जैन का कालिया देव पैलेस, दिल्ली का ग्वालियर हाउस और मुंबई व पुणे समेत कई अन्य शहरों की बेशकीमती संपत्तियां थीं। इस ऐतिहासिक बंटवारे के फॉर्मूले में वर्तमान कब्जे को ही प्राथमिकता दी गई है। इस पारिवारिक संघर्ष की कहानी साल 1961 में महाराजा जीवाजीराव सिंधिया के निधन के बाद शुरू हुई थी, जब राजमाता विजयाराजे, उनके इकलौते बेटे माधवराव और बेटियों के बीच उत्तराधिकार की लड़ाई छिड़ गई थी। ज्योतिरादित्य ने भी कम उम्र में अपनी दादी और पिता के खिलाफ मुकदमा दायर किया था, जबकि उनकी बुआओं ने पैतृक संपत्ति में बराबर के अधिकार की मांग की थी। शाही परंपरा के ज्येष्ठाधिकार और आधुनिक हिंदू उत्तराधिकार कानून के बीच यह टकराव दशकों तक अदालतों में चलता रहा। साल 2020 के आसपास जब ज्योतिरादित्य भाजपा में शामिल हुए, तब परिवार के रिश्तों में गर्माहट आई और उच्च न्यायालय के निर्देश पर हुई पारिवारिक बैठकों के बाद इस समझौते का रास्ता साफ हुआ।
सिंधिया राजघराने की शाही विरासत में चला आ रहा चालीस साल पुराना संपत्ति विवाद आखिरकार आपसी सहमति से सुलझ गया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी तीनों बुआओं—वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे तथा ऊषा राजे के बीच का यह समझौता ग्वालियर के जिला न्यायालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 8 जुलाई 2026 को औपचारिक रूप से पूरा हुआ। इस समझौते के साथ ही देश भर में चल रहे दर्जनों मुकदमों का भी अंत हो गया है और राजसी परिवार में पीढ़ीगत टकराहट का समापन हो गया है। यह विवाद कोई साधारण बंटवारा नहीं था, बल्कि इसमें करीब चालीस हजार करोड़ रुपये की आलीशान और ऐतिहासिक संपत्तियां शामिल थीं। इस विवाद के दायरे में ग्वालियर का भव्य जय विलास पैलेस, शिवपुरी का माधव विलास पैलेस, उज्जैन का कालिया देव पैलेस, दिल्ली का ग्वालियर हाउस और मुंबई व पुणे समेत कई अन्य शहरों की बेशकीमती संपत्तियां थीं। इस ऐतिहासिक बंटवारे के फॉर्मूले में वर्तमान कब्जे को ही प्राथमिकता दी गई है। इस पारिवारिक संघर्ष की कहानी साल 1961 में महाराजा जीवाजीराव सिंधिया के निधन के बाद शुरू हुई थी, जब राजमाता विजयाराजे, उनके इकलौते बेटे माधवराव और बेटियों के बीच उत्तराधिकार की लड़ाई छिड़ गई थी। ज्योतिरादित्य ने भी कम उम्र में अपनी दादी और पिता के खिलाफ मुकदमा दायर किया था, जबकि उनकी बुआओं ने पैतृक संपत्ति में बराबर के अधिकार की मांग की थी। शाही परंपरा के ज्येष्ठाधिकार और आधुनिक हिंदू उत्तराधिकार कानून के बीच यह टकराव दशकों तक अदालतों में चलता रहा। साल 2020 के आसपास जब ज्योतिरादित्य भाजपा में शामिल हुए, तब परिवार के रिश्तों में गर्माहट आई और उच्च न्यायालय के निर्देश पर हुई पारिवारिक बैठकों के बाद इस समझौते का रास्ता साफ हुआ।
- भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की है कि जींद से सोनीपत के बीच विश्व की सबसे शक्तिशाली और सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन दौड़ेगी। 10 डिब्बों वाली इस देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में करीब 2400 यात्री सफर कर सकेंगे, जिसके इतिहास का साक्षी पूरा हरियाणा बनेगा। इस विशेष अवसर पर हरियाणा में अलग-अलग स्थानों पर लोग एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को सुनेंगे। ओम प्रकाश धनखड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जींद दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि वे साल 2026 में तीसरी बार जींद आ रहे हैं। इससे पहले मोदी 1999 में प्रभारी के रूप में और 2014 में विधानसभा चुनाव के समय जींद आए थे। जींद में हुए विकास कार्यों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज यहाँ से 5 नेशनल हाईवे गुजरते हैं, जो इतने बेहतरीन हैं कि गाड़ी में पानी का गिलास रखने पर भी वह गिरेगा नहीं। उन्होंने किसान कल्याण और ग्रामीण विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि अब कोई किसान अपनी प्याज या आलू की फसल सड़क पर नहीं फेंकता क्योंकि सरकार उनके नुकसान की पूर्ति करती है। साथ ही, हरियाणा में प्रधानमंत्री के आह्वान पर 2.15 लाख शौचालय बनवाए गए हैं और पढ़ी-लिखी ग्राम पंचायतें अस्तित्व में आई हैं। आज की युवा पीढ़ी के सामने साल 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखते हुए भाजपा नेता ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश में काला अध्याय लेकर आई थी, जिसने संशोधन के माध्यम से संविधान को बदलने का काम किया और लोगों पर इमरजेंसी थोपी। पहले देश के युवाओं के सामने यह लड़ाई थी कि कब इमरजेंसी खत्म हो और जनता पार्टी का राज आए, लेकिन आज देश के सामने शासन करने की ऐसी कोई चुनौती नहीं है। भारत को दुनिया में आधुनिकीकरण की पहल करने वाला अग्रणी देश बताते हुए धनखड़ ने कहा कि हमारा देश अब किसी दूसरे देश की प्रतीक्षा नहीं करता है। प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा के बाद अब भारत के भीम ऐप यूपीआई को इंडोनेशिया और न्यूजीलैंड ने भी स्वीकार कर लिया है, जबकि 14 देश पहले से ही इसे अपना चुके हैं। भारत उन अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है जहाँ विदेशों से भी भीम ऐप यूपीआई के जरिए पैसा आसानी से ट्रांसफर किया जाता है।1
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- कैथल के पट्टी अफगान गली नंबर 5 में सड़क और नाली न बनने से परेशान स्थानीय निवासी सम्राट ठाकुर ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर मदद की अपील की है। सम्राट ठाकुर का कहना है कि उन्होंने गली और नाली बनवाने के लिए सरपंच से कई बार शिकायत की है, लेकिन सरपंच द्वारा उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इसी वजह से उन्हें मजबूरन सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ा है ताकि लोगों के सहयोग से उनकी गली का निर्माण हो सके। बारिश के दिनों में इस गली से लोगों का पैदल चलना भी पूरी तरह दूभर हो गया है। सम्राट ठाकुर ने सभी देशवासियों से इस वीडियो को अधिक से अधिक शेयर करने की विनती की है और सरपंच से हाथ जोड़कर अनुरोध किया है कि वे जल्द से जल्द इस गली का निर्माण करवाएं ताकि लोगों को राहत मिल सके।1
- भिवानी में ओबीसी ब्रिगेड के अध्यक्ष राजेंदर तंवर ने आंदोलन को लेकर हुंकार भरी है। उन्होंने लोगों का आह्वान करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिस दिन सभी सड़कों पर उतर आएंगे, उसी दिन यह आंदोलन पूरी तरह सफल हो जाएगा।1
- रोहतक के गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल, कायस्थान (पाड़ा मोहल्ला) में रविवार को विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और पीजीआईएमएस रोहतक के संयुक्त तत्वावधान में एक निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान कुल 198 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई और उन्हें डॉक्टरों द्वारा उचित चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। शिविर के मुख्य अतिथि पीजीआईएमएस के निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने ओरल हेल्थ पर विशेष जोर देते हुए कहा कि मुंह और दांतों की सही देखभाल पूरे शरीर के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि ओरल हेल्थ ही सभी बीमारियों का द्वार है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच करवाने से कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि शिविर में आए गंभीर मरीजों को आगे के बेहतर उपचार के लिए पीजीआईएमएस रेफर किया जाएगा। पीजीआईडीएस के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. मंजूनाथ बी.सी. ने बताया कि शिविर में डेंटल बस के माध्यम से मरीजों के दांतों का उपचार किया गया। दांतों के इलाज के साथ ही यहां ब्लड शुगर, बीपी और हीमोग्लोबिन की जांच की गई और विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों को निःशुल्क परामर्श और दवाइयां उपलब्ध कराईं। कार्यक्रम के आयोजक श्री ईश्वर ने बताया कि स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ इस अवसर पर पौधारोपण और भंडारे का भी आयोजन किया गया। इस पूरे कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारी, चिकित्सक और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।1
- भिवानी के नवोदय स्कूल में 10वीं कक्षा के छात्र दीपांशु की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से सनसनी फैल गई है। इस घटना के बाद छात्र के परिवार ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि यह आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि छात्र की हत्या की गई है।1
- रेवाड़ी की ऐतिहासिक ब्रास मार्केट में व्यापारी पूरी तरह से टैक्स भरने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं से महरूम हैं। यहां की जर्जर सड़कें, सीवर व्यवस्था की बदहाली और जलभराव की गंभीर समस्या व्यापारियों के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई है। पूरा टैक्स चुकाने के बाद भी सुविधाएं अधूरी रहने से परेशान व्यापारियों ने अब इस ऐतिहासिक बाजार में मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की जोरदार मांग उठाई है।1
- हरियाणा के भिवानी में ओबीसी ब्रिगेड हरियाणा के महासचिव मुक्तयार सिंह सदर ने एचपीएससी (HPSC) आंदोलन को लेकर तीखा रुख अपनाया है। उन्होंने इस आंदोलन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं और इसे लेकर आड़े हाथों लिया है।1