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संतकबीरनगर में 11.07.2026 को पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी यातायात श्री अमित कुमार के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी यातायात श्री परमहंस द्वारा सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत जनपद के विभिन्न चौराहों पर ई-रिक्शा, सवारी और स्कूली वाहनों के साथ-साथ नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों, मोडिफाइड साइलेंसर, सीट बेल्ट, हेलमेट, फाल्टी नंबर प्लेट या बिना एचएसआरपी और ओवर स्पीड में वाहन चलाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई। इस सघन चेकिंग के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 102 वाहनों का ₹1,48,000 का चालान किया गया।
Ramesh Dubey
संतकबीरनगर में 11.07.2026 को पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी यातायात श्री अमित कुमार के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी यातायात श्री परमहंस द्वारा सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत जनपद के विभिन्न चौराहों पर ई-रिक्शा, सवारी और स्कूली वाहनों के साथ-साथ नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों, मोडिफाइड साइलेंसर, सीट बेल्ट, हेलमेट, फाल्टी नंबर प्लेट या बिना एचएसआरपी और ओवर स्पीड में वाहन चलाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई। इस सघन चेकिंग के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 102 वाहनों का ₹1,48,000 का चालान किया गया।
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- संतकबीरनगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 161 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹60 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस विभाग द्वारा इन सभी बरामद किए गए फोनों को उनके वास्तविक मोबाइल धारकों को वापस सुपुर्द कर दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई और बरामदगी के संबंध में संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक द्वारा आधिकारिक तौर पर बाइट देकर विस्तृत जानकारी साझा की गई है।1
- संतकबीरनगर के ग्राम मुखलिसपुर, तहसील धनघटा में स्थित गाटा संख्या 580 एवं 581/1 से जुड़े भूमि विवाद को लेकर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। व्यापार मंडल का तर्क है कि यह प्रकरण संयुक्त संपत्ति और सहस्वामित्व से संबंधित है, इसलिए किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले सभी पक्षों के वैध अधिकारों का विधिसम्मत निर्धारण होना अनिवार्य है। ज्ञापन के अनुसार, दशरथ गुप्ता और गंगेश्वर संबंधित ऋण प्रकरण में न तो उधारकर्ता हैं और न ही गारंटर, इसके बावजूद उन्हें अपनी वैध संपत्ति से बेदखली का डर है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि हिस्सेदारी का निर्धारण किए बिना कोई भी कार्रवाई न्यायोचित नहीं होगी। इसके साथ ही, व्यापार मंडल ने बैंक कर्मचारियों और तहसीलदार धनघटा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संगठन ने जोर देकर कहा कि उनका उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि प्रार्थियों के वैध अधिकारों की रक्षा करना है। जिलाधिकारी से यह अनुरोध किया गया है कि बिना हिस्से के पृथक्करण और स्पष्ट निर्धारण के कोई भी बेदखली या कब्जा दिलाने की कार्रवाई न की जाए। साथ ही, यदि नीलामी या कब्जे की प्रक्रिया में कोई विधिक त्रुटि पाई जाती है, तो उसका परीक्षण कर न्यायोचित निर्णय लेने का आग्रह किया गया है। इस अवसर पर विनोद अग्रहरि और कपिस अग्रहरि सहित कई जनप्रतिनिधि और व्यापारी उपस्थित रहे।2
- गोरखपुर में शाम को 7:32 बजे बारिश हुई है। इस बारिश के होने से सूखे की स्थिति का सामना कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिली है।1
- गोरखपुर में बीती रात एक गिरफ्तारी की कवरेज कर रहे पत्रकार को कोतवाली पुलिस ने न केवल कवरेज करने से रोका, बल्कि उसका मोबाइल भी छीन लिया। पत्रकार द्वारा अपनी पहचान उजागर करने और यह स्पष्ट बताने पर भी कि वह पत्रकार है और एक प्रतिष्ठित पत्रकार संगठन का सदस्य है, पुलिस ने उसका मोबाइल छीन लिया। इस घटना के करीब ढाई घंटे बाद अर्धरात्रि को पत्रकार का मोबाइल वापस किया गया। पुलिस की यह पूरी प्रक्रिया न केवल अत्यंत निंदनीय है, वरन लोकतंत्र के चतुर्थ स्तंभ पर सीधा प्रहार है।1
- गोरखपुर में मंच पर मुख्यमंत्री योगी की उपस्थिति में रवि किशन ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। मंच से संबोधित करते हुए रवि किशन ने कहा कि वह "कुछ लिखकर लाए हैं" और इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष पर तीखा निशाना साधा।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अयोध्या में हुई चंदा चोरी को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता द्वारा लगाए गए पोस्टर की खबर बनाने के दौरान पुलिस द्वारा पत्रकार के साथ अभद्रता करने का मामला सामने आया है। खबर की कवरेज करने के दौरान पुलिस ने पत्रकार के साथ न केवल अमर्यादित व्यवहार किया, बल्कि उसका फोन छीनकर उसमें रिकॉर्ड किया गया वीडियो भी डिलीट कर दिया। पुलिस द्वारा पत्रकार पर वीडियो डिलीट करने के लिए लगातार दबाव भी बनाया गया। व्यवस्था का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले और अपनी जान पर खेलकर खबरें लिखने व दिखाने वाले पत्रकार के साथ पुलिस का यह अमर्यादित व्यवहार बेहद गंभीर है। इस घटना के बाद यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि जब पुलिस पत्रकारों के साथ ऐसा बर्ताव कर सकती है, तो आम लोगों के साथ उनका व्यवहार कैसा होता होगा।1
- संतकबीरनगर के सिद्ध स्थान चक पिहानी कुटी परिसर में शुक्रवार को रोटरी क्लब द्वारा एक वृहद वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। 'आओ वृक्ष लगाएं, धरा बचाएं' थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में लगभग 200 पौधे लगाए गए, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को मजबूती देना था। अभियान का नेतृत्व रोटरी क्लब संतकबीरनगर के सत्र 2026-27 के अध्यक्ष रोटेरियन सरदार प्रीत पाल सिंह ने किया, जिसमें रोटरी क्लब के साथ इनरव्हील, रोट्रैक्ट एवं इंट्रैक्ट क्लब के सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी प्रतिनिधि प्रभात कुमार द्विवेदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ वन प्रभाग अधिकारी हरिकेश कुमार, खलीलाबाद के रेंजर रंजन कुमार सोनकर और जिला उद्यान अधिकारी समुद्र गुप्त मल्ल विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। अतिथियों ने सबसे पहले सिद्ध समाधि पर धूप-दीप अर्पित कर और चादर चढ़ाकर आशीर्वाद लिया, जिसके बाद वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत हुई। रोटेरियन राम कुमार सिंह ने कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान वक्ताओं ने बढ़ते पर्यावरणीय संकट और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का जिक्र करते हुए नागरिकों से पौधारोपण और पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में रोटरी परिवार के सदस्यों के साथ भाजपा नेता सुधांशु सिंह और कई अन्य गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले के एक प्राथमिक विद्यालय का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक अभिभावक को प्रधानाध्यापिका द्वारा चप्पल से प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। यह घटना तब हुई जब अभिभावक अपने बच्चे के भविष्य के लिए जरूरी टीसी (TC) लेने स्कूल गए थे। इस कृत्य ने शिक्षा व्यवस्था की गरिमा और शिक्षक-अभिभावक के बीच के संबंध पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल को शिक्षा का मंदिर माना जाता है, लेकिन वहां हुई इस घटना ने व्यवस्था के भीतर पनप रहे अहंकार और 'गुंडागर्दी' को उजागर किया है। एक शिक्षक का इस तरह का व्यवहार बच्चों के भविष्य और उनके कोमल मन पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। जब शिक्षक 'गुरु' के बजाय 'शासक' की भूमिका में आ जाए, तो स्कूल का वातावरण अखाड़े में तब्दील हो जाता है। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, घटना पर उठ रहे सवाल अब प्रशासन की जवाबदेही और ऐसे शिक्षकों के प्रति सख्त कार्रवाई की मांग की ओर इशारा कर रहे हैं। समाज में इस बात पर बहस तेज है कि शिक्षा विभाग कब तक ऐसी अराजकता को बर्दाश्त करेगा। यह घटना इस बात की चेतावनी है कि यदि शिक्षा के मंदिरों में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाली पीढ़ी शिक्षित होने के बजाय भय के साये में पलेगी।1