सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड में कांग्रेस कमेटी की मासिक बैठक प्रखंड अध्यक्ष राकेश कोनगाड़ी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में कोलेबिरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी शामिल हुए। विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी ने बैठक को संबोधित करते हुए एस आई आर अभियान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने पंचायत अध्यक्षों और प्रखंड कमेटी के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे क्षेत्र में सक्रिय होकर लोगों को जागरूक करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे गांव-गांव जाकर एस आई आर के संबंध में जानकारी दें ताकि पात्र लोगों का नाम समय पर ऑनलाइन दर्ज हो सके और कोई भी व्यक्ति इससे वंचित न रहे। बैठक के दौरान संगठन की मजबूती, आगामी कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियान पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं को पार्टी की नीतियों और सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने का आह्वान भी किया गया। इस अवसर पर सुनील खड़िया, सुलभ नेल्सन डुंगडुंग, लूथर सुरीन, एरेन केरकेट्टा, कुलदीप सोरेंग, कंदरू नायक, सुमन गुड़िया, तजमुल अहमद, अरुण बागे, कोमल बागे, लिली, संतोष बा, रवि गोप और मनोज डुंगडुंग सहित प्रखंड कमेटी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड में कांग्रेस कमेटी की मासिक बैठक प्रखंड अध्यक्ष राकेश कोनगाड़ी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में कोलेबिरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी शामिल हुए। विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी ने बैठक को संबोधित करते हुए एस आई आर अभियान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने पंचायत अध्यक्षों और प्रखंड कमेटी के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे क्षेत्र में सक्रिय होकर लोगों को जागरूक करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे गांव-गांव जाकर एस आई आर के संबंध में जानकारी दें ताकि पात्र लोगों का नाम समय पर ऑनलाइन दर्ज हो सके और कोई भी व्यक्ति इससे वंचित न रहे। बैठक के दौरान संगठन की मजबूती, आगामी कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियान पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं को पार्टी की नीतियों और सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने का आह्वान भी किया गया। इस अवसर पर सुनील खड़िया, सुलभ नेल्सन डुंगडुंग, लूथर सुरीन, एरेन केरकेट्टा, कुलदीप सोरेंग, कंदरू नायक, सुमन गुड़िया, तजमुल अहमद, अरुण बागे, कोमल बागे, लिली, संतोष बा, रवि गोप और मनोज डुंगडुंग सहित प्रखंड कमेटी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- झारखंड के सिमडेगा जिले के कोलेबिरा से एक वीडियो सामने आया है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी आक्रोश देखा जा रहा है। वीडियो में गंगा के प्रति अनादर की स्थिति को दर्शाया गया है, जिसे लेकर लोगों में गहरी नाराजगी है। गंगा को मां मानने वाले लोगों ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे बेहद शर्मनाक बताया है। इस वीडियो को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करने की अपील की जा रही है ताकि लोग देख सकें कि देश में क्या हो रहा है।1
- गुमला के चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में आए दिन लगने वाले जाम और अवैध अतिक्रमण को लेकर स्थानीय प्रशासन बेहद सख्त हो गया है। बीते गुरुवार को साप्ताहिक बाजार के दौरान स्थानीय लोगों को होने वाली भारी परेशानी और समय की बर्बादी को लेकर 'पब्लिक न्यूज' ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस खबर का संज्ञान लेते हुए चैनपुर प्रशासन और पुलिस बल ने संयुक्त रूप से सड़कों पर उतरकर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अंचल अधिकारी दिनेश गुप्ता के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने कुरुमगढ़ मोड़, बैंक रोड, बस स्टैंड, अलबर्ट एक्का चौक और सोहन चौक का सघन दौरा किया। अभियान के दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से दुकान लगाने वाले दुकानदारों और बेतरतीब तरीके से वाहन पार्किंग करने वालों को सख्त हिदायत दी गई। अंचल अधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि सड़क पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दुकानदार अपनी सीमा में रहें और वाहन चालक तय स्थान पर ही गाड़ियां खड़ी करें। इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रशासन सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई करेगा। इस विशेष अतिक्रमण हटाओ सह चेतावनी अभियान में अंचल अधिकारी दिनेश गुप्ता के साथ मुख्य रूप से अंचल निरीक्षक नरेंद्र सेठ, अमीन उमाशंकर कुमार, एएसआई संतोष धर्मपाल लुगुन और चैनपुर थाना के सशस्त्र जवान व अन्य अधिकारी मौजूद थे। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि मुख्य चौराहों पर अवैध कब्जे और गलत पार्किंग के कारण होने वाले हादसों के खतरे पर अब लगाम लगने की उम्मीद है।1
- झारखंड के गुमला में परिसदन भवन के सभाकक्ष में शनिवार को राज्य सूचना आयुक्त डॉ. तनुज खत्री की अध्यक्षता में सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 के अनुपालन और क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी अपने-अपने विभागों की अद्यतन रिपोर्ट के साथ शामिल हुए। बैठक के दौरान आरटीआई के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित मामलों के निष्पादन और आम नागरिकों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण सूचना देने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। राज्य सूचना आयुक्त डॉ. तनुज खत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि फरियादियों को तय समय-सीमा के भीतर सही, सटीक और पूर्ण सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी जन सूचना पदाधिकारियों (पीआईओ) से आरटीआई आवेदनों को गंभीरता से लेने और समयबद्ध निष्पादन करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को छोटी-मोटी तकनीकी या प्रक्रियागत कमियों की वजह से सूचना से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। साथ ही, पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए अधिनियम के तहत अधिक से अधिक जानकारियां डिजिटल माध्यम और सार्वजनिक पोर्टलों पर उपलब्ध कराई जाएं। डॉ. खत्री ने सभी विभागों को अपने कार्यालयों में पीआईओ की अद्यतन सूची प्रदर्शित करने और आरटीआई के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जिले के प्रमुख स्थलों पर होर्डिंग लगाने का सुझाव दिया। बैठक में लंबित मामलों की समीक्षा भी की गई, जिसमें वर्ष 2025-26 में प्राप्त सभी 28 मामलों के सफल निष्पादन और वर्ष 2026-27 में प्राप्त 8 में से 4 मामलों के निष्पादन पर चर्चा हुई। गुमला जिले में विगत दो वर्षों के दौरान हुए बेहतर निष्पादन पर संतोष व्यक्त करते हुए राज्य सूचना आयुक्त ने शेष मामलों को भी जल्द निपटाने के निर्देश दिए। इस बैठक में अपर समाहर्ता गुमला राजीव नीरज, भूमि सुधार उप समाहर्ता राजीव कुमार, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, डीएसपी मुख्यालय, जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार सहित जिला कृषि, मत्स्य, शिक्षा, खेल और नगर परिषद के विभिन्न अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।1
- गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में उर्वरक की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण और किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने सभी उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों पर निर्धारित मूल्य सूची (रेट चार्ट), आवश्यक सूचना चार्ट और वैध लाइसेंस अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिए नियमित संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसानों को उर्वरक का वितरण केवल ई-पॉस मशीन के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण के बाद ही किया जाएगा और इसके बिना किसी भी परिस्थिति में वितरण नहीं होगा। अनुमंडल स्तर पर सतत निगरानी के लिए एसडीओ स्तर पर भी नियमित रूप से टास्क फोर्स की बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। इस बैठक में मुख्य रूप से अपर समाहर्ता राजीव नीरज, चैनपुर एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल, सदर एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, गुमला डीएसपी (मुख्यालय) और जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।4
- झारखंड के खूंटी जिले में झारखंड क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा 2024 के आयोजन को लेकर उपायुक्त ने समीक्षा बैठक की है।1
- गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य उर्वरक की कालाबाजारी पर नियंत्रण करना और किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक की पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करना है। बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को अपनी दुकानों पर अनिवार्य रूप से रेट चार्ट, फर्टिलाइजेशन चार्ट और वैध लाइसेंस प्रदर्शित करना होगा। उर्वरक वितरण में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से नियमित छापेमारी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों को उर्वरक का वितरण केवल ई-पॉस मशीन के जरिए आधार प्रमाणीकरण के बाद ही किया जाए; बिना आधार सत्यापन के उर्वरक देना पूरी तरह वर्जित है। इसके अलावा, जिला प्रशासन ने अनुमंडल स्तर पर भी टास्क फोर्स की नियमित बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया है ताकि वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी बनी रहे। बैठक में अपर समाहर्ता गुमला राजीव नीरज, चैनपुर की एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल, सदर एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, डीएसपी (मुख्यालय) गुमला और जिला कृषि पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।1
- जशपुर जिले में बागबहार-लुड़ेग स्टेट हाईवे का निर्माण कार्य आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। बारिश के कारण निर्माणाधीन सड़क पर फैली कीचड़ और कच्ची मिट्टी ने लोगों का आवागमन बेहद कठिन कर दिया है, जिससे स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी, बाइक चालक और स्थानीय राहगीर रोज़ाना भारी परेशानी झेल रहे हैं। सड़क की खराब स्थिति के चलते कई स्थानों पर वाहन फिसल रहे हैं, जबकि भारी वाहन मिट्टी में धंस रहे हैं। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि जब तक सड़क निर्माण का कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक ठेकेदार द्वारा एक सुरक्षित और चलने योग्य वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जानी चाहिए। जनता ने स्टेट हाईवे विभाग और संबंधित अधिकारियों से तत्काल इस गंभीर समस्या पर ध्यान देकर आवाजाही सुगम बनाने की अपील की है।1