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दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब एक छात्रा द्वारा पुलिस प्रशासन के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और हमला करने का प्रयास किया गया। इसके बाद मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें जंतर-मंतर पर हुए इस पूरे घटनाक्रम को दिखाया गया है। यह प्रस्तुति उपलब्ध जानकारी और घटनाक्रम के आधार पर रखी गई है, जिसमें दर्शकों से अपने विवेक और समझ के आधार पर निर्णय लेने तथा अपनी राय साझा करने को कहा गया है।
Om Singh
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब एक छात्रा द्वारा पुलिस प्रशासन के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और हमला करने का प्रयास किया गया। इसके बाद मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें जंतर-मंतर पर हुए इस पूरे घटनाक्रम को दिखाया गया है। यह प्रस्तुति उपलब्ध जानकारी और घटनाक्रम के आधार पर रखी गई है, जिसमें दर्शकों से अपने विवेक और समझ के आधार पर निर्णय लेने तथा अपनी राय साझा करने को कहा गया है।
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- बाराचट्टी के नए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने अपना पदभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने के साथ ही क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने पर जोर दिया जाएगा, जिससे व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।1
- झारखंड के हजारीबाग जिला स्थित केरेडारी प्रखंड के +2 हाई स्कूल केरेडारी में बिना परीक्षा दिए पैसे लेकर बच्चों को पास करने और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) के नाम पर अवैध वसूली का मामला उजागर हुआ है। इस पूरे भ्रष्टाचार का पर्दाफाश विद्यालय के लिपिक जयदेव और एक छात्र के बीच बातचीत का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हुआ, जिसने विद्यालय के लचर प्रबंधन की पोल खोलकर रख दी है। वायरल ऑडियो में जब छात्र टीसी की मांग करता है तो लिपिक जयदेव प्रैक्टिकल परीक्षा न देने की बात कहकर 'चढ़ावा' चढ़ाने को कहता है। लिपिक का दावा है कि उसने दूसरे बच्चे से छात्र का पेपर भरवाया है और टीसी के लिए 500 रुपये देने होंगे। छात्र द्वारा यह कहे जाने पर कि नामांकन के समय भी पैसे दिए गए थे, लिपिक आवेदन के साथ अभी 200 रुपये देने और घर से टीसी भरकर लाने के बाद बाकी 300 रुपये देकर पेपर ले जाने की बात कहता है। इस घटना के बाद नाम न छापने की शर्त पर अन्य छात्रों ने भी नामांकन व परीक्षा फॉर्म के नाम पर पैसे लिए जाने की शिकायत की है और हजारीबाग उपायुक्त से विद्यालय प्रबंधन व दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं मामले में लिपिक जयदेव ने आरोपों को निराधार बताते हुए वायरल ऑडियो में अपनी आवाज होने से इनकार किया है और कहा कि टीसी देना अकेले उनका काम नहीं है। दूसरी ओर, विद्यालय के प्रधानाध्यापक महेंद्र राम ने स्वीकार किया कि उन्होंने ऑडियो सुना है और जयदेव का इस तरह बात करना गलत है। उन्होंने कहा कि बिना परीक्षा दिए बच्चों को पास कैसे किया गया इसकी जानकारी उन्हें नहीं है और प्रैक्टिकल परीक्षा लेना संबंधित शिक्षकों की जिम्मेदारी है।1
- हजारीबाग के खुजली तालाब में नहाने से चर्मरोग दूर होने की परंपरा पिछले 250 सालों से चली आ रही है। इस तालाब में नहाने से त्वचा संबंधी बीमारियां ठीक हो जाती हैं, जिसे लेकर लोगों में गहरा विश्वास है। इसी परंपरा और मान्यता के कारण दूर-दूर से रोगी अपने चर्मरोग का इलाज करने और इससे निजात पाने के लिए इस तालाब में स्नान करने पहुंचते हैं।3
- कोडरमा में ग्रामीणों ने एक आंगनबाड़ी केंद्र में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए उपायुक्त से जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र में बच्चों की संख्या को कागजों पर बढ़ाकर पोषाहार का दुरुपयोग किया जा रहा है। इस गड़बड़ी को लेकर ग्रामीणों ने मामले की गहन जांच कराने और दोषी सेविका पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई है।1
- नीट पेपर लीक के खिलाफ नवादा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जन आक्रोश प्रदर्शन किया है। इस दौरान प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और अपना कड़ा विरोध जताया।1
- डोमचांच के नगर पंचायत स्थित वार्ड संख्या-03 के मस्जिद मुहल्ला में PCC सड़क बेहद बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और टूट-फूट होने से राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से लगातार दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सड़क की इस दयनीय स्थिति से परेशान स्थानीय लोगों ने गुरुवार को दोपहर 2 बजे नगर पंचायत से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि वार्ड-03 में PCC सड़क निर्माण के लिए पूर्व में भी योजनाएं स्वीकृत की गई थीं।1
- बैजनाथ प्रसाद स्नेही कॉलेज के सचिव ने एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और अपहरण की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया है।1
- कोडरमा के सदर अस्पताल में गुरुवार दोपहर 12 बजे दिव्यांग बोर्ड शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 11 मरीज उपस्थित हुए। चिकित्सीय जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद 5 आवेदकों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए गए। जारी किए गए प्रमाण पत्रों में अस्थि दिव्यांगता के 2, सेरेब्रल पाल्सी का 1 और मानसिक दिव्यांगता के 2 मामले शामिल हैं। वहीं गूंगा-बहरा श्रेणी के 4 आवेदकों को विस्तृत सुनाई (हियरिंग) जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। इस शिविर में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. रमण कुमार, जिला वीबीडी पदाधिकारी सह फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार और नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेमनाथ सिंह उपस्थित रहे। इनके साथ कार्यालय सहायक अजीत कुमार तथा ऑडियोलॉजिस्ट मनोज कुमार एवं अनीश कुमार भी मौजूद थे। चिकित्सकों की टीम ने सभी आवेदकों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई पूरी की।1
- कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्युरिटी फोर्स हजारीबाग के तहत कोडरमा जिला के सदर अस्पताल एवं सभी प्रखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारी 6 माह से बकाया मानदेय के भुगतान को लेकर 23 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। झारखंड स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ (सीटू) के बैनर तले शुरू हुई इस हड़ताल के कारण जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। समाहरणालय परिसर से जुलूस निकालकर सदर अस्पताल पहुंचे कर्मचारियों ने प्रदर्शन और धरना दिया। संघ के अध्यक्ष रंजीत राम की अध्यक्षता और सचिव धीरज तिवारी के संचालन में हुई इस सभा में कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने आरोप लगाया कि कमांडो कंपनी कर्मचारियों के मानदेय में कटौती कर रही है। जिन कर्मियों को 26 हजार रुपये मानदेय मिलना चाहिए उन्हें 12 हजार और जिन्हें 18 हजार मिलना चाहिए उन्हें महज 8 हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। एक साल का आवंटन प्राप्त होने के बावजूद कर्मचारियों का 6 महीने का मानदेय बकाया है। सदर अस्पताल के कुछ कर्मियों को केवल एक या दो महीने का भुगतान मिला है, जबकि प्रखंडों के कर्मियों को कुछ भी नहीं दिया गया है। कंपनी को सरकार से पूरी राशि मिलने के बावजूद आधा न्यूनतम वेतन देने के कारण सीटू ने इसमें जिला स्वास्थ्य विभाग की संलिप्तता का भी आरोप लगाया है। हड़ताल के पहले ही दिन सदर अस्पताल में एक्सरे, अल्ट्रासोनोग्राफी, सफाई व्यवस्था, ट्रॉली सेवा और दवा वितरण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। एएनएम और जीएनएम के हड़ताल पर रहने से भर्ती मरीजों की नियमित देखरेख नहीं हो पा रही है, वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं पूरी तरह ठप हैं। सिविल सर्जन द्वारा हड़ताल समाप्त कराने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जाने के बीच, सीटू ने झारखंड सरकार द्वारा निर्धारित मजदूरी के आधार पर मानदेय भुगतान की मांग को लेकर शुक्रवार को श्रम अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन करने का आह्वान किया है।1