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बाँका के कोर्ट में सुनवाई के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे दिहाड़ी मजदूरों का काम और मजदूरी दोनों प्रभावित हो रहे हैं। शिकायतकर्ता ने इस समस्या का तुरंत हल निकालने की मांग की है ताकि उनका नुकसान न हो।
कुमोद कुमार ठाकुर
बाँका के कोर्ट में सुनवाई के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे दिहाड़ी मजदूरों का काम और मजदूरी दोनों प्रभावित हो रहे हैं। शिकायतकर्ता ने इस समस्या का तुरंत हल निकालने की मांग की है ताकि उनका नुकसान न हो।
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- सड़क पर 112 पुलिस कर्मियों और एंबुलेंस स्टाफ के बीच एक गंभीर बवाल होने की खबर सामने आई है। इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सीधे तौर पर एक मरीज की जान से खिलवाड़ करने जैसा है, क्योंकि दोनों के बीच की झड़प से मरीज की स्थिति पर खतरा मंडराने की आशंका जताई जा रही है।1
- पोस्ट में सरकारी मशीनरी के कथित “भाजपायीकरण” को लेकर तीखा कटाक्ष किया गया है। लेखक का स्पष्ट मत है कि यदि इसमें संलिप्त लोगों की “कलई पकड़ी” जाए, तो वे मारे-मारे और भागे-भागे फिरते दिखाई देंगे। आगे यह भी तंज कसा गया है कि इसके बाद “अंधभक्ति” भी, “सॉरी”, अपने सही रास्ते पर आ जाएगी।1
- भागलपुर जिले के अमडंडा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद का एक मामला फिर से तूल पकड़ गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आज सुबह करीब 5:00 बजे कुछ लोग जबरन उनके घर में घुस आए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। परिवार का कहना है कि हमलावरों ने घर में रखे सामान को नुकसान पहुंचाया और पूरे परिवार को डराने-धमकाने की कोशिश की। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया गया है कि पीड़ित परिवार पर हमले के बाद पुलिस दोपहर 12 बजे मौके पर पहुंची।1
- बिहार के भागलपुर जिले के कहलगाँव प्रखंड की कुरमा पंचायत में एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ कम उम्र में हुए प्यार में एक लड़के ने शादी से इनकार कर दिया है। जानकारी के अनुसार, लड़के ने लड़की के साथ दो साल तक शारीरिक संबंध बनाए थे, लेकिन अब वह उससे शादी करने से मुकर रहा है। यह पूरा प्रकरण अब रसलपुर थाना क्षेत्र में पहुँच गया है।1
- बांका के कटोरिया में फख्रे आलम उर्फ छोटू के सहयोग से महिलाओं के लिए एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इसमें सभी महिला सदस्यों को सहकारिता समिति समूह से जुड़कर लाभ उठाने का अवसर मिला, जिससे उनका उत्थान होगा।2
- भागलपुर जिले के सुल्तानगंज स्थित नमामि गंगे घाट पर रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब मानसिक तनाव और कर्ज से जूझ रही एक महिला ने गंगा नदी में छलांग लगा दी। घाट पर मौजूद लोगों ने महिला को डूबते देख शोर मचाया, जिसके बाद गश्त कर रही SDRF टीम तत्काल मौके पर पहुंची और एक साहसिक अभियान चलाकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। महिला की पहचान बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत केंदवार गांव निवासी भिखारी यादव की पत्नी प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है। घटना स्थल पर महिला के पति और उनके बेटे के पहुंचने के बाद घंटों तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। बताया गया है कि दो साल पहले पति के इलाज और घरेलू खर्चों के लिए विभिन्न बैंकों से दो लाख रुपये से अधिक का ऋण लिया गया था। आर्थिक तंगी बढ़ने के साथ ही पति-पत्नी के बीच विवाद भी गहराता चला गया। प्रियंका ने आरोप लगाया कि उनके पति, जो पेशे से एक ट्रक चालक हैं, अक्सर उन पर किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने का शक कर ताने मारते थे। वहीं, पति का कहना है कि पत्नी के कथित अफेयर के कारण उन्होंने कर्ज चुकाने से इनकार कर दिया था। लगातार बढ़ते तनाव से परेशान होकर महिला ने यह आत्मघाती कदम उठाया। सूचना मिलने पर सुल्तानगंज थाना पुलिस दोनों को थाने ले गई, जहाँ समझौते और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।1
- ओडिशा के सिजिमाली में जारी 'सिजिमाली आदिवासी संघर्ष यात्रा' के तीसरे दिन जल, जंगल और जमीन बचाने की लड़ाई और तेज हो गई है। इस दौरान यह मुखर संदेश दिया गया कि "ये देश हम सबका है, सिर्फ अडानी, अंबानी और BJP नेताओं का नहीं।" युवा कांग्रेस ने बॉक्साइट खनन रोकने, कॉर्पोरेट कब्ज़ा खत्म करने, ग्राम सभा के अधिकारों का सम्मान करने और आदिवासियों पर हो रहे दमन को बंद करने की पुरजोर मांग उठाई। इस संघर्ष में IYC प्रभारी श्री @ManishSharmaIYC जी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
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- बिहार में अवैध खनन माफियाओं का कारोबार धड़ल्ले से जारी है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस अवैध कारोबार से पैसा कमाने वाले तो कमा लेते हैं, लेकिन सरकार को हो रहे राजस्व के कुल घाटे की जानकारी किसी को नहीं है। इस गंभीर समस्या पर सरकार से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है। जनपद बहराइच के मोतीपुर तहसील क्षेत्र में, अवैध खनन का कारोबार दिन के उजाले में भी बेरोकटोक जारी है, जहाँ अवैध खनन की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दौड़ती नजर आती हैं। सूत्रों की मानें तो मिट्टी के ट्रैक्टर पर ₹5,000 और बालू के ट्रैक्टर पर ₹10,000 तक की अवैध वसूली की जाती है। यह भी आरोप है कि अवैध खनन कारोबारियों को राजस्व प्रशासन का भी सहयोग मिल रहा है। सूत्रों से मिली बड़ी जानकारी के अनुसार, तहसील के कुछ बड़े अधिकारी रात में मौके पर जाकर अवैध खनन कारोबारियों से सीधे अवैध वसूली करते हैं। दिन में अवैध खनन करने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के वीडियो भी सामने आए हैं। ये अवैध खनन कारोबारी उपजाऊ मिट्टी को बंजर कर रहे हैं, जिससे बड़े पैमाने पर राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। रिपोर्ट में सवाल उठाया गया है कि आखिर इस अवैध खनन का जिम्मेदार कौन है और सरकार इस पर कब कड़ी कार्रवाई करेगी।1