खीरी पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चोरी के एक मामले में तीन वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस टीम ने ग्राम झलरिया जाने वाले रास्ते पर रेलवे क्रॉसिंग के पास से हसीब अहमद (44 वर्ष), शारिफ अली (27 वर्ष) और हासिम अली (22 वर्ष) को पकड़ा। आरोपियों के पास से चोरी के ₹3,000 नकद भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी थाना खीरी में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 439/2026, धारा 303(2)/317(2) बीएनएस के तहत हुई है। मुख्य अभियुक्त हसीब अहमद का आपराधिक इतिहास लंबा है और उसके खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, गुंडा एक्ट, पशु क्रूरता और चोरी सहित कुल 10 मुकदमे पहले से दर्ज हैं। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अपराधियों के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
खीरी पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चोरी के एक मामले में तीन वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस टीम ने ग्राम झलरिया जाने वाले रास्ते पर रेलवे क्रॉसिंग के पास से हसीब अहमद (44 वर्ष), शारिफ अली (27 वर्ष) और हासिम अली (22 वर्ष) को पकड़ा। आरोपियों के पास से चोरी के ₹3,000 नकद भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी थाना खीरी में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 439/2026, धारा 303(2)/317(2) बीएनएस के तहत हुई है। मुख्य अभियुक्त हसीब अहमद का आपराधिक इतिहास लंबा है और उसके खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, गुंडा एक्ट, पशु क्रूरता और चोरी सहित कुल 10 मुकदमे पहले से दर्ज हैं। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अपराधियों के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
- बिहार के हाजीपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उस समय हड़कंप मच गया जब उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर निर्धारित स्थान पर तुरंत उतरने के बजाय करीब 7 मिनट तक हवा में चक्कर लगाता रहा। हेलीकॉप्टर के इस तरह लगातार हवा में मंडराने से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों में भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हेलीकॉप्टर के देर तक हवा में रहने के दौरान अधिकारी सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने और आवश्यक समन्वय स्थापित करने के लिए इधर-उधर दौड़ते नजर आए। हालांकि, स्थिति सामान्य होने के बाद हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई और कार्यक्रम आगे बढ़ सका। फिलहाल हेलीकॉप्टर के हवा में रहने के कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर इसे सुरक्षा व्यवस्था, लैंडिंग स्थल की तैयारी या तकनीकी एवं परिचालन संबंधी कारणों से जोड़कर देखा जा रहा है और इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।1
- खीरी में आगामी श्रावण मास को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक ने फूलबेहड़ थाना क्षेत्र में स्थित लिलौटीनाथ मंदिर और कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक ने इस दौरान कांवड़ यात्रा मार्ग तथा रूट डायवर्जन का जायजा लिया और इससे संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1
- आगामी श्रावण मास के मद्देनजर खीरी के फूलबेहड़ थाना क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात और कानून-व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ0 ख्याति गर्ग ने स्थलीय निरीक्षण किया। 11 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक ने अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) पवन गौतम और प्रभारी निरीक्षक फूलबेहड़ के साथ मिलकर बाबा लिलौटीनाथ मंदिर परिसर और कांवड़ यात्रा मार्ग का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं के आने-जाने के रास्ते, बैरिकेडिंग, पार्किंग व्यवस्था और संवेदनशील स्थलों का बारीकी से निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक ने अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) और यातायात उप निरीक्षक के साथ मिलकर रूट डायवर्जन और यातायात प्रबंधन की समीक्षा की। एसपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रावण मास के दौरान मंदिर परिसर और यात्रा मार्ग पर नियमित गश्त की जाए, पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहे और पार्किंग प्रबंधन प्रभावी ढंग से किया जाए। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित कर समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।1
- लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश और नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों से निकलने वाली नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग की संवेदनशील कीरतपुर वन चौकी (गौरीफंटा रेंज) जलभराव और बाढ़ से प्रभावित हो गई है। इन विषम परिस्थितियों को देखते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक जगदीश आर के निर्देशन में वहां तैनात वन कर्मियों के लिए आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाई गई, जिससे कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभा रहे कर्मचारियों को समय पर बड़ी राहत मिली है। दुधवा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बारिश और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और वन कर्मियों की सुरक्षा तथा आवश्यक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा का कार्य बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए आवश्यकता पड़ने पर आगे भी राहत और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।3
- लखीमपुर खीरी जिले में रविवार को 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 92 लाख 8 हजार 800 पौधों के रोपण की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शनिवार को नोडल अधिकारी एवं गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस ने अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागवार तैयारियों की समीक्षा की और शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया। इस महाअभियान के तहत लोगों को पर्यावरण और पौधों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस, डीएम अंजनी कुमार सिंह, सीडीओ अभिषेक कुमार, एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह और डीएफओ तापस मिहिर ने 'वृक्षारोपण महायज्ञ जागरूकता रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ गांव-गांव और नगर क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक करेगा। अभियान को जन आंदोलन बनाने की अपील करते हुए डीएम अंजनी कुमार सिंह ने लोगों से पौधरोपण की जियोटैग फोटो 'मेरी लाइफ' पोर्टल पर अपलोड करने का आग्रह किया है। डीएफओ तापस मिहिर के अनुसार, जिले को मिले कुल 92.08 लाख पौधों के लक्ष्य में सबसे अधिक 33.26 लाख पौधे ग्राम्य विकास विभाग और 27.45 लाख पौधे वन विभाग द्वारा रोपे जाएंगे। इसके अतिरिक्त कृषि, उद्यान, पंचायतीराज, राजस्व समेत अन्य संबंधित विभागों को भी लक्ष्य आवंटित किया गया है।1
- लखीमपुर खीरी के तिकुनिया अंतर्गत जसनगर गांव में एक युवती अपने प्रेमी से शादी करने की जिद में 145 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। पुलिस की तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद युवती के प्रेमी को बुलाया गया, जिसके बाद समझाने-बुझाने पर वह सुरक्षित नीचे उतर आई।1