सरकारी स्कूलों में हो रहे मिड डे मील में अनियमितता को लेकर पूर्व MLC प्रत्याशी ने जताई नाराजगी। प्रशासन से किया कार्रवाई करने की मांग नहीं तो आंदोलन की दी चेतावानी। जी हां आपने सही सुना यह मामला समस्तीपुर जिले के पटोरी अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत तीनों प्रखंड में आने वाले 1 से 8 तक के क्लास के विद्यालयों का है । जहां सरकार द्वारा संचालित मिड डे मील योजना के तहत पोषाहार में कथित रूप से कटौती गुणवत्ता एवं वित्तीय अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है । वहीं इस मामले को लेकर पूर्व एमएलसी प्रत्याशी अविनाश झा ने प्रेस वार्ता के दौरान पूर्ण साक्ष्य के साथ जानकारी देते हुए कहा कि,अपेक्षित कार्रवाई न होने से मिड डे मील व्यवस्थाओं पे, उठ रहे सवालों पर पूर्व में ही अनुमंडलाधिकारी विकास कुमार पांडे को इस मामले में लिखित आवेदन देकर अवगत करा दिया गया है। अगर सही रूप से जांच की जाए तो घोटाले के साथ साथ और कई तथ्य सामने आ सकती हैं। इन्हीं मामलों को लेकर श्री झा ने प्रेस वार्ता के दौरान अनुमंडल प्रशासन एवं जिला प्रशासन से जांच कर धन उगाही करने वाले स्कूल संचालकों पर कार्रवाई करने की मांग करते हुए, इस बारे में क्या कुछ कहा देखें इस खास रिपोर्ट में ।
सरकारी स्कूलों में हो रहे मिड डे मील में अनियमितता को लेकर पूर्व MLC प्रत्याशी ने जताई नाराजगी। प्रशासन से किया कार्रवाई करने की मांग नहीं तो आंदोलन की दी चेतावानी। जी हां आपने सही सुना यह मामला समस्तीपुर जिले के पटोरी अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत तीनों प्रखंड में आने वाले 1 से 8 तक के क्लास के विद्यालयों का है । जहां सरकार द्वारा संचालित मिड डे मील योजना के तहत पोषाहार में कथित रूप से कटौती गुणवत्ता एवं वित्तीय अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है । वहीं इस मामले को लेकर पूर्व एमएलसी प्रत्याशी अविनाश झा ने प्रेस वार्ता के दौरान पूर्ण साक्ष्य के साथ जानकारी देते हुए कहा कि,अपेक्षित कार्रवाई न होने से मिड डे मील व्यवस्थाओं पे, उठ रहे सवालों पर पूर्व में ही अनुमंडलाधिकारी विकास कुमार पांडे को इस मामले में लिखित आवेदन देकर अवगत करा दिया गया है। अगर सही रूप से जांच की जाए तो घोटाले के साथ साथ और कई तथ्य सामने आ सकती हैं। इन्हीं मामलों को लेकर श्री झा ने प्रेस वार्ता के दौरान अनुमंडल प्रशासन एवं जिला प्रशासन से जांच कर धन उगाही करने वाले स्कूल संचालकों पर कार्रवाई करने की मांग करते हुए, इस बारे में क्या कुछ कहा देखें इस खास रिपोर्ट में ।
- सेल्फी लेने में प्रिंस कुमार की हुई मौत मामले में FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य । पिता ने आरोपितों पर कार्रवाई करने की पुलिस से लगाई गुहार , पुलिस ने कही साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई । जी हां यह घटना बीते दिनों समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के मदुदाबाद पंचायत अंतर्गत अंदौर गांव के समीप गोपालिया घाट की है, जहां 31 जुलाई को बाया नदी के किनारे कुछ इंजीनियरिंग छात्रों के द्वारा सेल्फी लिया जा रहा था, उसी सेल्फी लेने के क्रम में एक इंजीनियरिंग छात्र प्रिंस कुमार यादव को नदी में डूबने से मौत हो गई थी, आज उसी मामले में पुलिस ने जांच तेज करते हुए एसआई राम कुमार की मौजूदगी में एफएसएल की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र करते हुए दिखे गए । इस दौरान मृतक के पिता विपिन राय समेत स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। इधर, मृतक के पिता विपिन राय ने जनप्रतिनिधियों के साथ मोहिउद्दीननगर थानाध्यक्ष सचिन कुमार से मुलाकात कर दर्ज प्राथमिकी में नामजद आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई करने की की मांग की है। मृतक के पिता का यह आरोप है कि इस मामले में अपेक्षित पुलिस सहयोग उन्हें नहीं मिल रहा है । और कार्रवाई में देरी की जा रही है। उन्होंने पुलिस से घटना की गहराई से जांच कर अपने पुत्र की मौत की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने की मांग की है। इस मामले में थाना कांड संख्या 214/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर छह छात्रों के ऊपर नामजद किया जा चुका है, जबकि तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद छह छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। पूछताछ के दौरान उनके चार मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किए हैं। पुलिस इन मोबाइल फोन से तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। साथ ही घटनास्थल से एफएसएल टीम द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। वहीं, थानाध्यक्ष सचिन कुमार ने पुलिस पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस विधि-सम्मत तरीके से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रिंस कुमार की मौत से जुड़े सभी पहलु बिंदुओं पर पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। अनुसंधान के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना स्थल पर मौजूद मृतक के पिता ने कानूनी कार्रवाई को लेकर क्या कुछ कहा देखें इस खास रिपोर्ट में।1
- हड़ताली सफाईकर्मियों का समाहरणालय पर प्रदर्शन मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी, जिला प्रशासन को सौंपा तीन सूत्री मांगपत्र समस्तीपुर,। विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे नगर निगम के सफाईकर्मियों ने बुधवार को हड़ताल के सातवें दिन शहर में जुलूस निकालकर समाहरणालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान सफाईकर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और जिला प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक पहल करने की मांग की। जुलूस नगर भवन से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए समाहरणालय पहुंचा। यहां प्रदर्शन के बाद सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि नगर निगम के सफाईकर्मी लंबे समय से नियमितीकरण, न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक वेतन, सेवा सुरक्षा सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अपेक्षित पहल नहीं की जा रही है। प्रदर्शन का नेतृत्व ऐक्टू नेता जीबछ पासवान, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, अजय कुमार, अशोक राय, प्रभात रंजन गुप्ता, पूर्व पार्षद अर्जुन कुमार और राजकुमार राम सहित अन्य नेताओं ने किया। नेताओं ने कहा कि सफाईकर्मी शहर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं। इसके बावजूद उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है। प्रदर्शन के बाद सफाईकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को तीन सूत्री मांगपत्र सौंपा और मांगों पर अविलंब वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि हड़ताली सफाईकर्मियों से शीघ्र वार्ता कर उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में ऐक्टू राज्य परिषद सदस्य सह नगर निगम कर्मचारी महासंघ के जीबछ पासवान, ऐक्टू नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह, बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिलामंत्री अजय कुमार, नगर निगम कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष राजकुमार राम, अनुरक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जीतेंद्र कुशवाहा, पूर्व पार्षद अर्जुन कुमार, प्रभात रंजन गुप्ता, पवन राऊत, सूरज कुमार, अनील कुमार, दिनेश दास, पंकज राम, बिरजू राम, रॉबिन कुमार, मीरा देवी, संगीता देवी, कामिनी देवी, गुड़िया देवी, ममता देवी, किरण देवी और गीता देवी समेत बड़ी संख्या में सफाईकर्मी व समर्थक मौजूद रहे। वहीं, ताजपुर नगर परिषद के करीब 50 सफाईकर्मी भी प्रदर्शन में शामिल हुए। लखींद्र राम, अशोक राम, ओमप्रकाश मल्लिक, सुनील मल्लिक, मुकेश राम और रामनरेश राम आदि के नेतृत्व में पहुंचे सफाईकर्मियों ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी मांगें रखीं और मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने की घोषणा की।1
- 📞 प्रवेश और विशेष जानकारी के लिए तुरंत संपर्क करें: 7633942522🎯 पटोरी का गौरव: रिटायर्ड सरकारी शिक्षक की अनूठी पहल, 'बीबीआर एजुकेशन' से संवर रहा युवाओं का भविष्य पटोरी (समस्तीपुर)। शिक्षा के क्षेत्र में सही मार्गदर्शन और समर्पण क्या बदलाव ला सकता है, इसकी जीती-जागती मिसाल पटोरी में देखने को मिल रही है। सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त (Retired) होने के बाद भी एक शिक्षक का शिक्षा के प्रति जज्बा कम नहीं हुआ। अपने जीवन के अनुभवों को समेटे, उन्होंने पटोरी में 'बीबीआर एजुकेशन' (BBR Education) कोचिंग संस्थान की शुरुआत की है, जो आज स्थानीय छात्रों के लिए सफलता का सबसे भरोसेमंद केंद्र बन चुका है। 📚 कक्षा 1 से 10वीं तक के लिए सर्वश्रेष्ठ संस्थान (CBSE + बिहार बोर्ड) छोटे बच्चों की मजबूत नींव से लेकर बोर्ड परीक्षा की टॉपर लिस्ट तक का सफर अब बीबीआर एजुकेशन में तय होगा: कक्षाएँ: क्लास 1 से लेकर 10वीं तक की बेहतरीन पढ़ाई। बोर्ड: CBSE और बिहार बोर्ड (BSEB) दोनों के लिए विशेष बैच। खासियत: हर विषय को बिल्कुल बेसिक और आसान तरीके से समझाया जाता है ताकि बच्चों का बेस मजबूत हो सके। 🌟 कामयाबी का गवाह है अपना परिवार इस संस्थान की सबसे बड़ी ताकत और विश्वसनीयता इसके संचालक का अपना परिवार है, जिसके सदस्य खुद देश की प्रतिष्ठित सरकारी सेवाओं में हैं: संचालक (पिता): सेवानिवृत्त सरकारी शिक्षक, जिनका पूरा जीवन छात्रों को निखारने में बीता है। बड़े भाई: केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) में राष्ट्र निर्माता शिक्षक के पद पर कार्यरत। छोटे भाई: भारतीय रेलवे की 'रेलवे मेल सर्विस' (RMS) में देश सेवा में समर्पित। दीदी: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा चयनित होकर +2 विद्यालय में सम्मानित शिक्षिका। जब एक ही छत के नीचे सफलता के इतने बड़े लाइव उदाहरण मौजूद हों, तो वहां पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में होना तय है। 🏆 टॉपर और सरकारी नौकरियों की फैक्ट्री बीबीआर एजुकेशन केवल एक कोचिंग संस्थान नहीं, बल्कि सफलताओं की गारंटी है। यहाँ के अनुशासित और उच्च स्तरीय शैक्षणिक माहौल में पढ़े बच्चे लगातार बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में टॉप करते आ रहे हैं। इस संस्थान से मार्गदर्शन पाकर अनगिनत छात्र आज देश के कई अच्छे और प्रतिष्ठित सरकारी विभागों में ऊंचे पदों पर देश सेवा कर रहे हैं। 💎 क्यों खास है बीबीआर एजुकेशन? बरसों का अनुभव: एक रिटायर्ड सरकारी शिक्षक के जीवनभर के अनुभव का सीधा लाभ। सफलता का सटीक मंत्र: हर छात्र की कमजोरी को पहचानकर उस पर व्यक्तिगत ध्यान। प्रेरणादायी माहौल: सफल भाई-बहनों और पिता की छत्रछाया में बच्चों को रोज़ाना आगे बढ़ने का मोटिवेशन। यदि आप भी पटोरी या आस-पास के क्षेत्रों में रहते हैं और अपने बच्चों के लिए एक ऐसा संस्थान ढूंढ रहे हैं जहाँ सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि सीधे सरकारी नौकरी का रास्ता दिखाया जाता है, तो आज ही नीचे दिए गए नंबर पर कॉल करें और अपने बच्चे का नामांकन पक्का करें। संपर्क सूत्र: 76339425224
- पंडारक की दो पंचायतों में लगा सहयोग शिविर, भूमि विवाद, बिजली और राशन कार्ड से जुड़े आवेदन सबसे अधिक1
- कागजों पर इलाज, अस्पताल में ताला, बाढ़ में PHC की बदहाली, स्कूल के कमरे में डेढ़ साल से बंद पड़ी दवाएं, उपस्वास्थ्य केंद्र में दवा नही बाढ़ अनुमंडल के राणाबीघा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के छः बेड का नया भवन का उद्घाटन दस दिन पहले किया गया, विधायक और एसडीओ ने इसकी जमकर तारीफ की लेकिन स्थिति इसके उलट है। इस स्वास्थ्य केंद्र पर कई पंचायतों और कई प्राथमिक उपस्वास्थ्य केंद्र की जिम्मेवारी है। इसके वाबजूद ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग ग्यारह बजे पीएचसी में कर्मी और डाॅक्टर पहुंचते है और दो से तीन बजे ही चले जाते है। वहीं पीएचसी में दवाओं का भंडारण में पूरी तरह अनियमितता है पीएचसी से सटे दो कमरे वाले भवन में कूड़े की तरह दवाए भंडारण की गई है जिसमें तापमान मेंटेन करने वाली दवाओं को भी खुले में रखने का ग्रामीणों का दावा है, वहीं बगल के उच्च माध्यमिक विद्यालय के एक कमरे में पीएचसी की दवाओ को डेढ साल से ज्यादा समय से भंडारण कर रखा गया है और उस कमरे का ताला कभी भी नही खुलता है वहां दवाए एक्सपायर होने का दावा है। अब सवाल है कि इतनी भारी मात्रा में पीएचसी में दवाओं का भंडारण है लेकिन रखरखाव और जरूरतमंद लोगों तक दवा नही पहुंचने के कारण दवाए एक्सपायर हो जाती है तो इसके जिम्मेवार कौन है, नए भवन के उद्घाटन के बाद भी जल्द इमरजेंसी में ईलाज की सुविधा शुरू नही हुई है, ओपीडी समय में भी समय से डाॅक्टर के नही पहुंचने से लोगों को सर्दी, खांसी और छोटे से छोटे बीमारी में भी ईलाज हेतू अनुमंडलीय अस्पताल या निजी अस्पताल जाना पड़ता है। राणाबीघा पीएचसी के अंदर आने वाले नदावाँ गांव स्थित प्राथमिक उपस्वास्थ्य केंद्र में रजिस्टर पर केंद्र चल रहा है लेकिन एएनएम प्रतिदिन नही पहुंचती है, वहां तीन कार्टून एक्सपायर दवाईंया रखी हुई है लेकिन अच्छी दवाए वहां उपलब्ध ही नही है, दवाओ के देने या जानकारी के लिए एएनएम आती नही है, और राणाबीघा पीएचसी में दवाओ का भंडारण है जो लोगों तक पहुंच नही रहा है और अधिकारी खानापूर्ति कर बच रहे है। कुछ दिनों पहले पीएचसी के पास सरकारी दवाओ को जलाने का मामला सामने आया था जिसकी खबरें भी प्रकाशित की गई थी लेकिन उसपर कोई ठोस कार्रवाई नही हुई, पीएचसी सूत्रों का कहना है कि दवाओ के एक्सपायर होने के बाद या तो जला दिया जाता है या सुरक्षित स्थान पर डंप कर दिया जाता है और रजिस्टर में लोगो तक दवा पहुंचाने का दावा किया जाता है। वहीं इस मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल से बातचीत की गई तो उन्होने बताया कि बहुत जल्द इमरजेंसी की सुविधा पीएचसी में उपलब्ध कराए जाएगें, दवाओ के भंडारण की जांच करवाई जाएगी।1
- मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र में नदी किनारे सेल्फी लेने में प्रिंस कुमार के साथ हुई घटना मामले में FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य । सेल्फी लेने में प्रिंस कुमार की हुई मौत मामले में FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य । पिता ने आरोपितों पर कार्रवाई करने की पुलिस से लगाई गुहार , पुलिस ने कही साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई । जी हां यह घटना बीते दिनों समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के मदुदाबाद पंचायत अंतर्गत अंदौर गांव के समीप गोपालिया घाट की है, जहां 31 जुलाई को बाया नदी के किनारे कुछ इंजीनियरिंग छात्रों के द्वारा सेल्फी लिया जा रहा था, उसी सेल्फी लेने के क्रम में एक इंजीनियरिंग छात्र प्रिंस कुमार यादव को नदी में डूबने से मौत हो गई थी, आज उसी मामले में पुलिस ने जांच तेज करते हुए एसआई राम कुमार की मौजूदगी में एफएसएल की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र करते हुए दिखे गए । इस दौरान मृतक के पिता विपिन राय समेत स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। इधर, मृतक के पिता विपिन राय ने जनप्रतिनिधियों के साथ मोहिउद्दीननगर थानाध्यक्ष सचिन कुमार से मुलाकात कर दर्ज प्राथमिकी में नामजद आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई करने की की मांग की है। मृतक के पिता का यह आरोप है कि इस मामले में अपेक्षित पुलिस सहयोग उन्हें नहीं मिल रहा है । और कार्रवाई में देरी की जा रही है। उन्होंने पुलिस से घटना की गहराई से जांच कर अपने पुत्र की मौत की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने की मांग की है। इस मामले में थाना कांड संख्या 214/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर छह छात्रों के ऊपर नामजद किया जा चुका है, जबकि तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद छह छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। पूछताछ के दौरान उनके चार मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किए हैं। पुलिस इन मोबाइल फोन से तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। साथ ही घटनास्थल से एफएसएल टीम द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। वहीं, थानाध्यक्ष सचिन कुमार ने पुलिस पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस विधि-सम्मत तरीके से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रिंस कुमार की मौत से जुड़े सभी पहलु बिंदुओं पर पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। अनुसंधान के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना स्थल पर मौजूद मृतक के पिता ने कानूनी कार्रवाई को लेकर क्या कुछ कहा देखें इस खास रिपोर्ट में।1