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#पीलीभीत पीलीभीत भाकियू चढूनी ने ट्रेड समझौते को रद्द करने को लेकर प्रधानमंत्री संबोधित ज्ञापन डीएम को सौपा।
समाचार Crime News
#पीलीभीत पीलीभीत भाकियू चढूनी ने ट्रेड समझौते को रद्द करने को लेकर प्रधानमंत्री संबोधित ज्ञापन डीएम को सौपा।
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- लखनऊ: 1912 कॉल सेंटर बना 'जन आक्रोश' का केंद्र, स्मार्ट मीटर के नाम पर 'अंधेरगर्दी' का आरोप लखनऊ | उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हुसैनगंज स्थित 1912 बिजली मुख्यालय पर आज उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे गया। स्मार्ट प्रीपेड मीटर की विसंगतियों और भारी-भरकम बिलों से त्रस्त जनता ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जिसे सरकार 'सुविधा' बता रही है, वह वास्तव में मध्यम और गरीब वर्ग की जेब पर डकैती का एक नया 'स्मार्ट' जरिया बन गया है। प्रमुख मुद्दे: क्यों भड़की जनता? प्रदर्शन में शामिल लोगों ने विभाग और सरकार के सामने कुछ चुभते हुए सवाल रखे हैं: रफ्तार से भागते मीटर: उपभोक्ताओं का आरोप है कि पुराने मीटरों की तुलना में स्मार्ट मीटर दो से तीन गुना तेज चल रहे हैं। जो बिल पहले ₹1500 आता था, वह अब सीधे ₹4000 के पार पहुँच रहा है। 15 दिन की लंबी 'खामोशी': शिकायतों का अंबार लगा है, लेकिन 1912 हेल्पलाइन और स्थानीय अभियंताओं के पास कोई ठोस जवाब नहीं है। 15-15 दिनों तक शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। बिना सूचना के कटती बिजली: प्रीपेड सिस्टम में पैसा खत्म होते ही बिजली गुल हो जाती है, लेकिन रिचार्ज करने के बाद भी घंटों बिजली वापस नहीं आती। डिजिटल विकास या जबरन वसूली? विपक्ष और उपभोक्ता संगठनों ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए पूछा है कि क्या यही भाजपा सरकार का "डिजिटल इंडिया" है? जहां तकनीक का उपयोग जनता की समस्याओं को सुलझाने के बजाय उन्हें उलझाने और 'वसूली' करने के लिए किया जा रहा है। "स्मार्ट मीटर के नाम पर सिर्फ मीटर स्मार्ट हुए हैं, व्यवस्था नहीं। जब अधिकारी एसी कमरों में बैठकर आंकड़े सुधार रहे हैं, तब आम आदमी चिलचिलाती धूप में बिजली दफ्तरों के चक्कर काट रहा है।" — एक प्रदर्शनकारी उपभोक्ता सरकार और प्रशासन की चुप्पी पर सवाल हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति (Expert Panel) बनाने के निर्देश दिए थे और सख्त हिदायत दी थी कि उपभोक्ता की गलती के बिना बिजली न काटी जाए। बावजूद इसके, जमीनी स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही और शिकायतों की अनदेखी जारी है। जनता के सीधे सवाल: राहत कब? क्या सरकार इन बढ़े हुए बिलों को वापस लेगी? जिम्मेदारी किसकी? क्या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और मीटर कंपनियों पर एफआईआर दर्ज होगी? पारदर्शिता कहाँ है? स्मार्ट और चेक मीटर के मिलान की रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही?1
- Post by Mr Salim1
- समझा समझ जयहिंद जयभारत1
- थाना जहानाबाद क्षेत्रान्तर्गत पीड़िता द्वारा थाना जहानाबाद पर सूचना दी गयी कि दूसरे सम्प्रदाय के युवक द्वारा जमीन का लालच देकर उनके साथ निकाह करने का दबाब बनाया जा रहा है। प्रकरण में तत्काल प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु टीमें गठित की गयी है। प्रकरण में कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर महोदया की बाइट।1
- समसपुर1
- थाना बरखेड़ा क्षेत्र के नारायन ठेर से तंदुए का शव मिलने स हड़कंपसुबह पानी में उतराता देखा तेंदुए1
- पीलीभीत में पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा के नेतृत्व में किसानों का हल्ला बोल : ज्ञापन के साथ फर्जी मुकदमे पर उठे सवाल1
- Post by Mr Salim1
- पीलीभीत के बीसलपुर क्षेत्र ग्राम घिघोरा में ट्रक चालक ने अपना ट्रक मोड़ना चहा तभी अचानक नहर में गिरा गनिमत रहीं चालक के हलकी चोटे आई1